मध्य प्रदेश

hindi news portal lucknow

मध्यप्रदेश में कोरोना से स्वस्थ होने वाले रोगियों का प्रतिशत बढ़कर 68.6 हो गया

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से स्वस्थ होने वाले रोगियों का प्रतिशत बढ़कर 68.6 हो गया है। राज्य सरकार ने इसकी जानकारी दी। प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गयी। प्रवक्ता ने बताया, ‘‘बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में कोरोना से स्वस्थ होने वाले रोगियों का प्रतिशत बढ़कर 68.6 हो गया है। देश के सभी राज्यों में राजस्थान ही एक ऐसा प्रदेश है जहां यहां से अधिक 74 प्रतिशत रिकवरी रेट है जबकि देश का औसत रिकवरी रेट 48.7 प्रतिशत है।’’ बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 13 अप्रैल को मात्र नौ प्रतिशत रिकवरी रेट था, जो आज 68.6 प्रतिशत है और इसमें निरंतर सुधार हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कोरोना मरीजों की दोगुनी होने की दर 31 दिवस है जबकि यह दर देश में 14.17 दिवस है। उन्होने बताया कि अलीराजपुर, हरदा और होशंगाबाद में गत 21 दिवस में कोई भी कोरोना संक्रमण का नया मामला सामने नहीं आया है। इसी प्रकार सिवनी में पिछले 19, झाबुआ में पिछले 15 और सीहोर में पिछले 10 दिन में कोई कोरोना मरीज नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 1034 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं। इनसे 8.94 लाख आबादी कवर हो रही है। कुल 1171 मोबाइल मेडिकल यूनिट कार्य कर रही हैं।जबकि कोरोना संक्रमण की व्यवस्थाओं में पुलिस फोर्स के 9580 अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं।



hindi news portal lucknow

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चला आ रहा केन-बेतवा परियोजना जल बंटवारा जल्द ही सुलझेगा

03 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चले आ रहे नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना के पानी बटवारे को लेकर विवाद जल्द ही सुलझ सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके संकेत दिए है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे वर्ष 2005 में पानी बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर कायम हैं। इस विवाद को सुलझाने को लेकर दोनों राज्यों के बीच संवाद जारी है। कोरोना संकट न आता तो इस विवाद का समाधान अब तक निकल गया होता। लगातार लॉकडाउन की वजह से इस विवाद पर मंथन कुछ समय के लिए टल गया था। जिसे कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के बाद प्राथमिकता से निपटाएंगे।केन-बेतवा के जल बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच कई वर्षो से विवाद चल रहा है। इससे पहले पिछले माह मई में नदी जोड़ो मुहिम के तहत प्रस्तावित केन-बेतवा परियोजना के जल बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि प्रस्तावित केन-बेतवा परियोजना में मध्य प्रदेश के ज्यादा संख्या में गांव डूबेंगे। जंगल भी हमारा ज्यादा डूबेगा, लेकिन उत्तर प्रदेश अधिक जल चाहता है। उत्तर प्रदेश की मांग व्यावहारिक नहीं है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा था कि हम मध्य प्रदेश को न्याय दिलवाएंगे। पिछले दिनों केंद्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक के बाद एमओयू की सभी शर्ते तय की गई थीं। इसके तहत उत्तर प्रदेश को रबी के सीजन में परियोजना से 900 मिलियन क्यूबिक मीटर के बजाए 700 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी देने का निर्णय हुआ था, वह भी तब जब मध्य प्रदेश अपने हिस्से के पानी का उपयोग कर चुका होगा और उसके पास जितना अतिरिक्त पानी बचेगा, वह उत्तर प्रदेश को दिया जाएगा।

