अन्तर्राष्ट्रीय

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महात्मा गांधी के विचारों की पहले से कहीं अधिक जरूरत है: गुतारेस ने दिल्ली हिंसा पर कहा

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

संयुक्त राष्ट्र। दिल्ली में हिंसा पर दुख जताते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों की पहले से कहीं अधिक जरूरत है क्योंकि यह समुदायों के बीच सही मायने में मेल-मिलाप की परिस्थितियां पैदा करने के लिए अनिवार्य है।गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि दिल्ली के उत्तर पूर्व इलाके में सांप्रदायिक हिंसा में अनेक लोगों के हताहत होने से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ‘‘बहुत दुखी’’ हैं और उन्होंने हिंसा के मामले में अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।दुजारिक ने कहा, ‘‘दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद लोगों के हताहत होने की रिपोर्टों से वह (संरा प्रमुख) बहुत दुखी हैं। उन्होंने हिंसा को टालने के लिए अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूरे जीवन में महासचिव महात्मा गांधी के विचारों से काफी प्रभावित रहे। आज गांधी के विचारों की पहले से कहीं अधिक जरूरत है और यह समुदायों के बीच मेल-मिलाप की परिस्थितियां पैदा होने के लिए अनिवार्य है।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां हिंसा रोकने, विश्वास बहाली तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जमीन पर काम कर रहीं है।



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अमेरिकी NSA ने भारतीयों को कहा शुक्रिया, बोले- आपके मित्र अमेरिका और व्हाइट हाउस में हैं

26 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रथम महिला मेलानिया की यात्रा के वक्त उनके समर्थन में आए भारत के लोगों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके मित्र अमेरिका में और व्हाइट हाउस में हैं। भारत यात्रा पर 24-25 फरवरी को आए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ एनएसए ओ’ब्रायन समेत ट्रम्प प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का उच्च प्रतिनिधिमंडल था। वे अहमदाबाद, आगरा और नयी दिल्ली गए।

अमेरिकी एनएसए ने भारत के लोगों के समर्थन के लिए उनका आभार जताया। ओ’ब्रायन ने ट्वीट किया, ‘‘भारत के सभी लोगों का शुक्रिया जो राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प तथा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के समर्थन में आए और भविष्य में अपनी दोस्ती तथा भागीदारी की पुष्टि की।’’ एनएसए ने कहा, ‘‘अमेरिका और व्हाइट हाउस में आपके मित्र हैं।’’ वहीं, व्हाइट हाउस ने अलग से एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों का उनकी अद्भुत मेहमाननवाजी के लिए शुक्रिया अदा किया।इस बीच, ‘फॉरेन पॉलिसी’ मैगजीन ने कहा कि ट्रम्प सालों की उच्च स्तरीय वार्ता के बावजूद व्यापार समझौता किए बिना नयी दिल्ली से रवाना हो गए। अमेरिका के कई अखबारों ने यात्रा के बारे में प्रमुखता से खबरें छापी। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा, ‘‘अपनी दो दिवसीय यात्रा में ट्रम्प ने केवल मोदी को धार्मिक स्वतंत्रता का चैम्पियन बताने पर ध्यान केंद्रित किया जबकि भारत सरकार ने मुसलमानों को निशाना बनाते हुए हिंदू-पहले की नीतियां अपनाई।’’अखबार ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने मोदी के उन शब्दों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया कि वह अपने विविध देश में 1.3 अरब लोगों के साथ उनके धर्म के संबंध में निष्पक्ष व्यवहार करते हैं और उन्होंने कई महीनों से चल रहे उन लोगों के प्रदर्शनों का कोई जिक्र नहीं किया जो इसके विपरीत सोचते हैं।’’ यूएसए टुडे ने अपनी खबर में कहा कि ट्रम्प ने यह कहते हुए मोदी सरकार का बचाव किया कि ‘‘उसने धार्मिक स्वतंत्रता के लिए कड़ी मेहनत की’’ जबकि आलोचक कहते हैं कि कानून मुसलमानों से भेदभाव करता है।



