महाराष्ट्र

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चक्रवात निसर्ग प्रभावितों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की जरूरत, 100 करोड़ का राहत पैकेज बहुत कम है: फडणवीस

06 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को महाराष्ट्र के उन क्षेत्रों के लिए एक वित्तीय पैकेज की मांग की जो तीन जून को आए चक्रवात ‘निसर्ग’ से प्रभावित हुए हैं। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा घोषित 100 करोड़ रुपये बहुत कम है। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय प्रभावितों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की जरुरत है। जब पिछले साल राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ आई थी, तो मेरी सरकार ने सतारा, सांगली और कोल्हापुर को 4,708 करोड़ रुपये और नासिक और कोंकण को 2,108 करोड़ रुपये दिए थे।’’ राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि केंद्र ने राज्य को 75,000 करोड़ रुपये का ऋण लेने की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को ऋण के माध्यम से धन जुटाना चाहिए और लोगों को सहायता प्रदान करनी चाहिए। कोरोना वायरस के प्रकोप ने राज्य को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, जिसपर फडणवीस ने कहा कि संक्रमण के लिए 10,000 जांच हो रही हैं, जबकि क्षमता 35,000 है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को फिर से शुरू करने और राज्य को सामान्य स्थिति में लाने के लिए राज्य सरकार के मिशन बिगिन अगेन अच्छा है लेकिन इसके लिए जमीनी स्तर पर पूरी मशीनरी के समर्थन की आवश्यकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने प्रकोप से निपटने के लिए निजी अस्पतालों में 80 प्रतिशत से अधिक बेड लेने की घोषणा की थी, लेकिन यह केवल एक घोषणा ही रही क्योंकि बड़े अस्पतालों ने खुद को इस योजना से अलग कर लिया था। फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार नीति और कार्रवाई के स्तर पर पंगु हो गई है क्योंकि महा विकास अघाड़ी सरकार के तीनों घटक दल शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के बीच संवाद नहीं हो रहा है।



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चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए मुंबई एयरपोर्ट, बंदरगाह पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए

03 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। मुंबई पर समुद्री चक्रवात के खतरे को देखते हुए महानगर के हवाईअड्डे और बंदरगाहों पर अधिकारियों ने सुरक्षा के विषेश प्रबंध किए हैं। चक्रवात निसर्ग बुधवार को मुंबई के निकट तट पर पहुंचेगा। मुंबई हवाई अड्डे की परिचालक कंपनी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) ने मंगलवार को कहा कि चक्रवात के खतरे को देखते हुए उसने यात्रियों और हवाई जहाजों की सुरक्षा के लिए वहां अनेक प्रबंध किए हैं। नागर विमानन महानिदेशालय ने भी एक परिपत्र जारी करके एयरलाइनों और पायलटों को खराब मौसम में विमान सेवाओं के परिचालन के संबंध में स्थायी दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा है। हवाई अड्डे पर बिजली की आपातकालीन व्यवस्था के लिए डीजल जनरेटरों का विशेष प्रबंध किया गया है। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह न्यास (जेएनपीटी) ने भी कहा है कि उसने तूफान के दौरान कठिनाई कम करने के लिए विभिन्न उपाय किए है। बंदरगाह प्रबंधकों ने सुरक्षा की दृष्टि से यात्री पोतों की सेवाएं निलंबित कर दी हैं। जेएनपीटी नेभारतीय मौसम विभाग के अनुमान का हवाला देते हुए कहा है कि चक्रवात के तट पर प्रवेश के समय 50-60 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। लंगर डाले जहाजों से मंगलवार सात 11 बजे तक सामान उतरवा उन्हें बंदरगाह क्षेत्र से बाहर करने की योजना पर काम चल रहा था। प्रवेश के लिए इंतजार कर रहे जहाजों को स्थिति सामान्य होने तक रुके रहने का निर्देश है।



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महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा- रेड जोन में एयरपोर्ट खोलना अत्यंत नासमझी है

