खेल

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दुबई में रहने वाली 11 साल की भारतीय लड़की ने योगासन में विश्व रिकॉर्ड तोड़ा

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

दुबई। दुबई में रहने वाली एक भारतीय लड़की ने सीमित स्थान में कुछ ही मिनट के भीतर योग के 100 आसन कर विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। खलीज टाइम्स की खबर के मुताबिक, 11 वर्षीय समृद्धि कालिया ने तीसरी बार विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। कालिया ने पिछले एक महीने के अंदर ही दूसरी बार विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड के सीमित स्थान में सबसे तेजी से योग के 100 आसन करने को लेकर कालिया ने कहा कि उनकी सफलता की वजह कठिन परिश्रम और दृढ़ता है। सातवीं कक्षा की छात्रा ने बृहस्पतिवार को मशहूर इमारत बुर्ज खलीफा में यह योगासन प्रस्तुति दी थी। इससे पहले, 21 जून को विश्व योग दिवस के मौके पर समृद्धि ने एक मिनट में 40 उन्नत योग आसन करने का अपना दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया था।



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BCCI सचिव ने शशांक मनोहर पर साधा निशाना, कहा-खुद आकलन करें कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कितना नुकसान पहुंचाया

02 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

राजकोट। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व सचिव निरंजन शाह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के पूर्व चेयरमैन शशांक मनोहर पर निशाना साधते हुए उनसे अपील की है कि वह समय निकालकर आकलन करें कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को ‘किस तरह का नुकसान’ पहुंचाया है। मनोहर ने दो साल के दो कार्यकाल के बाद बुधवार को अपना पद छोड़ दिया था क्योंकि उन्हें अहसास हो गया था कि बहुमत में लोग उनके तीसरे कार्यकाल के खिलाफ होंगे। बीसीसीआई का इतने वर्षों तक मानना रहा है कि मनोहर ने ‘बिग थ्री’ मॉडल को रद्द करवाने में अहम भूमिका निभाई थी जिसमें राजस्व का अधिकांश हिस्सा इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और भारत की झोली में जाता था

बीसीसीआई के सचिव रहे शाह ने बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के संदर्भ में बयान जारी करके कहा, ‘‘शशांक जी को मिश्रित अहसास होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए वह क्या कर सकते थे और उनके कार्यकाल के दौरान भारत में क्रिकेट के साथ क्या हुआ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब वह आईसीसी चेयरमैन के रूप में अपने कार्यकाल का आकलन कर सकते हैं और बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में भी जो उनके लिए मंच था। वह आकलन कर सकते हैं कि उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई को क्या नुकसान पहुंचा।’’ शाह का मानना है कि बीसीसीआई के मौजूदा नेतृत्व से बोर्ड को आईसीसी में मजबूत, फायदेमंद और रचनात्मक प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘बीसीसीआई को पिछले कुछ वर्षों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। और इन वर्षों में आईसीसी ने स्थिति का फायदा उठाकर भारत में क्रिकेट और बीसीसीआई को हर संभावित तरीके से नुकसान पहुंचाया। ’’ शाह ने कहा, ‘‘हालांकि मुझे पूरा यकीन है कि बीसीसीआई का मौजूदा नेतृत्व का आईसीसी में मजबूत, फायदेमंद और रचनात्मक प्रतिनिधित्व होगा।



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गौतम गंभीर बोले- तीसरे नंबर पर अधिकांश रिकार्ड तोड़ सकते थे धोनी

15 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी अगर 50 ओवरों के क्रिकेट में तीसरे नंबर पर उतरते तो बल्लेबाजी के सारे रिकार्ड उनके नाम होते। गंभीर को भारत के मौजूदा कप्तान विराट कोहली और धोनी में से एक को चुनने को कहा गया था। उन्होंने स्टार स्पोटर्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ से कहा ,‘‘ दोनों की तुलना करना काफी कठिन है क्योंकि एक तीसरे नंबर पर तो दूसरा छठे या सातवें नंबर पर उतरता है।’’ गंभीर ने कहा कि धोनी तीसरे नंबर पर उतरते तो बल्लेबाजी के अधिकांश रिकार्ड तोड़ चुके होते। उन्होंने कहा ,‘‘ शायद मैं एम एस धोनी को चुनता।सपाट विकेटों पर मौजूदा गेंदबाजी आक्रमण के बीच तीसरे नंबर पर वह बेहतरीन होते।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ श्रीलंका, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज को देखो। अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी के स्तर को देखते हुए एम एस धोनी अधिकांश रिकार्ड अपने नाम कर लेते।’’ विश्व कप 2007 और 2011 की विजेता टीम के सदस्य रहे गंभीर ने कहा कि धोनी अगर भारत के कप्तान नहीं होते और तीसरे नंबर पर उतरते तो दुनिया के सबसे मनोरंजक बल्लेबाज होते। वहीं भारत के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने कहा कि धोनी और कोहली में से तीसरे नंबर के लिये वह कोहली को चुनते। उन्होंने कहा ,‘‘ एम एस को तीसरे नंबर पर मौके मिले लेकिन उन्होंने नहीं किया। मेरा मानना है कि विराट और धोनी में से तीसरे नंबर के लिये विराट के पास बेहतर तकनीक है।



