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चुनाव जीतने के बाद गहलोत की मंत्री के बिगड़े बोल, कहा देश से पहले जाति के लिए करेंगे काम

02 Jan 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जयपुर। राजस्थान की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री :स्वतंत्र प्रभार: ने कथित तौर पर कहा कि 'हमारा प्रथम कार्य हमारी जाति के लिये, उसके बाद समाज के लिये और फिर सर्वसमाज के लिये है।' अशोक गहलोत सरकार में एक मात्र महिला मंत्री ममता भूपेश अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करती है।रविवार को 'बैरवा दिवस' पर अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम में ममता भूपेश ने लोगों को विश्वास दिलाया कि जब भी उनके लोगों को आवश्यकता होगी, वह मौजूद रहेंगी।’’उन्होंने कहा 'जब भी हमारी आवश्यकता होगी, मैं कभी आपको पीठ नहीं दिखाउंगी। मैं यह विश्वास दिलाना चाहती हूं कि हमारा प्रथम कार्य हमारा हमारी जाति के लिये, उसके बाद हमारे समाज के लिये और फिर सर्व समाज के लिये, सबके लिये होगा। हमारी कोशिश रहेगी कि हम सबके लिये काम करें, सबको लाभ दे पायें'।

भूपेश ने कहा 'जिस विभाग का जिम्मा मुझे दिया गया है, उसमें ऐसी कई योजनाएं है, जिससे आप लाभान्वित हो सकते हैं।' जब मंत्री से उनके बयान के बारे में संपर्क नहीं हो पाया।



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अमेरिका ने सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया

27 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

अमेरिका ने सोमवार को हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शिखर बैठक से ठीक पहले उठाया गया है।

हिजबुल आतंकी सैयद सलाहुद्दीन का असली नाम मोहम्मद युसुफ शाह है। अमेरिकी विदेश विभाग ने उसे एक्जीक्यूटिव आर्डर 13224 की धारा 1(बी) के तहत विशेष रूप से वैश्विक आतंकी घोषित किया है। यह कार्रवाई उस विदेशी व्यक्ति के खिलाफ की जाती है जिसके आतंकी गतिविधि, अमेरिका की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा या अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को खतरा होता है।

संपत्ति जब्त कर ली जाएगी

अमेरिका के इस कदम के तहत कोई भी अमेरिकी नागरिक सलाहुद्दीन के साथ कोई वित्तीय लेनदेन नहीं कर सकेगा। साथ ही हिजबुल आतंकी की अमेरिकी न्यायक्षेत्र के तहत आने वाली सभी संपत्तियों को जब्त किया जा सकेगा।

जवानों की कब्रगाह बनाने की धमकी दी थी

सलाहुद्दीन ने सितंबर 2016 में कश्मीर संघर्ष के किसी भी शांतिपूर्ण समाधान को नहीं मानने की चेतावनी दी थी। उसने धमकी दी थी कि वह कश्मीरी युवकों को आत्मघाती हमलावर बनाकर कश्मीर घाटी को भारतीय सुरक्षा बलों की कब्रगाह बना देगा।

कई हमलों का कसूरवार

सलाहुद्दीन के हिजबुल सरगना रहने के दौरान इस आतंकी गुट ने कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली। इसमें जम्मू-कश्मीर में अप्रैल 2014 में हुए बम धमाका भी शामिल है, जिसमें 17 लोग घायल हुए थे।

भारत ने स्वागत किया

भारत ने अमेरिका द्वारा सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि दोनों देश आतंकवाद के खतरे का सामना कर रहे हैं और दोनों इसके खिलाफ जंग के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कौन है सलाहुद्दीन

पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथ की ओर झुकाव

1946 में कश्मीर के बडगाम में जन्म हुआ। उसके पिता भारत सरकार के डाक विभाग में कर्मचारी थे। यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर में पढ़ाई के दौरान सलाहुद्दीन जमात-ए-इस्लाम के संपर्क में आया। यहीं से कट्टरपंथ की ओर बढ़ा झुकाव और मदरसे में शिक्षक बन गया।

1989 में हिजबुल में शामिल

1987 में जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी लड़ा पर हार गया। हिंसक प्रदर्शन के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया। 1989 में रिहा होने पर सलाहुद्दीन हिजबुल में शामिल हो गया, तब मुहम्मद अहसान डार संगठन का प्रमुख था। बाद में आईएसआई का साथ मिलने पर सलाहुद्दीन खुद चीफ बन बैठा।

