बिहार

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वायुसेना के सफल एयर स्ट्राइक पर बोले शिवराज, आतंकवाद को खोद कर गाड़ देंगे

26 Feb 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं बीजेपी उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय वायुसेना के सफल ऑपरेशन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आतंकवाद को खोद कर गाड़ देंगे और प्रधानमंत्री ने साफ कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं और जिसने छेड़ा उसको छोड़ेंगे नहीं। भारतीय वायुसेना के जज्बे को सलाम और प्रणाम। इसी के साथ शिवराज सिंह चौहान ने हाऊ द जोश के नारे भी लगाए।

चौहान ने आगे भारतीय वायुसेना के जवानों को बधाई दी और कहा कि आप के शौर्य से हम अभिभूत हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान ने मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे सीमापार कर जैश के बंकरों को तबाह कर दिया। हालांकि इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही वायुसेना प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दे सकते है। इसी मुद्दे को लेकर वायुसेना मुख्यालय में बैठक चल रही है।



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उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, बोले, आरएसएस के एजेंडे पर चल रही नरेंद्र मोदी सरकार

10 Dec 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है। दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उपेंद्र कुशवाहा ने इसका आधिकारिक एेलान करते हुए पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की जनता से किया वादा पूरा नहीं किया। सरकार ने सूबे को स्पेशल पैकेज देने का वादा किया था जो छलावा निकला। बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया। सीट शेयरिंग पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कम सीट देकर हमें कमजोर करने की कोशिश की गई। अकेले लड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि एनडीए को छोड़कर बाकी सभी विकल्प खुले हैं।अपने पुराने बयान, देश में मोदी से बेहतर विकल्प न होने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अब परिस्थिति बदल गई है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी का बिहार में सूपड़ा साफ हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाएगी। कहा कि सरकार अपने नहीं आरएसएस के एजेंडे पर चल रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में आरएसएस प्रमुख के बयान ने परिणाम में नकारात्मक असर डाला। यूनीवर्सटी तक में संघ से जुड़े लोगों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आने के बाद यूनीवर्सटी नहीं डिपार्टमेंट वाइस वैकेंसी निकाली गई। जिससे ओबीसी वर्ग की हकमारी बड़े पैमाने पर हुई। कई मुद्दों पर कोर्ट का हवाला देकर सरकार ने अपना पल्ला झाड़ लिया। राम मंदिर बनाने से जुड़े सवाल पर उपेंद्र ने कहा कि इसमें पार्टी का कोई विरोध नहीं है। राजनीतिक दल का काम मंदिर बनाना नहीं है, जनता की सेवा करना है। इस लिए मंदिर बनाने का काम उचित लोगों पर छोड़ दिया जाए।