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क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! इस साल IPL कराने की तैयारी में जुटी BCCI

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने संकेत दिये हैं इस साल के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का आयोजन खाली स्टेडियमों में किया जा सकता है और कहा है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद इस निलंबित प्रतियोगिता को आयोजित करने के लिये सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। गांगुली ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बोर्ड की बैठक के बाद राज्य संघों को यह पत्र भेजा है जिससे लगता है कि बीसीसीआई अध्यक्ष आईपीएल के आयोजन के प्रति आशान्वित हैं। भारत में कोविड-19 महामारी के कारण अभी तक 8000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और इसी वजह से आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया गया था।गांगुली ने लिखा है, ‘‘बीसीसीआई इस साल आईपीएल के आयोजन के लिये सभी संभावित विकल्पों पर काम कर रहा है जिसमें खाली स्टेडियमों में खेलना भी शामिल है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रशंसक, फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी, प्रसारक, प्रायोजक और सभी हितधारक इस साल आईपीएल के आयोजन की संभावना को लेकर उत्सुक हैं। ’’ पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हाल में भारत और आईपीएल में भाग लेने वाले अन्य देशों के खिलाड़ियों ने इस साल के आईपीएल का हिस्सा बनने के प्रति अपनी उत्सुकता दिखायी। हम आईपीएल के आयोजन को लेकर आशावादी हैं और बीसीसीआई जल्द ही इस बारे में कोई फैसला करेगा। ’’ कयास लगाये जा रहे हैं कि अगर टी20 विश्व कप आस्ट्रेलिया में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो पाता है तो आईपीएल उस समय आयोजित किया जा सकता है। आईसीसी ने विश्व कप के भविष्य पर फैसला अगले महीने तक टाल दिया है। गांगुली ने इसके साथ ही कहा कि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट के कार्यक्रम पर भी काम रहा है जिससे रणजी टूाफी, दलीप ट्राफी और विजय हजारे ट्राफी जैसे टूर्नामेंट प्रतिस्पर्धी और व्यावहारिक बने रहें।उन्होंने कहा, ‘‘बीसीसीआई अगले क्रिकेट सत्र के लिये घरेलू प्रतियोगिताओं के लिये योजना तैयार करने की प्रक्रिया में है। हम अपनी तरफ से विभिन्न विकल्पों और प्रारूपों पर काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विभिन्न घरेलू टूर्नामेंट प्रतिस्पर्धी बने रहें और उनमें भागीदारी आसान रहे। ’’ गांगुली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई अगले दो सप्ताह में इस पर और जानकारी उपलब्ध कराएगा। ’’बोर्ड अध्यक्ष ने इसके साथ ही सूचित किया कि बीसीसीआई सभी राज्य इकाईयों में क्रिकेट की बहाली के लिये मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है ताकि इनमें शामिल लोगों की चिकित्सा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। गांगुली ने राज्य संघों को बताया कि बीसीसीआई ने अपने विभिन्न सदस्यों की सभी तरह की धनराशि-अनुदान जारी करने के लिये अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किये है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन संघों ने अपने खातों और धनराशि के उपयोग से संबंधित प्रमाणपत्रों को उचित तरीके से पेश किया है उन्हें पहले ही अनुदान मिल चुका है। ’’ बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि अन्य इकाईयां जब भी संबंधित दस्तावेज जमा करेंगी उन्हें उनका अनुदान मिल जाएगा।



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क्लार्क के दावे को एरॉन फिंच ने किया खारिज, कहा- 'हमने भारत से सीरीज 'सही भावना' से खेली

