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अमित शाह बोले- कांग्रेस ने गुजरात में दंगे कराए, मोदी के सीएम बनने से पहले आए दिन लगा रहता था कर्फ्यू

29 May 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नांदियाड़, पीटीआइ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह पार्टी जब गुजरात में सत्तारूढ़ थी तब उसने हमेशा राज्य में दंगा फैलाने का काम किया है। इस पार्टी ने लोगों को आपस में लड़वाया और कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा के सत्ता में आने और नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले गुजरात में आए दिन सांप्रदायिक दंगे होते थे और कर्फ्यू लगा रहता था। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से नशीली दवाओं, हथियारों और आरडीएक्स की तस्करी होती थी।शाह ने खेड़ा जिले के नांदियाड़ में पुलिस आवास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि बहुत सालों तक कांग्रेस कई समुदायों को आपस में लड़ाने का काम करती रही। सांप्रदायिक दंगे फैलाकर कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाईं।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान साल भर राज्य के अधिकांश हिस्सों में कर्फ्यू लगा रहता था। सुबह आदमी काम के लिए घर से बाहर निकले तो इस बात की कोई गारंटी नहीं थी कि वह शाम को घर लौटेगा या नहीं। बैंकों, बाजारों और फैक्टि्रयों के बंद होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा था।उन्होंने बताया कि जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक झगड़े आम बात थी। लेकिन जब भाजपा सत्ता में आई तो क्या किसी की रथयात्रा पर हमला करने की हिम्मत हुई? जिन्होंने ऐसे कोशिश करनी चाही वह सभी अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। बतौर सीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने गुजरात को सुरक्षित करना सुनिश्चित किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पोरबंदर तस्करों और माफियों के लिए खेल का मैदान बन चुका था। कच्छ की सीमा से नशीले पदार्थो, हथियारों, नकली करेंसी और आरडीएक्स की तस्करी की जाती थी। आज किसी की हिम्मत नहीं है कि कच्छ की सीमा में एक इंच भी अंदर घुसे। सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद अब गुजरात में शांति बहाली है। मुझे खुशी है कि अब गुजरात की चौकस पुलिस अपराधियों से भी दो कदम आगे रहकर उनकी धरपकड़ कर लेती है।शाह ने गोधरा में गुजरात के सहकारी आंदोलन को गौरव बताया। उन्होंने कहा कि कई देशों के मंत्री इस बात से चकित हैं कि अमूल डेयरी कोआपरेटिव ब्रांड का इतना टर्नओवर कैसे आ रहा है। आस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स के मंत्रियों ने उससे संपर्क करके पूछा था कि अमूल की ओर से मिले आंकड़ों की उन्होंने पड़ताल की है। उन्होंने एक वेबसाइट के जरिये इसका पता लगाया है। यह सहकारिता आंदोलन बहुत ही बड़ा था तब इसके जरिये 60 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उल्लेखनीय है कि इसी साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं।



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Russia Ukraine Crisis: उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे पीएम मोदी, कई शीर्ष अधिकारी हैं मौजूद

01 Mar 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूक्रेन-रूस संकट पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। यूक्रेन पर जारी हमलों के बीच करीब 18 हजार भारतीय छात्र वहां फंसे हुए हैं। इन्हीं भारतीय छात्रों को स्वदेश वापसी को लेकर मोदी सरकार हर एक प्रयास कर रही है। इसी को लेकर पीएम मोदी आज एक बार फिर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंरकर समेत कई शीर्ष अधिकारी इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।

यूक्रेन संकट को लेकर पीएम मोदी की यह चौथी बैठक है। युद्धग्रस्त देश में खार्किव में गोलाबारी के दौरान एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है।

यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को लेकर विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए लिखा कि गंभीर दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खार्किव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई। मंत्रालय उनके परिवार के संपर्क में है। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।'आपरेशन गंगा' के तहत चल रहे निकासी प्रयासों को बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने मंगलवार को भारतीय वायु सेना को निकासी प्रयासों में शामिल होने के लिए कहा है।सूत्रों ने कहा कि वायु सेना की क्षमताओं का लाभ उठाने से यह सुनिश्चित होगा कि कम समय में अधिक लोगों को निकाला जा सके। साथ ही कहा कि यह मानवीय सहायता को अधिक कुशलता से वितरित करने में भी मदद करेगा। भारतीय वायु सेना आज से 'आपरेशन गंगा' के तहत कई सी-17 विमान तैनात कर सकती है।बता दें कि केंद्र सरकार ने युद्धग्रस्त यूक्रेन से फंसे छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए आपरेशन गंगा शुरू किया है। ऑपरेशन गंगा मिशन के तहत एयर इंडिया द्वारा विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं।



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राहुल गांधी आज करेंगे पंजाब में सीएम फेस का एलान, लुधियाना में होगी वर्चुअल रैली, राज्‍य कांग्रेस प्रभारी ने की पुष्टि

06 Feb 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

चंडीगढ़। Punjab Assembly Election 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुख्‍यमंत्री चेहरा कौन होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। कांंग्रेस इसके लिए फोन पर रायशुमारी करा रही है। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने भी अब पुष्टि की है कि पंजाब में कांग्रेस के सीएम फेस का ऐलान 6 फरवरी को हो जाएगा। उन्‍होंंने कहा है कि 6 फरवरी को राहुल गांधी लुधियाना में वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगे और यहीं पर मुख्यमंत्री के चेहरा का भी ऐलान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी के उम्मीदवार चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए तय संख्या में पार्टी वर्करों और लोगों को वर्चुअल रैली से जुड़ेंगे। कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक सवाल के जवाब में चौधरी न कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी ने राहुल गांधी को भरोसा दिलवाया है कि जिसे भी मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाएगा, दूसरा उसे स्वीकार करेगा और पूरी तनदेही के साथ काम करेगा। यह भरोसा दोनों ही नेताओं ने पंजाब के लोगों से ही किया है।बता दें कि मुख्यमंत्री का चेहरे को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों ही दावेदार है। कांग्रेस पार्टी द्वारा मोबाइल पर करवाए जा रहे सर्वे में भी इन्हीं दोनों में से किसी एक को मुख्यमंत्री चुनने या न चुनने का विकल्प दिया गया है। हालांकि पार्टी लगातार यह संकेत देती रही है कि चरणजीत सिंह चन्नी ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 (Punjan Assembly Election 2022) में कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे।

एक सवाल के जवाब में हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास 100 साल पुराना है। उसके पास लोगों की राय जानने व कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझने के कई तरीके है। जब इलेक्ट्रानिक युग नहीं था तब भी पार्टी मुख्यमंत्री की घोषणा करती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों द्वारा लिए गए राय और उनके फीडबैक को सार्वजनिक नहीं करेगी। कांग्रेस आम आदमी पार्टी की तरह ढकोसला नहीं करने वाली है। आप ने तो मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने में भी पंजाब के लोगों को धोखा दिया। कांग्रेस अपनी प्रक्रिया को उजागर नहीं करेगी।



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पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का किया अनावरण, कहा- वीर सपूत नेताजी को नमन

23 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा का अनवरण करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत मां के वीर सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्म जयंती पर मैं पूरे देश की तरफ से कोटि-कोटि नमन करता हूं। ये दिन ऐतिहासिक है, ये कालखंड भी ऐतिहासिक है और ये स्थान जहां हम सब एकीकृत हैं ये भी ऐतिहासिक है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आजाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है। जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी।

