राजनीति

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ओडिशा में बोले शाह, CAA में किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं जाने देंगे

28 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

ओडिशा के भुवनेश्वर जनता मैदान में गृह मंत्री अमित शाह ने सीएए के समर्थन आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लेफ्ट और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में क्यों झूठ बोल रहा है? मैं यहां फिर से दोहराता हूं कि किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता को सीएए के माध्यम से नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह नागरिकता देने के लिए एक अधिनियम है जो इसे दूर नहीं ले जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन लोगों को नागरिकता देने और मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए सीएए लेकर आए हैं, जिन पर धर्म के आधार पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार हो रहा है. जिनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।



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सोनिया गांधी ने दिल्ली हिंसा को साजिश करार दिया, गृह मंत्री अमित शाह का मांगा इस्तीफा

26 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। इस हिंसा को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने आज कहा कि दिल्ली हिंसा पर सीडब्ल्यूसी की आपात बैठक हुई। उन्होंने इस हिंसा और दुखद घटनाओं के पीछे साजिश करार दिया। सोनिया ने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी साजिश देखी गई, भाजपा नेताओं ने भड़काऊ भाषण देकर भय का माहौल बनाया। दिल्ली में मौजूदा हालात के लिए केन्द्र सरकार, गृह मंत्री और दिल्ली सरकार जिम्मेदार है।

सोनिया ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली में हिंसा के लिए जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री भी शांति बनाए रखने में नाकाम रहे, सीडब्ल्यूसी का मानना है कि स्थिति गंभीर है, तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया जाना चाहिए, मोहल्लों में शांति समितियों का गठन किया जाना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री को प्रभावित इलाकों में जाना चाहिए और लोगों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए। सीडब्ल्यूसी लोगों से घृणा की राजनीति को अस्वीकार करने और दरारें भरने के लिए बेहतर कदम उठाने की अपील करती है। सोनिया ने सवाल किया कि रविवार से गृहमंत्री शाह और केजरीवाल कहां थे, क्या कर रहे थे?



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उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा: मृतकों की संख्या 20 हुई, केजरीवाल बोले- हालात चिंताजनक

26 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को मरने वाले लोगों की संख्या 13 बताई गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल से चार शवों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल लाया गया। इसके साथ ही मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।आज सुबह सुरक्षाकर्मियों ने बाबरपुर इलाके में फ्लैग मार्च किया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है। पुलिस, अपने सभी प्रयासों के बावजूद, स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मविश्वास को स्थापित करने में असमर्थ है। सेना को बुलाया जाना चाहिए और बाकी प्रभावित इलाकों में तुरंत कर्फ्यू लगाया जाना चाहिए। मैं इस संबंध में गृह मंत्री को लिख रहा हूं।



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अध्यक्ष पद ही नहीं कांग्रेस के कई विभागों और प्रकोष्ठों में भी नेतृत्व का संकट, खाली पड़े अहम पद