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के सीमित ओवरों के कप्तान आरोन फिंच ने पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके देश के खिलाड़ियों ने भारत के खिलाफ 2018-19 की घरेलू टेस्ट श्रृंखला को ‘सही भावना’ के साथ खेला था। क्लार्क ने अप्रैल में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर आरोप लगाया है कि आईपीएल अनुबंध को बचाने के लिए वे 2018-19 की श्रृंखला में भारतीय कप्तान विराट कोहली के खिलाफ छींटाकशी करने से डरते थे। उस टेस्ट टीम का हिस्सा रहे फिंच ने स्पोर्ट्स तक से कहा, ‘‘ ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि वे आईपीएल अनुबंध के कारण वे किसी को प्रभावित करने के लिए ऐसा कर रहे थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप किसी भी खिलाड़ी से पूछेंगे तो वह यही कहेगा कि श्रृंखला बहुत-बहुत चुनौतीपूर्ण थी। मुझे नहीं पता ऐसा विचार कहां से आया।’’ गेंद से छेड़छाड़ विवाद के कारण स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के निलंबन के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की यह सिर्फ दूसरी टेस्ट श्रृंखला थी।फिंच ने कहा, ‘‘ टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही थी और बहुत सारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। यह भारत के खिलाफ काफी मुश्किल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी बल्लेबाज के लिए जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, उमेश यादव, रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन जैसे गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं है।’’ फिंच ने कहा, ‘‘ क्लार्क ने कहा कि हम अच्छा बनने की कोशिश कर रहे थे लेकिन सच्चाई यह है टीम के खिलाड़ी अपने खेल को बेहतर करना चाहतेथे। वे अपने सर्वश्रेष्ठ तरीके से टेस्ट मैच खेलना चाहते थे।’’ इस सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ हर किसी को अपना विचार रखने का हक है। उन्होंने शायद (मैदान के) बाहर से कुछ देखा होगा जो हमने अंदर से नहीं देखा था।’’ भारत ने इस श्रृंखला को 2-1 से जीता था। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला जीतने वाली उपमहाद्वीप की पहली टीम बनी थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान टिम पेन, तेज गेंदबाज पैट कमिंस और भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने क्लार्क की इन टिप्पणियों को खारिज कर दिया था।



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कोविड-19 का टीका आने के बाद चीजें सामान्य होगी: गांगुली

30 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोलकाता। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि कोरोना वायरस के इलाज का टीका बनने के बाद जीवन सामान्य होने लगेगा। पूरी दुनिया पिछले कुछ महीने से कोविड-19 महामारी की चपेट में है। इसकी वजह से क्रिकेट सहित दुनियाभर में दूसरे खेलों का आयोजन भी प्रभावित हुआ है। गांगुली ने ‘अनअकेडमी’ ऐप पर कक्षा के एक सत्र में कहा, ‘‘ यह एक ऐसी चीज है जिसने दुनिया को पूरी तरह से झकझोर दिया है। मुझे लगता है कि चीजें समय के साथ पटरी पर लौट आएंगी। हमारे पास इससे नपटने के लिए दवा नहीं है। लेकिन छह-सात महीने में जब इसका टीका निकल जाएगा तब स्थिति समान्य हो जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि क्रिकेट फिर से सामान्य हो जाएगा। हां, कार्यक्रम में कुछ बदलाव होंगे लेकिन बीसीसीआई और आईसीसी क्रिकेट को वापिस सामान्य स्थिति में लाने के लिए कुछ भी करेंगे।’’ गांगुली का मानना ​​है कि टीका के आने के बाद यह वायरस भी फ्लू या पीलिया जैसे किसी अन्य दूसरे बीमारी की तरह होगा। जिसका इलाज मौजूद होगा।पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा,‘‘ क्रिकेट मजबूती से वापसी करेगा। खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग चुनौतियां होगी। उन्हें चिकित्सा जांच भी करवाना होगा। मैं हालांकि इसे खेल में रूकावट की तरह नहीं देखता हूं। जैसे ही टीका निकलता है, मुझे लगता है कि जीवन सामान्य जीवन हो जाएगा’’ देश के सबसे सफल कप्तानों में शुमार गांगुली ने इस मौके पर अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वह ‘संयोग’ से क्रिकेटर बन गये। उन्होंने कहा कि वह फुटबॉल को गंभीरता से ले रहे थे लेकिन उन्हें उनके पिता ने शरारत से दूर रखने के लिए क्रिकेट कोचिंग से जुड़ने के लिए कहा और उन्होंने तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा।गांगुली ने कहा, ‘‘ फुटबॉल मेरी जिंदगी थी। मैं कक्षा नौ तक इसमें बहुत अच्छा था। एक बार गर्मी की छुट्टी के दौरान, मेरे पिता (दिवंगत चंडी गांगुली, जो बंगाल क्रिकेट संघ में थे) ने मुझसे कहा कि तुम घर जाकर कुछ भी नहीं करोगे। उन्होंने मुझे एक क्रिकेट अकादमी में डाल दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे अपने माता-पिता और परिवार काफी अनुशासनप्रिय थे ऐसे में मेरे लिए यह उनसे से दूर रहने का अच्छा मौका था। मुझे नहीं पता कि मेरे कोच ने मुझमें क्या देखा, उन्होंने मेरे पिता से कहा कि वह मुझे फुटबॉल से दूर करे। इसलिए मैं क्रिकेट में उतर गया।’’ अपने पदार्पण मैच की शतकीय पारी को उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ लमहा करार देते हुए कहा, ‘‘ मैंने दलीप ट्रॉफी के पदार्पण मैच में शतक लगाया, बंगाल के लिए रणजी फाइनल में पदार्पण किया लेकिन अंतरराष्ट्रीय पदार्पण में लॉर्ड्स में शतकीय पारी खेलना किसी सपने की तरह था।



