राजनीति

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चुनाव प्रचार में नये तेवर के साथ उतरे राहुल गांधी पर मुद्दे वही पुराने हैं

14 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लोकतंत्र और चुनाव एक दूसरे के पूरक हैं और नेता के बगैर चुनाव की संभावना बेहद कम होती है। लोकतंत्र में चुनाव के मौके पर एक पार्टी के नेता दूसरी पार्टी के नेताओं पर हमलावर रहते हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के दो राज्यों में चुनाव हैं। महाराष्ट्र और हरियाणा में राजनीतिक दल अपने प्रचार-प्रसार को लेकर बेहद ही सक्रिय हैं। सभी पार्टियां अपने-अपने बड़े नेताओं के जरिए लोगों को लुभाने में लगी हैं। वर्तमान में देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस और मनोहर लाल खट्टर जैसे बड़े नेताओं के भरोसे है और सत्ता में वापसी की उम्मीद पाले है। वहीं देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस एक बार फिर गांधी नेहरु परिवार के भरोसे ही दिख रही है। हालांकि पार्टी के बड़े नेता भी चुनाव प्रचार में हैं पर प्रत्याशियों की मांग गांधी परिवार के सदस्य हैं। उम्मीदवार हों या फिर कार्यकर्ता, सभी चाहते हैं कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उनके लिए प्रचार करें। फिलहाल सोनिया अपनी सेहत की वजह से प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं। प्रियंका गांधी भी चुनाव प्रचार में जा सकती हैं। लेकिन मीडिया का कैमरा एक चेहरे को ढूंढ रहा था। काफी असमंजस की स्थिति के बाद अखिरकार रविवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार में उतरे। राहुल ने एक के बाद एक तीन रैलियां कीं और मोदी सरकार पर खूब बरसे। लेकिन एक बार फिर उनकी चुनावी भाषण में राफेल आ ही गया। कुछ दिन पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल की शस्त्र पूजा की। इस पूजा के बाद एक बार फिर राफेल चुनावी मुद्दा बन गया है। लेकिन राहुल के एंट्री ने एक बात फिर से कहा जाने लगा कि राफेल को लेकर कांग्रेस अपनी स्टैंड बदलने वाली नहीं है। हालांकि यह बात पार्टी को अच्छे से पता है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी को इससे काफी नुकसान हुआ था। फिर भी राहुल ने इस चुनाव में भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैं कि एक बार फिर राहुल ने भाजपा को राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ने का मौका दे दिया है। शायद भाजपा चाहती भी यहीं है। फिर विकास का मुद्दा कहीं पीछे छूट जाता है। हालांकि कांग्रेस राफेल की शस्त्र पूजा पर सवाल उठा कर पहले ही अपना राजनीतिक नुकसान कर चुकी है। भाजपा शस्त्र पूजा को हिन्दू संस्कृति से जोड़कर कांग्रेस पर हमलावर है। राहुल ने भले ही इस बार चौकीदार चोर है का नारा नहीं दिया है पर राफेल को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे रहे हैं। मुंबई के चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि ऐसा लगता है कि राफेल सौदा अब भी भाजपा को परेशान कर रहा है। अगर नहीं कर रहा तो राजनाथ सिंह पहला लड़ाकू विमान ग्रहण करने के लिये फ्रांस क्यों गए? उन्होंने कहा कि रक्षा अधिकारियों ने भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राफेल लड़ाकू विमान सौदे में दखल दे रहे हैं। इस सच से कोई नहीं भाग सकता, ना तो नरेंद्र मोदी, ना ही अमित शाह और ना ही भाजपा। एक दिन सच उन्हें पकड़ेगा। राहुल ने कहा कि हर कोई जानता है कि राफेल सौदा विवादास्पद था और ‘‘कुछ रिश्वत दिए गए थे।’’ सौदा अभी भी (भाजपा को) परेशान कर रहा। इसी कारण से हमारे रक्षा मंत्री पहला लड़ाकू विमान लेने फ्रांस गए थे। अब तक कोई भी इस तरह लड़ाकू विमान लेने आपूर्ति करने वाले देश नहीं गया था। राहुल के ये आरोप भाजपा को इसके मजबूत पक्ष को लोगों के समक्ष एक बार फिर रखने का बड़ा मौका दे रहे हैं। तभी तो अपनी हर रैली में भाजपा के बड़े नेता राफेल का जिक्र कर कांग्रेस से सवाल करते हैं। हां, एक बात जो राहुल के चुनावी प्रचार में सुनाई नहीं दी वद थी 'चौकीदार चोर है' का नारा। राहुल ने भी प्रधानमंत्री के लिए अपने बयाने में वैसी कटुता नहीं दिखाई जो लोकसभा चुनाव के समय देखने को मिलती थी। राहुल ने अपने भाषण में रोजगार, अर्थव्यव्स्था और PMC का भी मुद्दा उठाया और सरकार से कई सवाल पूछे पर अब सबसे ज्यादा चर्चा राफेल पर होगी। राहुल ने अगर ये राग फिर से छेड़ा है तो भाजपा उसे चुनावी रंग में जरूर भिगोएगी। अपने अंर्तकलह से जूझ रही कांग्रेस के राहुल के प्रचार में लोटने से उम्मीदें तो बहुत हैं पर भाजपा की चनौती से वे कैसे निपटेंगे, इसको लेकर आशंका के बादल कायम हैं। यह तमाम आरोप वहीं है जो राहुल लोकसभा चुनाव के समय में भी मोदी सरकार पर लगाते रहे हैं पर वहां मुंह की खानी पड़ी थी। कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटने के बाद राहुल की राजनीतिक समझ और गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे है। चुनावी तैयारियों के बीच उनका विदेश दौरा भी विरोधियों को सवाल दागने का एक अच्छा मौका दे गया है। भाजपा भी राहुल के चुनाव प्रचार में उतरने को लेकर मजे ले रही है। तभी तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार अभियान के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी का मतलब है कि भाजपा ‘‘100 प्रतिशत’’ जीतने जा रही है। खैर अब देखना यह है कि राहुल कांग्रेस की नैया को पार लगाने में कामयाब हो पाते हैं या फिर एक बार फिर उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ेगा।