इसके पहले, उपेंद्र कुशवाहा ने कैबिनेट मंत्रिमंडल से अपने मंत्रिपद का इस्तीफा पीएम मोदी कार्यालय को भेज दिया है। कहा जा रहा है कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और आज शाम चार बजे महागठबंधन की हो रही बैठक में भी शिरकत कर सकते हैं।संसद के शीतकालीन सत्र के एक दिन पहले ख़ासकर चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम का इंतज़ार किए बिना मंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर कुशवाहा ने निश्चित रूप से इस बात का संकेत दिया है कि बिहार के विधानसभा चुनावों में वो अब बिहार की नीतीश कुमार की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के अपने लक्ष्य पर काम करेंगे।कहा जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा ने इस संबंध को पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मैंने काफी आशा और उम्मीदों के साथ आपके नेतृत्व में एनडीए का साथ पकड़ा था, मेरा किसी और से गठबंधन नहीं था। 2014 की लोकसभा चुनाव में आपने बिहार के लोगों से जो भी वादे किए थे, उसी को देखते हुए मैंनै अपना समर्थन बीजेपी को दिया था। लेकिन, वो वादे पूरे नहीं हो सके। रालोसपा सांसद रामकुमार शर्मा ने कहा कि हमारी बहुत बेइज्जती हो चुकी है और हमने एनडीए को बहुत वक्त दिया, लेकिन लगातार हमारा अपमान किया गया। हमारी पार्टी के अध्यक्ष और हमने ये फैसला कर लिया है कि अब एनडीए में नहीं रहेंगे। हमने अपनी पार्टी के अध्यक्ष को अधिकृत किया है कि वो जो फैसला लेंगे वो हमारे लिए सर्वमान्य होगा।रामकुमार शर्मा के बयान से अब ये बात साफ हो गई है कि उपेंद्र कुशवाहा ने आज एनडीए छोड़ने का मन बना लिया है और इसी कारण वो एनडीए की आज होने वाली इस अति महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे। कुशवाहा नीतीश कुमार और अमित शाह की हुई संयुक्त बैठक और प्रेस कांफ्रेंस में सीटों के 50-50 बंटवारे के बाद से ही नाराज चल रहे थे और रालोसपा को कम सीटें दिए जाने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई थी।इससे पहले कल ही उपेंद्र कुशवाहा ने कह दिया था कि अब एनडीए में किसी से कोई बात नहीं होगी। कुशवाहा ने रालोसपा के चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए बिहार में भी नीतीश कुमार की सरकार पर जोरदार हमला बोला था और एेसी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया था। कुशवाहा आज अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं और ऐसी लड़ाई जिसमें उन्हें सिर्फ और सिर्फ फतह चाहिए।इससे पहले नीतीश कुमार बीजेपी पर हमला बोलकर कुशवाहा ने ये बहुत हद तक साफ़ कर दिया था कि उनका एनडीए से मोहभंग हो चुका है लेकिन उन्होंने काफी दिनों तक एनडीए में बने रहने का फैसला लिया।आज दोनों दलों की होने वाली बैठक में सबसे अहम किरदार उपेंद्र कुशवाहा का होगा और उनके फैसले पर सत्ता के साथ-साथ विपक्षी दलों की भी नजर दोपहर बाद कुशवाहा की उस प्रेस वार्ता पर है जिसमें वो अपने राजनैतिक भविष्य को लेकर बात करेंगे। आज की उनकी प्रेस कांफ्रेंस की सबसे बड़ी बात ये भी होगी कि उनकी पार्टी के सांसद रामकुमार शर्मा भी उस प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहेंगे।



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मॉकपोल में हुई गलती, कम अंतर से हार-जीत पर VVPAT की पर्चियों की होगी गिनती

10 Dec 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मतदान की पारदर्शिता और निष्पक्षता के मद्देजनर ईवीएम में कराया गया मॉकपोल मध्य प्रदेश के 27 जिलों के 144 मतदान केंद्रों में विवाद का कारण बन सकता है। यहां मॉकपोल में ईवीएम में दर्ज मतों को मतदान से पहले नहीं हटाया गया।इससे ये वोट भी वास्तविक मतदान में प्रत्याशियों को मिले मतों में शामिल हो गए। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी है। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव ने भी इसकी पुष्टि की।बताया जा रहा है कि मतगणना में इन मशीनों में दर्ज मतों को तभी गिनती में लिया जाएगा, जब हार-जीत में इन मशीनों में दर्ज मत असर डाल सकते हैं। चूंकि, पीठासीन अधिकारियों ने वीवीपैट से मॉकपोल की पर्चियां हटा दी थीं, इसलिए बाकी पर्चियों से ही गिनती की जाएगी। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय चुनाव आयोग लेगा।सूत्रों के मुताबिक, मतदान के बाद पीठासीन अधिकारियों ने पहले तो इस गलती को छुपाया। जब पर्यवेक्षकों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने पड़ताल कराई। इसमें 27 जिलों के 144 मतदान केंद्रों में मॉकपोल में दर्ज किए गए मतों को मतदान से पहले ईवीएम से नहीं हटाने की गलती पकड़ में आई।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मतदान से आधा घंटे पहले मॉकपोल इसलिए कराया जाता है, ताकि सभी प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि निश्चिंत हो जाएं कि ईवीएम ठीक काम कर रही है।एक प्रत्याशी से पांच-पांच वोट डलवाए जाते हैं। इसके नतीजे से संतुष्ट होने पर पीठासीन अधिकारी ईवीएम में दर्ज रिकॉर्ड को हटाकर मतदान कराता है। इन 144 केंद्रों के पीठासीन अधिकारियों ने यह काम नहीं किया और मतदान करा दिया। कम मतों के अंतर से होने वाली हार-जीत में इन 144 केंद्रों की मशीनें विवाद का सबब बन सकती हैं।सूत्रों का कहना है कि मतगणना के दौरान इन मशीनों को संभवत: अलग रखा जाएगा। यदि हार-जीत का अंतर कम रहता है तो फिर इन ईवीएम के मतों को गणना में शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इन ईवीएम में औसत पांच सौ वोट हो सकते हैं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम सही काम कर रही है या नहीं, इसके लिए मॉकपोल में सभी प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों से पांच-पांच मत डलवाए जाते हैं। इसका रिजल्ट भी सभी को बताया जाता है। संतुष्टि होने पर इस रिकॉर्ड को क्लीयर कर मतदान की शुरुआत कराई जाती है। इसके लिए पीठासीन अधिकारी को क्लोज, रिजल्ट और क्लीयर की बटन दबानी होती है। इसके बाद ईवीएम मतदान के लिए तैयार हो जाती है।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, भिंड, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, सिंगरौली, विदिशा, रायसेन, गुना, बालाघाट, दमोह, सागर, सतना, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, कटनी, रतलाम, झाबुआ, नीमच, देवास, बड़वानी, राजगढ़ और छिंदवाड़ा।



