अन्तर्राष्ट्रीय

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पड़ोसी देशों में सताए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना भारत का कर्तव्य: राम माधव

08 Dec 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भाजपा महासचिव राम माधव ने नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) का बचाव करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों में सताए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना भारत का कर्तव्य है क्योंकि वे धर्म के आधार पर देश का बंटवारा करने के फैसले के ‘पीड़ित’ हैं। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में सोमवार को पेश किए जाने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) में कहा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक आधार पर सताए जाने के कारण आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों के साथ अवैध प्रवासियों की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता और उन्हें विधेयक के तहत भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

राजनीतिक दलों की ओर से की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए माधव ने कहा कि इसी तरह का कानून आव्रजक (असम से निर्वासन) अधिनियम 1950 में पंडित जवाहर लाल नेहरू की तत्कालीन सरकार ने बनाया था। माधव ने कहा कि मैं नागरिकता संशोधन विधेयक के आलोचकों को याद दिला दूं, नेहरू सरकार ने अवैध प्रवासियों को खासतौर पर पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए लोगों को निर्वासित करने के लिए 1950 में इसी तरह का कानून बनाया था और उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि पूर्वी पाकिस्तान से आने वाले अल्पसंख्यक इसके दायरे में नहीं आएंगे।

माधव ने रेखांकित किया कि भारत ने उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखे। उन्होंने कहा, ‘‘पड़ोसी देशों के सताए गए अल्संख्यक जिन्हें विधेयक में नागरिकता देने का प्रस्ताव है, वे देश को धार्मिक आधार पर बांटने के ऐतिहासिक फैसले के शिकार हैं और यह भारत का कर्तव्य है कि वह इन अल्पसंख्यकों को नागरिकता का अधिकार दे।’’ पूर्वोत्तर के राज्यों में पार्टी के रणनीतिकार माधव ने कहा कि सरकार और गृहमंत्री अमित शाह ने क्षेत्र के लोगों की आशंकाओं को दूर करने के लिए विभिन्न हितधारकों से गहन चर्चा की है। उन्होंने कहा कि विधेयक के मद्देनजर जनसांख्यिकी, भाषा और संस्कृति में बदलाव सहित राज्यों की सभी आशंकाओं का सरकार निराकरण करेगी। सांसदों को वितरित नागरिकता (संशोधन) विधेयक -2019 की प्रति के मुताबिक यह कानून परमिट क्षेत्र (आईएलपी) और जनजातीय क्षेत्रों में लागू नहीं होगा जहां पर संविधान की छठी अनुसूची के तहत शासन होता है। इसलिए यह कानून असम, मेघालय और त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों और अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम के आईएलपी इलाकों में लागू नहीं होगा।



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महाभियोग सुनवाई के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप करेंगे नाटो नेताओं से मुलाकात

04 Dec 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लंदन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो नेताओं से ऐसे समय में मिलने जा रहे हैं जब उनके खिलाफ सदन में डेमोक्रेटिक नेताओं ने महाभियोग की जांच शुरू कर दी है। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने एक विदेशी नेता से अपील की कि वह उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जांच शुरू करें।राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार को जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, इटली के प्रधानमंत्री ग्युस्पे कोंते और डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसेन से मुलाकात करेंगे। नाटो सम्मेलन के आखिरी समय में ट्रंप अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के बेहद अहम मोड़ का सामना करेंगे, जब सासंद जेराड ना़लर प्रतिनिधि सभी की न्यायिक समिति को महाभियोग जांच की पहली सुनवाई करने का आदेश देंगे। यह सुनवाई राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने के संवैधानिक आधार पर होगी।



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मेस्सी ने रिकार्ड छठी बार फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता

03 Dec 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मैड्रिड। अपने क्लब और देश के लिये कठिन दौर में भी फुटबाल के मैदान पर अपने फन का शानदार मुजाहिरा पेश करने वाले अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेस्सी ने रिकार्ड छठी बार फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता। पिछले सत्र में बार्सीलोना का प्रदर्शन औसत रहा जबकि कोपा अमेरिका के सेमीफाइनल में ब्राजील ने अर्जेंटीना को हरा दिया। इसके बावजूद मेस्सी का प्रदर्शन 2019 में शानदार रहा । अब उनके नाम फुटबाल के इतिहास में सबसे अधिक बार यह सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार हो गया है। उन्होंने पांचवां ‘बलून डि ओर’ पुरस्कार चार साल पहले जीता था । उनके चिर प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो , जोहान क्रफ, माइकल प्लातिनी और मार्को वान बास्टेन के नाम दो दो पुरस्कार है।मेस्सी ने इस साल 54 मैच खेलकर 46 गोल किये और 17 गोल में सूत्रधार की भूमिका निभाई । उन्होंने बार्सीलोना के लिये 44 मैचों में 41 गोल किये और 15 में सहायता की जिनमें तीन हैट्रिक शामिल हैं। बतौर कप्तान मेस्सी ने पहले सत्र में टीम को लगातार तीसरा ला लिगा खिताब दिलाया । उन्होंने लेवांटे के खिलाफ फाइनल में विजयी गोल भी दागा। चैम्पियंस लीग में हालांकि मेस्सी के दो गोल के बावजूद बार्सीलोना को लीवरपूल ने सेमीफाइनल में हरा दिया । कोपा डेल रे के फाइनल में उसे वालेंशिया ने हराया। चैम्पियंस लीग में सर्वाधिक 12 गोल करके मेस्सी ने लगातार तीसरे साल गोल्डन शू पुरस्कार जीता जो उनके कैरियर का छठा खिताब था। कोपा अमेरिका में चिली के खिलाफ तीसरे स्थान के प्लेआफ मुकाबले में रैफरिंग की आलोचना के कारण मेस्सी को तीन महीने अंतरराष्ट्रीय फुटबाल से निलंबन झेलना पड़ा। लौटकर आने के बाद वह चोट के शिकार हो गए । इसके बाद भी उन्होंने पांच मैचों में छऊ गोल किये । उन्होंने ला लिगा में 34वीं हैट्रिक लगाकर रोनाल्डो के रिकार्ड की बराबरी की। क्लब के लिये शानदार प्रदर्शन करने वाले इस धुरंधर की हालांकि कई अधूरी ख्वाहिशें हैं जिनमें चैम्पियंस लीग खिताब और विश्व कप ट्राफी शामिल है । उनके कैरियर के कुछ ही साल अब बचे हैं लेकिन अपने पैरों के जादू से उन्होंने इस खूबसूरत खेल के महानतम खिलाड़ियों में अपना नाम शामिल करा लिया है ।



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यह अमेरिका पर निर्भर है कि वह हमसे ‘क्रिसमस पर क्या उपहार’ चाहता है: उत्तर कोरिया

03 Dec 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

सियोल। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को फिर एक बार ट्रंप प्रशासन से कहा कि उनके पास परमाणु वार्ता को बचाने का बेहद कम समय बचा है और यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि उसे क्रिसमस पर उत्तर कोरिया से कौन सा उपहार चाहिए। उत्तर कोरिया के वरिष्ठ राजनयिक के हवाले से यह बयान वाशिंगटन और सियोल पर दबाव बनाने के लक्ष्य से दिया गया है। दरअसल उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने समझौते में एक-दूसरे को स्वीकार्य शर्तों के लिए अमेरिका को एक साल का समय दिया था, जो अब समाप्त हो रहा है।

फरवरी में किम और ट्रंप के बीच वार्ता असफल रही थी क्योंकि अमेरिका ने उत्तर कोरिया को आंशिक रूप से परमाणु कार्यक्रम बंद करने के बदले प्रतिबंध से बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया था। अक्टूबर में स्वीडन में वार्ता भी असफल रही थी, जिसे उत्तर कोरिया ने अमेरिकियों का ‘पुराना रुख और रवैया’ बताया था।अमेरिकी मामलों को देख रहे उप विदेश मंत्री री थे सॉन्ग ने वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि अमेरिका बिना किसी वास्तविक हल के वार्ता की बार-बार पेशकश करके बस समय लेना चाहता है।

सॉन्ग ने , ‘‘अमेरिका द्वारा वार्ता की पेशकश डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) को बातचीत के लिए बाध्य करने और उसका इस्तेमाल अमेरिका में राजनीतिक स्थिति और चुनाव में करने की एक मूर्खतापूर्ण चाल के अलावा कुछ भी नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब जो किया जाना बाकी है, उसका विकल्प अमेरिका के पास है और यह पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर है कि उसे क्रिसमस का क्या उपहार मिलेगा?’’