24 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच रेड जोन में हवाईअड्डे फिर से खोलने का कदम अत्यंत नासमझी वाला है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की थी कि भारत में 25 मई से घरेलू यात्री उड़ान सेवा बहाल हो जाएगी। देशमुख ने इस संदर्भ में रविवार को ट्वीट किया, ‘‘रेड जोन में हवाईअड्डे खोलने की सलाह अत्यंत नासमझी वाली हैकेवल यात्रियों की थर्मल जांच करना और लार के नमूने नहीं लेना अपर्याप्त होगा। मौजूदा परिस्थितियों में ऑटो/कैब/बसें चलाना असंभव है। संक्रमित रोगी के आने से रेड जोन पर दबाव और बढ़ जाएगा।’’

रेड ज़ोन के हवाई अड्डों को इन हालात में खोलना ख़तरनाक साबित होगा। स्वॅब्स बगैर यात्रियों का केवल थर्मल स्कॅनिंग पूरी तरह अपर्याप्त है।

अभी रिक्षा/टॅक्सी/बस को इतनी तादाद में चलाना भी असंभव है। साथ ही किसी पॉजिटिव यात्री को रेड ज़ोन में लाकर वहाँ के खतरे में बढ़ोतरी करना ग़लत है।

उन्होंने कहा, ‘‘ग्रीन जोन से यात्रियों को रेड जोन में आने देने से संक्रमण का जोखिम बढ़ाने की बात समझ में नहीं आती।

किसी व्यस्त हवाईअड्डे को सभी कोविड-19 सुरक्षा उपायों के साथ संचालित करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की जरूरत होगी और इससे रेड जोन में खतरा बढ़ेगा।’’ महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक कुल 47,190 मामले सामने आए हैं जिनमें 28,817 मामले मुंबई से हैं। महानगर में संक्रमण से अब तक 949 लोगों की मौत हो चुकी है।



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प्रशंसकों के नाम आखिरी संदेश में बोले इरफान, मेरा इंतजार करना...

29 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। अभिनेता इरफान खान का अपने प्रशंसकों के लिए अंतिम संदेश यही था कि जिंदगी में कई बार बड़ी मुश्किलें आती हैं, लेकिन सकारात्मकता के साथ इसे जीना चाहिए। इरफान का बुधवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह खराब सेहत के कारण अपनी आखिरी फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ के प्रचार में भाग नहीं ले पाए थे और अपने प्रशंसकों के लिए उन्होंने ऑडियो संदेश रिकॉर्ड किया था। उन्होंने इस संदेश में कहा, ‘‘हैलो भाइयो बहनों, नमस्कार। मैं इरफान...। मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी हूं।’’अपने चाहने वालों से भावनात्मक डोर बांधते हुए उन्होंने इस संदेश में कहा, ‘‘खैर यह फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ मेरे लिए बहुत खास है। यकीन मानिए, मेरी दिली ख्वाहिश थी कि इस फिल्म का प्रचार इतने ही प्यार से करुं, जितने प्यार से हमने इसे बनाया है।’’ होमी अदजानिया निर्देशित इस फिल्म की शूटिंग इरफान ने जिस समय की थी, उस वक्त उनका न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज चल ही रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेरे शरीर के अंदर कुछ अनचाहे मेहमान बैठे हुए हैं। उनसे वार्तालाप चल रहा है। देखते हैं कि ऊंट किस करवट बैठता है। जैसा भी होगा, आपको इत्तला कर दी जाएगी।’’ इरफान कहते हैं, ‘‘कहावत है ‘व्हेन लाइफ गिव्स यू लेमन, यू मेक ए लेमनेड’। बोलने में अच्छा लगता है लेकिन सच में जब जिंदगी आपके हाथ में नींबू थमाती है तो शिकंजी बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है। लेकिन आपके पास सकारात्मक रहने के अलावा विकल्प ही क्या है।’’ उन्होंने कहा कि इन हालात में नीबू की शिकंजी बना पाते हैं या नहीं बना पाते, ये आप पर है। बकौल इरफान, ‘‘हम सबने इस फिल्म को उसी सकारात्मकता के साथ बनाया है और मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म आपको सिखाएगी, हंसाएगी, रुलाएगी, फिर हंसाएगी।’’ अपने संदेश में उन्होंने आखिर में कहा कि ट्रेलर का मजा लीजिए और एक दूसरे के प्रति करुणा रखिए। और हां, मेरा इंतजार करना।



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इरफान खान के निधन से सदमे में खेल जगत, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

