अन्तर्राष्ट्रीय

hindi news portal lucknow

बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई, बोले- आपके पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है

15 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

यरूशलम। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ‘बहुत अच्छा दोस्त’ बताते हुए उन्हें और देश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बधाई देते हुए कहा, ‘‘आपके पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है।’’ इजराइल के प्रधानमंत्री ने भारत के स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले ट्वीट में कहा, ‘‘मेरे बहुत अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अतुल्य भारत के सभी लोगों को आनंदित करने वाले स्वतंत्रता दिवस की बधाई। आपके पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है।’’

उन्होंने सब्बात शुरू होने से ऐन पहले यह ट्वीट किया जब इस यहूदी देश में सरकारी कामकाज आमतौर पर रुक जाता है। सब्बात यहूदी धर्म का अवकाश का दिन है और सप्ताह का सातवां दिन है। नेतन्याहू ने हिंदी में लिखा, ‘‘स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’ ट्वीट में मोदी और नेतन्याहू की एक तस्वीर भी डाली गयी।



hindi news portal lucknow

स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका से आया शुभकामना संदेश, माइक पोम्पिओ ने कही यह अहम बात

15 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भारतीयों को उनके 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के बीच मित्रता एवं साझी लोकतांत्रिक परम्पराओं के कारण निकट संबंध हैं। पोम्पिओ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत को शुभकामनाएं देते हुए शुक्रवार को अपने संदेश में कहा, ‘‘अमेरिकी सरकार और अमेरिकी लोगों की ओर से मैं भारत के लोगों को उनके स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने जब 73 साल पहले स्वतंत्रता प्राप्त की थी, तब से अमेरिका और भारत के बीच मित्रता और साझी लोकतांत्रिक परम्पराओं के कारण निकट संबंध हैं।’’ उन्होंने कहा कि समय के साथ, ये संबंध विकसित होकर समग्र वैश्विक सामरिक साझेदारी तक पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच 21वीं सदी में वैश्विक सुरक्षा एवं समृद्धि संबंधी अहम मामलों पर निकट संबंध हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत रक्षा, आतंकवाद से निपटने, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्यसेवा, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, अंतरिक्ष, महासागरों और कई अन्य मामलों में मिलकर काम कर रहे हैं। पोम्पिओ ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने इस साल की शुरुआत में कहा था, अमेरिका और भारत एक दूसरे को महान बहुलतावादी लोकतंत्रों, वैश्विक शक्तियों और अच्छे मित्रों के तौर पर देखते हैं। मैं भारत के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देता हूं।



hindi news portal lucknow

शी चिनफिंग बोले, चीन-नेपाल संबंधों को लगातार आगे बढ़ाना चाहता हूं

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शनिवार को कहा कि वह नेपाल के साथ संबंधों को लगातार आगे बढ़ाना चाहते हैं। नेपाल में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी में जारी अंदरूनी कलह के बीच उनका यह बयान आया है। दरअलस, चीन समर्थक प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की सत्ता पर पकड़ को बीजिंग मजबूत करना चाहता है। नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ के मौके पर अपनी नेपाली समकक्ष विद्या देवी भंडारी को शुभकामना संदेश देते हुए शी ने कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों के लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए काम करने को तैयार हैं। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि चीन-नेपाल संबंधों को वह काफी महत्व देते हैं और अपनी नेपाली समकक्ष भंडारी के साथ काम करने के लिए इच्छुक हैं, ताकि द्विपक्षीय संबंध लगातार आगे बढ़ते रहें।

सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन (सीपीसी) महासचिव शी ने कहा कि राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया है, एक-दूसरे को बराबर माना है, परस्पर राजनीतिक विश्वास को बढ़ाया है और परस्पर सहयोग को और मजबूत किया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने राष्ट्रपति के हवाले से बताया कि उन्होंने और भंडारी ने पिछले वर्ष एक-दूसरे देश का दौरा किया था और द्विपक्षीय संबंधों को विकास और समृद्धि की दोस्ती में तब्दील किया। शी ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश एकजुट रहे हैं और चीन तथा नेपाल के बीच दोस्ती का नया अध्याय लिखा। चीन के प्रधानमंत्री लि किकियांग और नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने भी एक दूसरे को शुभकामनाएं दी। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘सदियों से सौहार्दपूर्ण दोस्ती पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री (ओली) ने कहा कि नेपाल ने ‘एक चीन नीति’ को हमेशा माना है और चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान किया है।’’ नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने चीन के विददेश मंत्री वांग यी को दिए संदेश में द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में वांग की भूमिका की प्रशंसा की। वांग ने भी संचार और सहयोग को मजबूत करने के लिए ग्यावली के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। नेपाल और चीन के बीच एक अगस्त 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। हाल के वर्षों में नेपाल में चीन की राजनीतिक दखल बढ़ी है, जिसके लिए बीजिंग ने बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) के तहत अरबों डॉलर का निवेश किया है। इसके अलावा काठमांडू में चीन की राजदूत हाऊ यांकी ने ओली के लिए समर्थन जुटाने का खुलेआम प्रयास किया है, जिन्हें पार्टी के अंदर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हाऊ ने प्रचंड एवं अन्य नेताओं से मुलाकात कर ओली का समर्थन करने का आग्रह किया था, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है।



hindi news portal lucknow

जो बाइडेन का ऐलान, अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीता तो भारत को UNSC में स्थायी सदस्य बनने में मदद करुंगा

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा ने शनिवार को कहा कि डेमोक्रेट पार्टी के राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन अगर नवंबर में होने वाले चुनाव जीत जाते हैं तो वह संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को नया रूप देने में मदद करेंगे ताकि भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिल सके। वर्मा ने कहा, ‘‘ इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके (बाइडेन के) नेतृत्व में, वह संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को नया रूप देने में मदद करेंगे ताकि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बन सकें। वह एक प्रमुख रक्षा भागीदार के रूप में भी भारत की स्थिति भी मजबूत करेंगे।’’ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस,रूस और चीन इसके पांच स्थायी सदस्य हैं। इलमें केवल चीन ही भारत को यूएनएससी का स्थायी सदस्य बनाने का विरोध करता है।उन्होंने कहा, ‘‘ वह (बाइडेन) हमारे नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेंगे। इसका मतलब है कि सीमा पार आतंकवाद के मामले में और जब उसके (भारत के) पड़ोसी यथास्थिति बदलने की कोशिश करेंगे तो वह भारत के साथ खड़े रहेंगे।



hindi news portal lucknow

कोरोना का बढ़ रहा संकट,अमेरिका में कोविड-19 के 50,700 से अधिक नये मामले सामने आए

02 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

न्यूयॉर्क।अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के 50,700 से अधिक नये मामले सामने आए हैं। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी द्वारा की गई गणना के अनुसार यह जानकारी सामने आयी है। अमेरिका में विशेष रूप से दक्षिण और पश्चिम हिस्सें में नए मामलों में काफी वृद्धि हो रही है, क्योंकि राज्यों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोल दिया है। कैलिफोर्निया प्रांत के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को बार, थिएटर और इनडोर रेस्तरां को फिर से बंद कर दिया गया। एरिजोना में महामारी का प्रकोप और अधिक गंभीर हो गया है।

कैलिफोर्निया बंद की घोषणा सप्ताहांत से ठीक पहले की गई है। बंद लॉस एंजिलिस काउंटी सहित लगभग तीन करोड़ की आबादी पर लागू होता है। ऐसी खबर है कि अमेरिकियों के मास्क नहीं पहनने या सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं करने के कारण नए मामलों में काफी वृद्धि आई है। दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक पुष्ट मामले अमेरिका में है और सबसे अधिक मौतें भी अमेरिका में हुई हैं।



hindi news portal lucknow

सवालों के घेरे में राहुल का चीनी पार्टी के साथ 2008 का समझौता, कांग्रेस-चीन के बीच का प्यार छिपाए नहीं छिपता!