आपदा प्रबंधन पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2001 में गुजरात में भूकंप आने के बाद जो कुछ हुआ, उसने आपदा प्रबंधन के मायने बदल दिए। हमने तमाम विभागों और मंत्रालयों को राहत और बचाव के काम में झोंक दिया। उस समय के जो अनुभव थे, उनसे सीखते हुए ही 2003 में गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम बनाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने रिलीफ, रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन पर जोर देने के साथ ही रिफार्म पर भी बल दिया है। हमने NDRF को मज़बूत किया, उसका आधुनिकीकरण किया, देश भर में उसका विस्तार किया। स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर प्लानिंग और मैनेजमेंट तक, बेस्ट पासिबल प्रैक्टिस को अपनाया गया।इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि नेताजी की 125वीं जयंती पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाने का निर्णय मोदी जी ने लिया है। ये प्रतिमा देश की आने वाली पीढ़ियों को पराक्रम, देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देगी। ये प्रतिमा देश के करोड़ों लोगों के मन के भाव की अभिव्यक्ति होगी।

सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर आज से देश में गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत की गई है। इस अवसर को चिह्नित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडिया गेट पर बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया है। वहीं, आज यानी 23 जनवरी को देश में पराक्रम दिवस के रूप में भी मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जब तक प्रतिमा पर काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। इंडिया गेट पर लगने वाली होलोग्राम की प्रतिमा पर नेताजी की 3डी छवि पेश की गई है। होलोग्राम प्रतिमा का आकार 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी है।

सुप्रीम कोर्ट ने मोरना गांव की अधिग्रहित भूमि मामले में यूपी सरकार और नोएडा अथारिटी को नोटिस जारी किया है।पीएम मोदी द्वारा सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा अनावरण करने के साथ ही वह स्थापना समारोह में वर्ष 2019, 2020, 2021 और 2022 के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार भी प्रदान किए गए। यह पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए योगदान को पहचानने और सम्मानित करने के लिए है। बता दें कि महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा उस जगह लगाई गई है, जहां पहले ब्रिटेन के राजा जार्ज पंचम की मूर्ति लगी थी। जार्ज पंचम की प्रतिमा को साल 1968 में हटा दिया गया था।



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राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत में बोले PM मोदी, हम भारत के 130 करोड़ लोग अपने प्रयासों से कोरोना से जीतेंगे

13 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पीएम मोदी ने कहा कि 100 साल की सबसे बड़ी महामारी से भारत की लड़ाई अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि परिश्रम हमारा एकमात्र पथ है और विजय एकमात्र विकल्प। हम 130 करोड़ भारत के लोग, अपने प्रयासों से कोरोना से जीतकर अवश्य निकलेंगे।देश में कोरोना के केस में बड़ा उछाल देखने को मिला है। कोरोना के रोजाना मामले ढाई लाख के करीब पहुंच गए हैं। वहीं देश में कोरोना के कुल एक्टिव केस 11 लाख के पार पहुंच गए हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के नए केस में 27 फीसदी का इजाफा देखा गया है। एक दिन में मौत का आंकड़ा भी 380 पहुंच गया है। पॉजिटिविटी रेट 13 प्रतिशत से ऊपर है। नए केस और मौत का आंकड़ा जो सामने आ रहा है वो बता रहा है कि कोरोना का संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है। कोरोना की तीसरी लहर की बात करें तो बर बीतते दिन के साथ नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे की वजह से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ मंथन किया।



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प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्‍यमंत्रियों के साथ बैठक की, कोविड-19 के चलते पैदा हुई चुनौतियों पर चर्चा, दिए ये निर्देश

