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कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा की बैठक में नेताओं ने रखी कई नई मांगें

13 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा (आईजीएम) ने श्रीनगर के टैगोर हाल में "गुज्जर बक्करवाल एसटी अधिकार" पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया और अपनी मांगों को केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन के समक्ष रखा। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा के नेताओं और खासतौर पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के विभिन्न भागों से आये आदिवासी गुर्जर समुदाय ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई और फिर सभी के लिए खुशी और समृद्धि की कामना की गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य लोगों को पारम्परिक गुर्जर साफा पहना कर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने गुर्जर, बक्करवाल और जम्मू-कश्मीर के अन्य आदिवासियों को पूर्ण अनुसूचित जनजाति का अधिकार देने के लिए भारत सरकार का आभार जताया और अपने समुदाय के हितों की रक्षा की मांग की। प्रभासाक्षी संवाददाता ने इस आयोजन का जायजा लिया और गुर्जर नेताओं से बातचीत की। बातचीत में गुर्जर नेताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समुदाय के लोगों को पूरी पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए।

दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी की पहचान पाकिस्तान के बाबर भाई के रूप में की गयी है जो 2018 से सक्रिय था। हम आपको बता दें कि यह मुठभेड़ बुधवार को दक्षिण कश्मीर जिले के परीवान इलाके में हुई थी। कश्मीर मंडल की पुलिस ने ट्विटर पर बताया, ‘‘मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी की पहचान पाकिस्तान के बाबर भाई के रूप में की गयी है जो 2018 से शोपियां-कुलगाम के इलाकों में सक्रिय था।’’ पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक एके राइफल, एक पिस्तौल तथा दो ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी मारा गया और तीन जवान समेत पांच लोग घायल हो गए।



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उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का कहर, चुनाव के बाद बिगड़े हालात

08 May 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नोएडा। गौतम बुद्ध नगर में कस्बों और गांवों में कोविड-19 के तेजी से फैल रहे प्रकोपके मद्देनजर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि जरूरी दवाएं मुहैया कराने और संक्रमण की जांच कराने के लिए कई केंद्र खोले गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक अहोरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं जिसके तहत दवाइयां एवं ऑक्सीजन उपलब्ध कराने तथा कोविड-19 की जांच के लिए कई केंद्र खोले गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं तथा संक्रमित पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर दवाइयों का कीट हासिल करें।सीएमओ ने बताया कि घर में रहकर इलाज करा रहे लोगों के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयों की किट उनके घरों पर पहुंचानी शुरू कर दी है। साथ ही बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पांच केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर तथा रेमडेसिविर इंजेक्शन की दर तय कर दी गई है। अब यह दवा निजी अस्पतालों को 1800 रुपए में मिलेगी। इसके लिए डॉक्टरों के लिखने पर दवा को स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि गौतम बुद्ध नगर में अभी पर्याप्त मात्रा मे इंजेक्शन उपलब्ध है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से फैला है और कई लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दनकौर, दादरी, जारचा, जेवर, बिलासपुर और रबूपुरा कस्बे में रोजाना दो से चार लोगों की मौत हो रही हैं।चुनाव ड्यूटी में लगे कई लोग कोविड-19 की चपेट में आए हैं। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग के दो प्रधान अध्यापकों की मौत हो गई। इनमें से एक ने पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण में हिस्सा लिया था। संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद उन्हें चुनाव ड्यूटी से दूर रखा गया था। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के अध्यक्ष मास्टर श्योराज सिंह ने बताया कि गांव तथा कस्बों में रहने वाले काफी लोग शहरों में रोजगार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत के चुनाव के दौरान वोट डालने आए काफी लोग संक्रमित थे और कोविड-19 नियमों की अनदेखी की वजह से ग्रामीण अंचल में कोरोना वायरस फैला।



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सिद्धू ने कांग्रेस में बढ़ाई बेचैनी, अमरिंदर के खिलाफ बना रहे रणनीति

