पश्चिम बंगाल

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रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का ममता सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम

15 Jun 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिल्ली स्थित एम्स और सफदरजंग अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य के आंदोलनकारी डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि ऐसा न होने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पतालों के डॉक्टरों ने कोलकाता में अपने सहयोगियों पर हमलों के विरोध में शुक्रवार को काम का बहिष्कार किया था।

शनिवार को काम फिर से शुरू करने वाले एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के सदस्यों ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों की मांगें 48 घंटे के भीतर पूरी नहीं की जाती हैं तो उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिम बंगाल सरकार के शत्रुतापूर्ण और अड़ियल रवैये की निंदा करते हैं। एम्स, नयी दिल्ली में हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।’’

एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा, ‘‘14 जून को हुई आम सभा की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, आरडीए पश्चिम बंगाल सरकार को हड़ताली डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम देती है। मांगें पूरी न होने पर एम्स नयी दिल्ली में हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। हमें उम्मीद है कि देशभर में हमारे सहयोगी जरूरत की इस घड़ी में हमारे साथ जुड़ेंगे।’’

आरडीए सदस्यों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के प्रति आभार व्यक्त किया और गतिरोध को दूर करने के लिए उनके कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूरी उम्मीद है कि वह इसे प्राथमिकता देते हुए इस मामले का अति शीघ्र समाधान करेंगे।’’

सफदरजंग अस्पताल आरडीए के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने भी इस मामले पर समान रुख अपनाया। दिल्ली के चिकित्सकों ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब ममता बनर्जी ने कुछ दिन पहले अपने राज्य में हड़ताली डॉक्टरों को हड़ताल वापस लेने या छात्रावास खाली करने के लिए चार घंटे का अल्टीमेटम दिया था। पश्चिम बंगाल में अपने सहयोगियों पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 17 जून को हड़ताल का आह्वान किया है।



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मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी दीदी

29 May 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा था कि वह 30 मई को प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगी पर अब उन्होंने इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी ने एक पत्र में मोदी को बधाई देते हुए लिखा कि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की मेरी योजना थी, हालांकि पिछले एक घंटे से मैं मीडिया रिपोर्टों को देख रही हूं कि भाजपा दावा कर रही है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा में उसके 54 कार्यकर्ता मारे गए हैं। यह असत्य है। मैं समारोह में शामिल नहीं होने के लिए मजबूर हूं। उन्होंने बताया कि यह राजनीतिक हत्या नहीं है, बल्कि आपसी रंजिशों के मसले हैं।

उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि शपथग्रहण समारोह लोकतंत्र का जश्न मनाने का एक अच्छा अवसर है, न कि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अवमूल्यन किया जाना चाहिए। इससे पहले भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पिछले एक साल में राजनीतिक हिंसा में मारे गए 40 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को बृहस्पतिवार को होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी। बनर्जी ने इसके साथ ही भाजपा के इस दावे को भी खारिज किया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस द्वारा की गई हिंसा में भाजपा के कई कार्यकर्ता मारे गए। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो बनर्जी द्वारा ट्विटर पर यह घोषणा परोक्ष रूप से विरोध के तौर पर आयी जब भाजपा के 40 से अधिक उन कार्यकर्ताओं के परिवारों को ट्रेन से नयी दिल्ली ले जाया गया जिनकी उनकी पार्टी द्वारा कथित रूप से हत्या कर दी गई। भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवार के ये लोग राजधानी दिल्ली में मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे। बनर्जी को मंगलवार को एक आमंत्रण मिला था और उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करने के बाद वे कार्यक्रम में एक ‘‘संवैधानिक शिष्टाचार’’ के तौर पर शामिल होंगी। यद्यपि जब यह पता चला कि 40 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया है जिनकी पिछले एक वर्ष के दौरान कथित रूप से राजनीतिक हिंसा में हत्या कर दी गई तो बनर्जी ने कहा कि कि वे समारोह में शामिल नहीं होंगी क्योंकि ‘‘लोकतंत्र का जश्न मनाने के अवसर का राजनीतिक नंबर बनाने के लिए अवमूल्यन नहीं किया जाना चाहिए।’’ बनर्जी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘‘बधाई, नये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी। मेरी योजना ‘‘संवैधानिक निमंत्रण’’ को स्वीकार करने और शपथग्रहण समारोह में शामिल होने की थी। लेकिन पिछले एक घंटे से मैं मीडिया में ऐसे खबरें देख रही हूं कि भाजपा दावा कर रही है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा में लोगों की हत्या हुई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी से गलत है। बंगाल में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है। ये मौतें निजी शत्रुता, पारिवारिक झगड़ों और अन्य विवादों के चलते हुई होंगी, इनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। हमारे पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है।’’ बनर्जी ने कहा कि इसलिए वे समारोह में शामिल नहीं होने के लिए ‘‘मजबूर’’ हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह समारोह लोकतंत्र का जश्न मनाने का एक विशेष अवसर है। यह कोई ऐसा अवसर नहीं है जिसका किसी राजनीतिक दल को महत्व घटाना चाहिए या कोई इसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित साधने के अवसर के तौर पर करे। कृपया मुझे माफ करिये।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जतायी और इस पर जोर दिया कि बनर्जी के कार्यकाल में राज्य में 100 से अधिक राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, ‘‘हमारे युवा कार्यकर्ताओं की हत्या करके उन्हें पेड़ों से लटका दिया गया। बनर्जी के शासन में 100 से अधिक राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। हम ऐसे पीड़ितों के परिवारों को राष्ट्रपति के पास ले गए हैं, अब हम उन्हें देश के सामने पेश करना चाहते हैं।’’ भाजपा नेता एवं कोलकाता दक्षिण सीट से भाजपा के उम्मीदवार रहे चंद्र कुमार बोस ने कहा कि बनर्जी राजनीतिक हत्याओं की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती क्योंकि वह गृह प्रभार भी संभालती हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रिश्तेदार बोस कोलकाता दक्षिण सीट से चुनाव हार गए थे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग राज्य में तृणमूल कांग्रेस शासन के खिलाफ खड़े हुए हैं जहां ‘‘कानून एवं व्यवस्था’’ का अस्तित्व नहीं है और पुलिस सत्ताधारी पार्टी का एक ‘‘मोर्चा’’ बन गई है।’’ उन्होंने कहा कि इसके परिणाम चुनावी नतीजों में दिखे। पश्चिम बंगाल में सात चरण के लोकसभा चुनाव के दौरान हिंसा हुई थी।

23 मई को परिणाम घोषित होने के बाद भी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़पों की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित हिंसा को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। कोलकाता में अमित शाह के रोडशो के दौरान हिंसक झड़पें भड़क गई थीं जिसमें कई व्यक्ति घायल हुए और वाहनों को जला दिया गया था। इस दौरान एक कालेज में प्रसिद्ध समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा तोड़ दी गई थी। इससे पहले बनर्जी के मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के निर्णय को, कई लोगों ने प्रधानमंत्री की तरफ शांति पहल के तौर पर देखा था। हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोदी और बनर्जी ने एक दूसरे पर तीखे आरोप लगाए थे। दोनों नेताओं ने पश्चिम बंगाल में अपनी - अपनी पार्टियों के लिए प्रचार का नेतृत्व किया था। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में 18 सीटें जीत कर आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 22 सीटों पर जीत मिली। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में मात्र दो सीटें जीती थी।



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NRC बंगाल पर थोपा गया तो गृह युद्ध, राजनाथ से मिलने के बाद ममता ने दी धमकी

31 Jul 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के मुद्दे पर गर्म हो रही सियासत के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। बाहर आने पर बोलीं कि अगर बंगाल में एनआरसी लागू किया गया तो गृह युद्ध छिड़ जाएगा।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने एनआरसी बिल की जगह नया बिल लाने पर विचार करने का आश्वासन दिया है। साथ ही कहा है कि एनआरसी से बाहर रह गए लोगों को केंद्र या राज्य सरकार कतई परेशान नहीं करेगी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एनआरसी का प्रकाशन असम समझौते और केंद्र सरकार, असम सरकार एवं अॉल असम स्टूडेंट यूनियन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता के तहत किया गया है। जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं है उन्हें पर्याप्त मौका दिया जाएगा।

