दिल्ली

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बाबा के रामबाण इलाज पर मंत्रालय की रोक! बिना अप्रूवल प्रचार और ब्रांडिंग के फेर में हो गई किरकिरी

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

देश में जिस वक्त कोरोना वायरस की महामारी अपने पैर पसार रही है और हर रोज़ पंद्रह हज़ार केस सामने आ रहे हैं, ऐसे वक्त में एक और बहस छिड़ गई है. मंगलवार को योगगुरु रामदेव ने कोरोना को मात देने वाली दवाई ‘कोरोनिल’ को लॉन्च किया, रामदेव ने दावा किया कि ये दवाई कोरोना को मात देती है और इसका रिजल्ट सौ फीसदी है. लेकिन शाम होते-होते आयुष मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए इस दवाई के प्रचार पर रोक लगा दी और पतंजलि से पूरी जानकारी मांगी. यानी मंत्रालय ने अभी दवाई को मंजूरी नहीं दी है।देश-दुनिया कोरोना से परेशान है और ये बीमारी बिन बुलाए मेहमान की तरह जाने का नाम नहीं ले रही है और महामारी बनकर सिर पर सवार है। इसकी रफ्तार का आलम ये है कि अब हर रोज लगभग पंद्रह हजार लोग चपेट में आकर संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना वायरस की बढ़ती रफ्तार और चीख पुकार के बीच कहीं से भी राहत की खबर नज़र नहीं आ रही है। दुनिया के लगभग सभी देश इस होड़ में लगे हुए हैं कि वह कितने कम समय में कोरोना वायरस की दवा या वैक्सीन को ढ़ूंढ़ निकालें। अब तक कई परीक्षण भी हो चुके हैं लेकिन इसका इंतज़ार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारत में भी कई कंपनियां कोरोना वायरस के इलाज और इसकी दवाईयों को लेकर महीनों से खोज रही है। वहीं योगगुरू बाबा ने जो दावा किया है उसने पूरे विश्व को चौंका दिया है। दरअसल, मंगलवार को योगगुरु रामदेव ने कोरोना को मात देने वाली दवाई ‘कोरोनिल’ को लॉन्च किया, रामदेव ने दावा किया कि ये दवाई कोरोना को मात देती है और इसका रिजल्ट सौ फीसदी है। लेकिन शाम होते-होते आयुष मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए इस दवाई के प्रचार पर रोक लगा दी और पतंजलि से पूरी जानकारी मांगी। जबकि, आईसीएमआर की तरफ से इस दवा की उपयोगिता के बारे में कोई टिप्पणी नहीं आई है जिसका सभी को इंतज़ार है। क्या वाकई अब कोरोना से किसी की मौत नहीं होगी। अगर वो पतंजलि वाली दवा खा लेंगे। यदि ऐसा है तो दुनियाभर के वैज्ञानिक जो महीनों से कोरोना की दवाई बनाने में जुटे थे, उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आ रही। बाबा रामदेव ने कोरोनील गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा से बनी दवा को लेकर कोरोना को सौ फीसदी ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इन चीजों का सेवन पहले से ही बताया जा रहा था। बाबा रामदेव ने भी 8 अप्रैल को पतंजलि के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो डाला था जिसमें वो इन चीजों के सेवन के लिए कह रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि जो चीजें इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बताई जा रही थी, उसे कोरोना की दवाई कह कर प्रचार के साथ बेचना सही है?केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि रामदेव को अपनी दवा की घोषणा मंत्रालय से इजाजत लिए बिना नहीं करनी चाहिए थी। उन्‍होंने कहा, 'हमने उनसे जवाब मांगा है।जहां दवा पर अध्ययन किया गया है उस जगह का नाम, हॉस्पिटल का नाम, प्रोटोकॉल, सैंपल साइज की भी डिटेल मांगी है।

डब्ल्यूएचओ की एक चेतावनी आई थी। जिसमें एम्युनिटी बढ़ाने की दवाओं को मेडिकल ट्रीटमेंट न बनाने की बात कही थी। ग्लेन फार्मा और हेटरो लैब्स और सिप्ला ने कोरोना मरीजों के लिए रेमडेसिवीर का जेनरिक मेडिसिन पेश किया है। जिसे क्रमश: ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन, अमेरिकी दवा नियामक यूएसएफडीए ने कोविड-19 के मरीजों को आपातकालीन स्थिति में देने की स्वीकृति दी है। लेकिन इन सबमें जो बारिक बात ये है कि इन कंपनियों की दवा हल्के लक्षणों वाले मरीजों में ही कारगर होगी। नरेंद्र मोदी द्वारा साल 2014 में हिन्दुस्तान की बागडोर संभालने के छह महीने के भीतर ही देश में मौजूद इलाज के अलग-अलग परंपरागत तरीकों के विस्तार के लिए अलग से आयुष मंत्रालय का गठन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट विस्तार के दौरान गोवा से लोकसभा सांसद श्रीपद यशो नायक को आयुष विभाग में राज्यमंत्री का स्वतंत्र प्रभार दिया।