23 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही कांग्रेस में सिर्फ नए अध्यक्ष को लेकर संशय की हालत नहीं है, बल्कि पार्टी के कई विभाग एवं प्रकोष्ठ भी लंबे समय से नए मुखिया के इंतजार में हैं। साथ ही कुछ विभाग और प्रकोष्ठ तो निष्क्रियता की स्थिति में हैं।हालांकि, पार्टी का कहना है कि संगठन में बदलाव की प्रक्रिया लगातार चल रही है और आने वाले समय में पार्टी के विभागों एवं प्रकोष्ठों में रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।पार्टी के 20 से अधिक विभागों-प्रकोष्ठों में से तीन- ‘विधि, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग’, ‘अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस’ और ‘अखिल भारतीय किसान कांग्रेस’ के अध्यक्ष के पद लंबे समय से खाली हैं।लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद ‘विधि विभाग’ के अध्यक्ष विवेक तन्खा ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अब तक इस विभाग के अध्यक्ष पद पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की गई।आदिवासी समुदाय में पार्टी का अधार बढ़ाने के मकसद से काम करने वाले ‘अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस’ के अध्यक्ष का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त है। पूर्व केंद्रीय मंत्री किशोर चंद्र देव ने लोकसभा चुनाव से पहले आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।फिलहाल कांग्रेस का यह विभाग इसके दो उपाध्यक्षों महेंद्रजीत सिंह मालवीय और श्यामसुंदर हंसदाह की अगुवाई में चल रहा है।पार्टी का एक और महत्वपूर्ण प्रकोष्ठ ‘किसान कांग्रेस’ भी पिछले तीन महीनों से अध्यक्ष के बिना काम कर रहा है। पिछले साल नवंबर में महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा की सरकार बनने के बाद किसान कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले विधानसभा अध्यक्ष बन गए थे। इसके बाद किसान कांग्रेस का अध्यक्ष पद खाली है।यही नहीं, ‘ओबीसी विभाग’ के अध्यक्ष ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ में गृह मंत्री भी हैं। वह पिछले 14 महीने से दोनों पदों पर हैं। इसी तरह ‘अनुसूचित जाति विभाग’ के अध्यक्ष नितिन राउत तीन महीने पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बन गए। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी अपने इन दोनों विभागों के लिए नए अध्यक्ष नियुक्ति कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक कई अन्य विभागों में विभिन्न पद खाली हैं। मसलन, करीब डेढ़ साल पहले बने ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’ में अध्यक्ष और सचिव के अलावा किसी अन्य पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है।कांग्रेस के विभागों-प्रकोष्ठों में पदों के खाली होने के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘संगठन में विभिन्न स्तर पर लगातार बदलाव और नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। आने वाले समय में खाली पदों पर नियुक्ति कर दी जाएगी।’’ पार्टी के कई विभाग-प्रकोष्ठ सिर्फ पदों के खाली होने की मुश्किल से नहीं जूझ रहे हैं, बल्कि कुछ तो निष्क्रियता की स्थिति में पड़े हैं।सूत्रों ने बताया कि ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’, ‘हिंदी विभाग’, ‘विचार विभाग’, ‘प्रशिक्षण विभाग’ और कुछ अन्य विभागों-प्रकोष्ठों में गतिविधियां लंबे समय से थम गई हैं अथवा ना के बराबर हैं। कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा, ‘‘वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’ के सितंबर, 2018 में बनने के बाद अब तक सिर्फ एक कार्यक्रम हुआ। यही नहीं, इस संगठन में अब तक समन्वयकों एवं राज्य स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कई अन्य विभागों-प्रकोष्ठों में कुछ यही स्थिति है।’’ पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर अनिश्चितता की स्थिति खत्म होने के बाद संगठन में विभिन्न स्तरों पर बदलाव एवं नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी आएगी। कांग्रेस संगठन में फिलहाल 13 महासचिव, 13 प्रभारी, करीब 60 सचिव और आठ संयुक्त सचिव हैं।



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राहुल कांग्रेस के शीर्ष नेता, पार्टी का बड़ा वर्ग चाहता है कि वह फिर अध्यक्ष बनें: सलमान खुर्शीद

22 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने शनिवार को कहा है कि पार्टी में एक बड़ा धड़ा हमेशा महसूस करता है कि राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनना चाहिए। खुर्शीद ने कहा कि वह पार्टी के शीर्ष नेता हैं। खुर्शीद ने इसके साथ ही कहा कि राहुल को यह निर्णय अपने हिसाब से करने देना चाहिए। एक साक्षात्कार में खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ‘संक्रमणकालीन प्रक्रिया’’ से गुजर रही है, लेकिन पार्टी में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है क्योंकि सोनिया गांधी कमान संभाल रही हैं। खुर्शीद का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर कई नेताओं के आवाज बुलंद करने के बाद आयी है। थरूर ने गुरुवार को कांग्रेस कार्य समिति से ‘‘कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए’’ नेतृत्व का चुनाव कराने का आग्रह किया था।