08 May 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए मुश्किल से 1 साल का वक्त बचा है। वहीं सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस के अंदर भी बेचैनी है। सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोधियों ने उनके खिलाफ अब मोर्चा खोलने की तैयारी कर दी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुखर आलोचक और उनके प्रतिद्वंदी नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी रणनीति के लिए कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक की है। अब तक अमरिंदर के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धू एकतरफा लड़ाई लड़ते हुए दिखाई दे रहे थे। हालांकि अब पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा और सांसद शमशेर सिंह दूलो भी कैप्टन अमरिंदर पर पलटवार कर रहे हैं।दावा किया जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अब तक जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा और तकनीकी शिक्षा पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरणजीत चन्नी के साथ बैठक की है। इस बैठक में कुछ विधायकों के भी शामिल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि प्रताप सिंह बाजवा के भाई फतेह जंग सिंह बाजवा, साथ में कुशलदीप सिंह ढिल्लो. बलविंदर लाडी और बरिंदरमीत सिंह पहरा शामिल थे। ग्रुप में शामिल लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री पर पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों पर अमल करने के लिए दबाव बनाया जाएगा। इन बातों में बरगारी बलिदान और ड्रग माफिया पर शिकंजा कसना शामिल है। भले ही यह समूह कुछ भी रहे, लेकिन सच तो यही है कि नवजोत सिंह सिद्धू लगातार मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि जब तक कैप्टन अमरिंदर सिंह है तब तक शायद उन्हें मौका ना मिले। और यही वह वजह है जिस कारण अमरिंदर पर सिद्धू लगातार हमलावर हैं। सिद्धू एक तीर से दो काम कर रहे हैं। पहला कि वह अमरिंदर को कमजोर कर रहे हैं तो दूसरा कांग्रेस नेतृत्व पर भी दबाव बना रहे हैं।सिद्धू ट्विटर के जरिए भी लगातार कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कैप्टन अमरिंदर सिंह का एक वीडियो शेयर करते हुए सिद्धू ने ट्वीट किया कि अफसोस! गृहमंत्री की नाकाबिलियत के कारण सरकार हाईकोर्ट के वह निर्देश मानने के लिए मजबूर है जिसके विरोध में पंजाब के लोग हैं। इसके आगे सिद्धू ने कहा कि नई एसआईटी को 6 महीने और देने का मतलब सरकार के सबसे बड़े चुनावी वायदे को बदकिस्मती के साथ आने वाली मतदान की आचार संगीता लागू होने तक और लटकाना है। उन्होंने एक और ट्वीट में कैप्टन पर हमला करते हुए कहा कि इंसाफ के लिए जानबूझकर देरी लोकमत के साथ विश्वासघात है।भले ही पंजाब में कांग्रेस सत्ता में है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भी उसके प्रदर्शन अच्छे रह सकते हैं, इसकी भी उम्मीद की जा रही है। लेकिन पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। इसकी शुरुआत तब हुई थी जब अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मनमुटाव की खबरें सार्वजनिक हुई। गिने-चुने कुछ ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार है। लेकिन वहां भी पार्टी के अंदर गुटबाजी आने वाले दिनों में उसके लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। छत्तीसगढ़ में भी गुटबाजी की खबरें रहती है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में तो हमने प्रत्यक्ष रूप से देख ही लिया और पंजाब में भी उठापटक लगातार जारी रहता है। पंजाब में अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच मुलाकात तो जरूर हुई लेकिन मामला बनता दिखाई नहीं दे रहा।अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस चाहती है कि वह एकजुट होकर इस में उतरे। यही कारण है कि वह बार-बार सिद्धू हो या अमरिंदर, दोनों को मिलाने की कोशिश में रहती है। कांग्रेस खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश में जरूर है। लेकिन यह बात भी सच है कि वह बाहरी मुश्किलों से ज्यादा आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रही है। यह चुनौतिया पार्टी के अंदर जारी गुटबाजी के कारण ही है। कहा जा रहा है कि जिन नेताओं ने सीएम बनने का ख्वाब देखा है वह अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के रूप में पचा नहीं पा रहे। उनकी चाहत अब यह है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाए। नवजोत सिंह सिद्धू, प्रताप सिंह बाजवा, शमशेर सिंह दूलो और अमरिंदर सिंह बरार ऐसे कई नेता और भी है जो लगातार सीएम बनने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं।



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केंद्र ने पिछले छह महीने में कोई काम नहीं किया, सत्ता के लिए रोजाना बंगाल आए मंत्री: ममता बनर्जी