13 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की रणनीति बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्यों में स्वास्थ्य ढांचे की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही कई अन्‍य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। पिछले रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में पीएम ने जिला स्तर पर पर्याप्त सुविधाएं जुटाने और किशोरों के टीकाकरण में तेजी लाने का आह्वान किया था। कोरोना स्थिति पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रोन तेजी से फैल रहा है, ये अधिक ट्रांसमिसिबल है। हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्थितियों का आकलन कर रहे हैं। स्पष्ट है कि हमें सतर्क रहना है।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- हम भारत के 130 करोड़ लोग, अपने सामूहिक प्रयासों से निश्चित रूप से कोरोना महामारी से विजयी होंगे। रही बात ओमिक्रोन की तो इसके बारे में प्रारंभिक तस्‍वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। यह वैरिएंट सामान्य आबादी को पिछले वाले वैरिएंट की तुलना में कई गुना तेजी से संक्रमित कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- आज राज्यों के पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन है। फ्रंटलाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को 'प्रीकाशन डोज' जितनी जल्द लगेगी उतना ही हमारे हेल्थ केयर सिस्टम का सामर्थ्य बढ़ेगा। शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए हर घर दस्तक अभियान को हमें और तेज करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आज भारत लगभग 92 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या को कोविड वैक्सीन की पहली डोज दे चुका है। देश दूसरी डोज की कवरेज में भी 70 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुका है। 10 दिन के अंदर ही भारत ने लगभग तीन करोड़ किशोरों का भी टीकाकरण कर दिया है।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- हमें सतर्क और सावधान रहना चाहिए लेकिन पैनिक से बचना चाहिए। खासकर त्योहारों के मौसम में लोगों और प्रशासन की सतर्कता कम नहीं होनी चाहिए। मौजूदा वक्त में ओमिक्रोन से लड़ने के अलावा हमें भविष्य में भी इस वायरस के किसी भी वैरिएंट के लिए तैयार रहने की जरूरत है।प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना को चार महीने के लिए और बढ़ाना काफी कारगर साबित हो रहा है।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- महामारी से लड़ने में अब तक अपनाए गए सामूहिक दृष्टिकोण को केंद्र और राज्य सरकारों को जारी रखना चाहिए। कोविड महामारी के खिलाफ टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार है। अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को जितनी जल्दी हम एहतियाती खुराक देंगे, हमारी स्वास्थ्य प्रणाली उतनी ही मजबूत होगी।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कोविड पाबंदियों के मसले पर मुख्‍यमंत्रियों से कहा कि कोविड रणनीतियां बनाते समय अर्थव्यवस्था और आम लोगों की आजीविका की रक्षा करना बहुत महत्वपूर्ण है। स्थानीय नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए।देश में एक दिन में कोरोना के 236 दिनों में सबसे अधिक 2,47,417 नए मामले आए हैं जबकि 380 मरीजों की संक्रमण से मौत हो गई है जिससे महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,85,035 हो गई है। इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,63,17,927 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 11,17,531 हो गई है जो 216 दिनों में सर्वाधिक है।यही नहीं देश में ओमि‍क्रोन वैरिएंट के एक दिन में 620 मामले सामने आए जिसके साथ ही इस वैरिएंट के मामले बढ़कर 5,488 हो गए हैं। इनमें से ओमिक्रोन से पीड़‍ित 2,162 लोग स्वस्थ हो गए या देश छोड़कर चले गए हैं। राज्‍यों में यदि ओमिक्रोन मामलों की बात करें तो महाराष्ट्र में ओमि‍क्रोन के सबसे अधिक 1,367 केस हैं। इसके बाद राजस्थान में इस वैरिएंट के 792 मामले, दिल्ली में 549, केरल में 486 और कर्नाटक में 479 मामले आए

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार देश में कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर कम होकर 95.59 फीसद हो गई है। वहीं विशेषज्ञों ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर आगाह किया है। इस बीच मेदांता अस्पताल के वरिष्‍ठ चिकित्‍सक डा. अरविंद कुमार ने कहा है कि टीकाकरण का ओमिक्रान पर असर नहीं दिख रहा है। मौजूदा वक्‍त में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही लोगों को गंभीर बीमारियां भी हो रही हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि आईसीयू में भर्ती होने वालों की संख्या और संक्रमितों को आक्सीजन की आवश्यकता मनोवैज्ञानिक रूप से उतनी चुनौतीपूर्ण नहीं है जितनी दूसरी लहर में थी।



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योगी भाजपा के सदस्य भी नहीं, कभी यहां से तो कभी वहां से टिकट मांग रहे: अखिलेश