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भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने पर केंद्रित थी ट्रंप की यात्रा: व्हाइट हाउस

26 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर केन्द्रित थी। ट्रंप की 36 घंटे की भारत यात्रा सम्पन्न होने के कुछ घंटे बाद व्हाइट हाउस ने ‘प्रेजीडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप इज़ स्ट्रेंथनिंग अवर स्ट्रैटेजी विद इंडिया’ शीर्षक से एक बयान जारी करते हुए यह बात कही। उसने कहा, ‘‘ अमेरिका और भारत दोनों को ही मजबूत आर्थिक संबंधों से लाभ हैं जो दोनों देशों में समृद्धि, निवेश और रोजगार सृजन को आगे बढ़ाते हैं।’’

व्हाइट हाउस ने कहा, ‘‘ राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप भारत के साथ हमारे रणनीतिक संबंध गहरे कर रहे हैं।’’ राष्ट्रपति की पहली आधिकारिक भारत यात्रा होने की बात पर जोर देते हुए बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के लंबे व्यापारिक संबंध रहे हैं, जो कि 2018 में ही 142 अरब डॉलर के पार थे। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी ऊर्जा निर्यात के लिए भारत एक बढ़ता हुआ बाजार है। राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में भारत में लगातार ऊर्जा निर्यात बढ़ा है, जिससे राजस्व में अरबों डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।

भारत में इंडियन ऑयल कारपोरेशन एवं एक्जान मोबिल इंडिया एलएनजी लिमिटेड तथा चार्ट इंडस्ट्रीज आईएनसी के बीच एक सहयोग पत्र पर हस्ताक्षर किये गए जो जो देश के प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क में सुधार करेगा ताकि देश को और अधिक अमेरिकी एलएनजी निर्यात मिल सके। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जो दोनों राष्ट्रों के बीच आर्थिक साझेदारी की पूर्ण क्षमता को दर्शाता है। बयान के अनुसार कि अमेरिका और भारत इस क्षेत्र में स्थायी, पारदर्शी, गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे में निवेश करने को प्रतिबद्ध है।’’व्हाइट हाउस ने बयान में कहा कि दोनों देश अपने सुरक्षा संबंध गहरे कर रहे हैं और स्वतंत्र तथा मुक्त हिंद-प्रशांत को बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ने भारत यात्रा के दौरान अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में 1,10,000 से अधिक लोगों के सामने अमेरिका-भारत संबंधों के महत्व पर जोर दिया। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगरा में ताजमहल सहित भारत के कई सांस्कृतिक स्थलों का आनंद लिया। इस दौरान कई समझौते भी किए गए, जिसमें भारत की अमेरिका से 24 एमएच..60 रोमियो हेलीकॉप्टर की 2.6 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से खरीद शामिल है। वहीं 80 करोड़ डॉलर का एक सौदा छह एएच..64 ई अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर भी हुआ। व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और मोदी ने सुरक्षित 5 जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी प्रणालियां बनाने के महत्व पर चर्चा की ताकि एक भरोसेमंद नेटवर्किंग भविष्य बनाया जा सके।



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डोनाल्ड ट्रंप ने ताजमहल का किया दीदार, बोले- भारत को पसंद करता है अमेरिका