गौरतलब है कि दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं फिर भी जल बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अभी भी पानी की हिस्सेदारी सहित कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे वर्ष 2005 में पानी बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर कायम हैं। 2005 के समझौते को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया होती है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इस मुद्दे पर भारत सरकार ने दोनों प्रदेशों के बीच समन्वय बनाकर प्रक्रिया को काफी तेजी के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर दोनों राज्य सरकारें इस समस्या का समाधान निकाल लेंगी, क्योंकि पूरे बुंदेलखंड के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण है। वही पिछले दिनों मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा था कि हमारा डूब क्षेत्र ज्यादा है। हमारे किसानों को इसका ज्यादा फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस बात से सहमत हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से एक दौर की बात हो चुकी है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से बात करेंगे। इसके बाद भी हमें हमारा हिस्सा नहीं मिलता है तो प्रदेश के केंद्रीय मंत्रियों के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नदी से बेतवा नदी तक पानी ले जाने के लिए 231 किमी लंबी नहर बनेगी। जिसके लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के पास डोढन पर बड़ा बांध बनाया जाएगा। जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की 7 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचिंत करने का लक्ष्य है। इस परियोजना पर 30 हजार करोड़ रूपए की लागत आ रही है। जिससे मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश में आने वाले बुंदेलखंड की प्यास बुझाने की योजना है। नदियों को जोड़ने की मुहिम 2002 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने शुरू की थी। इसमें सबसे पहले केन-बेतवा पर काम शुरू किया गया था। साथ ही इन नदियों के पानी से बुंदेलखंड की प्यास बुझाने का सपना भी बुना गया, लेकिन तब से आज तक यह परियोजना विवादों में ही उलझी हुई है। विवादों के चलते अब तक योजना का शिलान्यास नहीं हो पाया है।



hindi news portal lucknow

मध्यप्रदेश में 15 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, स्कूल-कॉलेज खोलने पर 13 जून के बाद होगा फैसला

30 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्यप्रदेश में लॉकडाउन 15 जून तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद इसका ऐलान किया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम COVID19 से लड़ने के लिए 15 जून तक लॉकडाउन बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्कूल-कॉलेज खुलेंगे, लेकिन इस पर आखिरी फैसला 13 जून के बाद ही लिया जाएगा।आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,645 मामले है। प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, बुरहानपुर, खरगोन, खंडवा और बड़वानी को छोड़कर बाकी सभी जिले ग्रीन जोन में हैं। हालांकि प्रदेश में खेल गतिविधियां भी 1 जून से शुरू हो रही हैं।



hindi news portal lucknow

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दावा, प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक प्रतिदिन हो रही 04 हजार कोरोना टेस्टिंग

29 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि राज्य में हर दिन चार हजार कोरोना टेस्टिंग हो रही है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। पर्याप्त टेस्टिंग किट प्राप्त हो जाने से यह संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रालय में अधिकारीयों के साथ हुई बैठक के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य में कोरोना के नियंत्रण के प्रयासों में निरंतर सफलता मिल रही है। जिसके चलते ही राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि पूरी सावधानी, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 30 अप्रैल से राज्य मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल और अन्य राज्यस्तरीय कार्यालय 30 प्रतिशत अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ प्रारंभ होंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सुखद संकेत है कि राज्य में पॉजीटिव रोगियों की संख्या कम हो रही है। इसके साथ ही अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले व्यक्तियों की संख्या भी बढ़ गई है। रोगी स्वस्थ्य हो रहे हैं, मृत्युदर भी कम हुई है। जनसहयोग से कोरोना पर नियंत्रण करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब मध्यप्रदेश में प्रतिदिन चार हजार टैस्टिंग हो रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। पर्याप्त टेस्टिंग किट प्राप्त हो जाने से इस कार्य में गति आई है। मुख्यमंत्री ने आर्थिक गतिविधियों का शुरू करने के लिए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कथन कि "जान भी है, जहान भी है" के अनुसार सीमित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का संचालन होगा। ग्रीन जोन में इनके संपादन के साथ ही मनरेगा और अन्य कार्यों में श्रमिक शामिल होंगे। रोजगार के अवसर निरंतर उपलब्ध करवाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी का कार्य पूरा किया जा चुका है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का कवच उपलब्ध है। एक माह पूर्व किसानों को यह चिंता थी कि खरीदी होगी अथवा नहीं। राज्य में गेहूं खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। लॉकडाउन के कारण जूट के बारदाने की उपलब्धता में समस्या आई थी जिसे दूर किया गया है। इसमें केन्द्र का सहयोग भी मिल रहा है। वही चना, मसूर और सरसो की खरीदी की भी समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों को अधिकतम सुविधाएं देकर उन्हें किसी भी तरह के शोषण से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रति हेक्टेयर उत्पादन के आधार पर सीमा तय कर किसान को लाभान्वित किया जाएगा। पूर्व सरकार द्वारा जो सीमा कम की थी उसे बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में कोरोना नियंत्रण के हरसंभव उपाय किए गए हैं। अधिक प्रभावित जिलों में अधिकारियों के दल जाकर सभी पक्ष देखेंगे। ये दल जिलों में कैम्प कर निरीक्षण के पश्चात स्थानीय प्रशासन को कोरोना वायरस के नियंत्रण, उपचार, लॉकडाउन से संबंधित व्यवस्थाओं के निर्धारण में सहयोग करेंगे। वही राज्य में नोविल कोरोना वायरस के टेस्टिंग बढ़ जाने के मुख्यमंत्री के दावे से आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमित मरीजों की सही संख्या का पता प्रदेश में लग सकेगा। साथ ही टेस्टिंग किट की कमी को लेकर राज्य का स्वास्थ्य विभाग जूझ रहा था उस पर भी विराम लगेगा।