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अहमदाबाद में डायपर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, अमित शाह ने NDRF की तैनाती के दिए आदेश

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर के निकट सानंद औद्योगिक क्षेत्र में एक डायपर फैक्ट्री में बुधवार को भीषण आग लग गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि आग सुबह करीब साढ़े आठ बजे लगी और आग को बुझाने का प्रयास अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा (एएफईएस) के कर्मचारी और पास के नगर निकाय के कर्मचारी आग बुझाने के काम में जुटे हुए हैं। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीआरएफ की तैनाती के आदेश दिये हैं।शाह ने ट्वीट कर कहा, “सानंद में एक कारखाने में आग के बारे में पता चला। मैं जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। दमकल की गाड़ियां मौके पर हैं, मैंने एनडीआरएफ से आग बुझाने में मदद करने को कहा है।” अधिकारियों के मुताबिक आग सेनेटरी उत्पाद निर्माता यूनिचार्म इंडिया प्राइवेड लिमिटेड के स्वामित्व वाले संयंत्र के बड़े हिस्से में फैली है। उन्होंने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पाने में 48 और घंटों का वक्त लग सकता है। दमकल अधिकारी मिथुन मिस्त्री ने कहा, “आग सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई। आग बुझाने के काम में दमकल की 25 गाड़ियां और 125 कर्मचारी लगे हुए हैं।” उन्होंने कहा कि लपटें अब भी उठ रही हैं और आग पर पूरी तरह काबू पाने में 48 घंटों का वक्त लग सकता है। डायपर बनाने में कपास का इस्तेमाल होता है और इससे आग फैल रही है। अधिकारी ने कहा कि आग से संयंत्र को काफी नुकसान हुआ है लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।



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लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ था ओबीसी आयोग का कामकाज, मंत्रिमंडल ने छह महीने के लिए बढ़ाया कार्यकाल

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया क्योंकि इसका कामकाज कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जी. रोहिणी की अध्यक्षता वाले आयोग का अक्टूबर, 2017 में गठन किया गया था। आयोग ने ओबीसी का उप-श्रेणीकरण करने वाले सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से संवाद किया है। आयोग का कहना था कि उसे अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है क्योंकि ओबीसी की वर्तमान केन्द्रीय सूची में दिख रहे दोहराव, अस्पष्टताओं, विसंगतियों और अन्य गलतियों को दूर किए जाने की जरूरत है। इसके मद्देनजर आयोग ने अपने कार्यकाल को इस साल 31 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते देश भर में लागू लॉकडाउन और यात्रा पर रोक के चलते आयोग मिले समय में अपना काम पूरा नहीं कर सका। बयान में कहा गया है, ‘‘इसलिए आयोग का कार्यकाल छह महीने यानी 31 जनवरी 2021 तक बढ़ाया जा रहा है।’’ इसमें कहा गया है कि इससे ओबीसी सूची में शामिल उन समुदायों को फायदा होगा जिन्हें केन्द्र सरकार की नौकरियों और केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में बहुत फायदा नहीं हुआ है।



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दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 70 हजार के पार, अबतक 2,365 मरीजों की मौत

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को और 3,788 लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के साथ ही दिल्ली में कोविड-19 के मामले 70,000 के पार चले गए जबकि शहर में अभी तक इस संक्रमण से 2,365 लोग की मौत हुई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 3,947 नए मामले सामने आए थे। शुक्रवार-शनिवार से राष्ट्रीय राजधानी में 3000 या उससे अधिक नये मामले रोज आ रहे हैं। सोमवार को 2909 नये मरीज सामने आये थे।

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को एक बुलेटिन में बताया कि पिछले 24 घंटे में 64 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या मंगलवार को 2,301 थी। बुलेटिन के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक कुल 2,365 लोग की मौत हुई है जबकि अभी तक कुल 70,390 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं।



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गोपीचंड पडलकर के बयान पर बोले फडणवीस, भावनाओं में बहकर पवार के खिलाफ की टिप्पणी