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आर्थिक गलियारे को लेकर US ने पाक को दी एक और चेतावनी, चीन में खलबली, भारत खुश

22 Nov 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। अमेरिका ने एक बार फ‍िर चीन और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) को लेकर पाक को सख्‍त चेतावनी दी है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यदि पाकिस्‍तान इस समझौते पर अपने कदम पीछे नहीं खींचता तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। उसे दीर्घकालिक आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है।यह तय है कि अगर अमेरिका ने यह सख्‍त रूख अपनाया तो बदहाल पाकिस्‍तान के पास कोई विकल्‍प नहीं होगा। अमेरिका के इस रूख से भारत के दृष्टिकोण को समर्थन मिला है। भारत शुरू से ही इस परियोजना का विरोधी रहा है। इसकी कई वजहें रही हैं।गुरुवार को एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ऐलिस वेल्स ने कहा कि चीन-पाकिस्‍तान का यह आर्थिक गलियारे का मकसद चीन की दक्षिण एशिया में उसकी महत्‍वाकांक्षा है। वह इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी की भूमिका में रहने की ख्‍वाहिश रखता है। राजनयिक ने कहा कि इस करार से पाकिस्‍तान को कुछ भी नहीं मिलने वाला है, इससे केवल बीजिंग को ही लाभ होगा। उन्‍होंने पाकिस्‍तान को इसके एवज में एक बेहत मॉडल की पेशकश की है।उन्‍होंने जोर देकर कहा कि चीन इस मंहगी योजना पर यूं ही निवेश नहीं कर रहा है। उसका मकसद पाकिस्‍तान का भारी कर्ज देकर उसे आवाज को दबाना है। चीन ने इस परियोजना के निर्माण में जो रणनीति अपनाई है उससे देश में बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्‍होंने साफ किया कि जिस तरह से परियोजना में केवल चीन के ही श्रमिक काम कर रहे हैं, उससे पाकिस्‍तान में भयंकर बेरोजगारी उत्‍पन्‍न होगी। पाकिस्‍तान उसकी इस मंशा अनजान है। भारत द्वारा इसका विरोध इस कारण किया जा रहा है, क्योंकि यह गलियारा पाकिस्तान में गुलाम कश्‍मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के विवादित क्षेत्र बलूचिस्तान से होते हुए जाएगा। यातायात और ऊर्जा का मिला-जुला यह प्रोजेक्ट समंदर में बंदरगाह को विकसित करेगा जो भारतीय हिंद महासागर तक चीन की पहुंच का रास्ता खोल देगा

18 दिसंबर, 2017 को चीन और पाकिस्‍तान ने मिलकर इस आर्थिक गलियारे की लंबी अवधि की योजना को मंजूदी दे दी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चीन द्वारा "वन बेल्ट एंड वन रोड" या नई सिल्क रोड परियोजना भी कहा जाता है l नवम्बर 2016 में शुरू हुई इस परियोजना के तहत चार लेन के वाहन मार्ग की आधारशिला रखी गई थी। इस योजना के तहत चीन और पाकिस्‍तान वर्ष 2030 तक आर्थिक साझेदार रहेंगे। इसके साथ ही पाकिस्‍तान ने इस योजना में चीनी मुद्रा युआन का इस्‍तेमाल करने की भी मंजूरी दे दी है। इस गलियारे को लेकर भारत ने अपनी आपत्ति जताई है। यह गलियारा गुलाम कश्‍मीर से होकर गुजराता है। अंतरराष्‍ट्रीय कानून के अनुसार ही यह अवैध है। भारत ने गुलाम कश्‍मीर को लेकर भी अपना विरोध जताता रहा है। भारत ने अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी अपना विरोध जताया है।