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लालू परिवार में ऑल इज वेल नहीं, पत्‍नी ऐश्‍वर्या से तलाक लेंगे तेज प्रताप

02 Nov 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पत्‍नी ऐशवर्या राय से तलाक लेने जा रहे हैं। उन्‍होंने इसके लिए तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तिथि तय की है। दोनों की शादी इसी साल मई में हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार तेज प्रताप यादव तलाक ने पटना सिविल कोर्ट में तलाक की अर्जी बाद संख्‍या (1208/ 2018) दाखिल की है। इसके पहले परिवार में दाेनों को समझाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन तेज प्रताप यादव नहीं माने। तेज प्रताप ने पत्‍नी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

यह घटना लालू परिवार के लिए बड़ा सदमा है। दोनों की शादी बीते 12 मई को बड़े धूमधाम से हुई थी। शादी के छह महीने के भीतर ही तलाक की नौबत क्‍यों आ गई, इसे लेकर कयासों का सिलसिला शुरू है। तेज प्रताप की पत्‍नी एम्‍श्‍वर्या भी बड़े राजनीतिक घराने से आती हैं। उनके पिता चंद्रिका राय राजद विधायक हैं।

बहरहाल, तेज प्रताप को समझाने की कोशिश जारी है। तलाक की अर्जी दाखिल करने के बाद तेज प्रताप पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने के लिए रांची रवाना हो चुके हैं।



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भाजपा के मंदिर राग से अलग जदयू के सुर, कहा- विवादित मुद्दों पर नहीं देंगे साथ

29 Oct 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की केमिस्‍ट्री के चर्चे हैं। दोनों ने बिहार में बराबर सीटों पर एक साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की है। लेकिन अभी भी विरोध के मुद्दे बरकरार हैं। जदयू ने स्‍पष्‍ट किया है कि वह अपनी नीतियों से कोई समझौता करने नहीं जा रहा। पार्टी ने राम मंदिर मामले पर किनारा कर लिया है।

जदयू के प्रवक्‍ता संजय सिंह ने कहा है कि रामजन्म भूमि मामला विवादित मुद्दा है। इसपर अदालत का जो फैसला होगा, जदयू को स्‍वीकार होगा। संजय सिंह ने माना कि भाजपा और जदयू के एजेंडे अलग-अलग हैं। जदयू अपनी नीतियों से समझौता कर किसी विवादित मुद्दे पर भाजपा के साथ नहीं है।

विदित हो कि राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जदयू सुप्रीमो व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का कद बढ़ता दिख रहा है। बिहार में लोकसभा चुनाव को ले सीट शेयरिंग को लेकर बीते शुक्रवार को नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद नीतीश कुमार व अमित शाह ने बताया था कि बिहार में भाजपा व जदयू बराबर सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।



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सवा सौ साल पुरानी पार्टी में कुछ नहीं बचा है, कांग्रेस बोझ बन गई है: पीएम मोदी

25 Sep 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है। भाजपा महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया और भाजपा के दृष्टिकोण की बात की। पीएम मोदी ने वोट बैंक की राजनीतिक को दीमक जैसा बताया, तो वहीं शाह और शिवराज ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लिया।

कार्यकर्ता महाकुंभ के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ' हम कितने भाग्यवान है, पता नहीं किस जन्म में हमने कितने पुण्य किए होंगे कि हमें भी इस महान पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता के रूप में मां भारती की सेवा करने का मौका मिला।' उन्होंने कहा कि 19 राज्यों में भाजपा की सरकार होना गौरव की बात है। लेकिन उससे भी बड़ा गौरव इस बात से है कि ये विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है।