08 May 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

केंद्र ने पिछले छह महीने में कोई काम नहीं किया, सत्ता के लिए रोजाना बंगाल आए मंत्री: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने अपने हमलावर रुख को जारी रखते हुए आरोप लगाया कि सभी का टीकाकरण केंद्र की प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन वह नए संसद भवन, प्रधानमंत्री के आवास आदि पर 50000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। ममता बनर्जी ने यह बातें विधानसभा में कहीं।लगातार तीसरी बार सत्ता में काबिज होने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा पर हमलावर हैं। आज एक बार फिर से केंद्र की भाजपा सरकार पर उन्होंने जमकर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले 6 महीने से केंद्र सरकार ने कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के इरादे से मंत्री हर रोज बंगाल आते रहे।पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग को तत्काल सुधार की आवश्यकता है। बंगाल में एक रीढ़ है और यह कभी नहीं झुकती है। एक साजिश थी, सभी केंद्रीय मंत्री यहां उतरे। मुझे नहीं पता कि उन्होंने विमानों और होटलों पर कितने करोड़ रुपये खर्च किए। यहां पानी की तरह बह रहा था पैसा। ममता ने कहा कि बंगाल के साथ इतना भेदभाव क्यों है? उन्होंने शपथग्रहण के 24 घंटे के भीतर केंद्रीय टीम भेजी। दरअसल, वे (भाजपा) जनता के जनादेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। मैं हिंसा का कभी समर्थन नहीं करता। वे फर्जी खबरें और फर्जी वीडियो फैला रहे हैं।

ममता बनर्जी ने अपने हमलावर रुख को जारी रखते हुए आरोप लगाया कि सभी का टीकाकरण केंद्र की प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन वह नए संसद भवन, प्रधानमंत्री के आवास आदि पर 50000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। ममता बनर्जी ने यह बातें विधानसभा में कहीं। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोविड-19 के उपचार के लिए चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया है। ममता ने यह भी कहा कि केंद्र ने पश्चिम बंगाल में कुल उत्पादन में से अन्य राज्यों के लिए ऑक्सीजन आवंटन में पश्चिम बंगाल की जरूरत बढ़ने के बावजूद बढ़ोतरी की।



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PM मोदी ने कोरोना की स्थिति पर महाराष्ट्र, MP, तमिलनाडु, हिमाचल के CMs से की बात

08 May 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात कर इन राज्यों में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों और इसकी तीसरी लहर को रोकने के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि वार्ता के दौरान ठाकरे ने राज्य को पर्याप्त ऑक्सीजन आपूर्ति करने की मांग दोहराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य आज कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। ठाकरे ने कहा कि उनकी सरकार को मोदी के मार्गदर्शन का फायदा मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार के कई सुझावों को भी केंद्र ने स्वीकार किया है। कोरोना की दूसरी लहर में महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को राज्य में 54,022 नये मामले सामने आए और इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 49,96,758 हो गई। एक दिन पहले राज्य में 62,194 मामले दर्ज किए गए थे। राज्य में अब तक इस महामारी से 74,413 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को राज्य में 898 मरीजों की संक्रमण से मौत हो गई थी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि उन्होंने राज्य में कोरोना की स्थिति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया और लगातार घट रहे मामलों व तेजी से बढ़ रहे ठीक होने की दरकी जानकारी दी। चौहान ने उनसे प्रदेश सरकार द्वारा किए गए अभिनव प्रयासों को भी साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्रीसे रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति, ऑक्सीजन की उपलब्धता व आपूर्ति और प्रदेश में बनाए जा रहे नए ऑक्सीजन संयंत्रों की विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री जी से प्रदेश में चल रहे टीकाकरण अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की।’’ चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार द्वारा हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने फोन के माध्यम से राज्य में कोविड की स्थिति के बारे में जानकारी ली और इस दौरान कोविड मरीजों की सुविधा में ऑक्सीजन, अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता, टीकाकरण अभियान सहित प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने टवीट कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस संकट से निपटने हेतु हिमाचल को हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया है। इस कोरोना काल में हिमाचल की चिंता करने के लिए देवभूमि हिमाचल की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार।’’ ताजा आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में कोविड के 11,708 नये मामले और हिमाचल में 4,177 मामले सामने आए। पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री हर दिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर वहां की कोविड-19 की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों से बात की थी जबकि उससे पहले उन्होंने आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, झारखंड और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों से बात कर इन राज्यों में कोविड-19 की ताजा स्थिति पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर के साथ ही पुडुचेरी के उपराज्यपालों से भी बात कर स्थिति की समीक्षा कर चुके हैं। देश में एक दिन में कोविड-19 से रिकॉर्ड 4,187 मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,38,270 पर पहुंच गई है जबकि 4,01,078 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले शनिवार को बढ़कर 2,18,92,676 हो गए हैं। तमिलनाडु में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 26,465 नए मामले आए और पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 197 लोगों की मौत हुई। इसके साथ राज्य में संक्रमण के मामले 13.23 लाख हो चुके हैं और मृतकों की संख्या 15,171 पर पहुंच गई है। कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के बीच सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए राज्यभर में 10 मई से दो हफ्ते का ‘‘पूर्ण लॉकडाउन’’ लगाने की शनिवार को घोषणा की।