07 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को दावा किया कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य भी नहीं हैं तथा वह कभी इस विधानसभा से और कभी उस विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे हैं और उन्हें कोई टिकट नहीं दे रहा है। अखिलेश आज पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गोंडा में थे। उन्होंने पत्रकारों से एक सवाल के जवाब में कहा कि मुख्‍यमंत्री (योगी आदित्‍यनाथ) टिकट मांग रहे हैं, कभी इस विधानसभा से, कभी उस विधानसभा सेऔर कोई उन्हें टिकट नहीं दे रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया, वह (योगी) भारतीय जनता पार्टी के सदस्य नहीं हैं और पूरी भाजपा के लोग उनसे दुखी हैं, जितने भी सीनियर (वरिष्ठ) हैं, सब दुखी हैं। वो कहते हैं कि खून पसीना बनाकर हमने पार्टी बनाई और ये जाने कहां से आ गए और बैठ गए। अखिलेश ने यह भी कहा, जिस तरह से सूचना आ रही है कि वह (योगी) यहां से चुनाव लड़ेंगे, वह वहां से लड़ेंगे उससे लगता है कि वो टिकट मांग रहे हैं, कितने कमजोर मुख्यमंत्री हैं जो टिकट मांग रहे हैं। उल्लेखनीय है कि योगी के बारे में कभी मथुरा तो कभी अयोध्‍या तो कभी गोरखपुर से चुनाव लड़ने की खबरें मीडिया में आ रही हैं। भाजपा के राज्‍यसभा सदस्‍य हरनाथ सिंह यादव ने बीते दिनों एक पत्र लिखकर योगी को मथुरा से चुनाव लड़ाने की मांग की थी। अखिलेश ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, हम बहुत जल्द बता देंगे कि हम कहां से चुनाव लड़ेंगे, हमारी पार्टी तय करेगी कि मैं चुनाव लड़ाऊं कि चुनाव लडूं या चुनाव लड़कर भी लड़ाऊं, यह पार्टी तय करेगी। उन्होंने भाजपा पर अपने कार्यक्रमों की नकल करने का आरोप लगाते हुए कहा, समाजवादी पार्टी के एक नेता ने भगवान परशुराम की मूर्ति लगा दी तो आज भाजपा ने भी उनकी मूर्ति लगा दी। इसी तरीके से सपा का एक विजय रथ निकला तो भाजपा के छह रथ निकल पड़े लेकिन सपा का एक रथ भारी है। अखिलेश ने दावा किया कि इस बार उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी।



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पीएम नरेन्द्र मोदी कल करेंगे काशी विश्वनाथ कारिडोर का शुभारंभ, नए रूप में दिखेगी काशी की तस्वीर

12 Dec 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार यानी 13 दिसंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बड़ी सौगात देंगे। पीएम मोदी कल वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद से काशी की तस्वीर विश्व फलक पर एक नए रूप में दिखेगी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का कायाकल्प ऐसा किया है कि यहां पर दस वर्ष पहले आने वाला शख्स आश्चर्यचकित रह जाता है। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर तक पीएम मोदी के काम की चमक अब दिखने लगी है। इसके साथ ही विकास की अन्य परियोजनाओं की राह पर अब काशी सरपट दौड़ लगा रही है।पीएम मोदी सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र में वाराणसी श्रीकाशी विश्वनाथ कारिडोर परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इस भव्य समारोह में भाजपा शासित सभी प्रदेश के सीएम तथा डिप्टी सीएम भी पधारेंगे। इसके अलावा समेत देशभर के तीन हजार से ज्यादा धर्माचार्य संत और गणमान्य लोग शामिल होंगे। इस शुभारंभ कार्यक्रम का देशभर में 51 हजार जगहों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 11 बजे विशेष विमान से लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंचेंगे। वहां से सेना के हेलीकाप्टर द्वारा वह संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बने हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से बाबा कालभैरव मंदिर पहुंच वहां पांच-दस मिनट तक पूजन-अर्चन करेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से ही मछोदरी होते राजघाट जाएंगे। वहां कार से उतरकर क्रूज पर सवार होकी गंगा नदी के रास्ते ललिता घाट पहुंचेंगे।