थरूर और अन्य नेताओं के दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमने अतीत में चुनाव कराया था। हमारे पास ऐसे भी लोग हैं जो कहते हैं किजरूरी नहीं कि चुनाव बेहतर विकल्प हों। दो तरह के विचार हैं। जब हम उस बिंदू पर पहुंचेंगे तब हम इस बारे में तय कर लेंगे।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे मसलों पर मीडिया में बातचीत करने से कांग्रेस को मदद नहीं मिलेगी। यह पूछने पर कि क्या राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे बेहतर उम्मीदवार हैं, खुर्शीद ने कहा, ‘‘हम सबने ऐसा कहा है। अब यह पत्थर की लकीर है, यह स्पष्ट है। लेकिन अगर हम उन्हें अपना नेता स्वीकार करते हैं तो इसका निर्णय उन्हें अपने हिसाब से करने दें। हम उन पर अपना विचार क्यों थोपना चाहते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में क्या यह विचार प्रभावी था कि उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनना चाहिए, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी के एक बड़े धड़े का ऐसा मानना है।खुर्शीद ने कहा, ‘‘लेकिन इसे बार बार दोहराना शर्मनाक है क्योंकि अगर आपको विश्वास है कि वह एक नेता हैं तो आपको कुछ निर्णय उन पर ही छोड़ने होंगे, समय मत थोपिये, निर्णय उन पर नहीं थोपना चाहिए, उन्हें निर्णय करने दीजिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (राहुल) कहते हैं कि वह दूर नहीं जा रहे हैं और वह दूर नहीं गये हैं। वह यहीं हैं...।’’ खुर्शीद ने कहा कि गांधी पार्टी में ‘शीर्ष नेता’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह (गांधी) शीर्ष नेता है...कोई और शीर्ष नेता नहीं है। लेकिन कई और नेता हैं जिनका अपना महत्व है, वह उस प्रक्रिया में पूर्णता से योगदान देते हैं जो कांग्रेस पार्टी है।’’ खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस का विरोध करने वाले दल लगातार किसी अन्य नेता के मुकाबले उन पर ज्यादा हमला कर रहे हैं और यह दर्शाता है कि वह शीर्ष नेता हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मीडिया है जिसने इस बारे में बातचीत करना बंद नहीं किया है। यह पूछे जाने पर कि गांधी परिवार अब भी कांग्रेस का आधार है तो उन्होंने कहा कि सचाई यही है जिसे आप हट नहीं सकते हैं।



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शाहनवाज हुसैन बोले, पाकिस्तानी मुसलमानों की खातिर सीएए का विरोध कर रही कांग्रेस

19 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

हरदा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि पाकिस्तान के मुसलमानों की खातिर कांग्रेस सीएए का विरोध कर रही है। कांग्रेस पाकिस्तान के मुसलमानों को नागरिकता देने की जिद कर रही है। कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार की योजनाओं का विरोध करने का फैशन बना लिया है।हुसैन बुधवार को मध्य प्रदेश के इंदौर से बैतूल जाते समय हरदा में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सीएए से भारत के मुसलमानों को घबराने की जरूरत नहीं है। सीएए दूसरे देशों के प्रताड़ित लोगों को नागरिकता देने का कानून है। नागरिकता छीनने का नहीं। 130 करोड़ हिंदुस्तानी नागरिकों पर सीएए का असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने एनपीआर के संबंध में कहा कि भविष्य की योजना के सही आंकड़े एकत्रित करने के लिए यह लागू कराया जा रहा है। गैर भाजपा शासित राज्यों में सीएए और एनपीआर के विरोध के संबंध में उन्होंने कहा कि संसद द्वारा बनाए गए कानून को लागू करना ही होगा।हुसैन ने कहा कि मप्र में कांग्रेस की कामचलाऊ सरकार है। कमलनाथ सरकार जल्दबाजी की सरकार है। कब तक चलेगी, इसका कोई पता नहीं। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही दुकान चालू हो गई। पहले दिग्विजय सिंह की सरकार ने 10 साल तक जितनी लूट की छूट दी थी, इन्होंने तो एक साल में ही इतनी लूट की छूट दे दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बल्ले-बल्ले है।