आर्थिक गलियारा पाकिस्तान के ग्वादर से लेकर चीन के शिनजियांग प्रांत के काशगर तक लगभग 2,442 किमी लंबी एक परियोजना है l इसकी लागत 46 अरब डॉलर आंकी जा रही है। चीन इसके लिए पाकिस्तान में इतनी बड़ी मात्रा में पैसा निवेश कर रहा है कि वो साल 2008 से पाकिस्तान में होने वाले सभी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के दोगुने से भी ज़्यादा है। चीन का यह निवेश साल 2002 से अब तक पाकिस्तान को अमरीका से मिली कुल आर्थिक सहायता से भी ज़्यादा है।



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भारत दौरे पर आएंगे ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री डैन तेहान

18 Nov 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री डैन तेहान मंगलवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं। वह भारत में शिक्षा क्षेत्र में कारोबार के अवसरों की संभावना तलाश करने और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा और शोध क्षेत्र के बारे में बताने के लिए यहां आ रहे हैं।

तेहान ने एक बयान में कहा कि अन्य देशों के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध मजबूत करने से हमारी शिक्षा प्रणाली को लाभ पहुंचेगा और इसका असर हमारी अर्थव्यवस्था, नौकरियों और कारोबारी अवसरों पर पड़ेगा। तेहान अभी मलेशिया में हैं।

वह वहां वलोनगोंग मलेशिया केडीयू के एक नए परिसर के उद्घाटन में हिस्सा लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में उनका प्रतिनिधिमंडल शिक्षा और शोध के बारे में बताएगा। उन्होंने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया के तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में से है और यहां शिक्षा क्षेत्र में काफी मांग है। इस यात्रा के दौरान तेहान भारत के मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश निशंक पोखरियाल से मिलेंगे।



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गुरु नानक देव सिर्फ सिख पंथ के ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के हैं धरोहर: मोदी

09 Nov 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

अमृतसर। डेरा बाबा नानक के कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज इस पवित्र धरती पर आकर मैं धन्यता का अनुभव कर रहा हूं। मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को, देश और दुनिया में बसे सभी सिख भाई-बहनों को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के बनने के बाद अब गुरुद्वारा दरबार साहब के दर्शन आसान हो जाएंगे। मैं पंजाब सरकार का, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का इस कॉरिडोर को तय समय में बनाने वाले हर श्रमिक साथी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश-उत्सव से पहले, इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खुलना, हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं।

गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं। गुरु नानक देव एक गुरु होने के साथ-साथ एक विचार हैं, जीवन का आधार हैं।

अपनी यात्राओं का मकसद, गुरु नानक देव जी ने ही बताया था- बाबे आखिआ, नाथ जी, सचु चंद्रमा कूडु अंधारा ! कूडु अमावसि बरतिआ, हउं भालण चढिया संसारा !



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डोनाल्‍ड ट्रंप को दोबारा ह्वाइट हाउस पहुंचाने के पक्ष में 56 फीसद वोटर

08 Nov 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

न्यूयॉर्क। अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सर्वे का दौर शुरू हो गया है। एक ताजा सर्वे में 56 फीसद वोटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा ह्वाइट हाउस पहुंचाने के पक्ष में अपनी राय दी है। अमेरिका में अगले साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इसमें ट्रंप को चुनौती देने के लिए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी में राष्ट्रपति उम्मीदवारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है।पोलिटिको-मॉर्निंग कंसल्ट के बुधवार को जारी सर्वे के अनुसार, 56 फीसद मतदाताओं ने उम्मीद जताई है कि नवंबर, 2020 के चुनाव में ट्रंप दोबारा सत्ता में आएंगे। हर तीन में एक से ज्यादा डेमोक्रेटिक वोटरों ने इस राय से अपनी सहमति जताई है, जबकि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के करीब 85 फीसद समर्थकों ने इस पर अपनी मुहर लगाई है। इसी सर्वे में करीब 55 फीसद वोटरों ने ट्रंप को नापसंद किया है, जबकि 63 फीसद ने कहा कि उनका देश गलत राह पर चला गया है। ये नतीजे नवंबर के प्रारंभ में 1,983 पंजीकृत मतदाताओं पर किए गए एक ऑनलाइन सर्वे के आधार पर सामने आए हैं।अपने खिलाफ चल रही महाभियोग की कार्यवाही से बेपरवाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने समर्थकों से कहा कि वह फिर से चुनाव जीतने जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने बुधवार को एक रैली में आगाह किया कि अगर वह 2020 के चुनावों में फिर से नहीं चुने गए तो देश अवसाद की ओर बढ़ जाएगा। बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग जांच में अगले हफ्ते से खुली सुनवाई शुरू हो रही है। इस सीधा प्रसारण भी टीवी चैनलों पर किया जाएगा। इससे जरूर डोनाल्‍ड ट्रंप की छवि को नुकसान पहुंचेगा, जिसका खामियाजा उन्‍हें अगामी राष्‍ट्रपति चुनाव में उठाना पड़ सकता है। हालांकि, ताजा सर्वे में ट्रंप के हक में जनादेश दिखाई दे रहा है, लेकिन कल क्‍या हो जाए, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।



