दिल्ली

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डोभाल की ‘जो हुआ सो हुआ’ वाली टिप्पणी चौकाने वाली, हिंसा की न्यायिक जांच हो: माकपा

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। माकपा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से बातचीत के दौरान की गयी ‘जो हुआ सो हुआ’ वाली टिप्पणी की आलोचना की। माकपा ने आरोप लगाया कि दंगों को अंजाम देने वालों की भूमिका को छिपाने की कोशिश की जा रही है। वाम दल ने केंद्र सरकार से दिल्ली हिंसा के मामले में उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश द्वारा या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच कराने को कहा। पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘एनएसए अजीत डोभाल ने हिंसा पीड़ितों से बातचीत करते हुए चौकाने वाला बयान दिया और कहा कि ‘जो हुआ सो हुआ’।

दिल्ली उच्च न्यायालय में भी एक अनुचित घटनाक्रम में यही रवैया दिखाई दिया था जहां दिल्ली पुलिस ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वाले भाषण देने वालों पर मामला दर्ज करने से साफ मना कर दिया था।’’ माकपा ने हिंसा रोक नहीं पाने पर भी दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किये। वामपंथी पार्टी ने कहा, ‘‘समय की जरूरत है कि लोगों के बीच विश्वास पैदा किया जाए और उन्हें हिंसा के बाद के सदमे से उबरने में मदद की जाए।’’ माकपा के अनुसार, ‘‘ऐसा करने के बजाय अगर तथाकथित जांच का इस्तेमाल दंगों को अंजाम देने वालों की भूमिका छिपाने तथा चुनिंदा तरीके से क्लीन चिट देने में किया जाता है तो इससे खाई और बढ़ेगी।’’



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रविशंकर प्रसाद पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- हमारे राजधर्म में समानता और सद्भाव को दिया गया महत्व

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने भाजपा द्वारा सोनिया गांधी पर निशाना साधने के बाद शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान राजधर्म में समानता और सद्भाव को महत्व दिया गया, जबकि भाजपा के शासन में पूर्वाग्रह एवं विभाजनकारी मानसिकता हावी है। मुख्य विपक्षी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘‘इंदिरा जी, राजीव जी, मनमोहन सिंह जी का राजधर्म, वो राजधर्म था, जिसमें समानता, सद्भाव को प्राथमिकता दी गई थी और आप जो कर रहे हैं, उसमें पूर्वाग्रह है; विभाजनकारी मानसिकता है। इसलिए जरूरी है कि आप राजधर्म निभाइए।’’

इसको लेकर पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पर पलटवार किया कि अगर राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) का विरोध करना राष्ट्रविरोधी बात है तो भाजपा सरकार को ऐसे लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ हम कहते हैं कि एनआरसी असंवैधानिक है। इसका विरोध होना चाहिए। क्या यह उत्तेजना फैलाना हुआ या यह राष्ट्रविरोधी बात है? अगर आपको ऐसा लगता है कि हमें गिरफ्तार करो।’’कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘आदरणीय रविशंकर प्रसाद जी, देश को एनपीआर पर ज्ञान देने से पहले आप इसे बिहार में क्यों नही लागू करवा लेते, जहां से आप सांसद हैं? बिहार में जदयू-भाजपा की एक भाषा और दिल्ली में एक और। आपके साथियों, अकाली दल, अन्नाद्रमुक, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस को ज्ञान कब देंगे?’’ दरअसल, दिल्ली हिंसा की पृष्ठभूमि में सरकार को राजधर्म का पालन करने की सोनिया गांधी की नसीहत पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास ‘‘वोट बैंक की राजनीति’’ के लिये अधिकारों का दमन करने, अपनी बात से पलटने का रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राजधर्म पर उपदेश न दें। प्रसाद ने रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भाषण को उद्धृत करते हुए उन पर उत्तेजना फैलाने का भी आरोप लगाया। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पार्टी के शिष्टमंडल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हिंसा मामले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार से राजधर्म का पालन कराने और गृह मंत्री अमित शाह को हटाने के लिए कदम उठाएं।



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नरेश गुजराल ने गृह मंत्री को लिखा पत्र, कहा- सांसद के फोन पर भी पुलिस ने नहीं की लोगों की मदद