पीएम मोदी ने कहा कि सवा सौ साल पुरानी पार्टी में कुछ नहीं बचा है, कांग्रेस बोझ बन गई है। ये पार्टी हिंदुस्‍तान में गठबंधन करने में सफल नहीं हो रही है इसलिए भारत के बाहर गठबंधन खोजा जा रहा है। दुनिया के देश अब तय करेंगे कि भारत में प्रधानमंत्री कौन होगा? कांग्रेस पार्टी क्‍या हाल हो गया है आपका? क्‍या सत्‍ता खोने के बाद अपना संतुलन भी खो दिया? डिक्शनरी में कोई ऐसी गाली नहीं जो कांग्रेस ने मुझपर इस्तेमाल नहीं किया हो, ऐसा कोई मौका नहीं मिला जब हम पर कीचड़ नहीं उछाला गया है। लेकिन जितना कीचड़ उछालोगे, उतना ही कमल खिलेगा। वोटबैंक की राजनीति की वजह से कांग्रेस तीन तलाक को खत्म नहीं होने देना चाहती है।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचार ही हमारी प्रेरणा है। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी, लोहिया और अटल जी को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'हमारे प्रिय अटल जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, राजमाता सिंधिया जी और हमारे लाखों मेहनती कार्यकर्ताओं ने इस भूमि की सेवा करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। उनसे प्रेरणा लेते हुए, हम अपने देश के कल्याण की दिशा में काम करना जारी रखेंगे।' उन्होंने कहा कि हम वो लोग है जिन्हें गांधी भी मंजूर है, राम मनोहर लोहिया भी मंजूर है और दीनदयाल उपाध्याय भी मंजूर है क्योंकि हम समन्वय, सामाजिक न्याय और सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करते हैं।

प्रधानमंत्री ने 2014 में दिए अपने नारे का जिक्र करते हुए कहा, 'सबका साथ सबका विकास ये सिर्फ चुनावी नारा नहीं है। उज्जवल भारत के लिए, कोटि-कोटि भारतीय आशा और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सोच समझ के चुना हुआ ये हमारा मार्ग है।' उन्होंने कहा, 'हमारे देश में वोट बैंक की राजनीति ने समाज को दीमक की तरह तबाह कर दिया है और इसीलिए आज़ादी के 70 साल में जो बर्बादी आयी, उससे हमें देश को बचाना होगा। वोट बैंक की राजनीति के दीमक से देश को मुक्त कराना, ये भाजपा की विशेष जिम्मेवारी है।

इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जीत का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, 'आज हम सब संकल्प लेकर जाए कि आने वाले पांच विधानसभा चुनावों और 2019 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ध्वज फिर से ऊंचा करने का काम करें।' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को देश के हर बूथ और हर गांव तक पहुंचाने का काम हम सभी कार्यकर्ताओं को करना है।

भाजपा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'जो पार्टी 10 सदस्यों से शुरू हुई थी, आज वो 11 करोड़ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है या एक दृष्टि से देखें तो भारत के मानचित्र के 70 फीसद भू-भाग पर मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है।' शाह ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा,' पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने का काम देश के प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।' उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कोई भी ऐसा काम नहीं किया है जिससे हमारे कार्यकर्ता का सर नीचा हो सके, पीएम मोदी और शिवराज जी ने इस प्रकार कार्य किया है कि हमारा कार्यकर्ता जनता के बीच सिर उठा के जा सके।

इस दौरान शाह ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ' मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य बना देनी वाली कांग्रेस पार्टी क्या राजा, महाराजा या फिर उद्योगपतियों के नाम पर जनता से वोट मांगेगी।'