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नहीं बाज आ रहा पाकिस्तान, करतारपुर कॉरिडोर की वीडियो में दिखाई 3 मारे गए खालिस्तानियों की तस्वीरें

06 Nov 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

इस्लामाबाद। हाल ही में पाकिस्तान की तरफ से सोमवार को करतारपुर कॉरिडोर को देखते हुए एक स्पेशल सॉन्ग को रिलीज किया गया हैं। इस सप्ताह पाकिस्तान के करतारपुर में दरबार साहिब गुरुद्वारे से भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक मंदिर को जोड़ने वाले गलियारे का उद्घाटन हैं। जहां इस बीच पाकिस्तान की सरकार की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर पर जारी किए गए सॉन्ग की वीडियो भी शेयर की गई। हालांकि, यह तो पहले ही पता चल गया था कि इस गीत में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू और एसएडी नेता हरसिमरत कौर बादल भी हैं, लेकिन अपनी हरकतों से बाज ना आते हुए पाकिस्तान ने फिर नापाक हरकत की है।करतारपुर सॉन्ग को पंजाबी भाषा में पेश किया गया, जिसमें ननकाना साहिब में तीर्थयात्रा के लिए आ रहे हैं। वीडियो में तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान सरकार की इस पहल की तारीफ करते हुए भी दिखाया गया है। हालांकि, इसके सोशल मीडिया में वायरल होने के पीछे की सच्चाई कुछ और है। बता दें कि इस वीडियो में पाकिस्तान खुले तौ पर मारे गए तीन खालिस्तानी अलगाववादी नेताओं की तस्वीरें दिखा रहा है। इस वीडियो में खालिस्तानी आतंकवादी भिंडरावाले समेत 3 आतंकवादियों की तस्वीर भी शामिल है। इस वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाले के साथ अमरीक सिंह खालसा और मेजर जनरल (Dismissed)शबेग सिंह को दिखाया गया है। ये सभी खालिस्तानी अलगाववादी नेता जून 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए थे।

आपको बता दें कि भारत पिछले 70 सालों से लगातार करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग करता रहा है, लेकिन 2 साल पहले पाकिस्तान ने अचानक यह फैसला लेकर और इसमें तेजी से आगे बढ़कर सबको अचंभित कर दिया था। वहीं, इस कॉरिडोर का उद्घाटन सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती से पहले करने का तय हुआ है।

वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। उन्होंने भेज पत्र में लिखा है कि शनिवार 9 नवंबर 2019 को पाकिस्तान के नरोवाल में गुरूद्वारा दरबार साहिब करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तरफ से नवजोत सिंह सिद्धू को निमंत्रण दिया गया है। वहीं, सिद्धू पहले ही उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए इच्छा जता चुके हैं। सिद्धू ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर पाकिस्तान जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।



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चीन ने कहा, भारत के RCEP में शामिल होने के लिए बाकी मुद्दों को हल करेंगे

