अन्तर्राष्ट्रीय

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करतारपुर कॉरिडोर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों के लिए बेहद अहम: मॉर्गन ऑर्टागसल

17 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। अमेरिकी विभाग के प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागसल ने भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण की सराहना की है। उनका मानना है कि गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने के लिए भारत से सिख तीर्थयात्रियों की वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी अहम साबित होगी।

अमेरिकी विभाग की प्रवक्ता ने कहा कि हम इस कदम की सराहना करते है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने का काम करेगा, हम अविश्वसनीय रूप से उसका समर्थन करते हैं।बता दें कि 14 जुलाई को भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। दूसरे दौर की वार्ता में पंजाब के डेरा बाबा नानक साहिब से पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा के लिए अहम मुद्दों पर बात हुई। इस दौरान दोनों देशों ने तीर्थयात्रियों के सुगम मार्ग के लिए सहमती जताई।एक बार खोले जाने के बाद तीन किमी लंबा गलियारा सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सीधे पहुंचने की अनुमति देगा, जहां 1539 में गुरु नानक देव जी का निधन हुआ था।



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घूस, ब्लैकमेलिंग के जरिए न्यायपालिका पर दबाव बना रहा है पाकिस्तानी माफिया : इमरान खान

14 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

इस्लामाबाद। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि विदेशों में जमा अपनी अरबों की रकम को सुरक्षित रखने के लिये पाकिस्तानी माफिया संस्थानों और न्यायपालिका पर घूसखोरी, धमकी, ब्लैकमेलिंग जैसे हथकंडे अपना रहा है। द न्यूज की खबर के मुताबिक, पीएमएल-एन नेता मरियम नवाज द्वारा शरीफ के मुकदमे की सुनवाई से संबंधित वीडियो लीक किये जाने के बाद खान का यह बयान आया है। पीएमएल-एन के मुताबिक वीडियो में जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश अरशद मलिक यह स्वीकर कर रहे हैं कि उन्होंने शरीफ को बिना साक्ष्य दोषी ठहराया।

शरीफ फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में सात साल कैद की सजा काट रहे हैं। मलिक ने विपक्षी दल के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि यह उन्हें और उनकी संस्था की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को विधि मंत्रालय को लिखा था कि वीडियो को लेकर न्यायाधीशों को संतुष्ट करने में विफल रहे मलिक को डी-नोटिफाई किया जाए।

अदालत में दिये गए हलफनामे में न्यायाधीश ने दावा किया कि उनके एक अनैतिक वीडियो के जरिये उन्हें ब्लैकमेल किया गया और शरीफ परिवार की तरफ से उन्हें बड़ी रिश्वत की पेशकश की गई। खान ने ट्वीट किया, “ठीक ‘सिसलियन माफिया’ की तरह ही पाकिस्तानी माफिया विदेशों में जमा किये गए अपने अरबों रुपयों की सुरक्षा के लिये सरकारी संस्थानों और न्यायपालिका पर रिश्वत,धमकी, ब्लैकमेल और याचना के जरिये दबाव बनाने के हथकंडे अपना रहा है।”



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ब्राजील के राष्ट्रपति ने बालश्रम का बचाव करते हुए फिर विवाद को दिया न्यौता

07 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

रियो डी जिनेरियो। अक्सर विवादों में रहने वाले ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो ने बार-बार बालश्रम का बचाव कर इस सप्ताह एक बार फिर विवाद को न्यौता दे दिया है। घोर दक्षिणपंथी नेता ने इस सप्ताह फेसबुक पर लिखा कि मैं तब से काम कर रहा हूं, जब मैं आठ साल का था और आज जो मैं हूं वह मैं हूं। उन्होंने पहले गुरुवार को कहा कि जब कोई आठ-नौ साल का बच्चा काम करता है तो कई लोग ‘‘जबरन श्रम’’ या ‘‘बालश्रम’’ कहकर इसकी निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि वही बच्चा ‘कोका पेस्ट’ (मादक पदार्थ) पीता है तो कोई कुछ नहीं कहता। उन्होंने शुक्रवार को एक बार फिर एक समारोह में कहा कि मैं आठ साल की उम्र से काम कर रहा हूं, कभी मक्का उगाया, कभी केले तोड़े... इसके साथ ही मैं पढ़ाई भी कर रहा था। उन्होंने कहा कि आज जो मैं हूं वह मैं हूं। यह कोई डींग नहीं मार रहा हूं, यह सत्य है। उनके इन बयानों की चारों तरफ खूब निंदा की जा रही है। ब्राजील के कानून के अनुसार 16 से कम आयु के बच्चों का काम करना वर्जित है। देश में केवल प्रशिक्षु 14 वर्ष से काम कर सकते हैं। ब्राजील के भूगोल एवं सांख्यिकी संस्थान के अनुसार ब्राजील में पांच से 17 वर्ष के करीब 25 लाख बच्चे या किशोर काम करते हैं।