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भारत-चीन के बीच तनाव का दौर जारी है। दोनों देशों के बीच 1962 में एक बार जंग हो चुकी है। वहीं 1965 और 1975 में भी दोनों देशों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। इन तारीख़ों के बाद ये चौथा मौका है जब भारत-चीन सीमा पर स्थिति इतनी तनावपूर्ण है। ऐसे वक्त में जब सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर चीन से मुकाबला करना चाहिए। लेकिन कांग्रेस पार्टी लगातार भारत की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है। राहुल गांधी के हमलों को देखकर लग रहा होगा कि वह देश में चीनी घुसपैंठ को लेकर सरकार से सवाल जवाब कर रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी के ट्विटर संदेशों के लहजे से साफ पता चलता है कि वह देश की जनता को ये संदेश देना चाहते हैं कि भारतीय सीमाओं में चीनी सेना घुस गई है और देश की सुरक्षा खतरे में है।ओपन सोर्स इंटेलिजेंस अनैलिस्ट Detresfa ने सैटलाइट तस्वीरों के आधार पर खुलासा किया था कि चीन की सेना भारतीय सीमा के अंदर घुस ही नहीं पाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री बार-बार ये कह चुके हैं कि भारत की सीमा में कोई दाखिल नहीं हुआ है। लेकिन इन सब दावों, तथ्यों और बातों से बेपरवाह राहुल देश को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन की सेना भारत की सीमा में घुस चुकी है। अमूमन राहुल गांधी चीन को लेकर अलग रुख़ रखते रहे हैं। जब डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं आंखों में आंखे डालकर एक-दूसरे के सैनिकों की सेहत का अंदाज़ा लगा रही थी, तो राहुल गांधी ने चीन के राजदूत से मिलकर राजनीतिक हड़कंप मचा दिया था। तब की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राहुल गांधी पर चीन के साथ गुपचुप बातचीत करके भारत का पक्ष कमज़ोर करने का आरोप लगाया था। लोकसभा चुनाव 2019 के वक्त राहुल गांधी जब मानसरोवर यात्रा पर गए थे, तो चीनी दूतावास ने भारतीय विदेश मंत्रालय से आग्रह किया था, कि उन्हें प्रोटोकॉल देते हुए औपचारिक रुप से विदा करने की अनुमति दी जाए। ऐसे में राहुल के चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी से कथित संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठते हैं।

देशों के बीच तो आपने एमओयू यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग तो कई बार सुने और पढ़े होंगे। लेकिन आपने दो राजनीतिक पार्टियों के बीच एमओयू जैसी चीजों के बारे में नहीं सुना होगा। दरअसल, ये समझौता ज्ञापन कांग्रेस और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के बीच हुआ है। कांग्रेस ने 7 अगस्त 2008 को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के साथ एक एमओयू साइन किया। शी जिनपिंग उस वक्त सीपीसी के जनरल सेक्रेटरी हुआ करते थे। 2008 में सोनिया गांधी के सुपरविजन में एमओयू पर कांग्रेस के तत्तकालीन जनरल सेक्रेट्री राहुल गांधी इस ज्ञापन पर साइन करते हैं। राहुल के दस्तख़त किए जाने से पहले उन्होंने और सोनिया गांधी ने शी चिनपिंग के साथ एक अलग मीटिंग भी की थी। यह समझौता उस वक़्त हुआ जब भारत की कम्यूनिस्ट पार्टियां कांग्रेस सरकार से नाराज़ चल रही थीं। अमेरिका से परमाणु क़रार को लेकर दोनों में अनबन थी।

भारतीय उद्योगपतियों के साथ हुई एक बैठक में राहुल गांधी ने उन्हें चीन से भी निवेश मंगाए जाने के बारे में सलाह दी थी।

राहुल गांधी जब जर्मनी के दौरे पर थे तो उनसे भारतीय उपमहाद्वीप में सत्ता संतुसन को लेकर सवाल किया गया था। जिसके जवाब में राहुल में भारत को अमेरिका के साथ चीन से भी अपने संबंधों में संतुलन साधने की वकालत की थी।

साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक के समय तत्कालीन कांग्रेस और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को ही नहीं बल्कि नाती-पोतों सहित उनके पूरे परिवार को चीन ने विशेष रुप से आमंत्रित किया था।नेहरू हमेशा से चीन से बेहतर ताल्लुक़ चाहते थे और च्यांग काई शेक से उनकी अच्छी पटरी बैठती थी। इतिहास के हवाले से कई दावें ऐसे भी हैं कि जवाहर लाल नेहरू की गलती की वजह से भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता ठुकरा दी और अपनी जगह ये स्थान चीन को दे दिया। उस दौर में आदर्शवाद और नैतिकता का बोझ पंडित नेहरू पर इतना था कि वो चीन को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता दिलवाने के लिए पूरी दुनिया में लाबिंग करने लगे। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा दिया था और जवाब में भारत को 1962 के युद्ध का दंश झेलना पड़ा था।



hindi news portal lucknow

रूस की विजय दिवस परेड में शामिल हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिखा भारतीय सेना का दम

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मास्को। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि यहां 75वीं विजय दिवस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी का भाग लेना उनके लिए गर्व की बात है। सिंह 75वीं विजय दिवस परेड में शामिल होने के लिए रूस के रक्षा मंत्री के निमंत्रण पर तीन दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंचे थे। सिंह ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘1941-1945 के युद्ध में सोवियत संघ के लोगों की विजय की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए मैं आज मास्को स्थित रेड स्क्वैयर में विजय दिवस परेड में शामिल हो रहा हूं।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मुझे गर्व है कि भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की एक टुकड़ी भी इस परेड में शामिल हो रही है।’’ भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं की एक टुकड़ी ने मॉस्को के रेड स्क्वायर में विजय परेड में हिस्सा लिया।तस्वीरों में दिख रहा है कि रेड स्क्वैयर में सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया जा रहा है। सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘मास्को में विजय दिवस परेड पर भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं की टुकड़ी की शानदार उपस्थिति मेरे लिए अत्यंत गर्व एवं प्रसन्नता की बात है।’ भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की 75 सदस्यीय टुकड़ी परेड में हिस्सा ले रही है। भारतीय दल चीन समेत कम से कम 11 देशों के सशस्त्र बल कर्मियों के साथ इस परेड में भाग ले रहा है। सिंह ने मंगलवार को रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव के साथ मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों एवं क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा की और भारत एवं रूस के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा की।मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राजनाथ सिंह ने 75वीं विजय दिवस के लिए शुभकामनाएं दीं तथा रूस और भारत की साझी सुरक्षा के लिए योगदान देने वाले रूस के ‘‘मित्रवत’’ लोगों, विशेषकर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को बधाई दी। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर चार महीने तक यात्रा पर लगे प्रतिबंधों के बाद देश के किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा है। रूस ने नौ मई को रेड स्क्वैयर में होने वाली सैन्य परेड को कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण पहले स्थगित कर दिया था।



hindi news portal lucknow

चीन और पाकिस्तान के पास भारत से ज्यादा परमाणु हथियार: सिपरी रिपोर्ट

15 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लंदन। भारत ने पिछले साल 10 हथियार जोड़ कर अपने परमाणु शस्त्रागार संवर्धित किया लेकिन पास चीन और पाकिस्तान की तुलना में देश के कम हथियार हैं। स्वीडन के एक प्रमुख थिंक टैंक द्वारा सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (सिपरी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत और चीन दोनों ने 2019 में अपने परमाणु जखीरे में वृद्धि की। चीन के शस्त्रागार मे जहां कुल 320 हथियार हैं वहीं पाकिस्तान के पास 160 जबकि भारत के पास 150 हथियार हैं। रिपोर्ट में आगाह किया गया, “चीन अपने परमाणु शस्त्रागार के महत्त्वपूर्ण आधुनिकीकरण के मध्य में है। वह पहली बार तथाकथित परमाणु त्रय विकसित करने की कोशिश कर रहा है जो भूमि एवं समुद्र आधारित मिसाइल और परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम विमान से बना हुआ है।” इसने कहा, “भारत और पाकिस्तान अपने परमाणु बलों का आकार एवं विविधिता धीरे-धीरे बढ़ा रहे हैं जबकि उत्तर कोरिया ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के केंद्रीय भाग के रूप में सैन्य परमाणु कार्यक्रम को प्राथमिकता देना जारी रखा है।”