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पुणे। भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि पार्टी के विधान परिषद सदस्य गोपीचंड पडलकर ने राकांपा प्रमुख और अनुभवी नेता शरद पवार पर जो टिप्पणी की वह समुचित नहीं है और भावनाओं में बहकर की गयी थी। आज दिन में पडलकर ने पवार को ‘‘कोरोना’’ बताते हुए कहा था कि उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को संक्रमित कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोलापुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना समुचि नहीं है।’’ राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने कहा, ‘‘मैंने पडलकर से बात की। मैंने उनसे कहा कि, हालांकि पवार साहब हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन वह हमारे दुश्मन नहीं हैं। मैंने उनसे कहा कि पवार साहब को भूल भी जाओ तो किसी भी वरिष्ठ नेता के खिलाफ ऐसी टिप्प्णी करना समुचित नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई अपना विरोध दर्ज कराना चाहता है तो उसके लिए उचित शब्दों का चयन और उपयोग करना चाहिए।’’ फडणवीस ने कहा कि पडलकर ने स्वीकार किया कि उन्होंने भावना में बहकर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘पडलकर ने कहा है कि वह इसपर स्पष्टीकरण देंगे। उन्होंने स्वीकार किया है.... सभी दलों के युवा नेताओं को बोलते वक्त संयम बरतना चाहिए।



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मंत्रिमंडल के फैसलों से करोड़ों भारतीय होंगे लाभान्वित, PM मोदी ने कहा- सुधार यात्रा जारी है

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों का उद्देश्य आर्थिक विकास तथा अंतरिक्ष में देश की उन्नति को गति प्रदान करना एवं किसानों, ग्रामीणों व छोटे कारोबारों की मदद करना है। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके कहा कि इन फैसलों से करोड़ों भारतीय लाभान्वित होंगे। उन्होंने ग्रहों की खोज के मिशनों समेत अंतरिक्ष की गतिविधियों में निजी क्षेत्र को शामिल होने की अनुमति देने के फैसले का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘‘सुधार यात्रा जारी है।’’ मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार को मंत्रिमंडल की मंजूरी देश को आत्मनिर्भर तथा तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने की दिशा में एक और कदम है। उन्होंने कहा, ‘‘सुधारों से निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी।’’ सूख्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) क्षेत्र के संबंध में लिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत शिशु ऋण खातों के लिए ब्याज सहायता योजना शुरू की है। उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना छोटे कारोबारों को बहुत सहयोग और स्थिरता प्रदान करेगी।’’ उन्होंने कहा कि पशुधन बुनियादी विकास निधि की स्थापना इस क्षेत्र की मजबूती के लिए कारगर होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगी। मोदी ने कहा, ‘‘निवेश और विशेष रूप से डेयरी क्षेत्र में बुनियादी विकास को गति मिलेगी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुशीनगर विमानपत्तन को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के रूप में उन्नत करने का फैसला उत्तर प्रदेश, पर्यटन क्षेत्र और भगवान बुद्ध के आदर्श विचारों से प्रेरित लोगों के लिए शुभ समाचार है। उन्होंने कहा, ‘‘कुशीनगर हवाईअड्डा अब अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन होगा। कनेक्टिविटी में और सुधार होगा। अधिक पर्यटक और तीर्थयात्रियों के आने का मतलब होगा कि स्थानीय लोगों के लिए बेहतर अवसर होंगे।



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मजदूरों के लिए पीएम मोदी ने शुरू की रोजगार योजना, कहा- गांवों में बढ़ेंगे आजीविका के अवसर

20 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख गतिरोध पर कहा मैं देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण कार्य योजना का शुभारंभ करते हुए लद्दाख गतिरोध पर कहा कि हर किसी को बिहार रेजीमेंट की वीरता पर गर्व है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान घर लौटे प्रवासियों के लिए रोजगार पैदा करने के मकसद से गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ किया। मोदी ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार योजना से गांवों में आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। छह राज्यों...बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओड़िशा ... के 116 जिलों में योजना से प्रवासी मजदूरों को उनके घर के आसपास ही रोजगार मिलेगा कुल 50,000 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न प्रकार के 25 कार्यों काक्रियान्वयन होगा, देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस योजना से श्रमिकों के सम्मान की रक्षा होगी और गांवों के विकास को गति मिलेगी। यह हमारा प्रयास है कि श्रमिकों को उनके घर के पास ही काम मिले, अबतक आप शहरों का विकास कर रहे थे, अब आप अपने गांवों की मदद करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख गतिरोध पर कहा मैं देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण कार्य योजना का शुभारंभ करते हुए लद्दाख गतिरोध पर कहा कि हर किसी को बिहार रेजीमेंट की वीरता पर गर्व है।