29 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों ने बालीवुड अभिनेता इरफान खान के निधन पर शोक व्यक्त किया। इरफान का बुधवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह भी कैंसर को मात देकर खेल में वापसी कर चुके हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मैं उनका दर्द जानता हूं और मैं जानता हूं कि वह अंत तक लड़े। कुछ भाग्यशाली होते हैं जो बच जाते हैं, कुछ ऐसा नहीं कर पाते। पूरा भरोसा है कि अब आप बेहतर जगह पर होंगे, आपके परिवार को मेरी संवेदनायें इरफान खान। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’’

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने ट्वीट किया, ‘‘इरफान खान के निधन की खबर सुनकर काफी दुखी हूं। कितनी अद्भुत प्रतिभा और उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से सभी का दिल जीत लिया था। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ तेंदुलकर ने कहा कि इरफान उनके पसंदीदा अभिनेता थे और उन्होंने उनकी सभी फिल्में देखी हैं। तेंदुलकर ने ट्वीट किया, ‘‘इरफान खान के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे, मैंने उनकी लगभग सारी फिल्में देखी हैं, अखिरी वाली ‘अंग्रेजी मीडियम’ थी। वह बहुत सहज अभिनेता थे, शानदार। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार वालों को संवेदनायें। ’’ पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट किया, ‘‘ बेहतरीन अभिनेता, बेहतरीन प्रतिभा। उनके परिवार और उनके चाहने वालों के प्रति संवेदनायें। ’’ सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने लिखा, ‘‘उनकी आत्मा को शांति मिले। हमेशा अभिनेता और कलाकार के तौर पर आपके लाजवाब काम का लुत्फ उठाया। उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनायें और प्रार्थना। ’’

सुरेश रैना ने ट्वीट किया, ‘‘ इरफान खान के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। वह सच्चे अभिनेता थे जिनमें अपार प्रतिभा और काबिलियत मौजूद थी। उनकी काफी कमी खलेगी। उनके परिवार के प्रति दिल से संवेदनायें। ’’ पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने लिखा, ‘‘ इरफान खान के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति गहरी संवदनायें। वह मेरे पसंदीदा अभिनेताओं में से एक थे, इतनी जल्दी चले गये। उनका काम हमेशा जीवित रहेगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने ट्वीट किया, ‘‘इरफान खान के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। पूरे परिवार के लिये संवेदनायें। बेहतरीन कलाकार। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ भारतीय फुटबाल टीम ने अधिकारिक ट्विटर पर लिखा, ‘‘हम इरफान खान के असमय निधन पर शोक व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने स्क्रीन पर अपनी अभिनय से सभी के दिल को छुआ। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने लिखा, ‘‘खान साहब, आपने जो कुछ किया, उसमें आप लाजवाब थे और यह हमेशा जिंदा रहेगा। अपनी कला को हमारे तक पहुंचाने का शुक्रिया। शोकाकुल परिवार वालों को भगवान मजबूती प्रदान करे। ’’ भारतीय बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल ने ट्वीट किया, ‘‘इस महान कलाकार के साथ एक विज्ञापन की शूटिंग की थी, शानदार यादें सर। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने ट्वीट किया, ‘‘प्रतिभाशाली अभिनेता इरफान खान के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। उनके परिवार और दोस्तों को संवेदनायें। ’’ भारतीय महिला हाकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने लिखा, ‘‘इरफान खान के असामयिक निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। बेहतरीन अभिनेता, इतनी जल्दी चला गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।



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सुपुर्द-ए-खाक हुए अभिनेता इरफान खान, कब्रिस्तान में मौजूद रहे दोनों बेटे बाबिल और अयान