05 Nov 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बीजिंग। चीन ने मंगलवार को कहा कि वह बीजिंग समर्थित मेगा क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) में शामिल नहीं होने के लिए भारत द्वारा उठाए गए बकाया मुद्दों को हल करने के लिए आपसी समझ और गुंजाइश के सिद्धांत का पालन करेगा। चीन ने यह भी कहा कि वह भारत का स्वागत करेगा कि वह जल्द से जल्द इस सौदे में शामिल हो।RCEP के समझौते से बाहर होने के बाद केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अगर सभी मांगें मान ली जाती हैं और व्यापार घाटा संतुलित होता है तो इस पर आगे चर्चा कर सकते हैं। लेकिन अभी के लिए आरसीईपी पार्टनरशिप से बाहर रहना अंतिम फैसला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के फैसले को 16 देशों के ब्लॉक की एक शिखर बैठक में आरसीईपी सौदे में शामिल नहीं होने के बारे में अवगत कराया, जिससे दुनिया की बड़ी आबादी वाले सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्र को बनाने के लिए अपने उद्देश्य को प्रभावी ढंग से खत्म कर दिया गया।

बैंकॉक में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत आरसेप (RCEP) में शामिल नहीं होगा और इसके लिए ना तो गांधी के सिद्धांत और ना ही उनका जमीर इस समझौते में शामिल होने की इजाजत दे रहा है। यह फैसला एक आम भारतीय के जीवन और उसके जीवनयापन के साधनों खास तौर पर समाज के बेहद निचले तबके के जीवन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए किया जा रहा है। उन्‍होंने ने यह भी साफ तौर पर बताया कि आरसेप (RCEP) का मौजूदा मसौदा पत्र इसके मूलभूत सिद्धांतों के मुताबिक नहीं है और कुछ मूल मुद्दों के साथ भारत कोई समझौता नहीं कर सकता।इसके साथ ही पीएम मोदी ने आरसेप के उन देशों को लताड़ भी लगाई, जो भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में है। उन्होंने कहा, मुझे यह बताने में कोई गुरेज नहीं कि अब वे दिन नहीं है जब बड़ी शक्तियां भारत पर वैश्विक सौदेबाजी करने का दबाव बना देती थी। बढ़ते कारोबारी घाटे में कटौती करना और भारतीय सेवाओं व निवेश के लिए समान मौका मिलना भारत की दो प्रमुख मांग थी जिसके प्रति सदस्य देशों ने गंभीरता नहीं दिखाई है।

सस्ते चीनी उत्पादों को भारत ने चिंता जताई थी और इससे भारत के घरेलू उद्योगों को नुकसान हो रहा है, इस चिंता पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने मंगलवार को कहा कि कि चीन भारत का इस सौदे में शामिल होने का स्वागत करता है। उन्‍होंने कहा कि आरसीईपी खुला है। हम भारत द्वारा उठाए गए उन बकाया समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत करने और सुलझाने के लिए आपसी समझ और गुंजाइश के सिद्धांत का पालन करेंगे। हम भारत के जल्द शामिल होने का स्वागत करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि आरसीईपी एक क्षेत्रीय व्यापार समझौता है और प्रकृति में पारस्परिक रूप से फायदेमंद है। यदि इस पर हस्ताक्षर किए जाते हैं और इसे लागू किया जाता है तो यह चीन और अन्य भाग लेने वाले देशों में भारतीय वस्तुओं के प्रवेश के लिए अनुकूल होगा। एक ही शिरे में यह चीनी सामानों को भारत और अन्य भाग लेने वाले देशों के बाजारों में प्रवेश करने में भी मदद करेगा। उन्‍होंने कहा कि यह दो-तरफा और पूरक (सौदा) है। चीन और भारत दोनों उभरते हुए प्रमुख विकासशील देश हैं। हमारे पास दो सौ 70 करोड़ बिलियन लोगों का एक बड़ा बाजार है और बाजार में एक बड़ी क्षमता है।

गेंग ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत से चीनी आयात में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हम जानबूझकर भारत के खिलाफ ट्रेड सर प्‍लस का पीछा नहीं करते हैं। हम निवेश, उत्पादन क्षमता और पर्यटन में अपने सहयोग का विस्तार और वृद्धि कर सकते हैं। स्थायी और संतुलित विकास के लिए सहयोग से बड़ी गड़बड़ी को दूर कर सकते हैं।



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