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कांग्रेस की मांग, UP में शिक्षक भर्ती मामले की हो न्यायिक जांच

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में कथित घोटाले और अनामिका शुक्ला प्रकरण की न्यायिका जांच होनी चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने यह सवाल भी किया कि जब उत्तर प्रदेश सरकार ने खुद मान लिया है कि भर्ती प्रक्रिया में घोटाला हुआ है तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की ओर से शिक्षक भर्ती मामले में कार्रवाई की बात बार बार रखी गई, लेकिन उप्र सरकार के कान पर जूं नहीं रेंगी।’’

उप्र में युवाओं के लिए की गई तमाम घोषणाएं कोरी साबित हुई हैं। एक तरफ एक बेरोजगार महिला के नाम पर 25 फर्जी शिक्षक भर्ती हैं। नकल गिरोह के जरिए शिक्षक भर्ती में अयोग्य लोग एंट्री ले रहे हैं।

लेकिन एमए, बीएससी, बीएड किए लोग मनरेगा में काम करने को मजबूर हैं।

शुक्ला ने कहा कि अनामिका शुक्ला नामक महिला के नाम पर प्रदेश में जगह जगह लोगों को नौकरियां दी गईं और घोटाला किया गया। हम इसकी जांच चाहते हैं। सरकार ने स्वीकार कर लिया कि घोटाला हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि जब बेसिक शिक्षा मंत्री ने घोटाला स्वीकार कर लिया कि गड़बड़ी हुई तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ हमारी मांग है कि इस मामले की न्यायिक जांच हो। यह जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा करायी जाए। पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।’’ उन्होंने यह आग्रह भी किया, ‘‘अनामिका शुक्ला की नौकरी की व्यवस्था हो और प्रदेश सरकार को उनकी बदनामी के लिए उनसे क्षमा मांगनी चाहिए। उनके परिवार को सुरक्षा भी दी जानी चाहिए।’’ शुक्ला के मुताबिक, अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह नहीं हो सकता। अब जांच होनी चाहिए कि इन अधिकारियों के ऊपर कौन लोग हैं? प्रदेश सरकार द्वारा एसटीएफ की जांच कराने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘ एसटीएफ जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती क्योंकि एसटीएफ प्रदेश सरकार के तहत आती है। अगर न्यायिक जांच होगी तो दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।



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राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव से पहले बोले गहलोत, सभी विधायक एकजुट, किसी लालच में नहीं आएंगे

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जयपुर। राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों पर चुनाव से पहले राजस्थान में चुनावी गतिविधियों तेज होने के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार रात कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ व लालच में नहीं आएंगे। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गयी। दिल्ली राजमार्ग पर एक होटल में कांग्रेस व उसके समर्थक विधायकों की देर रात तक चली बैठक के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक बहुत फलदायी रही और सब एकजुट होकर यहां से गए हैं। कल फिर बैठक होगी जिसमें पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, हमारे विधायक बहुत समझदार हैं वे समझ गए। उन्हें खूब लोभ लालच देने की कोशिश की गयी। लेकिन यह हिंदुस्तान का एकमात्र राज्य है जहां एक पैसे का सौदा नहीं होता। यह इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। मुझे गर्व है कि मैं ऐसी धरती का मुख्यमंत्री हूं जिसके लाल बिना सौदे के बिना लोभ लालच के सरकार का साथ देते हैं कि सरकार स्थिर रहनी चाहिए राज्य में।

राज्य के कुछ विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, करोड़ों अरबों रुपये भेजे जा रहे हैं। सुन रहे हैं कि नकदी स्थानांतरित हो रही है जयपुर में। कौन भेज रहा है। बांटने के लिए एडवांस देने की बातें हो रही हैं। आप लीजिए दस करोड़ एडवांस ले लीजिए। बाद में दस और देंगे फिर पांच और देंगे। क्या हो रहा है। खुला खेल हो रहा है यहां पर। गुजरात में कांग्रेस विधायकों से इस्तीफा दिलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ये पहले भी करते आए हैं गुजरात में। ये परंपरा इन्होंने ही डाली है। इसलिए मैं बार बार कहता हूं कि इनका कोई यकीन नहीं, लोकतंत्र में लोकतंत्र का मुखौटा पहन कर राजनीति कर रहे हैं। इससे पहले विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है। जोशी नेएसीबी के महानिदेशक को भेजी शिकायत में कहा है, अति विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी हमारे विधायकों व हमारा समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों को भारी प्रलोभन देकर राजय की लोकतांत्रिक तौर से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। जोशी ने इस तरह के लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में ऐसा प्रयास करने वाली किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया है। एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा , शिकायत मिली है और इसकी जांच होगी। इस बीच आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चर्चा करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक बुधवार शाम मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचे। यहां से उन्हें बसों से दिल्ली राजमार्ग पर स्थित एक रिसोर्ट ले जाया गया।