24 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

आगरा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ऐतिहासिक ताजमहल को देखने सोमवार की शाम आगरा पहुंचे और प्रेम के प्रतीक के तौर पर बनाए गए 17वीं सदी के मुगल युग के मकबरे को देखकर आश्चर्यचकित हो गए। ट्रंप के साथ उनकी पत्नी, बेटी इवांका और दामाद जेरेड कुशनर अहमदाबाद से यहां पहुंचे। मुगल शासक शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाया था। ट्रंप परिवार के दौरे के लिए ताजमहल की सजावट की गई।राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला ने ताज परिसर का भ्रमण किया और बाद में आगंतुक पुस्तिका में कुछ शब्द लिखे। उन्हें धरोहर के इतिहास एवं महत्व के बारे में भी बताया गया। आगरा और ताज के अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में जबर्दस्त उत्साह था। कुछ दुकानों में भारत में ट्रंप के स्वागत के लिए खुद से पोस्टर तैयार कर लगाए गए थे। ट्रंप ने भारत के अपने पहले आधिकारिक दौरे के बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।उन्होंने हिंदी में ट्वीट किया, “प्रथम महिला और मैंने इस देश के प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देने के लिए 8,000 मील की दूरी तय की कि- अमेरिका भारत को पसंद करता है और अमेरिका के लोग भारत के लोगों के लिए हमेशा ईमानदार एवं प्रतिबद्ध दोस्त रहेंगे।” यहां खेरिया हवाईअड्डे से 30 वाहनों वाला ट्रंप का काफिला ताजमहल परिसर के पास ओबराय अमरविलास होटल पहुंचा जहां 15,000 से अधिक स्कूली छात्र मार्ग के दोनों तरफ अमेरिका और भारत का झंडा लिए हुए कतार में खड़े थे।ट्रंप, प्रथम महिला और मोदी की तस्वीरों वाले विशाल पोस्टर उस 13 किलोमीटर के मार्ग में जगह-जगह लगे हुए जहां से उनका काफिला गुजरा। उनके आगरा दौरे के लिए तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और अधिकारियों ने दोपहर तक ताजमहल खाली करा लिया था। ट्रंप और प्रथम महिला ने संगमरमर के इस आश्चर्य के नजारे का लुत्फ उठाया जहां ठंडी हवाओं ने मौसम को और खुशगवार बना दिया था। उन्होंने फोटोग्राफरों के लिए पोज भी दिए। दंपति दिल्ली रवाना होने से पहले यूनेस्को धरोहर स्थल से सूर्यास्त देखने के लिए ताजमहल में करीब एक घंटे का वक्त बिताएंगे।ट्रंप से पहले मुगल युग के इस आश्चर्य को देखने वाले अंतिम राष्ट्रपति बिल क्लिंटन थे जो 2000 में भारत आए थे। उन्होंने अपनी बेटी चेलसी क्लिंटन के साथ ताजमहल देखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डेविड ड्वाइट आइजनहावर ने 1959 में तत्कालन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ ताजमहल देखा था।



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अमेरिका में आव्रजन पर सोमवार से लागू होगा नया नियम, भारतीय एच-1बी वीजा धारकों के लिए मुश्किल

23 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। अमेरिका सोमवार से ऐसा नियम लागू करने जा रहा है जिससे उन कानूनी आव्रजकों को ग्रीन कार्ड या कानूनी रूप से स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जाएगी जिन्होंने फूड स्टाम्प्स जैसी जन योजनाओं का फायदा उठाया। इस कदम से कई भारतीय नागरिक प्रभावित हो सकते हैं जिनके पास एच-1बी वीजा हैं और जो लंबे समय से स्थायी कानूनी निवास की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रीशम ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद होमलैंड सुरक्षा विभाग सोमवार को अपना कानून लागू कर पाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस फैसले से कठिन परिश्रम कर रहे अमेरिकी करदाताओं को सुरक्षा मिलेगी, वास्तव में जरूरतमंद अमेरिकियों के लिए कल्याण योजनाएं सुरक्षित होंगी, संघीय घाटा कम होगा और यह मौलिक कानूनी सिद्धांत पुन: स्थापित होगा कि हमारे समाज में आने वाले नये लोग वित्तीय रूप से आत्म निर्भर हो और अमेरिका के करदाताओं पर बोझ न बनें।’’14 अगस्त 2019 को प्रकाशित अंतिम नियम को 15 अक्टूबर 2019 से लागू करना था लेकिन अदालतों के विभिन्न फैसलों के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका था। इस कानून से होमलैंड सुरक्षा विभाग यह पहचान करेगा कि कौन विदेशी नागरिक देश में रहने योग्य नहीं है और क्यों उसे अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि वह विदेशी भविष्य में कभी भी ‘पब्लिक चार्ज’ बन सकता है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा के अनुसार, नये कानून में स्थायी निवास की अनुमति मांग रहे व्यक्ति को यह दिखाना होगा कि उसने गैर प्रवासी दर्जा हासिल करने के बाद से वित्तीय फायदे वाली योजनाओं का लाभ नहीं उठाया। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट, 2018 के अनुसार 61 प्रतिशत गैर नागरिक बांग्लादेशी परिवारों, 48 प्रतिशत गैर-नागरिक पाकिस्तानी और 11 प्रतिशत गैर नागरिक भारतीय परिवारों ने जन लाभ हासिल किए जिनकी नये कानून के अनुसार जांच की जाएगी।