पीओके में ठिकाना

सलाहुद्दीन पीओके में रहता है और वहां यूनाइटेड जिहाद काउंसिल नामक संगठन भी चलाता है। पठानकोट एयरबेस स्टेशन पर हमले की जिम्मेदारी यूनाइटेड जिहाद काउंसिल ने ली थी।

सात बच्चे

इंटेलीजेंस के सूत्रों के मुताबिक सलाहुद्दीन पाकिस्तान के सेफ हाउस से आतंकी एक्शन्स को कंट्रोल करता है। वह बडगाम में अपने परिवार के साथ लगातार संपर्क में है। उसके पांच बेटे और दो बेटियां हैं।

कश्मीर में आतंक की साजिश

सलाहुद्दीन ने एक वीडियो जारी कर हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की शहादत दिवस मनाने का फैसला किया। उसने राज्य में जगह विरोध प्रदर्शनों की लोगों से अपील की है।



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ईद पर भी नहीं सुधरे पत्थरबाज: जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत

26 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

ईद के पावन मौके पर भी घाटी में आशांति का माहौल दिख रहा है। यहां सोमवार को ईद के दिन कई इलाकों में हिंसा की वारदात हुई और कई जगह प्रदर्शन भी हुए। मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो कश्मीर के दक्षिणी हिस्से के जिलों पुलवामा, अनंतनाग, शोपिंया समेत कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान भीड़ द्वारा सुरक्षाबलों पर पथराव किए जाने की जानकारी मिली है। पथराव में सीआरपीएफ के दो जवान सहित 10 लोग घायल हुए हैं।

इसके साथ ही कई इलाकों में बेकाबू भीड़ द्वारा देश विरोधी नारे लगाने और पाकिस्तानी झंडा लहराने की बात भी सामने आई है। मीडिया की खबरों के मुताबिक हिंसक प्रदर्शनों में कई लोग घायल भी हुए हैं। हालांकि अब तक इसके बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिल सकी है।

पाक झंडा लहराया

कश्मीर के कई इलाकों में हिंसा के दौरान पाकिस्तानी झंडे लहराए गए हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर सुरक्षाबलों पर पथराव के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। कश्मीर के पुलवामा जिले में प्रदर्शनकारियों द्वारा आतंकी हाफिज सईद, जाकिर मूसा और बुरहान वानी के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किए गए है। पुलवामा में इन प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी झंडे भी लहराए गए हैं।

अलगाववादी नेता नजरबंद

अधिकारियों ने बताया कि अधिकारियों ने ईद के मौके पर भारी भीड़ जुटने के बाद हिंसा भड़कने के डर से सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारख समेत सभी अलगाववादी नेताओं को र में नजरबंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जेकेएलएफ के चेयरमैन मोहम्मद यासिन मलिक को भी एहतियातन हिरासत में ले लिया है और उन्हें श्रीनगर के केन्द्रीय कारागार में रखा है।



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श्रीनगर के DPS स्कूल के अंदर से गोलीबारी जारी,2 जवान शहीद

25 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

श्रीनगर के आर्मी कैंट इलाके (पांथा चौक) में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकियों के हमले के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई जारी है। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी पास के डीपीएस स्कूल में घुस गए हैं और वहीं से गोलीबारी कर रहे हैं। स्कूल को चारों ओर से घेर लिया गया है। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए और 15 घायल हुए हैं।

लश्कर ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया और फिर स्कूल के अंदर घुस गए। गनीमत है कि स्कूल में कोई छात्र या स्टाफ नहीं थे, वरना आतंकी इन्हें बंधक बना सकते थे। यह आतंकी हमला आर्मी कैंट इलाके में हुआ है। पिछले एक साल में श्रीनगर स्थित इस इलाके को आतंकियों ने तीसरी बार निशाना बनाया है। इससे पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में मुठभेड़ में सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया था।

सीआरपीएफ के आईजी रविदीप साही ने बताया कि हमारी गाड़ी पर फायरिंग की गई। एक सब इंस्पेक्टर शहीद और दो जवान घायल हो गए। हमने इलाके को घेर लिया है।

मट्टू के मारे जाने से बौखलाए

लश्कर के कमांडर जुनैद मट्टू के मारे जाने के बाद से आतंकी बौखलाए हुए हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं।



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हमले की शूटिंग के लिए कैमरा और विशेष खंजर लेकर आई थी BAT टीम