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युवा नौकरियां मांगते है तो सरकार उन्हें चांद देखने के लिए कहती है: राहुल

13 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लातूर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मीडिया मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे है। महाराष्ट्र में लातूर जिले के औसा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि जब युवा नौकरी मांगते है तो सरकार उन्हें, इसरो के हालिया चंद्र अभियान, चंद्रयान -2 के स्पष्ट संदर्भ में, चांद देखने के लिए कहती है।उन्होंने यह भी जानकारी देने को कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हाल में हुई बैठक के दौरान मोदी ने क्या उनसे 2017 डोकलाम गतिरोध के बारे में पूछा। वह 2017 में भारतीय क्षेत्र में चीनी सैनिकों की कथित घुसपैठ का जिक्र कर रहे थे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ‘‘15 अमीर लोगों’’ का 5.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘मीडिया, मोदी और शाह का काम मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना है। किसानों के संकट और नौकरियों की कमी पर मीडिया चुप है। मीडिया अमीर लोगों की कर्ज माफी पर भी चुप्पी साधे है।’’उन्होंने कहा कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी)का उद्देश्य गरीबों की जेबों से पैसा निकाल कर अमीरों को देना था। गांधी ने कहा, ‘‘जब युवा नौकरियां मांगते है तो सरकार उन्हें चांद देखने के लिए कहती है। सरकार अनुच्छेद 370, चांद की बात करती है लेकिन देश की समस्याओं पर चुप है।’’



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दिल्ली कांग्रेस को मिलेगा नया अध्यक्ष, पूर्वांचल का ये चेहरा रेस में सबसे आगे

10 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड चुनाव के बाद जनवरी में दिल्ली में विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम बन सकता है और उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी में मतदान होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी योजनाएं बना रही हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस की दिल्ली इकाई में भी अब हलचल तेज हो गई है।