ललिता घाट पर बने जेटी पर उतरकर प्रधानमंत्री फ्लीट गोल्फ कोर्ट या फिर पैदल ही मंदिर जाने वाली स्वचालित सीढ़ियों से ऊपर पहुंचेंगे। वहां चौक द्वार पर उन्हें गंगाजल समेत देश की अन्य नदियों के जल का घड़ा सौंपा जाएगा। जल लेकर वे पैदल ही चौक होते हुए सीधे गर्भगृह में जाएंगे। वहां 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा महादेव का जलाभिषेक व विधिवत पूजन-अर्चन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करेंगे।प्रधानमंत्री जल, दूध, शहद, बेलपत्र से बाबा का अभिषेक करेंगे। इसके बाद देश भर से आए संत समाज से आशीष लेंगे। लोकार्पण के बाद धाम से ही प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू होगा, जो काशी में घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। 22 मिनट तक विशेष पूजन-अर्चन के बाद वह बाहर लगी कुर्सियों में अगली पंक्ति पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी संग बैठेंगे। वह वहीं से स्विच दबाकर धाम का लोकार्पण करेंगे और फिर सबके साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री धाम का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद श्रमिकों संग फोटो खिंचवाएंगे।यहां से वापस जाते समय करीब 40 मिनट तक वह परिसर में घूमकर पूरे निर्माण कार्यों का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वहां से निकलकर क्रूज से रविदास घाट पर जाएंगे। इसके बाद वहां से सड़क मार्ग से बनारस रेल कारखाना के अतिथि गृह पहुंचेंगे। बरेका में डेढ़ घंटे तक विश्राम करेंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बरेका गेस्ट हाउस से निकलकर शाम साढ़े पांच बजे रविदास घाट पहुंचेंगे। वहां क्रूज में घाटों का भ्रमण करते हुए गंगा आरती देखेंगे। वाराणसी में गंगा आरती देखने के बाद वह देश के अनेक राज्यों से आए मुख्यमंत्रियों व उनके परिवारीजनों के साथ जलपना करेंगे। इसके बाद वापस बरेका अतिथिगृह चले जाएंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में 13 दिसंबर को तीन हजार धर्माचार्य, साधु-संत, महात्मा व विद्वतजन काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के साक्षी बनेंगे। देश में 51 हजार स्थानों पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। इनमें प्रदेश के 27 हजार स्थानों पर कार्यक्रम देखा जाएगा।श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर के लोकार्पण समारोह में देश भर से साधु-संत आ रहे हैं। इनमें श्रीश्री रविशंकर, जग्गी वासुदेव, बाबा रामदेव, मोरारी बापू, स्वामी वासुदेवाचार्य आदि शामिल हैं। श्रीश्री रविशंकर रात में आर्ट आफ लिङ्क्षवग के वालेंटियरों से मुलाकात करेंगे। मोरारी बापू सतुआ बाबा आश्रम में ठहरेंगे और 13 की सुबह लोकार्पण समारोह में शामिल होने के बाद प्रस्थान कर जाएंगे।

काशी विश्वनाथ कारिडोर ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र की रंगत को बदल दिया है। 20-25 फीट चौड़ा कारिडोर गंगा नदी पर ललिता घाट को मंदिर परिसर में मंदिर चौक से जोड़ेगा। प्राचीन काल की तरह शिव भक्त हर सुबह पवित्र नदी में डुबकी लगा सकता है और मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पाएगा। अब घाट से सीधे मंदिर दिखाई देगा।मार्च 2018 में शुरू की गई काशी विश्वनाथ कारिडोर प्रोजेक्ट पीएम मोदी की महत्वकांक्षी परियोजना है। देश की सत्ता में 2014 में सत्ता में आने के बाद से पीएम मोदी के कई विकास कार्यों में काशी विश्वनाथ कारिडोर देश को एक नायाब तोहफा है।प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व संत सदाफल देव महाराज की जेल यात्रा के शताब्दी महोत्सव एवं विहंगम योग संत समाज के 98वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित समारोह में दोपहर एक बजे योग, अध्यात्म और विश्वशांति का संदेश देंगे। उनके साथ इस दौरान मंच पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी रहेंगे।