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डोनाल्ड ट्रम्प ने सैन्य परेड के साथ मनाया अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस

05 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बृहस्पतिवार को स्वतंत्रता दिवस मनाया और इस दौरान वॉशिंगटन में एक परेड में सैन्य ताकत का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया गया। ट्रम्प पिछले 70 से अधिक वर्षों में अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया है। ट्रम्प के इस कदम की विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने निंदा की है और चार जुलाई 1776 को ब्रिटेन से आजादी की देश की घोषणा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

इस परेड में ट्रम्प के साथ प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प, उप राष्ट्रपति माइक पेंस, उनके कैबिनेट सहयोगी और शीर्ष सैन्य नेतृत्व भी था। ट्रम्प ने इस दौरान अपने ‘अमेरिका को सलाम’ संबोधन में कहा, ‘‘आज हम एक देश के रूप में साथ आए हैं। अमेरिका को इस विशेष सलामी के साथ, हम हमारे इतिहास का जश्न मना रहे हैं। हम गर्व के साथ हमारे झंडे की रक्षा करने वाले नायकों, अमेरिकी सेना के बहादुर पुरूषों एवं महिलाओं को सम्मानित कर रहे हैं।’’ ट्रम्प ने कहा कि देश के संस्थापकों का हौंसला बुलंद रखने वाले इसी अमेरिकी जज्बे ने इसके लोगों को मजबूती दी है और यही जज्बा हर अमेरिकी देशभक्त की रगों में दौड़ता है।



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निर्यात प्रोत्साहन वापस लेने के मुद्दे पर अमेरिकी संसद से संपर्क करे सरकार: TPCI

01 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारतीय व्यापार संवर्द्धन परिषद (टीपीसीआई) ने कहा है कि सरकार को भारतीय निर्यातकों से निर्यात प्रोत्साहन वापस लेने के मुद्दे पर अमेरिकी संसद के साथ सक्रिय तरीके से संपर्क करना चाहिए। अमेरिका ने पांच जून से प्राथमिकता की सामान्यीकृत प्रणाली (जीएसपी) के तहत निर्यात प्रोत्साहन वापस लेने की घोषणा की थी। टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि अमेरिका हमारे देश का एक प्रमुख व्यापार भागीदार है। जीएसपी के तहत प्रोत्साहनों को वापस लिए जाने की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अमेरिकी संसद से संपर्क करे। यह दोनों देशों के हित में होगा। सिंगला ने कहा कि हमें अमेरिका के व्यापारी समुदाय से विचार मिल रहे हैं कि इस मुद्दे को अमेरिकी संसद में ले जाए जाने की जरूरत है।



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ईरान ने अमेरिका को चेताया, कहा-किसी भी हमले के होंगे गंभीर परिणाम

23 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

तेहरान। तेहरान ने शनिवार को वॉशिंगटन को चेतावनी दी कि किसी भी तरह का हमला पश्चिम एशिया में उसके हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा और इस क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक देगा। ईरान की यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस खुलासे के बाद आई है जिसमें उन्होंने अंतिम क्षणों में हमले को रोकने की बात कही थी। ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के बाद जवाब में अमेरिका ने सैन्य की तैयारी की थी जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि ड्रोन को मार गिराने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। कुछ दिनों पहले तेल टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया था।