जुलाई में तत्कालीन दिल्ली कांग्रेस अध्यक्षा शीला दीक्षित के निधन के बाद अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। ऐसे में खबरें आ रही हैं कि शुक्रवार को दिल्ली कांग्रेस को उसका उत्तराधिकारी मिल सकता है, जो पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए और हाल ही में लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वाले पूर्व सांसद कीर्ति आजाद इस दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके अलावा संदीप दीक्षित, अजय माकन और जेपी अग्रवाल का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि इससे पर्दा तो तभी उठेगा जब कांग्रेस का आलाकमान कोई निर्णय लेगा। शीला दीक्षित के निधन के बाद जनरल सेक्रेटरी इंचार्ज पीसी चाको ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात की थी लेकिन इस मुलाकात के बावजूद अध्यक्ष की घोषणा नहीं हो पाई थी।



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NRC पर बोले शाह, घुसपैठियों को रहने नहीं देंगे और शरणार्थियों को जाने नहीं देंगे

01 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोलकाता। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि केन्द्र नागरिकों के राष्ट्रीय पंजी का विस्तार पश्चिम बंगाल तक करेगा लेकिन इससे पहले सभी हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित किया जाएगा। विवादास्पद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एनआरसी के बारे में लोगों को गुमराह कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘एनआरसी के बारे में बंगाल के लोगों को गुमराह किया जा रहा है... मैं सभी हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन शरणार्थियों को आश्वस्त करता हूं कि उन्हें देश छोड़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें भारतीय नागरिकता मिलेगी और उन्हें एक भारतीय नागरिक के सभी अधिकार मिलेंगे।’’ शाह ने कहा कि सभी घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की। जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि मुखर्जी के बलिदान के कारण ही आज पश्चिम बंगाल भारतीय गणराज्य का हिस्सा है।



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Amit Shah बोले- मोदी सरकार ने सुरक्षाबलों के सम्मान में हटाया अनुच्छेद 370

30 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

अहमदाबाद। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के 27 वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए और परेड का निरीक्षण किया। अमित शाह ने इस दौरान कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम था और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुरक्षाकर्मियों को दिए गए आदर और सम्मान को दर्शाता है, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि कश्मीर में शहीद हुए जवानों को अनुच्छेद 370 और 35 A हटाकर बड़ा सम्मान दिया गया। यह कदम घाटी में स्थायी शांति के लिए उठाया गया है।' लोगों ने एक बड़े बहुमत के साथ प्रधानमंत्री मोदी को फिर से चुना और उन्होंने एक महीने से भी कम समय में सही और बड़ा फैसला लिया। अनुच्छेद 370 के प्रावधान, जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार दिए थे, पिछले महीने निरस्त कर दिए गए। इससे पहले अपने भाषण में, शाह ने लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में उनकी भूमिका के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य अर्धसैनिक बलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए 34 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों ने अपना जीवन लगा दिया है और विकास की प्रक्रिया में अहम योगदान दिया।

राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की पहल पर पूरा हुआ और इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि स्मारक के लोगो का अनावरण प्रधानमंत्री द्वारा अगले महीने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर किया जाएगा। यह लोगो आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों में सुरक्षा कर्मियों के बलिदान के लिए समर्पित है।

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स के नाम से दंगाई थर-थर कांपते हैं। वो फोर्स के आने की खबर सुनते ही वहां से भाग जाते हैं। आरएएफ की मौजूदगी से दंगे होने की कोई भी संभावना खत्म हो जाती है।

उन्होंने इस दौरान कहा, 'आरएएफ के 27वीं वर्षगांठ पर मैं कहना चाहूंगा कि इसने देश के लोगों के साथ-साथ सरकार के सभी लक्ष्यों और आशाओं को पूरा किया है। मैं आरएएफ के हर जवान को इसके लिए बधाई देना चाहता हूं।' उन्होंने इस दौरान यह भी कहा, 'आरएएफ दंगा नियंत्रित करने के साथ ही प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए भी बड़ी तेज गति से काम में लग जाती है।आज देशभर के अंदर पुलिस बल, अद्धसैनिक पुलिस बल सभी के 34 हजार से ज्यादा जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है उन सभी को श्रद्धांजलि देता हूं।'