hindi news portal lucknow

लॉकडाउन में CM शिवराज ने किया पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

21 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शपथ लेने के 29 दिन बाद मंगलवार को पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन किया। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में एक छोटे एवं सादे समारोह में इन सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने जिन पांच सदस्यों को अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया है उनमें तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, नरोत्तम मिश्रा, मीना सिंह एवं कमल पटेल शामिल हैं। इनमें से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। ये दोनों कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे और सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद उन 22 विधायकों में शामिल थे जो कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे।मध्य प्रदेश: भोपाल में राज्य मंत्रिमंडल विस्तार समारोह में भाजपा नेताओं नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, मीना सिंह, तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रियों के रूप में शपथ ली। मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधीन में दोपहर 12 बजे होगा। भाजपा के नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, मीना सिंह, तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद की शपथ लेनी है।

आज शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में एक ब्राह्मण (मिश्रा), एक क्षत्रिय (राजपूत), एक अनुसूचित जाति (सिलावट), एक अनुसूचित जनजाति एवं एक अन्य पिछड़ा वर्ग (पटेल) से हैं और इस प्रकार चौहान ने इस विस्तार में जातीय समीकरण को ध्यान में रखा है।



hindi news portal lucknow

इंदौर में मेडिकल टीम पर हमला करने वाले सात आरोपित गिरफ्तार, उपद्रवियों पर बड़ी कार्रवाई

02 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

इंदौर। इंदौर में टाटपट्टी बाखल क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची मेडिकल टीम पर हमला करने वाले सात उपद्रवियों को पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। आरोपितों की उनके क्षेत्र में ही जमकर पिटाई की गई। पुलिस ने हमले में शामिल 15 अन्य को वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित कर लिया है। आरोपितों के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।एडिशनल एसपी (पश्चिम) राजेश व्यास के मुताबिक, कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंचे डॉक्टरों के दल पर बुधवार दोपहर भीड़ ने हमला कर दिया था। उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर मारा और पथराव किया। पुलिस ने एक महिला डॉक्टर की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। बुधवार देर रात वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ लोगों की पहचान कर ली गई। गुस्र्वार सुबह करीब 10 बजे आरोपित मोहम्मद मुस्तफा, नौशाद अहमद कादरी, मोहम्मद गुलरेज, शाहरुख खान, मुबारिक मोहम्मद, शोहेब उर्फ शोबी मोहम्मद मुख्तियार और मज्जू उर्फ मजीद अब्दुल गफूर सभी निवासी टाटपट्टी बाखल को गिरफ्तार कर लिया गया।सीएसपी (सिटी एसपी) डीके तिवारी के मुताबिक, आरोपितों में मज्जू हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उसके विरुद्ध 23 केस दर्ज हैं। एक अन्य आरोपित शोबी पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस ने सभी की उसी स्थान पर पिटाई की जहां पथराव किया था। आरोपितों ने कान पकड़े और माफी मांगने लगे। आइजी विवेक शर्मा ने आरोपितों पर बलवा, मारपीट व जानलेवा हमले सहित डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट (डीएम) 2005 की धारा 51 भी बढ़वा दी। आइजी के मुताबिक, डीएम एक्ट रेयर केसों में लगाया जाता है। ऐसे अपराधियों को हमेशा के लिए चिन्हित कर लिया जाता है।डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ 20-20 घंटे काम कर रहे हैं ताकि लोगों की जान बचा सकें। उनके साथ बुरा व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ये लोग लंबे समय तक जेल में रहेंगे।