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महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा- रेड जोन में एयरपोर्ट खोलना अत्यंत नासमझी है

24 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच रेड जोन में हवाईअड्डे फिर से खोलने का कदम अत्यंत नासमझी वाला है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की थी कि भारत में 25 मई से घरेलू यात्री उड़ान सेवा बहाल हो जाएगी। देशमुख ने इस संदर्भ में रविवार को ट्वीट किया, ‘‘रेड जोन में हवाईअड्डे खोलने की सलाह अत्यंत नासमझी वाली है।केवल यात्रियों की थर्मल जांच करना और लार के नमूने नहीं लेना अपर्याप्त होगा। मौजूदा परिस्थितियों में ऑटो/कैब/बसें चलाना असंभव है। संक्रमित रोगी के आने से रेड जोन पर दबाव और बढ़ जाएगा।’’

रेड ज़ोन के हवाई अड्डों को इन हालात में खोलना ख़तरनाक साबित होगा। स्वॅब्स बगैर यात्रियों का केवल थर्मल स्कॅनिंग पूरी तरह अपर्याप्त है।

अभी रिक्षा/टॅक्सी/बस को इतनी तादाद में चलाना भी असंभव है। साथ ही किसी पॉजिटिव यात्री को रेड ज़ोन में लाकर वहाँ के खतरे में बढ़ोतरी करना ग़लत है।उन्होंने कहा, ‘‘ग्रीन जोन से यात्रियों को रेड जोन में आने देने से संक्रमण का जोखिम बढ़ाने की बात समझ में नहीं आती।

किसी व्यस्त हवाईअड्डे को सभी कोविड-19 सुरक्षा उपायों के साथ संचालित करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की जरूरत होगी और इससे रेड जोन में खतरा बढ़ेगा।’’ महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक कुल 47,190 मामले सामने आए हैं जिनमें 28,817 मामले मुंबई से हैं। महानगर में संक्रमण से अब तक 949 लोगों की मौत हो चुकी है।



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गंभीर चाहते हैं कि BCCI अगुआ की भूमिका निभाए , भारतीय टीम करे ऑस्ट्रेलिया का दौरा