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी और अमित शाह की तारीफ के साथ संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों एक साथ यहां मौजूद हैं, ये दुर्लभ संयोग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए के समय प्रदेश को उसका हिस्सा 30 हजार करोड़ रुपए मिलता था लेकिन मोदी सरकार आने के बाद अब प्रदेश को 61 हजार करोड़ रुपए मिल रहे हैं। पहले रेलवे और सड़क के मामले में मप्र उपेक्षित था लेकिन आज हजारों करोड़ की परियोजनाएं मप्र में शुरू हुई। मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की जिससे अब गरीब लोगों को इलाज मिल रहा है। पीएम मोदी किसानों के लिए फसल बीमा योजना लेकर आए हैं जिसका फायदा किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भगवान के वरदान के रुप में मिले हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये नियति ने तय किया है कि भाजपा के नेतृत्व में ही देश विश्व गुरू बने।श्यामाप्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की जोड़ी मिली। उसके बाद कुशाभाऊ ठाकरे, सुंदरलाल पटवा जैसा कुशल नेतृत्व प्रदेश को मिला। इसके बाद अटलजी, आडवाणीजी की जोड़ी आई। इस जोड़ी के नेतृत्व में पहली बार हमारी सरकार बनी। अब आई है मोदीजी और अमित शाह की जोड़ी जिन्होंने भाजपा को नई ऊंचाईयां दी। आज देश विश्व गुरू बनने की राह पर है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कुछ दिन पहले 'बाबा'' भी यहां आए थे, लेकिन उस समय भीड़ केवल सड़कों तक सीमित रह गई। कांग्रेस ने सभा के लिए हिम्मत भी की तो दशहरा मैदान की। उन्होंने कहा- हमें लगा कि बाबा परिपक्व हो गए होंगे, लेकिन वो देश को मजाक और राजनीति को तमाशा समझते हैं। मोदीजी को गले लगाने के बाद उन्होंने आंखों से जैसी हरकत की उससे पूरा देश शर्मसार हुआ। मध्यप्रदेश में वो शिवभक्त बनकर आए। कैलाश गए तो वहां के फोटो, वीडियो वायरल करते हो, जब विदेश जाते हो तो वहां के फोटो क्यों नहीं वायरल करते।

सीएम यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि जिन्हें ये नहीं पता कि मूली जमीन के ऊपर उगती है या नीचे.. वो किसानों की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुझे घोषणा मशीन कहा, लेकिन बाबा तो फन मशीन हैं। उन्होंने कहा - मैं घोषणा मशीन हूं लेकिन हम घोषणा के साथ पोषणा भी करते हैं। हमने सड़क, बिजली, किसान सबके लिए घोषणा की और उन्हें पूरा किया। घोषणा कौन करता है, जिसके दिल और दिमाग में जुनून हो वह घोषणा करता है।

हमने नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ने की घोषणा की थी, जिसे हमने पूरा किया। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने तो इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया था। हमने समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लिया है जिसे हम पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। हमे बीमारू मध्यप्रदेश मिला था, लेकिन आज हमने इसे विकसित राज्य बनाया था। अगले 5 सालों में हम प्रदेश को समृद्ध मध्यप्रदेश बनाएंगे और देश के शीर्षस्थ राज्यों में पहुंचेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि 2018 के चुनावों में पार्टी को प्रचंड बहुमत से जिताएंगे और चौथी बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएंगे। फिर उसके बाद 2019 में प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतकर पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष की झोली में डालेंगे।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विमान से और अमित शाह विशेष विमान से भोपाल पहुंचे। पीएम मोदी, अमित शाह और अन्य सभी नेता स्टेट हैंगर से ही हेलीकॉप्टर से जंबूरी मैदान पर बने हेलीपैड पहुंचे।

बता दें कि इस आयोजन को 'कार्यकर्ता महाकुंभ' का नाम दिया गया है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भोपाल के जंबूरी मैदान पर 'कार्यकर्ता महाकुंभ' का आयोजन किया गया है । इस मौके पर जंबूरी मैदान पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के एकत्रित हुए हैं। इस सभा स्थल को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में 'अटल महाकुंभ परिसर' का नाम दिया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी का इसी अगस्त महीने में दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। सभा स्थल पर भाजपा के नेता स्वर्गीय अनिल माधव दवे के नाम पर एक प्रदर्शनी हॉल बनाया गया है। इस प्रदर्शनी में भाजपा के बड़े नेताओं की जीवन और उनकी उपलब्धियों को दिखाया गया है। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी, पीएम मोदी और शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं।

इस प्रदर्शनी में दीन दयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुख़र्जी, अटल बिहारी वाजपेयी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया और कुशाभाऊ ठाकरे को भाजपा के पांच स्तम्भों के रूप में दर्शाया गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। लगभग 6000 सुरक्षाकर्मियों को पूरे आयोजन के लिए लगाया गया है। 6000 सुरक्षाकर्मियों में से 4000 सेंट्रल रिजर्व फोर्स के जवान हैं। कुल 22 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। मध्यप्रदेश में इस साल के आखिरी में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। विधानसभा चुनावो को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी दोनों चुनावी तैयारी में जुट गए हैं।