29 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान का 54 साल की उम्र में निधन हो गया है। 29 अप्रैल 2020 की सुबह 11.30 पर लंबी बीमारी के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इसी अस्पताल में इरफान खान ने अंतिम सांस ली। इस खबर के आते ही बॉलीवुड इंडस्ट्री सहित पूरे देश में शोक की लहर छा गई। सोशल मीडिया पर चारों तरफ केवल इरफान खान को ही लोग अपने-अपने शब्दों में श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इरफान खान का अंतिम संस्कार बहुत ही साधारण तरीक से किया गया। लॉकडाउन के कारण मुंबई में नियम बहुत ही कड़े हैं ऐसे में इरफान की अंतिम यात्रा में केलव 20 लोग ही शामिल हुए।उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम 5 बजे मुंबई के वर्सोवा स्थित कब्रिस्तान में किया गया. जहां उनका परिवार और दोनों बेटे मौजूद थे। बहुत मुश्किल से अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए प्रशासन की तरफ से विशाल भारद्वाज और तिगमांशु धूलिया को शमिल होने की इजाज़त मिली। ज्यादा लोगों को अंतिम यात्रा में शामिल इस लिए भी नहीं होने दिया गया क्योंकि इरफान खान को फैन भारत सहित पूरी दुनिया है ऐसे में भीड़ को कंट्रोल करना बहुत ही मुश्किल हो जाता।

इरफान ने अपनी जिंदगी की हर जंग एक योद्धा की तरह लड़ी है फिर चाहें वो अपने करियर की हो या फिर जानलेवा बीमारी की। कैंसर जैसी बीमारी को उन्होंने हराया और फिल्म अंग्रेजी मीडियम से पर्दे पर वापसी की। देश के मुश्किल हालात जल्द से जल्द ठीक हो जाए उसके लिए बीमार होने के बावजूद उन्होंने 12 घंटे का व्रत रखा और ईश्वर से प्रार्थना की। इरफान खान एक अच्छे अभिनेता के साथ-साथ एक दिलखुश और धर्म-जाति से उपर इंसानियत को रखने वाले शख्स थे। इरफान का व्यक्तित्व ऐसा था जिसे आप एक शब्द में नहीं परिभाषित कर सकते। इरफान को जानने के लिए किताब का एक पन्ना पढ़ना काफी नहीं है उन्हें समझने के लिए पूरी किताब पढ़नी होगी। दुनिया को अलविदा कहने के बाद भी लोगों के जहन में इन्हें जो जिंदा रखेगा वो है उनके द्वारा निभाए गये किरदार।



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कोरोना के चलते टला चुनाव और उद्धव की कुर्सी पर छाया संकट, CM पद बचाने के लिए निकाला ये तरीका

09 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इस हालात में महाराष्ट्र इस बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा है। ऐसे में महाराष्ट्र में एक तरफ लाकडाउन की अवधी बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर संकट गहरा गया है। दरअसल, उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के कैबिनेट के सदस्य नहीं हैं और ऐसे में उनके छह महीने का कार्यकाल 28 मई को पूरा हो रहा है।

लेकिन इस वक्त कोरोना का संकट महामारी बनकर महाराष्ट्र में मंडरा रहा है तो इल्केशन कमीशन ने कह दिया कि इस वक्त चुनाव कराना नामुमकिन है। जिसके बाद से लगातार ये सवाल खड़ा हो रहा था और कई समीकरण की अटकलें लगाई जा रही थीं कि उद्धव ठाकरे किस तरह से अपनी कुर्सी को बचा पाएंगे। सबसे पहले आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे ने बिना चुनाव लड़े सत्ता की कुर्सी पर काबिज तो हो गए थे लेकिन वह अभी तक विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं बन पाए हैं। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर, 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। संविधान की धारा 164 (4) के अनुसार उद्धव ठाकरे को 6 माह में राज्य के किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है। ऐसे में उद्धव ठाकरे को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाए रखने के लिए 28 मई से पहले विधानमंडल का सदस्य बनना जरूरी है।

ऐसे में उद्धव ठाकरे विधानसभा का सदस्य बनने के लिए उनकी पार्टी के किसी विधायक को अपने पद से त्यागपत्र देना होता। इसके बाद फिर चुनाव आयोग को 29 मई से 45 दिन पहले उपचुनाव की घोषणा करती। लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना के विधायकों की संख्या का जो आंकड़ा है, ऐसे में वो अपने किसी विधायक का इस्तीफे का जोखिम नहीं लेना चाहते। ऐसे में दूसरा जरिया विधान परिषद की सदस्यता प्राप्त करने का है। इसके लिए चुनाव आयोग को सिर्फ 15 दिन पहले अधिसूचना जारी करनी होगी और महाराष्ट्र के विधान परिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल 24 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इन 9 विधान परिषद सीटों पर चुनाव होने थे, जिन्हें कोरोना संकट की वजह से टाल दिया गया है।