इससे पहले ममता बनर्जी ने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम में एनआरसी के मसले पर केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा सिर्फ चुनाव जीतने के लिए यह सरकार लोगों को निशाना नहीं बना सकती। क्या उन्हें इस बात का आभास भी है कि जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं होगा वे अपनी पहचान खो देंगे। केंद्र को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि विभाजन से पहले भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक ही थे। मार्च 1971 तक जो भी व्यक्ति बांग्लादेश से भारत में आ गया वह भारतीय नागरिक है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर बंगाली लोग बिहार के लोगों को बंगाल में न रहने दें, दक्षिण भारत के लोग उत्तर भारतीयों से वापस लौटने को कह दें और उत्तर भारतीय लोग दक्षिण भारत के लोगों को अपने वहां नहीं रहने देंगे तो फिर इस देश का क्या होगा। हम सब साथ हैं, हमारा देश एक परिवार की तरह है।'

ममता बनर्जी ने कहा, 'मुझे आश्चर्य है कि पूर्व राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद के परिवार के सदस्यों का नाम एनआरसी की लिस्ट में नहीं है। इसमें मैं और क्या-क्या कहूं? बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं है।' उन्होंने कहा, हम बंगाल में ऐसा नहीं होने देंगे क्योंकि वहां पर हम हैं। आज स्थिति यह है कि इन लोगों के पास मतदान का अधिकार भी नहीं है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज आसाम में एनआरसी को लेकर जो कुछ हो रहा है। इसमें सिर्फ बंगाली लोग ही नहीं पिस रहे, इसमें अल्पसंख्यक, हिंदू, बिहारी सब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कल की ही बात है जब 40 लाख से ज्यादा लोगों ने सत्तारूढ़ दल के लिए मतदान किया था और आज अचानक उन्हें अपने ही देश में रिफ्यूजी बना दिया गया है।'



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अमित शाह ने कहा- बंगाल में हर हाल में 50 फीसद से अधिक सीटों पर हासिल करनी होगी जीत

28 Jun 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोलकाता। लोकसभा चुनाव में भाजपा को बंगाल में हर हाल में 50 फीसद से अधिक सीटें पर जीत हासिल करनी होगी। साथ ही प्रदेश भाजपा के लिए 22 सीटों को लक्ष्य निर्धारित किया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश नेतृत्व के लिए यही लक्ष्य तय किया।

शाह बुधवार दोपहर दो दिवसीय बंगाल दौरे पर पहुंचे हैं। एयर पोर्ट से कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट गेस्ट हाउस पहुंचने के साथ ही दोपहर दो बजे से भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी की चुनाव प्रबंधन कमेटी के साथ क्लोज डोर बैठक की। इसके बाद स्टेट कोर कमेटी समेत शीर्ष नेतृत्व से मिले।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, राष्ट्रीय सचिव सुरेश पुजारी, राहुल सिन्हा, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, नेता मुकुल राय सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे। शाह ने यहां करीब दो घंटे तक बैठक की।

भाजपा के राट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तारापीठ में मां काली की पूजा अर्चना की। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और महासचिव राजू बनर्जी सहित अन्य प्रदेश नेता थे। शाह यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर का भोजन कर पुरुलिया के लिए हेलीकॉटर से रवाना होंगे। वे वहां सिमुलिया में जनसभा को संबोधित करेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तारापीठ में मां काली की पूजा-अर्चना के बाद हेलीकाप्टर से पुरुलिया पहुंचे। वे वहां लागदा गांव में स्थानीय लोगों से मिले। उनके हाल पूछे। इसके पहले उन्होंने बूथ कमेटी के साथ बैठक कर सांगठनिक चर्चा की। इसके बाद वे जनसंपर्क अभियान में शामिल हुए। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा समेत कई नेता मौजूद थे। शाह वीरभूम में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर का भोजन कर पुरुलिया के लिए रवाना हुए। वे वहां अपराह्न 3 बजे सिमुलिया में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा में मृत भाजपा कार्यकर्ता जगन्नाथ टुडू, त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार के परिजन भी उपस्थित होंगे।

तीन माह में 35 फीसद बूथों पर कमेटी गठित करने का निर्देश : अब तक बंगाल में 35 फीसद सीटों पर बूथ कमेटी गठित नहीं होने से भाजपा अध्यक्ष क्षुब्ध दिखे। उन्होंने पार्टी नेताओं को तीन माह के भीतर बचे हुए 35 फीसद बूथों के लिए कमेटी गठित करने का निर्देश दिया।