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कोरोना वायरस : संयुक्त अरब अमीरात में मामलों की संख्या बढ़कर 11 हुई

22 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

दुबई। संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना वायरस की जांच में दो और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसी के साथ यहां पीड़ितों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।अधिकारियों के अनुसार इन दो पुरुष मरीजों में फिलीपीन का 34 वर्षीय व्यक्ति और बांग्लादेश का 39 वर्षीय व्यक्ति शामिल है। संयुक्त अरब अमीरात के स्वास्थ्य एवं रोकथाम मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि ये लोग कोरोना वायरस से पीड़ित चीन के एक मरीज से सीधे तौर पर संपर्क में थे।चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 2,345 तक पहुंच चुकी है। वहीं संक्रमण के मामले तो 76,288 पहुंचा हुआ है। गल्फ न्यूज की खबर के मुताबिक कोरोना वायरस के मरीजों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की जांच की जा रही है।



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राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की हो सकती है शुरुआत: USISPF

18 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वॉशिंगटन, पीटीआइ। इस महीने के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत यात्रा पर आ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की इस आगामी यात्रा को लेकर भारत में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस दौरान शीर्ष अमेरिकी व्यापार वकालत समूह ने कहा कि ट्रंप की भारत यात्रा दोनों देशों के लिए बेहद खास हो सकती है। ग्रुप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप 24 और 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की राजकीय यात्रा करेंगे। उनके साथ फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी होंगी।यह 21 वीं सदी के तीसरे दशक में राष्ट्रपति की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने सोमवार को एक बयान में कहा, 'मेरा मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की आगामी भारत यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की शुरुआत करने की क्षमता रखती है।'



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Coronavirus LIVE Updates: ऑस्ट्रेलिया ने चीन से लौटे विदेशी लोेगों पर प्रतिबंध को बढ़ाया

13 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को चीन से लौटे विदेशी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध को बढ़ाने की घोषणा की। इस एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। यह फैसला कोरोना वायरस से चीन में मरीजों के मृत्यु के मामले बढ़ने के मद्देनजर लिया गया है।समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि सरकार हाल ही में चीन से लौटे विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध को बनाए रखेगी। यह फैसला कोरोना वायरस के जोखिम से ऑस्ट्रेलियाई लोगों को बचाने के लिए लिया गया है। प्रतिबंध को आगे बढ़ाने के फैसला हर सप्ताह लिया जाएगा। चीन में कोरोना वायरस से अब-तक 1,355 लोगों की मौत हो गई है। जबकि लगभग 60,000 मामले आए सामने आए हैं।जापान के योकोहामा तट पर खड़े डायमंड प्रिंसेस क्रूज पर कोरोना वायरस की 44 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। क्रूज पर मरीजों की संख्या 218 हो गई है। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार इसी के साथ ही जापान ने फैसला लिया है कि शुक्रवार से वो उन बुजुर्ग यात्रियों क्रूज छोड़ने की अनुमति देगा, जो इससे संक्रमित नहीं है और उनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है। क्रूज पर सवार 80 फीसद लोगों की उम्र 60 से ज्यादा है।दुनिया के सबसे बड़े फोन शो 'मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस' 2020 के आयोजक ने गुरुवार को कोरोना वायरस के मद्देनजर बार्सिलोना में होने वाले वार्षिक कार्यक्रम को रद कर दिया। समाचार एजेंसी आइएएनएस के अनुसार MWC 2020 बार्सिलोना में 24 फरवरी से 27 फरवरी तक होने वाला था।