माना जा रहा है था किसी एक सीट पर उद्धव ठाकरे चुनाव लड़ सकते थे। लेकिन चुनाव टलने के बाद उद्धव की कुर्सी पर संवैधानिक संकट छा गया था। इन सब के बीच राज्य की कैबिनेट ने उन्हें राज्यपाल की ओर से मनोनीत किए जाने को लेकर प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है। राज्यपाल 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक के मुताबिक, सीएम उद्धव ठाकरे का नाम गवर्नर के पास भेजा जाएगा ताकि वह मनोनीत एमएलसी चुने जाएं।

बता दें कि राज्य विधानसभा या परिषद परिषद का सदस्य नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री बनने वाले उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के 8वें सीएम हैं। उनसे पहले कांग्रेस नेता ए. आर अंतुले, वसंतदादा पाटिल, शिवाजीराव निलंगेकर-पाटिल, शंकरराव चव्हाण, सुशीलकुमार शिंदे, शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण भी इस पद पर किसी सदन की सदस्यता के बिना सीएम बन चुके हैं।



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तालियां, थालियां और दीया...ये सब चलता रहा तो जंग हार जाएंगेः शिवसेना

07 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग को ताली बजाकर, थाली पीटकर या दीए जलाकर नहीं जीता जा सकता। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में पार्टी ने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का “गलत अर्थ” निकाला। साथ ही पार्टी ने कहा कि मोदी को साफ-साफ कहना चाहिए वह देशवासियों से क्या उम्मीद करते हैं और जो लोग आदेश का पालन नहीं करेंगे उनको सजा दी जानी चाहिए।

मोदी ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बीच पिछले हफ्ते लोगों से कोरोना वायरस को हराने के लिए रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की लाइट बंद करने की अपील की थी। देश भर में लोगों ने पूरे उत्साह से इस पर प्रतिक्रिया दी और अपने घरों के सामने एवं बालकोनी में मोमबत्तियां एवं दीये जलाए तथा मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाई। मोदी ने इससे पहले लोगों से 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ का पालन करने और कुछ देर के लिए अपने घरों के मुख्य दरवाजे पर, बाहर आकर तालियां, घंटी, थाली बजाकर कोरोना वायरस के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवा प्रदाताओं के प्रति आभार जताने का आह्वान किया था।

प्रधानमंत्री की इन अपीलों की आलोचना करते हुए शिवसेना ने कहा, “तालियां, थालियां और दीया...इस तरीके से हम जंग हार जाएंगे। कई पहलू हैं... कि लोगों ने अपीलों पर किस तरह से प्रतिक्रिया दी। नागरिकों ने या तो प्रधानमंत्री की अपील का गलत अर्थ निकाला...या तो प्रधानमंत्री नागरिकों को ठीक से समझा नहीं पाए या वह खुद ऐसा उत्सव वाला माहौल चाहते थे।” संपादकीय में कहा गया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लोगों से स्व अनुशासन बनाए रखने की अपील कर रहे हैं और उनसे संवाद करते वक्त यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भ्रम न हो।

मराठी दैनिक में कहा गया है, “कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में, आपको ऐसे कमांडर की जरूरत है। हमने अफवाहों और योजनाओं के अभाव में पानीपत का युद्ध गंवा दिया था। कोरोना वायरस के खिलाफ युद्ध इस तरह से नहीं गंवाया जाना चाहिए और राज्य के लोगों का हश्र सदाशिवराव भाउ (पानीपत युद्ध में मराठी सेना के कमांडर) जैसा नहीं होना चाहिए।’’ पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री को साफ-साफ कहना चाहिए कि उन्हें जनता से क्या उम्मीद है। पार्टी ने पूछा, ''जो मानकों का पालन नहीं करें उनको सजा दी जानी चाहिए। केवल मरकज (दिल्ली में पिछले महीने हुए तबलीगी जमात का कार्यक्रम) ही नियम नहीं तोड़ रहा। जो लोग कोरोना वायरस के प्रसार के लिए मरकज को दोष दे रहे हैं क्या वे खुद अनुशासन एवं सामाजिक दूरी बरत रहे हैं?” शिवसेना ने मोमबत्तियों, टॉर्च और मोबाइल फोन के साथ सड़कों पर लोगों के बाहर निकलने और नृत्य करने की घटनाओं की आलोचना की और कहा कि पटाखे जलाने की वजह से सोलापुर में आग वाला हादसा हुआ। पार्टी ने कहा कि वर्धा में भाजपा विधायक दादाराव केचे ने बंद के दौरान अपना जन्मदिन मनाया और पार्टी में 200 से ज्यादा लोग एकत्र हुए।