इस दौरान उन्होंने सांगठनिक मजबूती के लिए जन संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के हर जिले के हर गांव में जाकर स्थानीय, राज्य स्तरीय एवं राष्ट्र स्तरीय मुद्दों पर आंदोलन करने को कहा। उन्होंने कहा कि गांवों में बिना संपर्क के संगठन का विस्तार नहीं किया जा सकता है।

शाह ने साफ कहा कि तृणमूल कांग्रेस के साथ भाजपा का कोई समझौता नहीं है। इसलिए प्रदेश नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को किसी तरह के भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। वे लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ें, केंद्रीय नेतृत्व उनके साथ है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सांगठनिक तौर पर राज्य को तीन भाग उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल एवं जंगल महल में विभक्त किया।

उन्होंने इन तीनों भाग को ध्यान में रखते हुए आंदोलन चलाने को कहा। शाह ने मुख्यमंत्री ममता द्वारा भाजपा के खिलाफ की गई बयानबाजी की भी निंदा की। शाह ने प्रदेश भाजपा नेतृत्व से पूछा कि भाजपा कार्यकर्ता क्यों मार खा रहे हैं। इस पर प्रदेश नेतृत्व से जवाब मांगा है।

पोर्ट ट्रस्ट गेस्ट हाउस में बैठक के बाद शाह हावड़ा के शरत सदन पहुंच गए जहां भाजपा के आइटी सेल के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुनाव में कैसे वे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं इसका मंत्र दिया। इसके बाद वे बंगाल के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की जिसमें उन्होंने अपनी बातें रखीं और बुद्धिजीवियों से चर्चा की।

आज तारापीठ और पुरुलिया जाएंगे अमित शाह : अपने दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को सर्व प्रथम भाजपा अध्यक्ष अमित शाह वीरभूम जाएंगे जहां तारापीठ में मां काली का दर्शन करेंगे। इसके बाद पुरुलिया जाएंगे जहां मृत भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात के बाद सभा को संबोधित करेंगे



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चीन सरकार का ग्रीन सिग्नल नहीं आने से ममता ने पांच दिवसीय चीन दौरा किया रद

22 Jun 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोलकाता। तृणमूल प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पांच दिनों के दौरे पर शुक्रवार की रात 11.30 बजे चीन रवना होने वाली थी। जहां उनकी उद्योगपतियों, चेंबरर्स व सरकार तथा वहां की कम्युनिस्ट नेताओं के साथ बैठक होनी थी।

परंतु, शुक्रवार दोपहर तक चीन सरकार की ओर से सरकारी प्रतिनिधियों व कम्युनिस्ट नेताओं के साथ बैठक को लेकर कोई ग्रीन सिग्नल नहीं आने के बाद ममता ने चीन दौरे को रद कर दिया है।

पॉलिटिकल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चीन सरकार के प्रतिनिधियों के साथ ममता की बैठक होने वाली थी। परंतु, चीन सरकार की ओर से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक यह नहीं बताने पर की सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी या नहीं।

इसके बाद ममता ने चीन जाने का कार्यक्रम रद कर दिया। बताते चलें कई माह पहले ममता के 22 जून को चीन दौरे का कार्यक्रम तय हुआ था।



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येदियुरप्पा का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत : ममता बनर्जी

19 May 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली| पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कर्नाटक विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले ही मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा द्वारा पद से इस्तीफा दे दिए जाने पर कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। ममता ने पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) के अध्यक्ष एच.डी. देवगौड़ा, पार्टी नेता एच.डी. कुमारस्वामी और कांग्रेस को लोकतंत्र की जीत पर बधाई दी।

ममता ने ट्वीट कर कहा, लोकतंत्र की जीत। बधाई हो कर्नाटक। देवगौड़ा जी, कुमारस्वामी जी, कांग्रेस और अन्य को बधाई। क्षेत्रीय मोर्चे की जीत।

कर्नाटक विधानसभा में भावुकतापूर्ण भाषण देने के बाद येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे की घोषणा की, जिसके बाद ममता की प्रतिक्रिया आई। अपने भाषण में येदियुरप्पा ने कहा, सदन में बहुमत सिद्ध करने के लिए भाजपा के पास जरूरी संख्या नहीं है। मैंने चुनाव से लेकर अब तक जो कुछ किया, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर किया।