बता दें कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) इस वर्ष अपने दंगा विरोधी इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 27 वीं वर्षगांठ मनाया। इस अवसर पर आज अहमदाबाद में आरएएफ की 100वीं बटालियन में इसकी वर्षगांठ परेड की व्यवस्था की गई।

गृह मंत्री ने इस अवसर पर सीआरपीएफ के 20 जवानों को वीरता पदक भी प्रदान किया। इन जवानों को यह सम्मान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद निरोधी कार्रवाई और विभिन्न राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में बहादुरी के प्रदर्शन के लिए मिला।

बता दें कि 7 अक्टूबर 1992 को आरएएफ की स्थापना हुई थी, लेकिन गृह मंत्री के पहले से तय कार्यक्रम को देखते हुए स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन पहले किया गया है। यह बल देश के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल सीआरपीएफ का हिस्सा है, जिसके जवानों और कर्मचारियों की संख्या 3.25 लाख से अधिक है।

केंद्र सरकार द्वारा 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद शाह पहली बार आरएएफ के कार्यक्रम में शामिल हुए। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद निरोधी कार्रवाई के लिए सीआरपीएफ तैनात है। इस बल के पास देश भर के विभिन्न शहरों में 15 बटालियन हैं और प्रत्येक इकाई में 1,000 से अधिक जवानों की संख्या है। ये बटालियन सिकंदराबाद, अहमदाबाद, इलाहाबाद, नवी मुंबई, दिल्ली, अलीगढ़, कोयंबटूर, जमशेदपुर, भोपाल, मेरठ, जयपुर, लखनऊ, चेन्नई, बिहार के हाजीपुर और हरियाणा के नूंह में हैं।

प्रत्येक आरएएफ बटालियन घातक और गैर-घातक हथियारों से लैस है। यह बल पंप एक्शन गन, आंसू-गैस ग्रेनेड लॉन्चर समेत विरोध या दंगा जैसी स्थितियों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लागू करने के लिए अन्य उपकरणों से लैस है।



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देशभर में भारी बारिश के चलते 4 दिनों में 120 से ज्यादा लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त

30 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। पिछले चार दिनों में देश भर में भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जिनमें सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। बिहार में लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है, राजधानी पटना के लगभग सभी क्षेत्रों में पानी भर गया है और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून की वापसी में और अधिक देरी हो सकती है। बिहार सहित देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश जारी है, जहां पिछले 48 घंटों में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि बड़े पैमाने पर कई क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं, जिससे रेल यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूलों के संचालन प्रभावित हुआ हैं और बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है।

उत्तर प्रदेश में गुरुवार से अब तक कम से कम 93 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को 14 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले शनिवार को 25 और शुक्रवार को 18 लोगों की मौत हो गई थी।इससे पहले के दिनों में 36 लोगों की मौत हुई। केंद्रीय जल आयोग के अपर गंगा बेसिन संगठन, लखनऊ ने कहा कि घाघरा और शारदा नदी कई स्थानों पर सामान्य जल स्तर से ऊपर बह रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात में, सौराष्ट्र क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद रविवार को राजकोट जिले में भीषण बाढ़ के कारण कार के बह जाने से तीन महिलाएं डूब गईं। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान में शनिवार को भारी बारिश के कारण हुई घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई।