11 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि मौजूदा संकट के दौर में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को अगुआ की भूमिका निभानी चाहिए और अगर इस साल के आखिरी में राष्ट्रीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करती है तो इससे उनके मन में बोर्ड को लेकर सम्मान और बढ़ जाएगा। गंभीर बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरूण धूमल के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद पृथकवास पर जा सकती है। दो सप्ताह के पृथकवास की जरूरत हालांकि तभी होगी जब द्विपक्षीय श्रृंखला से पहले वहां खेले जाने वाले टी20 विश्व कप का आयोजन नहीं होगा।गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, ‘‘ बीसीसीआई की तरफ से यह एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है, क्योंकि मुझे लगता है कि वे एक बड़ी तस्वीर देख रहे हैं। इससे पूरे देश का मूड बदल सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ ऑस्ट्रेलिया में श्रृंखला जीतना जरूरी है लेकिन यह सिर्फ श्रृंखला जीतने के बारे में नहीं है। इससे भारत ही नहीं ऑस्ट्रेलिया में भी सकारात्मक माहौल बनेगा।’’ भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चार टेस्ट मैच खेलना है। अगर यह दौरा नहीं हुआ तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 300 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 14.74 अरब रूपये) का नुकसान होगा।गंभीर ने कहा, ‘‘ अगर भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया तो मेरे मन में बीसीसीआई के लिए सम्मान और बढ़ जाएगा।’’ भारत के लिए 58 टेस्ट और 147 एकदिवसीय खेलने वाले 38 साल के गौतम गंभीर ने इस मौके पर आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) की हाल ही जारी टेस्ट रैंकिंग पर सवाल उठाया। इस रैंकिंग में भारत को हटाकर ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर आ गया। उन्होंने कहा, ‘‘ नहीं, मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं, क्योंकि मुझे इन सभी रैंकिंग और अंक प्रणाली में विश्वास नहीं है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शायद सबसे खराब अंक प्रणाली है। आप घरेलू मैदान पर मैच जीते या विदेशी सरजमीं पर आपको बराबर अंक मिलता है। यह बकवास है।



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इरफान खान के निधन से सदमे में खेल जगत, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

29 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों ने बालीवुड अभिनेता इरफान खान के निधन पर शोक व्यक्त किया। इरफान का बुधवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह भी कैंसर को मात देकर खेल में वापसी कर चुके हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मैं उनका दर्द जानता हूं और मैं जानता हूं कि वह अंत तक लड़े। कुछ भाग्यशाली होते हैं जो बच जाते हैं, कुछ ऐसा नहीं कर पाते। पूरा भरोसा है कि अब आप बेहतर जगह पर होंगे, आपके परिवार को मेरी संवेदनायें इरफान खान। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’’

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने ट्वीट किया, ‘‘इरफान खान के निधन की खबर सुनकर काफी दुखी हूं। कितनी अद्भुत प्रतिभा और उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से सभी का दिल जीत लिया था। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ तेंदुलकर ने कहा कि इरफान उनके पसंदीदा अभिनेता थे और उन्होंने उनकी सभी फिल्में देखी हैं। तेंदुलकर ने ट्वीट किया, ‘‘इरफान खान के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे, मैंने उनकी लगभग सारी फिल्में देखी हैं, अखिरी वाली ‘अंग्रेजी मीडियम’ थी। वह बहुत सहज अभिनेता थे, शानदार। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार वालों को संवेदनायें। ’’ पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट किया, ‘‘ बेहतरीन अभिनेता, बेहतरीन प्रतिभा। उनके परिवार और उनके चाहने वालों के प्रति संवेदनायें। ’’ सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने लिखा, ‘‘उनकी आत्मा को शांति मिले। हमेशा अभिनेता और कलाकार के तौर पर आपके लाजवाब काम का लुत्फ उठाया। उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनायें और प्रार्थना। ’’

सुरेश रैना ने ट्वीट किया, ‘‘ इरफान खान के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। वह सच्चे अभिनेता थे जिनमें अपार प्रतिभा और काबिलियत मौजूद थी। उनकी काफी कमी खलेगी। उनके परिवार के प्रति दिल से संवेदनायें। ’’ पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने लिखा, ‘‘ इरफान खान के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति गहरी संवदनायें। वह मेरे पसंदीदा अभिनेताओं में से एक थे, इतनी जल्दी चले गये। उनका काम हमेशा जीवित रहेगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने ट्वीट किया, ‘‘इरफान खान के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। पूरे परिवार के लिये संवेदनायें। बेहतरीन कलाकार। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ भारतीय फुटबाल टीम ने अधिकारिक ट्विटर पर लिखा, ‘‘हम इरफान खान के असमय निधन पर शोक व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने स्क्रीन पर अपनी अभिनय से सभी के दिल को छुआ। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने लिखा, ‘‘खान साहब, आपने जो कुछ किया, उसमें आप लाजवाब थे और यह हमेशा जिंदा रहेगा। अपनी कला को हमारे तक पहुंचाने का शुक्रिया। शोकाकुल परिवार वालों को भगवान मजबूती प्रदान करे। ’’ भारतीय बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल ने ट्वीट किया, ‘‘इस महान कलाकार के साथ एक विज्ञापन की शूटिंग की थी, शानदार यादें सर। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’ भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने ट्वीट किया, ‘‘प्रतिभाशाली अभिनेता इरफान खान के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। उनके परिवार और दोस्तों को संवेदनायें। ’’ भारतीय महिला हाकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने लिखा, ‘‘इरफान खान के असामयिक निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। बेहतरीन अभिनेता, इतनी जल्दी चला गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।