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मार्कंडेय काटजू ने सीएम नीतीश पर कसा तंज-मैंने धनानंद कहा था तो नाराज हो गए थे

28 Jun 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने ट्वीट कर एक बार फिर बिहार की राजनीति में दिलचस्पी दिखाई है। मंगलवार को मार्कंडेय काटजू ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर 2 ट्वीट किए, जो काफी चर्चा में हैं, इसके बाद उन्होंने बुधवार को भी ट्वीट किया जिसमें लिखा कि मैंने नीतीश को धनानंद कहा था तो वो मुझसे नाराज हो गए थे।

मंगलवार को अपने पहले ट्वीट में मार्कंडेय काटजू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए लिखा है कि वो मंडल छोड़कर कमंडल उठा लें। फिर उसके बाद दूसरे टूवीट में उन्होंने सवाल किया है कि तेजस्वी ने कहा है कि राजद के दरवाजे उनके लिए बंद हैं, अब तेरा क्या होगा नीतीशवा?

जस्टिस काटजू के ये ट्वीट्स ऐसे समय में आए हैं जब बिहार की राजनीति में भूचाल मचा है। अभी एनडीए का हिस्सा जेडीयू लगातार बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी कर रही है और नीतीश कुमार के फिर महागठबंधन का हिस्सा बनने की अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी मार्कंडेय काटजू के कई बयान खबरों में आ चुके हैं।

बता दें कि मंगलवार की शाम नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि महागठबंधन में नीतीश कुमार की एंट्री किसी भी कीमत पर नहीं होगी। साथ ही तेजस्वी ने यह भी कहा था कि कितना भी दबाव हो लेकिन नीतीश कुमार को महागठबंधन में नहीं घुसने दूंगा।

दरअसल, मंगलवार को खबरें आईं थीं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को अस्पताल में फोन कर उनका हालचाल पूछा था। जिसके बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई थी।उसी को आधार बनाकर मार्कंडेय काटजू ने भी बिहार की राजनीति में अपना ट्वीट बम फोड़ा है।



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जदयू नेता का बड़ा बयान: याद रखे BJP, ये 2014 नहीं 2019 का चुनाव है

25 Jun 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। जदयू नेता संजय सिंह ने लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में जदयू सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगा चाहे कुछ भी हो जाए। सीटों के मामले में कमी जदयू को मंजूर नहीं। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा नेता अनाप शनाप बयान देना बंद करें।

उन्होंने कहा कि ये साल 2014 का नहीं 2019 का लोकसभा का चुनाव है। तब और अब में बहुत अंतर है। बीजेपी को पता है कि वह बिहार में बिना नीतीश कुमार के साथ चुनाव जीतने में सक्षम नहीं है और अगर बीजेपी को सहयोगियों की जरूरत नहीं है, तो वह बिहार में सभी 40 सीटों पर लड़ने के लिए वो स्वतंत्र है।

एनडीए के साझेदारों में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है , लेकिन जेडीयू ये आगाह कर बीजेपी को यह सुनिश्चित करने के लिए आगे आना चाहिए कि सीट बंटवारे पर फैसला जल्द हो ताकि चुनावों के वक्त कोई गंभीर मतभेद पैदा न हो।

वहीं इस मामले में लोकजनशक्ति पार्टी सुप्रीमो रामविलास पासवान का भी कहना है कि सीटों का तालमेल पहले ही हो जाना चाहिए।

बता दें कि साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू को राज्य की 243 सीटों में से 71 सीटें हासिल हुई थीं जबकि भाजपा को 53 और लोजपा-रालोसपा को दो-दो सीटें मिली थीं। जदयू उस वक्त राजद एवं कांग्रेस का सहयोगी था, लेकिन पिछले साल वह इन दोनों पार्टियों से नाता तोड़कर राजग में शामिल हो गया और राज्य में बीजेपी के साथ सरकार बना ली है।