इस बीच, भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को बताया कि चार महीने का मानसून का मौसम वैसे तो सोमवार को आधिकारिक तौर पर खत्म होने जा रहा है किंतु, सप्ताहांत तक इसके खत्म होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने कहा कि राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून अभी भी सक्रिय है। पटना में हालत बहुत बदतर हो गई है। पूरा शहर एक बड़ी झील में तब्दील हो गया है। राजेंद्र नगर और पाटलिपुत्र कॉलोनी जैसे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है। शहर के कई अस्पताल, दुकान, बाजार जलमग्न हो चुके हैं। यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। इस बीच शहर के कुछ इलाकों में निवासियों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें लगी हुई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य की राजधानी में शुक्रवार शाम से 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है, जिसे आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने पूरी तरह से अप्रत्याशित बताया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिलाधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद संवाददाताओं से कहा कि हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मैं राज्य के लोगों से धैर्य और हिम्मत रखने की अपील करता हूं। बिहार के भागलपुर जिले के बरारी थाना क्षेत्र में रविवार को भारी बारिश के कारण अलग अलग स्थानों पर दीवार ढहने से मलबे के नीचे दबकर छह लोगों की मौत हो गयी एक व्यक्ति जख्मी हो गया। भागलपुर जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण बरारी थाना क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर की चारदीवारी के अचानक गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य व्यक्ति जख्मी हो गया। पटना के खगौल थाना में दानापुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी गेट के पास भारी बारिश के बीच सड़क के किनारे एक पेड़ ऑटो रिक्शा पर अचानक गिर गया, जिसके चलते ऑटो रिक्शा पर सवार डेढ़ साल की एक बच्ची और तीन महिलाओं की रविवार को मौत हो गई।

खगौल थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कैमूर के जिला मुख्यालय भभुआ में भी तीन मौतें हुईं, जहां लगातार बारिश के कारण दो घर ढह गए। नवादा में, जलधारा में बहे तीन स्थानीय लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि झारखंड के गुमला जिले में रविवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश के कारण यह निर्णय लिया गया। भारी बारिश के कारण रविवार को पटरी धंसने से पूर्वोत्तर रेलवे के बलिया-छपरा रेल खंड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मण्डल के जन सम्पर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि भारी बारिश के कारण आज तड़के सवा चार बजे छपरा-बलिया रेल खंड पर बलिया और बांसडीह रेलवे स्टेशन के बीच पटरी धंसने की सूचना मिली थी। इसकी वजह से रेल खंड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

उन्होंने बताया कि इस रेल खंड पर यातायात ठप होने के कारण सात ट्रेनों का संचालन निरस्त किया गया है तथा छह ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से भेजा जा रहा है। कोलकाता में भी भारी बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव हो गया। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास बीएसएफ के 54 वर्षीय एक उप निरीक्षक के डूबने की आशंका है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि उप-निरीक्षक (एसआई) पारितोष मंडल अरनिया सेक्टर में जयकिशन चौकी के निकट नदी के तट से शनिवार शाम करीब छह बजे लापता हो गए। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने व्यापक तलाश अभियान शुरू किया है और पाकिस्तान के अपने समकक्षों को भी इसकी जानकारी दी है। वह बल की 36 वीं बटालियन से थे। बताया जाता है कि वह बल के दो कांस्टेबलों के साथ गश्त पर निकले थे,इसके बाद वह लापता हो गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एईक नाला इलाके में एसआई की तलाश लगातार जारी है।

राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान डूंगरपुर में भारी बारिश और पूर्वी हिस्सों के कुछ स्थानों और पश्चिमी हिस्सों के एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने आगामी 24 घंटे के दौरान 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश के बाद रविवार को राजकोट जिले में तीन महिलाएं बाढ़ के पानी में डूब गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा शनिवार शाम गिर सोमनाथ जिले के निकट एक नौका पलटने से उसमें सवार चार मछुआरों के बह जाने की आशंका है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राजकोट में तीन महिलाओं समेत चार संबंधी एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिये जामकंडोरणा के रास्ते पर थे तभी उनकी कार फोफल नदी पर बने सेतु पर पानी की जोरदार लहर की चपेट में आकर बह गई।

उन्होंने कहा कि तीनों महिलाएं बह गईँ और स्थानीय निवासियों ने पुरुष को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस बीच, तटरक्षकों और नौसैन्य पुलिस की एक टीम गिर सोमनाथ के उना तालुका में नवा बंदर तट पर अरब सागर में नौका पटलने के बाद लापता हुए चार मछुआरों का पता लगाने में जुटी है। मौसम विभाग ने सोमवार तक पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर बारिश का अनुमान जताया है और मछुआरों को समुद्र तट पर नहीं जाने की सलाह दी है।