सशस्त्र बल के जनरल स्टाफ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबुलफज़ल शेकरची ने तसनीम समाचार एजेंसी से कहा कि ईरान की तरफ एक भी गोली चली तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, इस क्षेत्र में स्थिति ईरान के हक में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए तैयार था, लेकिन अंतिम समय पर योजना को वापस ले लिया गया क्योंकि यह ईरान द्वारा मानवरहित ड्रोन को गिराने के लिए ‘‘आनुपातिक’’ जवाब नहीं होगा।



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शी चिनफिंग ने उत्तर कोरिया के साथ बीजिंग की दोस्ती को बताया स्थायी

19 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

सियोल। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उत्तर कोरिया के आधिकारिक समाचार पत्र में बुधवार को अपनी राय व्यक्त करते हुए एक लेख लिखा जिसमें कहा कि अलग-थलग पड़े उत्तर कोरिया के साथ बीजिंग की दोस्ती स्थायी है। चीनी राष्ट्रपति का उत्तर कोरियाई अखबार में लेख लिखना अपने आप में दुर्लभ मामला है।

यह लेख शी की प्योंगयांग की निर्धारित यात्रा से एक दिन पहले प्रकाशित हुआ है। शी उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के निमंत्रण पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को प्योंगयांग की यात्रा करेंगे। यह साल 2005 के बाद से किसी चीनी राष्ट्रपति की उत्तर कोरिया की पहली यात्रा होगी। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच परमाणु वार्ता खटाई में पड़ गई है। फरवरी में हुई दूसरी शिखर वार्ता में दोनों नेता किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए।

उत्तर कोरियाई की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के आधिकारिक मुखपत्र रोडोंग सिनमुन में एक लेख में शी ने कहा कि चीन पूर्वी एशिया क्षेत्र में ‘‘स्थायी स्थिरता’’ कायम करने के लिए प्योंगयांग के साथ संयुक्त योजना पर काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि हम कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दों पर बातचीत में प्रगति करने के लिए उत्तर कोरियाई और अन्य संबंधित पक्षों के साथ संपर्क और समन्वय मजबूत करके क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि में सक्रियता से योगदान देंगे। शी ने कहा कि इस साल बीजिंग-प्योंगयांग संबंधों की 70वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि आप कह सकते हैं कि यह दोस्ती स्थिर है। विश्लेषकों का कहना है कि शी की यात्रा उनके प्रभाव और किम के लिए समर्थन को लेकर ट्रंप के लिए एक संकेत है।



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CICA Summit: तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान से विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात

15 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

दुशांबे। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर पांचवें सीआइसीए (CICA)सम्मेलन में भाग लेने तजाकिस्तान के दुशांबे में मौजूद हैं। दुशांबे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 5वें CICA समिट के दौरान कहा- 'इंटरनेशनल सोलर अलायंस की हमारी पहल को भारी समर्थन मिला है। 74 देशों ने आज इस फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर पांचवें सीआइसीए (CICA)सम्मेलन में भाग लेने तजाकिस्तान के दुशांबे में मौजूद हैं। सीआइसीए (CICA)सम्मेलन के दौरान आज विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान से मुलाकात की।विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे में दो दिवसीय 5वें सीआइसीए (CICA) सम्मेलन में मौजूद हैं।इससे पहले सीआइसीए (CICA)सम्मेलन से इतर शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमन और बहरीन के विदेश मंत्री खालिद बिन अहमद अल-खलीफा से भी मुलाकात की थी।

सीआइसीए (CICA) एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक एशियाई मंच है। 5वें सीआइसीए (CICA)शिखर सम्मेलन का इस बार का थीम है- 'एक सुरक्षित और अधिक समृद्ध क्षेत्र के लिए साझा दृष्टिकोण' ।भारत सीआइसीए (CICA)का सदस्य है क्योंकि इसकी स्थापना के समय दिवंगत प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2002 में अल्माटी में आयोजित पहले सीआईसीए शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। भारत CICA के तहत विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।बता दें, पिछले महीने विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह एस जयशंकर की दूसरी विदेश यात्रा है। इससे पहले वह इस महीने की शुरुआत में भूटान गए थे।