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विशाखापट्टनम के बाद छत्तीसगढ़ के पेपर मिल में जहरीली गैस की चपेट में आए 7 मजदूर

07 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले की एक पेपर मिल में जहरीली गैस की चपेट में आने से सात मजदूर बीमार हो गए हैं। रायगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने गुरुवार को को दूरभाष पर बताया कि जिले के तेतला गांव में स्थित शक्ति पेपर मिल में बुधवार शाम जहरीली गैस की चपेट में आने से सात मजदूर बीमार हो गए। सिंह ने बताया कि बुधवार को मजदूर एक टंकी की सफाई कर रहे थे कि तभी वे गैस की चपेट में आ गए। लेकिन मिल के मालिक ने इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी और मजदूरों को अस्पताल में भर्ती करा दिया। आज जब अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी तो तब मामला सामने आया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के कारण मिल बंद थी। मिल मालिक मिल चालू करने के लिए सफाई का कार्य कर करा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। सफाई के दौरान सात मजदूर किसी जहरीली गैस के संपर्क में आए और बीमार हो गए। घटना के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। बाद में इनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञों के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है जिससे घटना के कारणों के बारे में जानकारी मिल सके। जल्द ही इस संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा।



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विशाखापट्टनम में गैस रिसाव से 11 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को सरकार देगी एक-एक करोड़

07 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। केंद्र ने बुधवार को कहा कि आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक रसायन संयंत्र में गैस रिसाव होने से 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1,000 अन्य प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशकएस एन प्रधान ने कहा कि संयंत्र से रिसाव अब बहुत कम हो गया है लेकिन एनडीआरएफ कर्मी इसे पूरी तरह से बंद करने तक मौके पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि गैस रिसाव से अभी तक 11 लोगों की मौत हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कमल किशोर ने कहा कि संयंत्र के आसपास के इलाकों में रह रहे करीब 1,000 लोग गैस रिसाव से प्रभावित हुए हैं। प्रधान ने कहा कि संयंत्र के तीन किमी के दायरे से 200 से 250 परिवारों के लगभग 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी गौतम सवांग ने बताया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी घटना पर करीब से निगाह रख रहे हैं। रेड्डी ने जिंदगियां बचाने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए जिले के अधिकारियों से कहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने गैस लीक में जिन्दगी गंवा चुके मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए और वेंटीलेटर पर मौजूद लोगों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।



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कृष्णा जिले के एसपी श्री रविन्द्र बाबू IPS और आंध्र प्रदेश के मंत्री श्री प्रेमी वेंकटरमन रामायण हमारे उत्पादों फेस वीसर्स और N95 मास्क के उपयोग को बढ़ावा देते हैं।

21 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

"हमेशा, मैं लोगों की जरूरतों को पूरा करने के बजाय उनकी इच्छा के अनुसार काम करना चाहता हूं, चाहे वह व्यवसाय या सामाजिक सेवा में हो। N95 मास्क, क्लॉथ मास्क, सैनिटाइज़र और हाथ के दस्ताने के साथ कोरोना से लड़ने के लिए चेहरे के दर्शक पहली और सबसे अच्छी पसंद बने। हर कोई एक चेहरा टोपी का छज्जा, n95 / कपड़ा मुखौटा और हाथ के दस्ताने के संयोजन के साथ सुरक्षित और सुरक्षित महसूस करता है। ”

कोरोना समय ने मुझे देश मेक इन इंडिया ’उत्पादों के साथ प्रदान करके अपने लोगों और देश की सेवा करने का अवसर दिया है जो व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए और काम पर व्यक्तियों के बीच वायरस के संचरण से बचने के लिए समय की आवश्यकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, स्पेन और अन्य राष्ट्रों के उदाहरणों के माध्यम से, यह स्पष्ट है कि M हैंड्स, माउथ, नोज एंड फेस ’वायरस के प्रसारण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं क्योंकि वे किन्हीं दो व्यक्तियों के बीच घनिष्ठ संपर्क में हैं।

आंध्र प्रदेश में उसी और पहली बार, मुख्य मंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी जी के बुलावे पर, कोरोना के दौरान सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए युवाओं के साथ, मैंने फ्रंटलाइन योद्धाओं को 'हैंड ग्लव्स, फेस विज़र्स और एन 95' पेश किए। जमीन पर कोरोना के खिलाफ लड़ाई जो अच्छी तरह से प्राप्त की जाती है और बड़े जोखिम को कवर किया गया है। ये उत्पाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के साथ संरेखित हैं।