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‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम ‘आर्थिक बदहाली’ को नहीं छिपा सकता: राहुल गांधी

20 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम को लेकर तंज कसते हुए शुक्रवार को दावा किया कि कोई भी कार्यक्रम उस आर्थिक बदहाली की सच्चाई को नहीं छिपा सकता जिसमें मोदी ने देश को डाल दिया है। गांधी ने ट्वीट में तंज करते हुए सवाल किया, ‘‘यह अद्भुत है कि प्रधानमंत्री स्टॉक बाजार में उछाल के लिए अपने ‘हाउडी इंडियन इकॉनमी’ वाले जश्न के दौरान क्या करने जा रहे हैं?’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘1.4 लाख करोड़ रुपये के साथ ह्यूस्टन का कार्यक्रम अब तक दुनिया का सबसे महंगा कार्यक्रम है। लेकिन कोई भी कार्यक्रम उस आर्थिक बदहाली की हकीकत को नहीं छिपा सकता जिसमें ‘हाउडी मोदी’ ने भारत को डाल दिया है।’’ गौरतलब है कि ह्यूस्टन में 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी कार्यक्रम में मोदी के साथ अमेरिका राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में 50,000 भारतीय अमेरिकियों के आने की संभावना है।



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सर्वाधिक बोली जाने वाली हिंदी देश को एकता की डोर में बांध सकती है: अमित शाह

14 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। साथ ही शाह ने कहा कि सर्वाधिक बोली जाने वाली हिंदी देश को एकता की डोर में बांधने एवं विश्व में भारत की पहचान बनाने का काम कर सकती है। अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘‘आज हिंदी दिवस के अवसर पर मैं देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि हम अपनी- अपनी मातृभाषा के प्रयोग को बढाएं और साथ में हिंदी भाषा का भी प्रयोग कर देश की एक भाषा के पूज्य बापू और लौह पुरूष सरदार पटेल के स्वप्न को साकार करने में योगदान दें।’’ हिंदी दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न भाषाओं का देश है और हर भाषा का अपना महत्व है परन्तु पूरे देश की एक भाषा होना अत्यंत आवश्यक है जो विश्व में भारत की पहचान बने।

भारत की अनेक भाषाएं और बोलियां हमारी सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन देश की एक भाषा ऐसी हो, जिससे विदेशी भाषाएँ हमारे देश पर हावी ना हों इसलिए हमारे संविधान निर्माताओं ने एकमत से हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।

शाह ने कहा कि आज देश को एकता की डोर में बाँधने का काम अगर कोई एक भाषा कर सकती है तो वो सर्वाधिक बोले जाने वाली हिंदी भाषा ही है। वहीं, हिंदी दिवस पर एक समारोह के संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश में विभिन्न भाषाओं, बोलियों और संस्कृतियों का समावेश है। ऐसे में जब राजभाषा का निर्णय करना हो, तो स्वाभाविक है कि मतान्तर होंगे ही।उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने समग्र स्थिति का अवलोकन किया और पूरी संविधान सभा ने सर्वानुमत से हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया।शाह ने कहा, ‘‘दुनिया में कई देश ऐसे हैं जो अपनी भाषा को छोड़ चुके हैं, ऐसे देश अपनी संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण नहीं कर सकते हैं। भारतीय समाज को भी अपनी भाषा को लेकर आत्म चिंतन करने की जरूरत है।’’ गृह मंत्री ने कहा कि भारत में बोली जाने वाली भाषाएं दुनिया की सभी भाषाओं में सबसे समृद्ध हैं। हमारे देश की सभी भाषाएं दुनियाभर की भाषाओं में सर्वश्रेष्ठ हैं।उन्होंने कहा, ‘‘ मैं देशभर के लोगों से आह्वान करना चाहता हूं कि अपने बच्चों से, अपने सहकर्मियों से तो अपनी भाषा में बात कीजिए। अगर हम ही अपनी भाषाओं को छोड़ देंगे तो कैसे उन्हें लंबे समय तक जीवित रखा जा सकेगा ।’’ उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हम देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदी दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय में आज 60 प्रतिशत फाइल हिंदी नोटिंग के साथ आ रही है जबकि पहले ऐसी स्थिति नहीं थी।शाह ने इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा हिंदी में संबोधित किये जाने का भी उल्लेख किया।