देश के हुबेई प्रांत में कल इससे 242 लोगों की मौत हुई। वहीं लगभग 15, 000 नए मामले सामने आए। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार हुबेई के स्वास्थ्य आयोग द्वारा दिए गए सूचना के अनुसार कम से कम 1,355 लोग अब देश भर में मर चुके हैं और लगभग 60,000 संक्रमित हो गए हैं। अपने दैनिक रिपोर्ट में, हुबेई के स्वास्थ्य आयोग ने केंद्रीय प्रांत में 14,840 नए मामलों की पुष्टि की। हुबेई के वुहान शहर से इस वायरस का प्रसार हुआ है।

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि मरीजों की संख्या में इतना ज्यादा इजाफा इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने कोरोना वायरस के मामलों की पहचान करने के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया है। हुबेई स्वास्थ्य आयोग ने एक बयान में कहा कि अब उसके आधिकारिक टोल में लक्षण दिखने वाले मरीज भी शामिल होंगे। हुबेई स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि इस परिवर्तन से मरीजों को जितनी जल्दी हो सके उपचार मिल सकेगा।



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पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को लिखा पत्र, कोरोना वायरस से हुई मौतों पर दुख जताया, सहायता की पेशकश की

09 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्‍ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखा है। उन्‍होंने कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर चीन के लोगों के साथ भारत की एकजुटता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी द्वारा हुबेई प्रांत से भारतीयों को निकालने में चीन की सहायता की सराहना की है। यह जानकारी सूत्रों से मिली है। अब तक कोरोना वायरस से चीन में आठ सौ से ज्‍यादा लोगों की मौत हुई है। करीब 35 हजार से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। चीनी राष्ट्रपति शी को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए भारत की सहायता की पेशकश की है। पीएम मोदी कोरोना वायरस के कारण चीन में हुई मौतों पर दुख व्‍यक्‍त किया है।

पिछले हफ्ते 640 भारतीय नागरिकों के साथ ही मालदीव के सात नागरिकों को भी एयर इंडिया के विमानों से सुरक्षित नई दिल्ली पहुंचाया था। ध्यान रहे कि चीनी शहर वुहान से फैले जानलेवा कोरोना वायरल से अब तक हजारों लोग प्रभावित हो चुके हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्‍यसभा में बताया था कि अभी भी 80 भारतीय छात्र वुहान में हैं। इसमें वे दस छात्र भी शामिल हैं जिन्हें बुखार होने के चलते चीनी प्रशासन ने वुहान छोड़ने की अनुमति नहीं दी थी। वहीं 70 अन्य भारतीय छात्रों ने एयर इंडिया के दो विमानों से देश लौटने से इन्कार कर दिया है।विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय दूतावास इन सभी छात्रों के संपर्क में है और उनकी हालात पर नजर बनाए हुए है। देश के 21 एयरपोर्ट और 12 बड़े बंदरगाहों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। सरकार ने बंदरगाहों पर एन95 मास्क रखने और क्वारंटाइन सेंटर बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। चीन से आने वाले विदेशी नागरिकों के वीजा को भी रद कर दिया गया है। पूरे हालात पर प्रधानमंत्री कार्यालय भी नजर रख रहा है।कोरोना वायरस से चीन के वुहान शहर में पहली बार दो विदेशी नागरिकों की मौत हुई है। इनमें अमेरिका की एक महिला और जापान का एक पुरुष शामिल है। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि 60 साल की अमेरिकी महिला की छह फरवरी को वुहान के एक अस्पताल में मौत हो गई।