येदियुरप्पा ने राज्य के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दो दिन बाद ही इस्तीफा दिया। राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें आनन-फानन में गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी और बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का लंबा वक्त दे दिया था। इसके खिलाफ कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय पहुंची, शीर्ष अदालत ने 26 घंटे के अंदर शनिवार की शाम चार बजे बहुमत साबित करने का आदेश दिया था। बहुमत जुटाने में असमर्थ येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया।



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राम रहीम का नकाब उतारने वाली महिला ने कहा- ‘न तब डरी थी, न अब डरी हूं’

29 Aug 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पंचकुला । डेरा प्रमुख को सजा दिलाने वाली महिलाओं में से एक ने कहा, ‘2009 में जब मैंने उसके खिलाफ गवाही दी थी वह अदालत में था। मैं तब भी उससे नहीं डरी थी और न आज डरती हूं।‘ लगभग 40 वर्षीय महिला ने सोमवार को अपने रिश्‍तेदार के फोन से ‘द हिंदू’ से बात कर बताया कि 2002 से लगातार वह पुलिस के संरक्षण में है, जब से पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अज्ञात पत्र की संज्ञान लेकर सीबीआइ को बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।

सीबीआइ ने 18 महिलाओं को डेरा प्रमुख के खिलाफ गवाही देने के लिए मनाया लेकिन अदालत में दो ने ही उसके खिलाफ गवाही दी जिससे उसे सजा मिली। महिला ने कहा, ‘आज मुझे न्‍याय मिला है।‘ 24 अगस्‍त से महिला की सुरक्षा बढ़ा दी गयी। महिला के एक नजदीकी रिश्‍तेदार ने बताया कि जब वह सिरसा मुख्‍यालय के डेरा सच्‍चा सौदा संचालित कॉलेज में पढ़ रही थी तभी उसका यौन शोषण किया गया था। उन्‍होंने बताया कि अब महिला विवाहित है और दो बच्‍चों की मां है। महिला का बड़ा भाई भी डेरा प्रमुख का समर्थक था।

रिश्‍तेदार ने बताया, 2002 में राम रहीम सिंह ने उसका मर्डर करवा दिया। राम रहीम को शक था कि उसके भाई ने ही अज्ञात पत्र लिखा है, जिससे उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी। बहन के साथ हो रहे अत्‍याचार के बारे में उसका भाई जानता था। सीबीआई की ओर से मर्डर केस की भी जांच की जा रही है और इसकी अंतिम सुनवाई 16 सितंबर को शुरू होगी।

महिला के पिता का निधन पिछले वर्ष हो गया जो वर्ष 2009 में जज के सामने बयान रिकार्ड कराते वक्‍त महिला के साथ थे। रिश्‍तेदार ने बताया, ‘2009 में ही बयान रिकार्ड कराने के लिए मात्र एक बार ही महिला कोर्ट गयी थी। उसके बाद की सभी सुनवाई में उसके पिता मौजूद रहे। डेरा प्रमुख के गार्ड कोर्ट में हथियारों के साथ आते थे। केस को आगे नहीं बढ़ाने को लेकर हमें धमकी दी गयी दबाव बनाया गया। डेरा प्रबंधन ने कहा कि इसके लिए हम जो भी रकम चाहेंगे वे इसका भुगतान करने को तैयार हैं।‘

रिश्‍तेदार ने बताया कि महिला न्‍याय पाने को बेचैन थी और सुबह से ही टीवी से चिपकी थी। सिरसा मुख्‍यालय से लौटने के तुरंत बाद एक किसान से उसकी शादी हो गयी। हमें वकीलों से पता चला कि जब 20 साल की सश्रम कारावास की सजा राम रहीम को दी गयी तो वह कोर्ट से रहम की भीख मांगते हुए फूट फूट कर रो रहा था। रोते हुए वह कोर्ट से बाहर जाने से इंकार कर रहा था। तब कमांडोज ने उसे खींचकर बाहर किया।



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गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा(जीजेएम) ने पड़ोसी देशों से 25-30 माओवादियों को अपने साथ जोड़ा है: पश्चिम बंगाल पुलिस