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SCO शिखर सम्मेलन में प्रोटोकॉल तोड़ने पर सोशल मीडिया ने की इमरान खान की खिंचाई

14 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बिश्केक। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के दौरान उस वक्त पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अजीबो-गरीब स्थिति पैदा कर दी जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य नेताओं के खड़े रहने के दौरान ही वह अपनी सीट पर बैठ गए। इमरान की ओर से इस तरह कूटनीतिक प्रोटोकॉल तोड़े जाने पर सोशल मीडिया पर उनकी खूब खिंचाई हुई।

इमरान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा किए गए एक वीडियो में इमरान बैठे दिख रहे हैं जबकि दुनिया के अलग-अलग देशों के बाकी नेता एवं गणमान्य लोग खड़े दिख रहे हैं। यह वीडियो उस वक्त का है जब विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष एससीओ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। इमरान का नाम पुकारे जाने पर वह कुछ पल के लिए खड़े हुए और फिर अन्य नेताओं के बैठने से पहले ही खुद बैठ गए। इसे प्रोटोकॉल तोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। इस वाकये को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब खिंचाई हुई।ट्विटर पर एक व्यक्ति ने लिखा कि बिश्केक में एससीओ के दौरान इमरान खान ने एक बार फिर मुल्क के लिए शर्मिंदगी पैदा की। जब सारे लोग खड़े थे, वह बैठ गए। जब प्रस्तोता ने उनका नाम लिया तो खड़े हुए, लेकिन फिर बैठ गए। अहंकारी, अशिष्ट या बेवकूफ? एक अन्य व्यक्ति ने ट्वीट किया कि इमरान खान साहब, भविष्य में अपनी छाप छोड़ने के लिए कूटनीतिक यात्राओं की मर्यादा का अध्ययन जरूर करें।



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ईरानी अखबार ने पूछा, युद्ध अपराधी पर कैसे भरोसा कर सकते हैंं जापान के प्रधानमंत्री

12 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

तेहरान, एपी। अमेरिका के साथ चल रही तनातनी में ईरान के एक अखबार ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान पर हुए परमाणु हमले को जबर्दस्त तरीके से उठाया है। बुधवार को जापान के प्रधान मंत्री सिंजो एबी ईरान के तीन दिवसीय दौरे पहुंचे हैं। इसके पहले ईरान एक अखबार ने जापान पर हुए परमाणु हमले की याद दिलाते हुए अमेरिका की नीतियों की जमकर अालोचना की है। जापान के प्रधानमंत्री के इस दौरे को ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तल्खी को दूर करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।जापान के प्रधानमंत्री एबी शिंजो बुधवार को तीन दिन के ईरान दौरे पर तेहरान पहुंचे। उनके आगमन से पहले ईरानी अखबार फहरीखतेगान ने अपने पहले पन्ने पर अंग्रेजी और फारसी में शीर्षक के जरिये सवाल किया..एक युद्ध अपराधी पर आप कैसे भरोसा कर सकते हैं मिस्टर एबी? अखबार ने इसके साथ परमाणु बम विस्फोट के बाद उठने वाले धुएं के गुबार की एक तस्वीर प्रकाशित की है।इस अखबार को इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी के छात्र निकालते हैं। अखबार ने अपनी खबरों के जरिए जापानी प्रधानमंत्री को द्वितीय विश्वयुद्ध के अंत में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर अमेरिका द्वारा किए गये परमाणु हमले की याद दिलाने की कोशिश की है। अखबार के पहले पेज को ईरान के सोशल मीडिया में हाथोंहाथ लिया जा रहा है।

एबी के इस दौरे को ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी दूर करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन ईरानी मीडिया की सुर्खियां यह संकेत दे रही हैं कि उनका यह दौरा इतना आसान भी नहीं रहने वाला।ईरान आने से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर एबी से बात की थी और पश्चिम एशिया में उपजे तनाव पर चर्चा की थी।माना जा रहा जापान के प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालत को खत्म करने की पूरी कोशिश करेंगे। वह दोनों देशों के विवाद के कारण बने मुद्दों पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। इसके लिए ईरान के राष्ट्रपति राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ ही वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामनेई से भी मुलाकात करेंगे।



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