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पीएम नरेन्द्र मोदी कल करेंगे काशी विश्वनाथ कारिडोर का शुभारंभ, नए रूप में दिखेगी काशी की तस्वीर

12 Dec 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार यानी 13 दिसंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बड़ी सौगात देंगे। पीएम मोदी कल वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद से काशी की तस्वीर विश्व फलक पर एक नए रूप में दिखेगी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का कायाकल्प ऐसा किया है कि यहां पर दस वर्ष पहले आने वाला शख्स आश्चर्यचकित रह जाता है। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर तक पीएम मोदी के काम की चमक अब दिखने लगी है। इसके साथ ही विकास की अन्य परियोजनाओं की राह पर अब काशी सरपट दौड़ लगा रही है।पीएम मोदी सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र में वाराणसी श्रीकाशी विश्वनाथ कारिडोर परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इस भव्य समारोह में भाजपा शासित सभी प्रदेश के सीएम तथा डिप्टी सीएम भी पधारेंगे। इसके अलावा समेत देशभर के तीन हजार से ज्यादा धर्माचार्य संत और गणमान्य लोग शामिल होंगे। इस शुभारंभ कार्यक्रम का देशभर में 51 हजार जगहों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 11 बजे विशेष विमान से लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंचेंगे। वहां से सेना के हेलीकाप्टर द्वारा वह संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बने हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से बाबा कालभैरव मंदिर पहुंच वहां पांच-दस मिनट तक पूजन-अर्चन करेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से ही मछोदरी होते राजघाट जाएंगे। वहां कार से उतरकर क्रूज पर सवार होकी गंगा नदी के रास्ते ललिता घाट पहुंचेंगे।

ललिता घाट पर बने जेटी पर उतरकर प्रधानमंत्री फ्लीट गोल्फ कोर्ट या फिर पैदल ही मंदिर जाने वाली स्वचालित सीढ़ियों से ऊपर पहुंचेंगे। वहां चौक द्वार पर उन्हें गंगाजल समेत देश की अन्य नदियों के जल का घड़ा सौंपा जाएगा। जल लेकर वे पैदल ही चौक होते हुए सीधे गर्भगृह में जाएंगे। वहां 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा महादेव का जलाभिषेक व विधिवत पूजन-अर्चन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करेंगे।प्रधानमंत्री जल, दूध, शहद, बेलपत्र से बाबा का अभिषेक करेंगे। इसके बाद देश भर से आए संत समाज से आशीष लेंगे। लोकार्पण के बाद धाम से ही प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू होगा, जो काशी में घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। 22 मिनट तक विशेष पूजन-अर्चन के बाद वह बाहर लगी कुर्सियों में अगली पंक्ति पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी संग बैठेंगे। वह वहीं से स्विच दबाकर धाम का लोकार्पण करेंगे और फिर सबके साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री धाम का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद श्रमिकों संग फोटो खिंचवाएंगे।यहां से वापस जाते समय करीब 40 मिनट तक वह परिसर में घूमकर पूरे निर्माण कार्यों का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वहां से निकलकर क्रूज से रविदास घाट पर जाएंगे। इसके बाद वहां से सड़क मार्ग से बनारस रेल कारखाना के अतिथि गृह पहुंचेंगे। बरेका में डेढ़ घंटे तक विश्राम करेंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बरेका गेस्ट हाउस से निकलकर शाम साढ़े पांच बजे रविदास घाट पहुंचेंगे। वहां क्रूज में घाटों का भ्रमण करते हुए गंगा आरती देखेंगे। वाराणसी में गंगा आरती देखने के बाद वह देश के अनेक राज्यों से आए मुख्यमंत्रियों व उनके परिवारीजनों के साथ जलपना करेंगे। इसके बाद वापस बरेका अतिथिगृह चले जाएंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में 13 दिसंबर को तीन हजार धर्माचार्य, साधु-संत, महात्मा व विद्वतजन काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के साक्षी बनेंगे। देश में 51 हजार स्थानों पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। इनमें प्रदेश के 27 हजार स्थानों पर कार्यक्रम देखा जाएगा।श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर के लोकार्पण समारोह में देश भर से साधु-संत आ रहे हैं। इनमें श्रीश्री रविशंकर, जग्गी वासुदेव, बाबा रामदेव, मोरारी बापू, स्वामी वासुदेवाचार्य आदि शामिल हैं। श्रीश्री रविशंकर रात में आर्ट आफ लिङ्क्षवग के वालेंटियरों से मुलाकात करेंगे। मोरारी बापू सतुआ बाबा आश्रम में ठहरेंगे और 13 की सुबह लोकार्पण समारोह में शामिल होने के बाद प्रस्थान कर जाएंगे।