24 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सेना के गश्ती दल पर हमला करने वाली पाकिस्तान की बोर्डर एक्शन टीम (बैट) में विशेष बल के जवान और आतंकवादी शामिल थे। उनके पास विशेष खंजर और कैमरा लगा हेडबैंड था, जिससे वे पुंछ जिले के हमले को रिकार्ड करना चाहते थे।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 22 जून को हुए हमले में दो भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और भारतीय सेना की जवाबी कावार्ई में (बैट) का एक सदस्य मारा गया था। भारतीय सेना ने खोज एवं अन्य अभियानों के दौरान वहां से (बैट) के एक सदस्य का शव बरामद किया था।

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैट के प्रयास को नाकामयाब करने की कावार्ई में मारे गए घुसपैठिए का शव स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा, कि हथियार, गोला बारूद और अन्य युद्ध संबंधी सामान जैसे विशेष खंजर, कैमरा लगा एक हेडबैंड, चाकू, एक एके राइफल, तीन मैगजीन, दो ग्रेनेड के अलावा कुछ कपड़े और थैले वहां से बरामद किए गए हैं जो पाकिस्तानी सेना की बर्बर मानसिकता को दर्शाते हैं।

अधिकारी ने बताया किे बैट के सदस्य ने कार्रवाई और जवानों को मारने की घटना को रिकॉर्ड करने के लिए हेडबैंड पहना था। बलों ने उनकी इस कोशिश को नाकामयाब कर दिया और इस जवाबी कावार्ई में उनके एक सदस्य की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि यह जांच का विषय है कि कैमरा सीमा पार पाकिस्तानी सेना संस्थानों से लाइव जुड़ा था या नहीं। उन्होंने कहा कि कैमरा के डेटा एवं विवरण की जांच की जाएगा।

अधिकारी ने कहा, कि हमें यकीन है कि बैट का एक और सदस्य मारा गया है लेकिन उसका शव बैट के अन्य सदस्य अपने साथ ले गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों द्वारा की गई कठोर कावार्ई नापाक योजना (सैनिकों का विटित करने और उसे कैमरा में रिकार्ड करने) को कभी पूरा नहीं होने देगी।

इस साल पाकिस्तानी विशेष बलों द्वारा नियंत्रण रेखा से 600 मीटर अंदर आ पुंछ सेक्टर में हमला करने की यह तीसरी घटना है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना की उनकी चौकियों से की गई भारी गोलीबारी के बीच बोर्डर एक्शन टीम (बैट) ने करीब रात दो बजे हमला किया था। बैट में आमतौर पर पाकिस्तान सेना के विशेष बलों के कर्मी और कुछ आतंकवादी होते हैं।

अधिकारी ने कहा, भारी हथियारों से लैस पांच-सात लोगों की एक बोर्डर एक्शन टीम पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी की आड़ में गुलपुर के अग्रिम इलाके पर नियंत्रण रेखा से 600 मीटर अंदर पुंछ सेक्टर में आ गई थी। पाकिस्तानी हमलावर भारतीय चौकियों के पास 200 मीटर तक पहुंच गए थे।

हमले के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने गुलपुर-करमारा-चाकन दा-बा इलाकों के पास नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की। अधिकारी ने बताया कि हथियारों से लैस घुसपैठियों ने भारतीय गश्ती दल के अधिकार क्षेत्र को निशाना बनाया था। हलमे में औरंगाबाद के नाईक जाधव संदीप और कोल्हापुर के सिपाही माने श्रावण बालकू शहीद हो गए थे। कल रात साढ़े तीन बजे तक पाकिस्तान की और से गोलीबारी जारी रही थी जिसके जवाब में भारतीय चौकियों ने भी कठोरता से कावार्ई की।



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चीन ने नाथुला में रोका कैलाश मानसरोवर यात्रियों का रास्ता

24 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नाथुला के जरिए मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की राह चीन ने रोक दी है। चीन ने 50 यात्रियों के पहले जत्थे के लिए गेट खोलने से इंकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नाथुला के जरिए कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों को कुछ कठिनाई हो रही है। इस मामले को चीन के साथ उठाया जा रहा है। माना जा रहा है कि आपसी संबंधों में आई कड़वाहट के चलते चीन ने जानबूझकर बाधा खड़ी की है। करीब एक सप्ताह इंतजार करने के बाद यात्री शेरथांग और गंगटोक वापस आ गए हैं। सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलांग ने इस मामले को गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने उठाया है।