सीएम कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हाल की जुबानी जंग पर हुसैन ने कहा कि सिंधिया को पूरा सम्मान देना चाहिए। मप्र में विधानसभा चुनाव के दौरान कमलनाथ ने सिंधिया का पूरा उपयोग किया। उन्हें (सिंधिया को) दूध से मक्खी की तरह निकाला है। वे सड़क पर आने की बात कह रहे हैं। सिंधिया को भाजपा में लाने के सवाल पर हुसैन ने कहा कि उनसे अब तक इस प्रकार की कोई बात नहीं हुई।



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अमिताभ बच्‍चन से अमर सिंह ने मांगी माफी, उनके साथ अपने व्‍यवहार को लेकर जताया दुख

18 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्‍ली। समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह ने मंगलवार को अमिताभ बच्‍चन के प्रति अपने व्‍यवहार पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। उन्‍होंनग अपने ट्विटर हैंडल पर अमिताभ बच्‍चन के साथ शिकवा गिला को दूर करते हुए कहा कि उन्‍हें बचचन परिवार के प्रति अपने व्‍यवहार को लेकर खेद है।उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा, ‘मेरे पिता की आज पुण्‍यतिथि है और अमिताभ बच्‍चन ने मुझे हमेशा की तरह मैसेज किया है। जीवन के इस पड़ाव पर जब मैं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहा हूं मुझे अमित जी और उनके परिवार के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया के लिए खेद है। ईश्वर उन सभी को आशीर्वाद दे।'

अभी अमर सिंह अस्‍पताल में भर्ती हैं। कुछ साल पहले उनकी किडनी में समस्‍या आई थी, जिसका इलाज चल रहा है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में अमिताभ बच्‍चन के साथ टूटे संबंधों की खाई को पाटने की कोशिश की है। कुछ साल पहले अमिताभ और अमर के बीच गहरी दोस्‍ती थी।



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प्रदेश में योगी सरकार ने स्थापित किया कानून का राज: राज्यपाल

15 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा प्राय: योगी सरकार पर निशाना साधे जाने के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने अपराधमुक्त, भयमुक्त और अन्यायमुक्त वातावरण तथा कानून का राज स्थापित किया है। विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा, कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेरी सरकार ने अपराधमुक्त, भयमुक्त और अन्यायमुक्त वातावरण तथा कानून का राज स्थापित किया है। मेरी सरकार के कार्यकाल में सभी संप्रदायों के मध्य आपसी सौहार्द पूर्णत: कायम रहा है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में इसी कड़ी में फर्रुखाबाद की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता, साहस और संवेदनशीलता ने जनपद फर्रुखाबाद में बंधक बनाए गए 23 मासूम बच्चों को सुरक्षित निकालकर भयमुक्त समाज की स्थापना के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि 2017 के सापेक्ष गत वर्ष में दुष्कर्म की घटनाओं में 35.06 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार डकैती की घटनाओं में 53.7, लूट में 44.5, बलबा में 38.1, अपहरण में 30.43 और हत्या में 14.05 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पटेल ने कहा, मेरी सरकार ने अपराधियों के विरुद्ध कठोर अभियोजन सुनिश्चित करते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पॉक्सो एक्ट में 2018में दो लोगों को मृत्युदंड, 67 को आजीवन कारावास और 420 लोगों को अन्य सजा हुई। 2019 में तीन को सजा ए मौत, 152 को आजीवन कारावास और 585 लोगों को अन्य सजा हुई। उन्होंने कहा कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण कानून 2012 से संबंधित आपराधिक वादों के जल्द निस्तारण के लिए 218 पॉक्सो न्यायालयों का गठन किया गया है। इसके अलावा अधीनस्थ न्यायालयों में 194 नवीन न्यायालय कक्षों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के मकसद से महानगरीय क्षेत्रों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की गई है, जिसके पहले चरण में इसे लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को पुलिस की विभिन्न सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपीकाप मोबाइल ऐप बनाया गया, जिसमें 28 सेवाओं मसलन ई-प्राथमिकी पंजीकरण, वरिष्ठ नागरिक शिकायत, लापता व्यक्ति, किराएदार सत्यापन आदि का समावेश किया गया है। इस ऐप को पांच लाख से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं। वर्तमान में साइबर अपराधों में हो रही बढ़ोतरी से निपटने के लिए लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में साइबर थाने क्रियाशील हैं और अन्य परिक्षेत्रीय कार्यालयों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाने का फैसला किया गया है।दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्य इकाई के प्रमुख मनोज तिवारी को तलब किया है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच हार के कारणों की समीक्षा होगी। इससे पहले कल देर शाम जेपी नड्डा ने पार्टी महासचिवों के साथ बैठक की थी। मनोज तिवारी पहले ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। हालांकि आलाकमान ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा है। आपको बता दें कि मनोज तिवारी के नेतृत्व में बीजेपी ने 2017 के एमसीडी चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार ने मनोज तिवारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