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

दिल्ली में बीते दिनों हिंसा ने कई लोगों को जान गंवाने पर मजबूर किया। दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या 39 तक पहुंच चुकी है। बीजेपी के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बनाया है। नरेश गुजराल ने गृहमंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल अनिल बैजल को खत लिखा है। पूर्व प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल के पुत्र नरेश गुजराल ने पत्र में दिल्ली पुलिस की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने बुधवार की रात पूर्वोत्तर दिल्ली के मौजपुर इलाके में एक घर में फंसे 15 मुसलमानों की सहायता के लिए उनके अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि एक भीड़ उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही थी।उन्होंने कहा कि मैंने पुलिस को यह भी बताया कि मैं एक सांसद हूं फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की गई और और उन 16 व्यक्तियों को दिल्ली पुलिस से कोई सहायता नहीं मिली। नरेश गुजराल का कहना है, 'मैं 1984 को फिर से होता हुआ नहीं देखना चाहता हूं। मुझे दिल्लीवाला होने पर गर्व है। पिछली बार ये सिख थे और इस बार ये मुसलमान हैं। दुर्भाग्य से हर बार अल्पसंख्यक समुदाय ही हमले की चपेट में है।



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कांग्रेस पर बरसे रविशंकर प्रसाद, बोले- सोनिया गांधी हमें राजधर्म न सिखाएं

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस वार्ता के जरिए कांग्रेस पार्टी से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कल महामहिम राष्ट्रपति जी के यहां गई थी। हमें राजधर्म के बारे में बताया जा रहा है। आज मुझे राजधर्म के बारे में कांग्रेस पार्टी और सोनिया जी से कुछ सवाल करने हैं। आपको बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस के आलानेतृत्व ने राष्ट्रपति भवन जाकर दिल्ली में हुई हिंसा मामले को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की थी और अपील की थी कि गृह मंत्री अमित शाह से उनका इस्तीफा मांगा जाए।इसी मुलाकात को लेकर अब रविशंकर प्रसाद का बयान सामने आया है। उन्होंने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि सोनिया जी पहली बात आप ये बताइए कि जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के विस्थापित हैं, जिनको उनकी आस्था के आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा है, उसको लेकर आपकी पार्टी की एक सोच रही है। आपके नेताओं ने बार-बार खुलकर इस पर स्टैंड लिया था।

प्रसाद ने कहा कि इंदिरा जी ने युगांडा के विस्थापितों की मदद की थी, राजीव गांधी जी ने तमिल लोगों की मदद की थी, मनमोहन जी ने कहा था कि नागरिकता मिलनी चाहिए और अशोक गहलोत जी ने तो शिवराज पाटिल और आडवाणी जी को पत्र लिखा था कि नागरिकता मिलनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने आगे कहा कि ये कौन सा राजधर्म है कि आज सब पलट गए। सोनिया जी आपको इसका जवाब देना पड़ेगा कि क्या मनमोहन जी ने जो किया था वो गलत था? क्या जो इंदिरा जी और राजीव जी ने काम किया था वो गलत था? उन्होंने कहा कि सोनिया जी आपने रामलीला मैदान में कहा था कि इस पार और उस पार की लड़ाई होगी। ये कौन सी भाषा है ? ये उत्तेजना नहीं है तो क्या है ?

एनपीआर का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि एनपीआर कांग्रेस सरकार ने शुरू किया। आप करें तो ठीक, हम उसी काम को करें तो उस पर लोगों को उकसाया जाए। ये कौन सा राजधर्म है सोनिया जी ?



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देश में ना तो धर्मनिरपेक्षता है ना ही समाजवाद: प्रकाश सिंह बादल

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में भड़की हिंसा को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ी बदकिस्मती है। अमन और शांति के साथ रहना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे देश के विधान में तीन चीजें लिखी हुई हैं- सेकुलरिज्म, सोशलिज्म और डेमोक्रेसी।उन्होंने आगे कहा कि यहां ना तो सेकुलरिज्म है ना सोशलिज्म है और डेमोक्रेसी भी सिर्फ दो लेवल पर ही रह गई है एक लोकसभा चुनाव और दूसरा राज्य चुनाव। आपको बता दें कि सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग जख्मी बताए जा रहे हैं।



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महाराष्ट्र में मुसलमानों को शिक्षा और रोजगार में मिलेगा आरक्षण

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

एक तरफ उद्धव ठाकरे के हनुमान कहे जाने वाले शिवसेना सांसद संजय राउत अयोध्या पहुंचे और उद्धव ठाकरे के सात मार्च को अयोध्या दौरे की तैयारियों का जायजा लिया है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने मुसलमानों को सरकारी स्कूल और कॉलेज में पांच फीसदी आरक्षण को हरी झंडी दे दी है। शिवसेना की गठबंधन सरकार ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए मुसलमानों को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण देने को लेकर अध्यादेश लाने का एलान किया है।एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि जल्द ही इस आशय का कानून विधानसभा से पारित किया जाएगा। मलिक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लिए शैक्षिक आरक्षण पर हाई कोर्ट ने जो सहमति दी है, उसे देखते हुए, महाराष्ट्र विकास गठबंधन सरकार जल्द से जल्द एक कानून बनाकर मुस्लिम आरक्षण को लागू करने की कोशिश कर रही है।



