उत्तर प्रदेश

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सियासी जमीन पर उतरे 'आकाश', मायावती ने दी नेशनल कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी

23 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 13 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभी से राजनीतिक दल ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। लोकसभा चुनाव 2019 में 10 लोकसभा सीट अपने नाम करने वाली बहुजन समाज पार्टी की बैठक हुई। बसपा सुप्रीमो मायावती के नेतृत्व में हुई इस बैठक में संगठनिक स्तर पर कई अहम बदलाव किए गए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार दोबारा बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए। वहीं दानिश अली को लोकसभा में बसपा का नेता बनाया गया है। मायावती के भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। आकाश आनंद मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। लंदन से एमबीए करने वाले आकाश की बसपा की राजनीति में अचानक एंट्री नहीं हुई है। मायावती ने 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव हारने के बाद सहारनपुर की रैली में सुनियोजित तरीके से उनको लॉन्च किया था। यूपी में 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव प्रस्तावित हैं। इन 13 में से 11 सीटें बीजेपी के पास थीं। गंगोह, इगलास, रामपुर, टूंडला, मीरापुर, गोविंदनगर, कैंट, जैदपुर, मानिकपुर, बलहा, प्रतापगढ़, जलालपुर और हमीरपुर सीटों के लिए चुनाव होना हैं। हमीरपुर सीट से बीजेपी विधायक अशोक सिंह चंदेल को कोर्ट ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसके बाद उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई थी।



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राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास:मायावती

19 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर चरेचा के लिए एक बैठक बुलाई है। मोदी ने उन सभी दलों के प्रमुखों को इस बैठक के लिए आमंत्रित किया है जिनका लोकसभा या राज्यसभा में कम से कम एक सदस्य है। सूत्रों कि माने तो इस बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर सबसे ज्यादा चर्चा होने की संभावना है। इसको लेकर राजनीति तेज हो गई है। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है। देश में ’एक देश, एक चुनाव’ की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है।किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है। देश में ’एक देश, एक चुनाव’ की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है।

बैलेट पेपर के बजाए ईवीएम के माध्यम से चुनाव की सरकारी जिद से देश के लोकतंत्र व संविधान को असली खतरे का सामना है। ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास चिन्ताजनक स्तर तक घट गया है। ऐसे में इस घातक समस्या पर विचार करने हेतु अगर आज की बैठक बुलाई गई होती तो मैं अवश्य ही उसमें शामिल होती।



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पार्टी 2022 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगी: सिंधिया

15 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य इकाई के नेताओं से मुलाकात कर हार के कारणों की समीक्षा की। लेकिन इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता तो शामिल ही नहीं हुए और जो कनिष्ठ नेता आए वो आपस में ही लड़ते रहे। समीक्षा बैठकों में जो वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए उनमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, श्रीप्रकाश जायसवाल, आरपीएन सिंह और सलमान खुर्शीद का नाम हैं। हालांकि इन लोगों की गैरहाजिरी पर सिंधिया की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आईं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के साथ हार के कारणों की समीक्षा दिल्ली में की जाएगी। लेकिन कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि जब अन्य उम्मीदवारों को भी लखनऊ बुलाकर बात की गई तो कुछ को दिल्ली की सुविधा क्यों दी जा रही है।

समीक्षा में एक नया पहलू जरूर सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में साल 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर चर्चा भी हुई और सबसे ज्यादा ताज्जुब की बात तो यह रही कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार पद के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लिया गया। सिंधिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी 2022 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।

आज लखनऊ में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर जी के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन का मंथन किया।

कार्यकर्ताओं की बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि यूपी में 2022 विधानसभा चुनाव जीतने के लिए संगठन को मजबूत करना बेहद आवश्यक है।

सिंधिया ने बैठक के दौरान विधानसभा चुनाव को लेकर तैयार किए जा रहे खाके का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण फीडबैक और सुझाव दिए, ताकि संगठन को मजबूत किया जा सके। हालांकि चुनाव नतीजे पूरी तरह से अंसतोषजनक रहे। इसके बावजूद हम विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने के सवाल पर कहा कि इसका फैसला तो आलाकमान करेगी।