सिपरी ने अपनी 2019 की रिपोर्ट में कहा था कि चीन के परमाणु जखीरे में 290 हथियार हैं जबकि भारत के पास 130 से 140 के करीब हथियार। पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार में 150 से 160 हथियार थे जो इस साल के आकलन में भी उतने ही हैं। सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक तैनात 1,750 परमाणु हथियारों के साथ अमेरिका शीर्ष पर है जिसके पास कुल परमाणु हथियार 5,800 हैं जबकि 1,570 तैनात परमाणु हथियारों के साथ रूस दूसरे नंबर पर है, लेकिन उसके पास कुल परमाणु हथियार 6,375 हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 की शुरुआत में ‘‘नौ परमाणु संपन्न देशों - अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजराइल और उत्तर कोरिया- के पास कुल मिलाकर 13,400 परमाणु हथियार थे। यह 2019 की शुरुआत में इन देशों के पास 13,865 परमाणु हथियार होने के सिपरी के अनुमान से कम है।” शस्त्रीकरण, नि:शस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का आकलन करने वाली सिपरी की वार्षिकी में कहा गया कि परमाणु हथियारों की संख्या में कुल गिरावट के बावजूद परमाण शक्तियां अपने शस्त्रागारों का आधुनिकीकरण कर रही हैं। उसने इसके साथ ही आगाह किया कि तनाव बढ़ रहा है और हथियार नियंत्रण की संभावना ‘‘धूमिल पड़ रही है।



hindi news portal lucknow

नेतन्याहू के 5वीं बार प्रधानमंत्री बनने पर PM मोदी ने दी बधाई, कहा- आने वाले दिनों में दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिकार्ड पांचवी बार इजराइल के प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण करने पर अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेरे मित्र पीएम नेतन्याहू के साथ बातचीत हुई कि भारत-इज़राइल बाद की कोविड दुनिया में कैसे सहयोग कर सकते हैं।साथ ही उन्हें 5वीं बार पीएम पद संभालने के लिए बधाई दी! पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत-इज़राइल की साझेदारी और मजबूत होगी। दोनों ने उन संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की जिनमें भारत और इज़राइल कोविड-19 महामारी के संदर्भ में अपने सहयोग का विस्तार कर सकते हैं जिसमें टीके, चिकित्सा और रिसर्च और विकास के प्रयास शामिल हैं।पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत-इज़राइल की साझेदारी और मजबूत होगी। दोनों ने उन संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की जिनमें भारत और इज़राइल कोविड-19 महामारी के संदर्भ में अपने सहयोग का विस्तार कर सकते हैं जिसमें टीके, चिकित्सा और रिसर्च और विकास के प्रयास शामिल हैं।



hindi news portal lucknow

Twitter ने ट्रंप की जॉर्ज फ्लॉयड को दी श्रद्धांजलि वाली वीडियो हटायी

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। ट्विटर ने ट्रंप प्रचार अभियान की ओर से जॉर्ज फ्लॉयड को श्रद्धांजलि देने के लिए अपलोड किए गए वीडियो को कॉपी राइट संबंधी दावे के बाद हटा दिया है। इस घटना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सोशल मीडिया के बीच के तनाव को और बढ़ा दिया गया है। ट्विटर ने टीम ट्रंप हैंडल से पोस्ट किए गए वीडियो को डिजेबल (इसे कोई देख नहीं सकता) करते हुए वहां संदेश लिखा है, ‘‘कॉपीराइट मालिक के दावे के जवाब में इस वीडिया (वीडियो) को डिजेबल किया जाता है।’’ हालांकि यह वीडियो अभी भी राष्ट्रपति ट्रंप के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है और इसमें शुरुआत में फ्लॉयड की तस्वीरें लगी हुई है।

गौरतलब है कि फ्लॉयड की हिरासत में हुई मौत के बाद देश में हिंसक और शांतिपूर्ण, दोनों तरीके स प्रदर्शन जारी हैं। ट्विटर ने एक बयान मे कहा है, ‘‘हमारी कॉपीराइट नीति के अनुसार, हम कॉपीराइट मालिक या उनके कानूनी प्रतिनिधि की ओर से भेजे गए वैध कॉपीराइट दावों पर जवाब देते हैं।’’ हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि वीडियो पर कॉपीराइट का दावा किसने किया है।



12345678910...