वहीं राज्यसभा चुनाव पर चर्चा के लिए जयपुर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है और उसके विधायक किसी प्रलोभन में नहीं आएंगे।भाजपा द्वारा कुछ निर्दलीय विधायकों को कथित तौर पर प्रलोभन दिये जाने के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि में भाजपा के षडयंत्रकारी मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। पार्टी के उम्मीदवारों की जीत के प्रश्न पर सुरजेवाला ने कहा, कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है.. और वो आपके सामने है। मैंने जैसा कहा, ना जनमत को कोई हरा सकता, ना प्रजातंत्र को हरा सकता है। उन्होंने कहा कि बार बार जनमत का ‘चीरहरण’ करना भाजपा का चाल,चेहरा, चरित्र बन गया है। वहींकांग्रेस नेता विवेक बंसल ने भाजपा पर लोकतंत्र को तार तार करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य में पार्टी के दोनों प्रत्याशियों की जीत का विश्वास जताया। उधर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा,भले ही वह कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाये लेकिन उनका खुद का घर सुरक्षित नहीं है,उनको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 19 जून को होने हैं। इन चुनाव के लिए कांग्रेस ने के सी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा ने राजेन्द्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था हालांकि अंतिम क्षणों में भाजपा के ओंकार सिंह लखावत नेभी पर्चा दाखिल किया। राज्य की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं। इनमें छह विधायक पिछले साल बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए। इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं।



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कांग्रेस के आरोप पर बीजेपी का पलटवार, कहा-विधायकों को प्रलोभन दिए जाने की बात करें साबित

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने राज्य के निर्दलीय एवं कांग्रेस विधायकों को तोड़ने के लिए उन्हें प्रलोभन दिए जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को कांग्रेस को चुनौती दी कि वह इन आरोपों को साबित करे। पूनियां ने कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा पर तोहमत लगा रही है। पूनियां ने इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर पीटीआई- से कहा, ताज्जुब की बात है कि बात है कि 55 साल तक होर्स ट्रेडिंग का खेल जिन्होंने खेला और खुद जिनके भीतर अंतर्कलह है, अंतरविरोध है ... वे अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा पर तोहमत लगाते हैं। इन आरोपों को खारिज करते हुए पूनियां ने कहा कि सरकार इसे साबित करे। उन्होंने कहा, ये बेतुका है, बेबुनियाद है और इसमें कोई दम नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो... हमने कहा है कि ईमान बचा है, तो प्रमाण दे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस व समर्थक निर्दलीय विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार देर रात कहा कि राज्य में विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है और करोड़ों रुपये की नकदी जयपुर स्थानांतरित हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि विधायक किसी लोभ लालच में नहीं आएंगे। इससे पहले इससे पहले विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में बिना किसी का नाम लिए शिकायत दर्ज कराई कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है। इस बारे में पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में है तो वह इन आरोपों को साबित करें। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, उनके पास तो सत्ता है, सारे साधन हैं। वे इसको साबित करके बताएं। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 19 जून को होने हैं। इन चुनाव के लिए कांग्रेस ने के सी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा ने राजेन्द्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था हालांकि अंतिम क्षणों में भाजपा के ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा दाखिल किया। एक अन्य सवाल के जवाब में पूनियां ने बताया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में कई वर्चुअल रैलियां करेगी। ऐसी पहली रैली जयपुर और भरतपुर सम्भाग के लिए 14 जून को होगी जिसे केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी संबोधित करेंगी। वहीं 27 जून को होने वाली वर्चुअल रैली को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, पार्टी के अन्य मोर्चों व जिला संगठनों की वीडियो कान्फ्रेंस बराबर चल रही है। हमारी कोशिश यही है कि आईटी के जितने टूल माध्यम मंच हैं उन सबको कनेक्ट करें। उम्मीद है कि लाखों लोग इन रैलियों को देखेंगे सुनेंगे।



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