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Reliance, TCS और Infosys सहित देश की टॉप-10 कंपनियों पर भारी बीता पिछला सप्ताह

23 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। पिछले सप्ताह देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों का बाजार मूल्यांकन संयुक्त रूप से 2.53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया क्योंकि घरेलू इक्विटी बेंचमार्क में वैश्विक बाजार की गिरावट के अनुरूप भारी बिक्री देखी गई। पिछले हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 4 फीसदी की कमी देखी गई क्योंकि एफपीआई ने लार्ज-कैप और चुनिंदा मिड-कैप में मुनाफावसूली की। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 2,185.85 अंक या 3.57 प्रतिशत टूटा जबकि निफ्टी 638.60 अंक या 3.49 प्रतिशत लुढ़क गया।बाजार में सुस्ती के रुझान को दर्शाते हुए देश की टॉप-10 फर्मों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) पिछले सप्ताह के दौरान 2,53,394.63 करोड़ रुपये कम हुआ। कॉरपोरेट जगत की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की एम-कैप 40,974.25 करोड़ रुपये गिरकर 16,76,291.69 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों- टीसीएस और इंफोसिस टेक्नोलॉजीज को अपने संचयी बाजार पूंजीकरण से कुल मिलाकर 1,09,498.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।इसके साथ ही टीसीएस की एम-कैप 14,18,530.72 करोड़ रुपये हो गया जबकि इंफोसिस की 7,51,144.40 करोड़ रुपये हो गई। इनके अलावा, देश के शीर्ष ऋणदाताओं एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई ने अपने बाजार पूंजीकरण में 29,239.04 करोड़ रुपये का संचयी कमी देखी। एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 13,563.15 करोड़ रुपये घटकर 8,42,876.13 करोड़ रुपये रहा।वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार पूंजीकरण 4,863.91 करोड़ रुपये घटकर 4,48,729.47 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 10,811.98 करोड़ रुपये घटकर 5,58,699.39 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) का मूल्यांकन 9,938.77 करोड़ रुपये घटकर 5,45,622.08 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 27,653.67 करोड़ रुपये घटकर 4,45,033.13 करोड़ रुपये रह गया। इनके अलावा एचडीएफसी का मूल्यांकन 22,003.75 करोड़ रुपये घटकर 4,69,422.38 करोड़ रुपये रहा।वहीं, टेलीकॉम प्रमुख भारती एयरटेल ने भी अपने बाजार मूल्यांकन से 14,087.05 करोड़ रुपये की गिरावट देखी। इसके साथ ही, भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण3,81,723.36 करोड़ रुपये रहा।

एनएसई निफ्टी 139.85 अंक या 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,617.15 पर बंद हुआ।

टॉप-10 फर्मों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ऊपर है। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल का स्थान रहा है।



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Budget 2022: वर्क फ्रॉम होम कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देने वाली है यह सौगात