लगभग। 6.5 लाख रुपये मूल्य के हैंड ग्लव्स, फेस शील्ड्स, N95 मास्क और क्लॉथ मास्क पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, सैनिटरी कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और उन सभी लोगों के लिए पेश किए गए हैं, जो सीधे पीड़ितों या मैदान पर लड़ने वाले हैं।

एक हफ्ते के कम समय में, फेस वीज़र्स के ऑर्डर 50,000 टुकड़ों तक पहुंच गए हैं, जिनमें से अधिकांश खरीदार अस्पताल, बैंक, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संस्थान हैं।

जैसा कि कोरोना की तीव्रता अगले 09-12 महीनों तक जारी रहने की उम्मीद है, हम अपने उत्पादों को पूरे भारत में अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी के रूप में आपूर्ति करने के लिए लैस कर रहे हैं। हम इन उत्पादों को जरूरतमंदों तक ले जाने में सरकारी सहायता की तलाश कर रहे हैं।

अपने आप को, अपने परिवार और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान देने का समय है। हम आपको सही टीम से सही उत्पादों के माध्यम से इसे करने में मदद करेंगे।

मामले में, कोई भी सरकारी संस्थान, सरकारें या कोई भी निजी संगठन हमारे उत्पादों में रुचि रखते हैं, मेल - pawandheer@gmail.com या 9885888541 पर कर सकते हैं

श्रीराम पवनधर सनम,

एमडी, पवनधर एंटरप्राइजेज



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SP of Krishna District Shri Ravindra Babu IPS & Minister of Andhra Pradesh Shri Premi Venkataraman Ramayan promoting the use of our products Face Visors & N95 Masks..

21 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

“Always, I work to cater the needs of people rather than their wants, be it in business or social service. The face visors turned out to be the first & best choice to fight corona along with n95 masks, cloth masks, sanitizers and hand gloves. Everyone feels safe & secure with a combination of a face visor, n95/cloth mask & hand gloves.”

Corona times has given me an opportunity to serve my people & country by providing them with ‘Make In India’ products which are the need of the hour for personal safety and to avoid transmission of virus among individuals at work.

Through examples of USA, Italy, Spain & Other Nations, it’s clear that ‘Hands, Mouth, Nose & Face’ play major role in transmission of the virus as they are closely exposed between any two individuals.

For the same & first time in Andhra Pradesh, On the call of Chief Minister YS Jagan Mohan Reddy Ji to youngsters to come up with practical solutions to social problems during Corona, I introduced ‘Hand Gloves, Face Visors & N95’ to the frontline warriors fighting against corona on ground which are well received and major risk has been covered. These products are in alignment with World Health Organization (WHO) standards.

Approx. 6.5 lacs worth of Hand Gloves, Face Shields, N95 Masks & Cloth Masks has been introduced to policemen, doctors, sanitary workers, volunteers and everyone who are directly being exposed to victims or fighting on field.

In short span of a week, the orders for face visors has reached to 50,000 pieces of which majority buyers are hospitals, banks, state government and central government institutions.

As the intensity of corona is expected to continue for another 09-12 months, we are equipping our resources to supply these products across India as our duty and responsibility. We are looking for government support in taking these products to needy.

It’s time to focus on protecting yourself, your family & your staff. We will help you to do it through right products from right team.

In case, any government institutions, governments or any private organizations are interested in our products, drop in a mail:- pawandheer@gmail.com or can what’s app at 9885888541

Sriram Pawandheer Sanam,

MD, Pawandheer Enterprises



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तमिलनाडु सरकार ने भी बढ़ाया लॉकडाउन, अब 30 अप्रैल तक रहेगी सख्ती

13 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

चेन्नई। मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने सोमवार को तमिलनाडु में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की और कहा कि यह कदम चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर उठाया गया है। पलानीस्वामी ने कहा कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के साथ हुई बैठक में उन्होंने इन पाबंदियों को इस माह के आखिर तक बढ़ाने का समर्थन किया था और कई राज्यो के मुख्यमंत्रियों ने भी पाबंदियों को बढाने की वकालत की थी।

पलानीस्वामी के अनुसार प्रधानमंत्री के साथ बैठक में हुई चर्चा, तथा विशेषज्ञ समिति, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के अनुसार एवं मंत्रिमंडल के निर्णय के मुताबिक लॉकडाउन को सीआरपीसी एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाता है।



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