ज्ञात हो तो लोकसभा चुनाव के दौरान भी प्रियंका गांधी का नाम काफी उछाला जा रहा था कि वह वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन कांग्रेस ने एक बार फिर से अजय राय को अपना उम्मीदवार बनाकर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया। ठीक उसी तरह से अब पार्टी में जान फूंकने के लिए प्रियंका गांधी के नाम की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि इस बार के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस केवल एक सीट रायबरेली ही जीत सकी है। प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश की 42 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। सिंधिया की बैठक में शामिल होने वाले पूर्व सांसद राजाराम पाल ने यह जरूर स्पष्ट किया कि पार्टी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को अपने दम पर लड़ेगी और हम पूरे देशभर में पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करेंगे।



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राज्यपाल नाईक से मिले अखिलेश, बोले- जंगलराज को नियंत्रित करने के दें निर्देश

15 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि वह सरकार को जगायें, जैसा वह उनकी (अखिलेश) सरकार के समय करते थे। अखिलेश ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल सपा के शासनकाल में कानून व्यवस्था की ओर इंगित किया करते थे। हमने उनसे आग्रह किया है कि वह मौजूदा सरकार को जगायें और जंगलराज को नियंत्रित करने के निर्देश दें।

अखिलेश ने पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद हसन के साथ मिलकर राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा और राज्य की लगातार खराब हो रही कानून व्यवस्था को संभालने में हस्तक्षेप का आग्रह किया। अखिलेश ने कहा कि बार काउंसिल अध्यक्ष को उनके चेंबर में मार दिया जाता है। जेल में हत्या होती है ... ये सब कैसे हो रहा है। राज्य सरकार जिम्मेदार है, जिसने अपराधियों को छूट दे रखी है।



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उप्र बार काैंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा दीवानी कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या

12 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

आगरा। दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की अध्यक्ष चुनी गईं दरवेश यादव की दीवानी कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वह अध्यक्ष बनने पर स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के चैम्बर में बैठी थीं। वहीं पर पूर्व सहयोगी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से यूपी बार कौंसिल की अध्यक्ष को तीन गोली मारी दी। इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी दो गोली मारी ली।

मनीष शर्मा को सिकंदरा हाइवे स्थित रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरवेश को पुष्पांजलि अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। एडीजी अजय आनंद समेत अन्य अधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता मौके पर पहुंच चुके हैं। हत्या के कारणों का पता नहीं लग सका है।

प्रयागराज में रविवार को आगरा की दरवेश यादव और वाराणसी के हरिशंकर सिंह यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष संयुक्त रूप से चुने गए थे। अध्यक्ष पद पर हरिशंकर सिंह व दरवेश यादव को 12-12 बराबर वोट मिले। बराबर मत के आधार पर दोनों को छह-छह माह के लिए चयनित किया गया। परंपरा व सहमति के आधार पर दरवेश सिंह पहले छह माह और हरिशंकर सिंह शेष छह माह अध्यक्ष रहना था।



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कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त हुए योगी, बोले- किसी तरह का समझौता नहीं होगा

12 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि शांति एवं कानून-व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। योगी ने कहा कि जिलों में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए सीधे जिम्मेदार हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, समस्त जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक के दौरान उक्त बातें कहीं। बैठक के बाद मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय ने बैठक में चर्चा किये गये विषयों और योगी के निर्देशों से संवाददाताओं को अवगत कराते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिकारियों को कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों सहित वरिष्ठ अधिकारी 15 से 20 जून के बीच जिलों में निरीक्षण करेंगे, जिला अस्पतालों और तहसीलों में जाएंगे। गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और 20 जून तक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि 45 अधिकारी अलग अलग जिलों में जाएंगे। उनकी रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद... कौन सी योजनाओं का कार्यान्वयन कैसे चल रहा है, कहां दिक्कतें हैं, क्या क्या लंबित है... इसका विस्तृत विश्लेषण होगा। पाण्डेय ने बताया कि उसके बाद मुख्यमंत्री खुद सभी मंडलों में जाकर निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने कल चिकित्सा विभाग के सभी सीएमओ को बुलाया है। परसों शिक्षा विभाग में सभी बीएसए और डीआईओएस के साथ समीक्षा होगी। उसके बाद मंडलों का भ्रमण प्रारंभ होगा।



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सीजेएम ने लखनऊ जेल भेजा पत्रकार कनौजिया की रिहाई का आदेश