वर्ष 2015 में खोला गया था रास्ता

गौरतलब है कि नाथुला का रास्ता भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए वर्ष 2015 में खोला गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निजी रुचि के चलते यह रास्ता खोला गया था। इसे दोनों देशों के बीच रिश्तों की बेहतरी का संकेत माना जा रहा था। नाथुला के रास्ते प्रवेश करने के बाद तीर्थयात्रियों को चीनी परिवहन के जरिए कैलाश मानसरोवर ले जाया जाता है।

कई मुद्दों पर तनातनी

बीते दिनों कई मुद्दों को लेकर भारत चीन के रिश्तों में तनातनी देखी गई है। एनएसजी की सदस्यता के मसले पर चीन भारत की राह में रोड़ा पैदा कर रहा है। मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के मुद्दे पर चीन ने कई बार संयुक्त राष्ट्र में वीटो का प्रयोग करके भारत की कोशिशों को ध्वस्त किया है। चीन - पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर दोनों देशों में विवाद है। चीन की महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड परियोजना का भी भारत विरोध कर रहा है। भारत ने इस मसले पर चीन में आयोजित बैठक का भी बहिष्कार किया था। अरुणाचल प्रदेश में पवित्र धर्म गुरु दलाईलामा की यात्रा को लेकर भी चीन ने विरोध जताया था। अरुणाचल के कई जिलों का नामकरण नए सिरे से करके चीन ने अपना सांकेतिक विरोध जताया था।



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महबूबा ने कहा- अगर पुलिस का सब्र का बांध टूट गया तो

23 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर की जामा मस्जिद के बाहर एक पुलिस अधिकारी की भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या किए जाने को शर्मनाक करार दिया और कहा कि अगर पुलिस के सब्र का बांध टूट गया तो गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है। महबूबा ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस देश में सबसे बेहतरीन पुलिस बल में से एक है और वह अधिकतम संयम का परिचय दे रही है।

उन्होंने कहा कि इससे (पुलिस अधिकारी की हत्या) शर्मनाक क्या हो सकता है। मैं यह कहना चाहती हूं कि जम्मू कश्मीर पुलिस देश में सबसे बेहतरीन पुलिस बल में से एक है लेकिन वह अधिकतम संयम दिखा रही रही है क्योंकि उसे लगता है कि जम्मू कश्मीर में वे अपने लोगों से निपट रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परंतु, कितने समय तक्र जिस दिन उनका सब्र खत्म हो गया उस दिन मुझे लगता है कि चीजें मुश्किल हो जाएंगी। मैं लोगों से अपील करती हूं कि अब भी समय है और हमें समझना चाहिए। पुलिस बल हमारा अपना बल है, वे हमारे बच्चे हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार शर्मनाक है। जामा मस्जिद के बाहर भीड़ ने पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद अय्यूब पंडित की पीट पीटकर हत्या कर दी।

महबूबा ने कहा कि अधिकारी निजी काम से मस्जिद नहीं गया था, बल्कि वह लोगों की जिंदगी की हिफाजत करने और अपनी ड्यूटी निभाने गया था। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले एक एसएचओ और पांच पुलिसकर्मी मारे गए थे और अब यह डीएसपी। यह शर्मनाक घटना है। मैं लोगों से अपील करती हूं कि आप की हिफाजत करने वाले लोग आपको लेकर संयम दिखाते हैं, लेकिन आप उनके साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं। अगर उनके सब्र का बांध टूट गया तो खुदा ना करे कि ऐसा समय जाए जब लोगों को सड़क पर पुलिस की जिप्सी देखकर भागना पड़े।



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पुलवामा में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों को किया ढेर, तीन एके-47 बरामद

22 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के ककापोरा इलाके में लश्कर-ए-तैयबा (LET) तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। आतंकवादियों की मौजूदगी होने की सूचना पर बुधवार शाम करीब छह बजे इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाश अभियान चलाया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब सुरक्षाबल तलाशी अभियान चला रहे थे तब वहां छिपे कुछ आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चला दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने सुरक्षाबलों का अभियान से ध्यान भटकाने के लिए उन पर पथराव किया। आतंकियों के पास से तीन एके-47 बरामद हुए।