13 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वर्क फ्रॉम होम से व्यक्ति के खर्चों में वृद्धि हुई है। WFH की वजह से इंटरनेट ब्रॉडबैंड, टेलीफोन, फर्नीचर और बिजली के बिल पहले से ज्यादा हो गए हैं और इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्रीय बजट 2022 में कर्मचारियों को सरकार की ओर से वर्क फ्रॉम होम भत्ता का तोहफा मिल सकता है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 1 फरवरी, 2022 को केंद्रीय बजट 2022 पेश करने की उम्मीद है। पिछले बजट में, सरकार का मुख्य ध्यान स्वास्थ्य और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर था। इस साल, COVID-19 के Omicron Variant ने अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुधार के बीच चिंताएँ बढ़ा दी हैं। उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय वित्त मंत्री आगामी बजट में करदाताओं को निराश नहीं करेंगे। देश में चल रही COVID-19 स्थिति के बीच, उन कर्मचारियों को कुछ लाभ दिए जा सकते हैं जो वर्क फ्रॉम होम (WFH) कर रहे हैं।यह कहा जा सकता है कि वर्क फ्रॉम होम से व्यक्ति के खर्चों में वृद्धि हुई है। WFH की वजह से इंटरनेट ब्रॉडबैंड, टेलीफोन, फर्नीचर और बिजली के बिल पहले से ज्यादा हो गए हैं और इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्रीय बजट 2022 में कर्मचारियों को सरकार की ओर से वर्क फ्रॉम होम भत्ता का तोहफा मिल सकता है।टैक्स सर्विसेज और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी डेलॉइट इंडिया ने मांग की है कि कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम अलाउंस दिया जाए। अगर सरकार सीधे भत्ता नहीं दे सकती तो टैक्स छूट का प्रावधान किया जाए। डेलॉयट ने ब्रिटेन में वर्क फ्रॉम होम संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने ब्रिटेन में कर्मचारियों को कर राहत देने के लिए विशेष नियम बनाए हैं। भारत में इस तरह से नौकरी करने वालों को छूट दी जा सकती है। डेलॉयट इंडिया की सलाह है कि अपने घरों से काम करने वाले कर्मचारियों को 50,000 रुपये तक की कटौती घर से काम दी जानी चाहिए।यह ध्यान रखना चाहिए कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने भी अपनी सिफारिशों में इसी तरह की मांग की है। आईसीएआई की सिफारिश है कि सरकार को बजट 2022 में वर्क फ्रॉम होम खर्च पर टैक्स में राहत देनी चाहिए। घर में फर्नीचर या ऑफिस सेटअप पर होने वाले खर्च पर टैक्स छूट दी जानी चाहिए। यदि कर्मचारी ऑफिस के काम के लिए फर्नीचर जैसे डेस्क, कुर्सी या अन्य सामान खरीदता है, तो कर्मचारी को उस खर्च पर उसकी ओर से कर देना होगा।आईसीएआई की मांग है कि करदाताओं को भी मानक कटौती में राहत देनी चाहिए। इसकी सीमा बढ़ाने की जरूरत है। वर्तमान में, आयकर के तहत मानक कटौती की सीमा 50,000 रुपये है। इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाना चाहिए। बता दें कि, कार्यालय के काम पर होने वाले खर्च के लिए मानक कटौती की मांग की जा रही है।



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इस महीने महंगी हो रही है PNB की बैंकिंग सेवाएं, चेक कर लें कहां वसूली जाएगी डबल फीस

07 Jan 2022 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्‍ली। पंजाब नेशनल बैंक (Punjab national bank, PNB) के ग्राहकों के लिए इस महीने से बैंकिंग महंगी होने जा रही है। उन्‍हें अब कुछ सर्विस के लिए डबल चार्ज चुकाने होंगे। मसलन मिनिमम बैलेंस, लॉकर चार्ज और दूसरी सर्विस की फीस में बैंक ने बढ़ोतरी कर दी है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने 15 जनवरी, 2022 से सामान्य बैंकिंग परिचालन (Normal Banking operations) से जुड़ी सर्विस की फीस बढ़ाई है।पीएनबी की वेबसाइट पर दिए संशोधित टैरिफ के अनुसार, मेट्रो क्षेत्र में Quarterely average balance (QAB) की लिमिट मौजूदा 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर चार्ज 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति तिमाही कर दिया गया है। शहरी और मेट्रो क्षेत्रों के लिए इसे 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।

अतिरिक्त बड़े आकार के लॉकर (Bank Locker charge) को छोड़कर सभी क्षेत्रों और सभी प्रकार के लॉकरों के लिए लॉकर फीस में बढ़ोतरी की गई है। शहरी और मेट्रो क्षेत्रों में लॉकर शुल्क में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले, हर साल लॉकर विज़िट की संख्या पूरे साल में 15 फ्री विज़िट तय की गई थीं। इसके बाद 100 रुपये फीस हरेक विजिट पर लगा दी गई। 15 जनवरी 2021 से साल में फ्री लॉकर विजिट की संख्‍या 15 से घटाकर 12 कर दी गई। इसके बाद लॉकर चेक करने जाने पर 100 रुपये देने पड़ते थे।दोनों पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स (PSO) को प्रीपेड भुगतान उत्पाद (कार्ड) जारी करने और उसके परिचालन का अधिकार मिला था।PNB के नए टैरिफ के अनुसार, चालू खाते 12 महीने में बंद करने पर फीस 600 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये ली जाएगी। जबकि 12 महीने के बाद बंद किए गए खातों पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। एक फरवरी से एनएसीएच डेबिट पर रिटर्न चार्ज 100 रुपये की जगह 250 रुपये लिया जाएगा।