23 Jul 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

गोरखालैंड की मांग को लेकर रक्तपात की संभावनाएं बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने दावा किया है कि अलग गोरखालैंड राज्य के लिए गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा सशस्त्र संघर्ष के रास्ते पर बढ़ रही है और वो इस काम में माओवादियों की मदद ले रही है। इस रिपोर्ट के बाद एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने दावा किया है कि गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा(जीजेएम) ने पड़ोसी देशों से 25-30 माओवादियों को अपने साथ जोड़ा है, ताकि वो पार्टी के काडर और सशस्त्र संघर्ष के रास्ते पर आने वाले युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के साथ ही गुरिल्ला वॉर की ट्रेनिंग भी दे सकें। अधिकारियों ने दावा किया है कि जीजेएम के निशाने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ ही पश्चिम बंगाल के अधिकारी हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा सशस्त्र संघर्ष के लिए तेजी से आधुनिक हथियार जमा कर रहा है, जिससे वो सरकार को चुनौती दे सकें।पश्चिम बंगाल के एडीजी(लॉ एंड ऑर्डर) अनुज शर्मा ने कहा कि हमारे पास सुरक्षा एजेंसियों से सूचनाएं मिली हैं कि जीजेएम ने पड़ोसी देशों से माओवादियों को बुलाया है। ताकि वो अपने 'लड़कों' को जंग के लिए तैयार कर सके।



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ममता ने कहा-देश में इमरजेंसी जैसे हालात, चलाएंगी भाजपा भारत छोड़ो अभियान

21 Jul 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि आज देश में आपातकाल से ज्यादा बुरे हालात हैं और 9 अगस्त से पूरे देश में भाजपा भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज किया जाएगा। ममता बनर्जी ने एलान करते हुए कहा कि 9 अगस्त से 30 अगस्त तक देशव्यापी भाजपा भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुअात करेंगी।उन्होंने सभी दलों से आह्वान किया कि वे उनके इस आंदोलन को समर्थन दें, ताकि इस पार्टी को देश से उखाड़ फेंका जाये। ममता यहीं नहीं रुकीं उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण बड़ी संख्या में उद्योग संस्थान बंद हो रहे हैं।हमारे देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी है। लोगों को नौकरी तो मिल नहीं रही है, उल्टे जो लोग कहीं काम कर रहे हैं, उनकी नौकरी खत्म हो रही है। बैंकों का एनपीए बढ़ रहा है। यह भविष्य के लिए खतरे के संकेत हैं।भविष्य की नयी दिशा तय करते हुए ममता ने कहा कि आइए, किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को रोकने का शपथ लें।



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गोरखालैंड की मांग: GJM नेता के घर पर छापे के बाद दार्जिलिंग बंद

पुलिस चौकी और मीडिया की गाड़ी पर लगाई आग

16 Jun 2017 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पश्चिम बंगाल में अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर दार्जिलिंग के सभी सरकारी कायार्लयों में अनिश्चितकालीन बंद के गुरुवार को चौथे दिन पैरा-मिलिट्री बलों द्वारा जीजेएम नेता विमल गुरुंग के कार्यालय पर छापे की कार्रवाई के विरोध में पूर्ण बंद तथा पार्टी की महिला शाखा की ओर से किए गए प्रदर्शन के बाद समूचे दार्जिलिंग में माहौल अशांत हो गया है।

अलग गोरखालैंड समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करने के साथ ही एक पुलिस चौकी और मीडिया के एक वाहन को आग लगा दी। पुलिस ने कहा कि गोरखा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर उस समय पत्थरों और पेट्रोल बम से हमला किया, जब वे जीजेएम नेता के कायार्लय में छापा मारकर लौट रहे थे। पथराव से कुछ पुलिसकमीर् घायल हुए हैं और एक मीडिया समूह के वाहन को नुकसान पहुंचा है।

जीजेएम के महासिचव रोशन गिरि ने कहा, पहाड़ी में मौजूदा हालात राज्य सरकार के पैदा किये हुए हैं। वे पुलिस बल का प्रयोग करके हमें दबाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार को राजनीतिक समस्या सुलझानी चाहिए। दार्जिलिंग की धुंध भरी पहाड़ी सड़कों पर अर्द्धसैनिक बलों के साथ मौजूद जीजेएम के कार्यकर्ता दूर से ही पथराव कर रहे हैं।



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