काशी विश्वनाथ कारिडोर ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र की रंगत को बदल दिया है। 20-25 फीट चौड़ा कारिडोर गंगा नदी पर ललिता घाट को मंदिर परिसर में मंदिर चौक से जोड़ेगा। प्राचीन काल की तरह शिव भक्त हर सुबह पवित्र नदी में डुबकी लगा सकता है और मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पाएगा। अब घाट से सीधे मंदिर दिखाई देगा।मार्च 2018 में शुरू की गई काशी विश्वनाथ कारिडोर प्रोजेक्ट पीएम मोदी की महत्वकांक्षी परियोजना है। देश की सत्ता में 2014 में सत्ता में आने के बाद से पीएम मोदी के कई विकास कार्यों में काशी विश्वनाथ कारिडोर देश को एक नायाब तोहफा है।प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व संत सदाफल देव महाराज की जेल यात्रा के शताब्दी महोत्सव एवं विहंगम योग संत समाज के 98वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित समारोह में दोपहर एक बजे योग, अध्यात्म और विश्वशांति का संदेश देंगे। उनके साथ इस दौरान मंच पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी रहेंगे।



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रिश्तों को नई ऊर्जा देने कल भारत आ रहे पुतिन, दो साल बाद पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति की होगी आमने-सामने की मुलाकात

05 Dec 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। आपसी रिश्तों को नई ऊर्जा देने के इरादे से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार को भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वह 21वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।पुतिन की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एके 203 राइफलों के भारत में निर्माण समेत पांच अहम क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसमें ऊर्जा समेत समुद्री परिवहन को सुगम बनाने संबंधी क्षेत्र शामिल हैं।राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की दो साल बाद आमने-सामने की यह पहली मुलाकात होगी। इससे पहले नवंबर 2019 में ब्राजील की राजधानी ब्राजीलिया में ब्रिक्स सम्मेलन के इतर दोनों की व्यक्तिगत मुलाकात हुई थी।शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति और भावी संभावनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

क्रेमलिन में बुधवार को पुतिन ने विदेशी राजदूतों से परिचय प्राप्त करने के समारोह में कहा था कि वह पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ रूस-भारत के आपसी विशेष संबंधों को और व्यापक पैमाने पर विकसित करने की पहल पर चर्चा करने का इरादा रखते हैं।पुतिन ने कहा था, 'यह साझेदारी दोनों देशों के लिए वास्तविक पारस्परिक लाभ पहुंचाती है। द्विपक्षीय व्यापार में अच्छी गतिशीलता बनी हुई है, ऊर्जा क्षेत्र, नवाचार (इनोवेशन), अंतरिक्ष और कोरोना वायरस वैक्सीन और दवाओं के उत्पादन में संबंध सक्रिय रूप से विकसित हो रहे हैं।'आव्रजन अधिकारियों ने बालीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को रविवार को मुंबई हवाई अड्डे पर रोक लिया।बता दें कि भारत और रूस के सैन्य संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देश 7.5 लाख AK-203 असाल्ट राइफलों की आपूर्ति पर समझौता करने वाले हैं। शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले केंद्र ने भारत के रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त उद्यम इंडो-रूसी राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत उत्तर प्रदेश में एक कारखाने में एके -203 राइफल्स के निर्माण को मंजूरी दी थी।



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