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हर मिल मजदूर को घर देने की संभावनाएं तलाशेगी सरकार: उद्धव ठाकरे

01 Mar 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ‘संयुक्त महाराष्ट्र’ आंदोलन में मिल श्रमिकों के योगदान की प्रशंसा करते हुए रविवार को कहा कि उनकी सरकार यह देखेगी कि वह मिलों में काम करने वाले हर व्यक्ति को किस प्रकार मकान मुहैया करा सकती है। ठाकरे ने मिल श्रमिकों से अपील की कि वे उन्हें आवंटित मकान किसी अन्य को बेचकर मुंबई से बाहर नहीं जाएं। उन्होंने उपनगर बांद्रा में महाराष्ट्र गृहविकास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के मुख्यालय में उसके द्वारा आयोजित ‘लकी ड्रा’ कार्यक्रम में यह बात कही। इस कार्यक्रम में मिल श्रमिकों और उनके कानूनी वारिसों को 3,894 मकान बांटे गए।मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब आपको नए मकान आवंटित हो जाएं, तो आप मुझे चाय पर बुलाइएगा। अपने घरों में खुश रहिए। इन मकानों को बेचकर और अपने अधिकार खोकर मुंबई से बाहर मत जाइएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार यह पता लगाएगी कि हर मिल श्रमिक को किस प्रकार मकान मुहैया कराया जा सकता है। उन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में योगदान दिया है।’’मध्य मुंबई में म्हाडा ने बॉम्बे डाइंग, स्प्रिंग मिल और श्रीनिवास मिल की जमीनों पर मिल श्रमिकों के लिए 3,894 मकान बनाए हैं।इस मौके पर महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि राज्य सरकार ने उन लोगों को मकान मुहैया कराने का नीतिगत फैसला किया है जिन्होंने अब निष्क्रिय हो चुकी शहर की मिलों में काम किया है। उन्होंने बताया कि म्हाडा ने बडाला स्थित बॉम्बे डाइंग और स्प्रिंग मिल की भूमि पर क्रमश: 720 और 2,630 मकान बनाए हैं। इसके अलावा 544 मकान लोअर परेल में श्रीनिवास मिल की जमीन पर बनाए गए हैं।

इन मकानों के लिए 1,74,036 मिल श्रमिकों ने आवेदन किया था। अव्हाड ने बताया कि 225 वर्ग फुट के ये एक शयनकक्ष, हॉल और रसोईघर वाले मकान अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।



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इंदिरा गांधी पर दिये बयान को संजय राउत ने लिया वापस

16 Jan 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने वाले अपने बयान को शिवसेना सांसद संजय राउत ने वापस ले लिया है। संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस से हमारे दोस्तों को आहत होने की जरूरत नहीं है। अगर किसी को लगता है कि मेरे बयान से इंदिरा गांधी जी की छवि को धक्का पहुंचा है या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं अपने बयान को वापस लेता हूं। इससे पहले कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और संजय निरुपम ने सांसद संजय राउत से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर की गई उनकी कथित टिप्पणी वापस लेने को कहा था।राज्यसभा सदस्य राउत ने बुधवार को दावा किया था कि इंदिरा गांधी करीम लाला से मुम्बई में मुलाकात करती थीं। पुणे में लोकमत मीडिया समूह के एक कार्यक्रम के दौरान दिए एक साक्षात्कार में राउत ने कहा था कि था जब (अंडरवर्ल्ड डॉन) हाजी मस्तान मंत्रालय आए थे, तो पूरा सचिवालय उन्हें देखने नीचे आ गया था। इंदिरा गांधी पायधुनी (दक्षिण मुम्बई) में करीम लाला से मिला करती थीं। गौरतलब है कि करीम लाला, मस्तान मिर्जा उर्फ हाजी मस्तान और वरदराजन मुदलियार मुम्बई के बड़े माफिया सरगना थे, जो 1960 से लेकर अस्सी के दशक तक सक्रिय रहे।



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