वहीं बात करें आम चुनावों की तो साल 2014 के आम चुनावों में भाजपा को बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत मिली थी जबकि इसकी सहयोगी लोजपा और रालोसपा को क्रमश: छह और तीन सीटें मिली थीं।जदयू 2013 तक भाजपा का सहयोगी था और उस वक्त वह राज्य में निर्विवाद रूप से वरिष्ठ गठबंधन साझेदार था और लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में वह हमेशा ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ता था।



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बिहार में राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव: छह यात्री घायल, कई ने रद की यात्रा

29 May 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

गया । सियालदह से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर गया के मानपुर स्टेशन के पास सोमवार देर रात किए गए पथराव से ट्रेन की बोगियों की खिड़की के शीशे टूट गए। पथराव के बाद अफरातफरी मच गई। इसमें आधा दर्जन यात्रियों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा भी रद कर दी। हालांकि, आंशिक मरम्मत के बाद ट्रेन को करीब एक घंटा विलंब से 11.50 बजे रात में रवाना कर दिया गया।

घटना के पीछे की वजह एक दूसरी ट्रेन के यात्रियों का आक्रोश है। दरअसल, इससे पहले गया से हावड़ा जा रही ट्रेन को मानपुर जंक्शन पर एक घंटे से रोककर रखा गया था, क्योंकि पुलिया निर्माण में लगा क्रेन टूट जाने से ट्रैक बाधित था। यह घटना शाम सात बजे की है। आक्रोशित यात्रियों ने जंक्शन पर पथराव कर दिया। आरपीएफ के पहुंचने पर स्थिति नियंत्रित हुई। इस ट्रेन को ट्रैक क्लीयर होने के बाद रात 12 बजे के करीब चलाए जाने का निर्णय लिया गया।

इस बीच राजधानी एक्सप्रेस करीब 10.35 बजे यहां से गुजरने लगी तो वहां मौजूद आक्रोशित यात्री इस पर पत्थर बरसाने लगे। हालांकि, यह पता लगाया जा रहा है कि इसमें असामाजिक तत्वों का हाथ तो नहीं। आरपीएफ इंस्पेक्टर इसकी छानबीन कर रहे हैं।

यात्रियों ने बताया कि ट्रेन की लगभग सभी बोगियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। राजधानी एक्सप्रेस का इंजन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बी थ्री बोगी में यात्रा कर रहे रविशेखर, नेहा गुप्ता और शोभा गुप्ता बच्चे के साथ सियालदह से दिल्ली जा रहे थे। इन्हें भी चोट आई। इनलोगों ने अपनी यात्रा रद कर दी। उन्होंने कहा कि ट्रेन में कोई सुरक्षा नहीं है, ऐसे में कैसे यात्रा की जा सकती है?

हालांकि, देर रात तक रेल प्रशासन यह जानकारी नहीं दे पा रहा था कि राजधानी एक्सप्रेस के कितने यात्रियों ने यात्रा रद की है और असली कारण क्या है?



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येदियुरप्पा का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत : ममता बनर्जी

19 May 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली| पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कर्नाटक विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले ही मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा द्वारा पद से इस्तीफा दे दिए जाने पर कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। ममता ने पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) के अध्यक्ष एच.डी. देवगौड़ा, पार्टी नेता एच.डी. कुमारस्वामी और कांग्रेस को लोकतंत्र की जीत पर बधाई दी।

ममता ने ट्वीट कर कहा, लोकतंत्र की जीत। बधाई हो कर्नाटक। देवगौड़ा जी, कुमारस्वामी जी, कांग्रेस और अन्य को बधाई। क्षेत्रीय मोर्चे की जीत।

कर्नाटक विधानसभा में भावुकतापूर्ण भाषण देने के बाद येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे की घोषणा की, जिसके बाद ममता की प्रतिक्रिया आई। अपने भाषण में येदियुरप्पा ने कहा, सदन में बहुमत सिद्ध करने के लिए भाजपा के पास जरूरी संख्या नहीं है। मैंने चुनाव से लेकर अब तक जो कुछ किया, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर किया।

येदियुरप्पा ने राज्य के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दो दिन बाद ही इस्तीफा दिया। राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें आनन-फानन में गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी और बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का लंबा वक्त दे दिया था। इसके खिलाफ कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय पहुंची, शीर्ष अदालत ने 26 घंटे के अंदर शनिवार की शाम चार बजे बहुमत साबित करने का आदेश दिया था। बहुमत जुटाने में असमर्थ येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया।



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