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दिल्ली चुनाव: पार्टी की हार पर बोलीं प्रियंका- अभी हमें बहुत संघर्ष करना है

13 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार पर बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी को अभी बहुत संघर्ष करना है और वह जरूर करेंगी।

आजमगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर आई प्रियंका ने वाराणसी हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों के बारे में पूछे जाने पर कहा जनता जो करती है सही करती है लेकिन हमारे लिए यह समय संघर्ष करने का है। हमें बहुत संघर्ष करना है और हम करेंगे।प्रियंका का यह बयान दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों पर आया है जिसमें कांग्रेस लगातार दूसरी बार अपना खाता नहीं खोल सकी।



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मनोज तिवारी ने केजरीवाल को बधाई दी, बोले- हम हार की समीक्षा करेंगे

11 Feb 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिल्ली चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अभी जो मैं देखता हुआ निकला हूं उसमें 7 सीटों की बढ़त या जीत दिख रही है। कभी-कभी ऐसा होता है कि आपके हिसाब से जीत न हो तो मन निराश होता है। लेकिन यहीं धैर्य का समय होता है। इसी के साथ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को धैर्य रखने के लिए कहा।उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता जो कुछ सोच कर ही जनादेश दिया होगा, इसको हम स्वीकारते हैं। इसी के साथ मनोज तिवारी ने अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई दी और कहा कि हम हार की समीक्षा करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मनोज तिवारी ने बताया कि अब प्रदेश में दो ही बड़े दल रह गए हैं। पहली- आम आदमी पार्टी और दूसरी- भाजपा।अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा वोट प्रतिशत बढ़ा है। पिछले चुनाव में बीजेपी को 32 फीसदी वोट मिले थे, इस बार 38 फीसदी मिले हैं। कार्यकर्ताओं को भी हमारी तरह विपरीत परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है। हमने ट्रेंड देखा है कि दिल्ली में नए युग की शुरुआत हो रही है। यहां सिर्फ दो दलों की टक्कर होती है। यहां से कांग्रेस लगभग लुप्तप्राय हो गई है।प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले मनोज तिवारी ने ट्विटर करते हुए लिखा था कि दिल्ली के सभी मतदाताओं का धन्यवाद। सभी कार्यकर्ताओं को उनके कठिन परिश्रम के लिए साधुवाद,… दिल्ली की जनता का जनादेश सिर माथे पे.. अरविंद केजरीवाल जी को बहुत बहुत बधाई...।



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