इससे पहले बुधवार को ही उत्तरी कश्मीर के एक इलाके में एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तरी कश्मीर में बारामुला जिले के सोपोर में मंगलवार रात शुरू हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों की पहचान इंद्रगाम पत्तन निवासी बासित अहमद मीर और बरत सोपोर के गुलजार अहमद के तौर पर हुई है।

अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने मंगलवार रात इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात को खोजबीन अभियान रोक दिया गया था लेकिन सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा रखा ताकि आतंकवादी वहां से भाग न पाएं। उन्होंने बताया कि अभियान बुधवार सुबह फिर शुरू किया गया और वहां छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई।

अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ के स्थान से दो एके राइफल, पांच एके मैगजीन, एके राइफल की 124 गोलियां, एक हथगोला और एक थैला बरामद किया गया है। इस बीच, सेना ने जम्मू जिले के पल्लनवाला सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम कर दी है। जम्मू से प्राप्त खबर के मुताबिक सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एलओसी पर तैनात सतर्क सैनिकों ने पल्लनवाला सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी। हमारे सैनिकों ने उन पर गोलीबारी की, इसके जवाब में दूसरी ओर से भी गोलीबारी हुई और फिर वे नियंत्रण रेखा पार भाग गए।



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कश्मीर में आतंकी हमला: 6 जवानों की हत्या, शवों से बर्बरता

17 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के अचाबल क्षेत्र में आतंकियों ने शुक्रवार को पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया। आतंकियों ने सब इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद शवों से बर्बरता की। सभी के चेहरे क्षत-विक्षत कर दिए। वारदात के बाद आतंकी पुलिसकर्मियों के हथियार भी लेकर भाग गए। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने बताया कि हमले में थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर फिरोज, चार पुलिसकर्मी और चालक शहीद हुए हैं। सभी जीप से नियमित ड्यूटी से लौट रहे थे। फिरोज पुलवामा के निवासी थे।

चेहरे पर नजदीक से गोली मारी

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पुलिस दल शुक्रवार शाम बिना बुलेट प्रुफ की गाड़ी में अनंतनाग से गश्त कर अचाबल थाने लौट रहा था। आगे कुलगाड गांव के पास अनंतनाग-अचाबल रोड पर घात लगाए आतंकियों ने फायरिंग कर इस गश्ती दल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद आतंकियों ने चेहरों पर नजदीक से गोली मारकर सभी छह पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी और उनके हथियार लेकर फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा ने यहां से मात्र बीस किलोमीटर दूर अरवनी में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ का बदला लेने के लिए यह हमला किया है। इस मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू मारा गया था।

तीन दिन पहले एक साथ हुए थे 6 हमले

मंगलवार को कश्मीर में एक दिन के भीतर सीआरपीएफ, पुलिस और सेना पर आतंकियों ने 6 हमले किए थे। इन हमलों में 13 जवान जख्मी हो गए थे। इनमें से चार हमले दक्षिणऔर दो उत्तर कश्मीर में किए गए थे। सोमवार और रविवार को भी सीआरपीएफ पर ग्रेनेड से हमला किया गया था। हालांकि, इसमें कोई घायल नहीं हुआ था।



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कश्मीर: अल उमर और जैश ने 4 घंटे के भीतर किए 6 आतंकी हमले, 13 जवान घायल

14 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

सेना की कार्रवाई से बौखलाए आतंकियों ने कश्मीर घाटी में मंगलवार को चार घंटे में ताबड़तोड़ छह जगहों पर हमले किए। इसमें 13 जवान घायल हुए हैं। इन हमलों की जिम्मेदारी अल उमर मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद ने ली है।

सीआरपीएफ पर हमला

पहला हमला पुलवामा के त्राल इलाके में स्थित सीआरपीएफ की 180वीं बटालियन के शिविर पर किया। ग्रेनेड से हुए इस हमले में 10 जवान घायल हो गए।

राइफल ले भागे

दूसरा हमला अनंतनाग जिले के अंचीडोरा में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज मुजफ्फर हुसैन अत्तार के घर किया। यहां गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। हमलावर चार राइफल लेकर फरार हो गए।

आतंकियों ने तीसरा हमला पुलवामा के पडगमपोरा में सीआरपीएफ के शिविर पर किया। चौथा हमला पुलवामा के पुलिस स्टेशन पर किया गया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी जख्मी हुआ है।

पांचवां हमला अनंतनाग के सरनाल इलाके में सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया गया। छठा हमला आतंकियों ने बारामुला में सेना के शिविर पर किया।



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