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सरकार के 100 दिन तीन शब्दों में बयां हो सकते हैं - निरंकुशता, अव्यवस्था, अराजकता : कांग्रेस

08 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने शासन में 100 दिन पूरे करने वाली मोदी सरकार पर रविवार को यह कहते हुए निशाना साधा कि इस कार्यकाल को तीन शब्दों - “निरंकुशता, अव्यवस्था और अराजकता” में बयां किया जा सकता है। मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर विपक्षी पार्टी ने इस अवधि को अर्थव्यवस्था के लिए बुरा वक्त बताने के लिए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कई आंकड़े पोस्ट किए। कांग्रेस ने कहा कि ‘‘तीन शब्द जो भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों की व्याख्या करते हैं, वे हैं - निरंकुश शासन, अव्यवस्था और अराजकता।”

पार्टी ने कहा, ‘‘आठ क्षेत्रों में दो प्रतिशत से नीचे का विकास दर दर्ज किया गया और हमारी वित्त मंत्री अब भी इस बात को स्वीकार करने से इनकार कर रही हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से गिर रही है। अगर भाजपा लापरवाही एवं धोखेबाजी के इस रास्ते पर चलती रही तो हम मंदी की तरफ बढ़ जाएंगे।” कांग्रेस ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पहले उनकी पहचान की जाती है जिसमें यह सरकार विफल रही है।

भाजपा सरकार में "मॉब लिंचिंग" नाम के शब्द ने भारत के भ्रातृत्व भाव को बहुत नुकसान पहुंचाया है। सत्ताधारी विचारधारा से जुड़े लोगों का भीड़जनित हिंसा को बढ़ावा देने में शामिल होना देश की एकता, अखंडता के लिए बड़ा खतरा है

पार्टी ने आरोप लगाया, “भाजपा राजनीति 101 : जब सब कुछ नाकाम रहे, विपक्ष के हाई प्रोफाइल नेताओं को गिरफ्तार करें और उम्मीद जताएं कि जनता इस पर गौर नहीं करेगी कि आप बाकी हर जगह विफल रहे हैं।” साथ ही कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि भाजपा, “संसद को नोटिस बोर्ड” की तरह लेती है क्योंकि वहां विधेयकों पर चर्चा नहीं की जाती बल्कि उन्हें महज औपचारिकता पूरी करने के लिए पेश कर दिया जाता है। कांग्रेस ने हैशटेग “100 डेज नो विकास”के साथ एक ट्वीट में कहा, “यह लोकतंत्र के कमजोर होने का संकेत है।”



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इसरो देश के सपने को करेगा साकार, मोदी बोले- वैज्ञानिकों में काम करने की भावना प्रबल है

07 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 मिशन में आई बाधा के बावजूद इसरो के वैज्ञानिक अडिग हैं और उन्होंने भरोसा जताया कि देश चांद पर पहुंचने का लक्ष्य हासिल करेगा। चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने के कुछ घंटों बाद मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों में काम करने की भावना प्रबल है और वे लक्ष्यों को हासिल करने तक आराम नहीं करेंगे। मोदी ने कहा कि चांद पर पहुंचने का सपना पूरा होगा और इसरो एवं उसमें काम करने वाले रूकेंगे, थकेंगे और बैठेंगे नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक निराश होने वाले नहीं हैं, वे चुनौतियों को स्वीकार करते हैं और पहली बार में आई खामी का समाधान करते हैं। वे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हैं और जबतक उसे हासिल न कर लें कड़ी मेहनत करते हैं। उन्होंने कहा कि ऑर्बिटर अब भी चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा है और यह अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबईकरों की भावना शहर में आई किसी भी बाधा से निपटने में मदद करती है और इसरो के वैज्ञानिकों में भी ऐसी ही भावना है।



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