वुहान में अधिकारियों ने कोरोना वायरस से किसी विदेशी नागरिक की मौत का यह पहला मामला बताया है। हालांकि, वुहान के अस्पताल में जापान के 60 साल के एक नागरिक की भी मौत हुई है। उसे निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, बाद में कोरोना वायरस के लक्षण भी उसमें पाए गए थे। जापान के विदेश मंत्रालय ने टोक्यो में इसकी घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि बीमारी की पहचान में मुश्किल के चलते जापानी व्यक्ति की मौत का कारण वायरल निमोनिया बताया गया है।इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 19 विदेशी नागरिकों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। तबीयत में सुधार के बाद इनमें से दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इससे पहले पाकिस्तान के चार और ऑस्ट्रेलिया के दो नागरिकों के संक्रमित होने की खबर आई थी।दुनिया भर में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। अब तक 27 देश इसकी चपेट में आ गए हैं। पेरिस में फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री एग्नीस बजीन ने बताया था कि आल्प में स्की रिसॉर्ट में ठहरे पांच ब्रिटिश नागरिक भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। ये पांचों सिंगापुर से लौटे एक ब्रिटिश नागरिक के साथ ठहरे थे। इनको मिलाकर फ्रांस में अब तक 11 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। हालांकि, इन पांचों की हालात सामान्य है।हांगकांग ने चीन से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से दो हफ्ते के लिए कोरंटाइन करना शुरू कर दिया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कदम से चीन से हांगकांग आने वाले लोगों में कमी आएगी। इससे कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने में कामयाबी मिलने के साथ ही राशन पानी की कमी से भी नहीं जूझना पड़ेगा। शनिवार को अनिवार्य कोरंटाइन का असर भी दिखा। शुक्रवार को जहां चीन से हांगकांग 96 हजार से ज्यादा लोग आए थे, वहीं शनिवार को यह संख्या मात्र नौ हजार रह गई।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कोरोना वायरस से निपटने में चीन बेहतर काम कर रहा है। इस समस्या से निपटने में अमेरिका भी चीन का साथ दे रहा है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि पिछली रात उनकी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बात हुई थी। चीन कोरोना वायरस से निपटने के लिए बहुत पेशेवर तरीके से कठोर परिश्रम कर रहा है।



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WHO ने भारतीयों के लिए जताई संभावना, कहा- 10 में से एक को हो सकता है कैंसर !

04 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

संयुक्त राष्ट्र। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट में 10 भारतीयों में से एक को अपने जीवनकाल में कैंसर होने और 15 में से एक की इस बीमारी से मौत होने की आशंका जतायी गई है। रिपोर्ट के अनुसार 2018 में भारत में कैंसर के 11.6 लाख नए मामले सामने आए थे। ‘विश्व कैंसर दिवस’ (मंगलवार) से पहले डब्ल्यूएचओ और उसके साथ काम करने वाली ‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ (आईएआरसी) ने दो रिपोर्ट जारी की है। एक रिपोर्ट बीमारी पर वैश्विक एजेंडा तय करने पर आधारित है और दूसरी रिपोर्ट इसके अनुसंधान एवं रोकथाम पर केन्द्रित है।‘वर्ल्ड कैंसर रिपोर्ट’ के अनुसार भारत में 2018 में कैंसर के लगभग 11.6 लाख मामले सामने आए और कैंसर के कारण 7,84,800 लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘10 भारतीयों में से एक व्यक्ति के अपने जीवनकाल में कैंसर की चपेट में आने और 15 भारतीयों में से एक के इसके कारण जान गंवाने की आशंका है।’’



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