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शाह के इस्तीफे के सवाल पर ममता बोलीं- पहले समस्या का हल होना चाहिए, राजनीतिक चर्चा बाद में हो सकती है

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईजेडसी) की बैठक शुक्रवार को बैठक हुई। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बैठक में भाग नहीं ले रहे है। ईजेडसी की 24वीं बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल तथा बिहार के उनके समकक्ष क्रमश: ममता बनर्जी और नीतीश कुमार भाग ले रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भुवनेश्वर में कहा कि दिल्ली में जो हुआ वह बहुत परेशान करने वाला है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। कई लोगों के साथ एक पुलिस कर्मी और एक आईबी अधिकारी की जान चली गई। पीड़ितों के परिवारों को मदद दी जानी चाहिए और शांति लौटानी चाहिए। पूर्वोत्तर दिल्ली में हिंसा के मद्देनजर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर ममता बनर्जी ने कहा कि अभी, इस समस्या का हल होना चाहिए, राजनीतिक चर्चा बाद में हो सकती है।आपको बता दें कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईजेडसी) की बैठक शुक्रवार को बैठक हुई। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बैठक में भाग नहीं ले रहे है। ईजेडसी की 24वीं बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल तथा बिहार के उनके समकक्ष क्रमश: ममता बनर्जी और नीतीश कुमार भाग ले रहे हैं। वहीं दिल्ली हिंसा के लिए कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफे की मांग कर रही है।



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मरांडी को नहीं मिली नेता प्रतिपक्ष की सीट, जय श्री राम के नारों से गूंजा विधानसभा

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय करने वाले और भाजपा विधायक दल के नेता चुने गये बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की सीट पर नहीं बैठने दिया गया, जिसके बाद भाजपा विधायक वेल में आ धमके।झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार रही और विपक्षी दल की तरफ से सदन जय श्री राम के नारे से गूंज उठा। विधानसभा सत्र के पहले दिन ही टकराव के आसार की खबरों के बीच सदन की कार्यवाही शुरू हुई।झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय करने वाले और भाजपा विधायक दल के नेता चुने गये बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की सीट पर नहीं बैठने दिया गया, जिसके बाद भाजपा विधायक वेल में आ धमके। भाजपा विधायकों ने वेल में पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। सदन में जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगने लगे, जिसके बाद कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।



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दिल्ली हिंसा पीड़ितों को मुआवजे पर केजरीवाल का क्विक एक्शन, ऑन स्पॉट दिए जाएंगे 25-25 हजार रुपए

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगा पीड़ितों की मदद के लिए दिल्ली सरकार ने मुआवजे का ऐलान तो पहले ही कर दिया था। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए केजरीवाल सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि दंगा पीड़ितों जल्द से जल्द मुआवजा बांटने के लिए एसडीएम घर-घर जाकर निरीक्षण करने के बाद मंजूरी देंगे। उन्होंने कहा कि हर किसी को बिना जांच ऐसे ही पैसा नहीं दिया जा सकता है। हम 25 हजार रुपये जल्द से जल्द देने के लिए एनजीओ की सहायता ले रहे हैं और अखबारों के जरिए फॉर्म भेजे जाएंगे। सीएम केजरीवाल ने ऐलान किया है कि जिनके घर जले उन्हें कल से 25-25 हजार कैश दिए जाएंगे।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 4 सब डिविजन हैं। आम तौर पर यहां 4 एसडीएम होते थे, लेकिन अब हमने यहां 18 एसडीएम नियुक्त किए हैं। वे जनता के बीच जा रहे हैं और उनसे बात कर रहे हैं। हम बड़े पैमाने पर हिंसा प्रभावित लोगों में खाना बांट रहे हैं।



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ओडिशा में बोले शाह, CAA में किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं जाने देंगे

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

ओडिशा के भुवनेश्वर जनता मैदान में गृह मंत्री अमित शाह ने सीएए के समर्थन आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लेफ्ट और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में क्यों झूठ बोल रहा है? मैं यहां फिर से दोहराता हूं कि किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता को सीएए के माध्यम से नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह नागरिकता देने के लिए एक अधिनियम है जो इसे दूर नहीं ले जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन लोगों को नागरिकता देने और मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए सीएए लेकर आए हैं, जिन पर धर्म के आधार पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार हो रहा है. जिनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।



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