12 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने बुधवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया की रिहाई का आदेश लखनऊ जेल भेज दिया। उच्चतम न्यायालय ने कल यानी मंगलवार को ही कनौजिया की तत्काल रिहाई का आदेश दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रभारी) संजय कुमार ने बीस-बीस हजार रूपये की दो जमानत राशि और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर पत्रकार कनौजिया को रिहा करने का निर्देश दिया। जमानत राशि और निजी मुचलका भरे जाने के बाद अदालत द्वारा पत्रकार की रिहाई का आदेश जेल भेजा गया। इससे पहले सीजेएम की अदालत में उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रमाणित कापी दाखिल की गयी।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया को तत्काल जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुये कहा कि संविधान में प्रदत्त स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार पवित्र है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता। इस पत्रकार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शीर्ष अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया कि कनौजिया को जमानत देने का अर्थ उसकी पोस्ट या ट्वीट को स्वीकृति देना नहीं निकाला जा सकता। न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अवकाशकालीन पीठ ने कनौजिया की पत्नी जगीशा अरोड़ा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। जगीशा ने उसकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।



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शामली में पत्रकार से मारपीट करने वाले दो पुलिसकर्मी निलंबित

12 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शामली में पत्रकार की पिटाई करने और उसे थाने के लॉकअप में रखने के मामले में जीआरपी के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जीआरपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पत्रकार को बुधवार सुबह लगभग सात बजे रिहा कर दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शामली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (अजय कुमार पाण्डेय) के हवाले से बताया कि समाचार चैनल के पत्रकार अमित शर्मा से जुड़ी घटना में अधिकारियों ने कार्रवाई की है। शामली जीआरपी के एसएचओ राकेश कुमार और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे प्रकरणों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिये गये पत्रकार को रिहा करने के आदेश दे दिये गये हैं।



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यूपी में गठबंधन का हुआ अंत, RLD भी अलग रास्ते पर

05 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मायावती और अखिलेश यादव द्वारा अलग-अलग उपचुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अब चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में बने गठबंधन पर ग्रहण लग गया है। इस गठबंधन की तिसरी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोक दल भी अब अलग हो सकती है। सूत्रो कि मानें तो आज शाम तक आएलडी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी इस बात का ऐलान कर सकते हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि जयंत चौधरी अपनी पार्टी नेताओं से बैठक के बाद इस बात का निर्णय ले सकते हैं। रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मसूद अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय लोक दल एक राजनीतिक दल है और हम उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव में मैदान में उतरेंगे। हालांकि प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी। जहां तक प्रत्याशियों के चयन की बात है तो यह फैसला हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व-चौधरी अजीत सिंह और जयंत चौधरी करेंगे।जाट वोटों पर अच्छी पकड़ रखने वाली अजित सिंह की पार्टी इस लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन की हिस्सा थी। आरएलडी ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा पर एक सीट भी नहीं जीत पाई। मायावती और अखिलेश भी यहीं मान रहे हैं कि अजित सिंह जाटों का वोट गठबंधन को ट्रांसफर नहीं कहा पाएं।



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योगी ने अपने सरकारी आवास पर नवनिर्वाचित सांसदों के साथ की बैठक

29 May 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर नवनिर्वाचित सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश प्रभारी जे पी नड्डा और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। योगी ने कहा कि इन चुनावों में जनता ने प्रत्याशी और किसी पार्टी से उपर उठकर देश के प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए आगे आकर आक्रामक तरीके से मतदान किया। पूरे चुनाव भर यह देखने को मिला। आज इसका परिणाम है कि भाजपा ने देश भर में 303 सीटें हासिल कीं। उनमें से 64 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं।योगी ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से परिचयात्मक बैठक करनी थी, जो अब शपथ ग्रहण और संसद सत्र के लिए दिल्ली का रूख करेंगे। मुख्यमंत्री ने सांसदों को दोपहर भोज भी कराया। बैठक में शामिल हुए सांसदों में स्मृति ईरानी और रवि किशन भी थे। स्मृति ने अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराया जबकि रवि किशन ने गोरखपुर सीट पर जीत दर्ज की।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश चुनाव प्रभारी श्री जेपी नड्डा और प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री सुनील बंसल ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित सांसदों के साथ बैठक की।



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