hindi news portal lucknow

दिग्विजय को शिवराज ने बताया ड्रामेबाज, बोले- त्रस्त थे कांग्रेस विधायक

18 Mar 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

सीहोर। भाजपा के राष्ट्रीप उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को देश का सबसे बड़ा ड्रामेबाज बताया। मालूम हो कि बेंगलुरु में बुधवार की सुबह उस रिजॉर्ट के पास नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जहां मध्यप्रदेश के बागी कांग्रेस विधायक ठहरे हुए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पुलिस पर विधायकों से मुलाकात न करने देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। मध्यप्रदेश में चल रहे राजनीतिक संकट के मद्देनजर यहां ग्रेस रिसॉर्ट में ठहराये गये भाजपा विधायकों से मिलने पहुंचे चौहान ने संवाददाताओं से कहा ‘‘दिग्विजय सिंह जी देश के सबसे बड़े ड्रामेबाज हैं। आज उनको (अपने) विधायक याद आ रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘बेंगुलुरू में रह रहे मध्यप्रदेश के बागी कांग्रेस विधायक इतने त्रस्त थे कि वो वीडियो जारी करके कह रहे हैं कि हमें सिंह से नहीं मिलना है।’’चौहान ने दिग्विजय एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘जब कर सकते थे, तब किया नहीं। अब इन विधायकों की लौट आने की बात कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि इन बागी विधायकों ने आज फिर वीडियो जारी करके साफ कर दिया है कि वे कमलनाथ सरकार से त्रस्त एवं परेशान थे। चौहान ने बताया, ‘‘इसके अलावा, इन बागी विधायकों ने वीडियो में साफ कहा है हमें ना तो दिग्विजय सिंह से मिलना है और ना किसी से बात करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब कमलनाथ जी को भी ये बागी विधायक याद आ रहे हैं। सवा साल से आप (कमलनाथ) क्या कर रहे थे?’’ चौहान ने कहा कि जब कमलनाथ की सरकार गिरने की कगार पर है, तब इन विधायकों को याद किया जा रहा है

उन्होंने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया, ‘‘मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया। प्रदेश को तबाह और बर्बाद कर दिया। इस सरकार में जनता त्रस्त एवं परेशान है। और अब उनके विधायक ही कह रहे हैं कि सरकार और इनके साथ हम नहीं हैं।’’ चौहान ने दावा किया कि अब कमलनाथ अपनी सरकार को बचा नहीं सकते। गौरतलब है कि कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए उसके प्रतिष्ठित युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी और इसके बाद मध्यप्रदेश से पार्टी के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इनमें से अब छह के इस्तीफे स्वीकार किये गये हैं। इसके साथ 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है। सिंधिया 11 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए थे।