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नेहरा और हरभजन ने बताया, क्यों थूक व पसीने की जगह नहीं ले सकती वेसलीन

25 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) जहां कोविड-19 महामारी के बाद वायरस को फैलने से रोकने के लिये गेंद पर कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को वैध करने पर विचार कर रही है, वहीं भारत के कुछ क्रिकेटरों का मानना है कि थूक और पसीना ऐसी चीजें हैं जिन्हें पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता।पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा और स्पिनर हरभजन सिंह को लगता है कि गेंद को चमकाने के लिये थूक का इस्तेमाल ‘जरूरी’ है। पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा हालांकि इस विचार से सहमत हैं लेकिन वह जानना चाहते हैं कि सीमा कहां तक होगी

चर्चायें हालांकि शुरूआती चरण में हैं लेकिन सवाल पूछे जा रहे हैं कि अगर गेंद से छेड़छाड़ को वैध किया जाता है तो कौन से कृत्रिम पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है। तो क्या यह जेब में रखा बोतल का ढक्कन होगा जिससे गेंद की एक तरह को खुरचा जा सके या फिर गेंद को चमकाने के लिये वैसलीन (जॉन लीवर द्वारा मशहूर किया गया) या फिर चेन जिपर?नेहरा ने कृत्रिम पदार्थों के इस्तेमाल के विचार को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा, ‘‘एक बात ध्यान रखिये, अगर आप गेंद पर थूक या पसीना नहीं लगायेंगे तो गेंद स्विंग नहीं करेगी। यह स्विंग गेंदबाजी की सबसे अहम चीज है। जैसे ही गेंद एक तरफ से खुरच जाती है तो दूसरी तरफ से पसीना और थूक लगाना पड़ता है। ’’उन्होंने फिर समझाया कि कैसे वैसलीन से तेज गेंदबाजों की मदद नहीं हो सकती।नेहरा ने कहा, ‘‘अब समझिये कि थूक की जरूरत क्यों पड़ती है? पसीना थूक से ज्यादा भारी होता है लेकिन दोनों मिलाकर इतने भारी होते हैं कि ये रिवर्स स्विंग के लिये गेंद की एक तरफ को भारी बनाते हैं। वैसलीन इसके बाद ही इस्तेमाल की जा सकती है, इनसे पहले नहीं। क्योंकि यह हल्की होती है, यह गेंद को चमका तो सकती है लेकिन गेंद को भारी नहीं बना सकती। ’’हरभजन भी इस बात से सहमत थे कि थूक ज्यादा भारी होता है और अगर किसी ने ‘मिंट’ चबाई हो तो यह और ज्यादा भारी हो जाता है क्योंकि इसमें शर्करा होती है। लेकिन जब कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की बात है तो वह जानना चाहते हैं कि इसके विकल्प क्या हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि ‘मिंट’ को मुंह में डाले बिना ही इस्तेमाल किया जाये। शर्करा के थूक में मिलने से यह गेंद को भारी बनाता है।खुरची हुई गेंद भी स्पिनरों के लिये अच्छी होती है जिससे इसे पकड़ना बेहतर होता जबकि चमकती हुई गेंद ऐसा नहीं कर सकती। लेकिन मेरा सवाल है कि अगर आप अनुमति देते हो तो इसकी सीमा क्या होगी? ’’ वहीं चोपड़ा ने कहा कि आईसीसी जब तक यह नहीं बताती कि कृत्रिम पदार्थ क्या होंगे, तब तक कुछ भी कहना बेकार है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हमेशा लगता है कि ‘मिंट’ के इस्तेमाल में समस्या नहीं होनी चाहिए। लेकिन अब वे इसे भी अनुमति नहीं देना चाहते। लेकिन अगर आप नियम बदलोंगे तो फिर उन्हें नाखून और वैसलीन का इस्तेमाल करने दीजिये लेकिन यह सब कहां खत्म होगा, भगवान ही जानता है।



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