hindi news portal lucknow

MP में विधानसभा स्थगित लेकिन जंग जारी, शिवराज ने कराई 106 विधायकों की परेड

16 Mar 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मध्य प्रदेश की विधानसभा के फ्लोर पर सत्ता का टेस्ट फिलहाल तो टल गया है। लेकिन सियासत की जंग लगातार जारी है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी 106 विधायकों की राज्यपाल लालजी टंडन के सामने परेड करवाई और समर्थन की सूची सौंपी। इस दौरान राज्यपाल ने विधायकों को भरोसा दिया कि वह संविधान के अनुसार कार्रवाई करेंगे। लालजी टंडन ने कहा कि विधायकों के अधिकारों का हनन नहीं होगा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुमत बीजेपी के पास है और वो प्रदेश में सरकार बना रही है। एमपी सरकार रणछोड़ दास बन गई है और इसे अब कोरोना भी नहीं बचा पाएगा।बता दें कि मध्य प्रदेश की सियासत ने आज एक और बड़ी करवट ली जब राज्य में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यानी सोमवार को कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट की परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ा। मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को कोरोना वायरस के चलते स्थगित किया गया। जिसके बाद फ्लोर टेस्ट में देरी के विरोध में भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान भाजपा सुप्रीम कोर्ट से यह मांग करेगी कि स्पीकर को जल्द फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा अगर स्पीकर अगले 10 दिन के भीतर बागी विधायकों को अयोग्य करार देते हैं तो भी मामला हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में जा सकता है। कोर्ट में इस मामले पर कल सुनवाई होगी।



hindi news portal lucknow

राज्यपाल ने कमलनाथ को भेजी चिट्ठी, कहा- कल बहुमत परिक्षण करें नहीं तो माना जाएगा अल्पमत

16 Mar 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार है। आज सुबह मध्य प्रदेश की विधानसभा के फ्लोर पर सत्ता का टेस्ट टल गया था और राज्य में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गई थी। लेकिन राज्यपाल लालजी टंडन ने कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर बहुमत साबित करने को कहा है। राज्यपाल ने कहा कि कल बहुमत साबित करें नहीं तो अल्पमत माना जाएगा।

बता दें कि विधानसभा स्थगित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी 106 विधायकों की राज्यपाल लालजी टंडन के सामने परेड करवाई और समर्थन की सूची सौंपी। इस दौरान राज्यपाल ने विधायकों को भरोसा दिया कि वह संविधान के अनुसार कार्रवाई करेंगे।लालजी टंडन ने कहा कि विधायकों के अधिकारों का हनन नहीं होगा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुमत बीजेपी के पास है और वो प्रदेश में सरकार बना रही है।



hindi news portal lucknow

POCSO बिल राज्यसभा से पास, स्मृति ने कहा- देश में 6.20 लाख यौन अपराधी

24 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

चर्चा की शुरूआत करते हुए कांग्रेस के विवेक के तनखा ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों की सराहना की और कहा कि पेश किए गए संशोधन पूरी तरह से दंड पर ही केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत बच्चों को ऐेसे अपराधों से बचाने की भी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से समस्या समाप्त नहीं होगी और कई अन्य जरूरी कदम उठाए जाने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा विषय है।बच्चों के साथ यौन अपराध की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आज राज्यसभा में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण संबंधी विधेयक संशोधन (पोस्को) बिल ध्वनिमत से पास कर दिया गया। बिल में एक संशोधन प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है जो सदन की मांग पर खुद मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से पेश किया गया था। मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सरकार ने राज्यों से नोडल अफसरों की नियुक्ति के लिए कहा है। राज्यसभा में पोस्को बिल पर हुई चर्चा में महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने यौन अपराधियों के आंकड़े जुटाए हैं जिसके मुताबिक देश में 6.20 लाख यौन अपराधी हैं। ईरानी ने कहा कि ऐसे लोगों को ट्रैक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए गृह मंत्रालय जांच अधिकारियों और मेडिकल अफसरों की ट्रेनिंग भी करा रहा है। सरकार स्कूलों में भी इस बारे में जागरुकता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। चर्चा की शुरूआत करते हुए कांग्रेस के विवेक के तनखा ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों की सराहना की और कहा कि पेश किए गए संशोधन पूरी तरह से दंड पर ही केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत बच्चों को ऐेसे अपराधों से बचाने की भी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से समस्या समाप्त नहीं होगी और कई अन्य जरूरी कदम उठाए जाने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा विषय है। कानून व्यवस्था में सुधार लाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अभी बेटियों को घर से बाहर भेजने में डर लगता है।



12345678910...