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रिजर्व बैंक ने किया आगाह, कहा- ज्यादा रिटर्न पाने की चाहत रखने वाले रहें सावधान, ज्यादा ब्याज के साथ जोखिम भी ज्यादा

12 Dec 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने निवेशकों को आगाह करते हुए रविवार को कहा कि ज्यादा रिटर्न पाने की चाहत के बीच उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। दास ने रविवार को 'जमाकर्ता प्रथम: पांच लाख रुपये का गारंटीशुदा समयबद्ध जमा बीमा भुगतान' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ज्यादा रिटर्न या ज्यादा ब्याज के साथ जोखिम भी ज्यादा होता है।शक्तिकांत दास ने कहा, 'ऐसी स्थिति में निवेशकों को ज्यादा रिटर्न पाने की इच्छा केसाथ सावधानी बरतने की जरूरत है।' रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा, 'एक बैंक ज्यादा ब्याज दर की पेशकश कर रहा है, तो जमाकर्ताओं को अपना पैसा लगाने के पहले खुद भी ज्यादा सजग होना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि ऊंची ब्याज दर की कुछ पेशकश व्यवहारिक भी हैं, लेकिन वहां पर भी जमाकर्ताओं को सजगता दिखानी होगी।दास ने कहा कि रिजर्व बैंक बैंकिंग प्रणाली को मजबूत एवं जुझारू बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन यह काम मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा, 'बैंकिंग प्रणाली से जुड़े प्रत्येक हितधारक की यह साझा जिम्मेदारी है, चाहे वह बैंक प्रबंधन हो, आडिट समिति हो, जोखिम प्रबंधन समिति हो या कोई भी नियामकीय प्राधिकरण हो।' रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा कि जमाराशि के बीमा का भुगतान इस दिशा में अंतिम उपाय होना चाहिए।उन्होंने कहा, 'आरबीआइ निगरानी पद्धतियों को सशक्त करने के लिए नियामकीय निर्देशों में मजबूती लाने की रणनीति पर चलता रहा है। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि बैंक आगे बेहद लचीले ढंग से कामकाज जारी रखें।' इस अवसर पर दास ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के समय के अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा, 'देश ने महामारी के काल में साथ काम करके दिखाया है और अब समय आ गया है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि का वाहन बन सकता है।' उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में शामिल सभी पक्षों के मिलकर काम करने से ही ऐसा हो पाएगा।



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HDFC बैंक सहित यह तीन बैंक दे रहे हैं फिक्स्ड डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज का फायदा

05 Dec 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। निजि क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने सवाधि जमा यानि की फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दर को संशोधित किया है। 1 दिसंबर 2021 से एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को उनके फिक्स्ड डिपॉजिट पर बढ़ी हुई ब्याज दर का फायदा मिलेगा। ब्याज दरों में संशोधन होने के बाद, एचडीएफसी बैंक 7 दिनों से 10 सालों के बीच मेच्योर होने वाली जमा रकम पर 2.50 फीसद से 5.50 फीसद की दर से ब्याज देता है। ब्याज की यह दरें 21 मई 2021 से प्रभावी हैं। यह बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 7 दिन से 10 साल में मेच्योर होने वाले एफडी पर 3 फीसद से 6.25 फीसद तक का ब्याज देता है। अगर आप इस बैंक एक साल से दो साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कराते हैं तो आपको सामान्य तौर पर 5 फीसद की दर से ब्याज मिलेगा। वहीं, अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं तो आपको 5.50 फीसद का ब्याज मिलेगा। दो से तीन साल के एफडी कराने पर सामान्य स्थिति में 5.15 फीसद का और वरिष्ठ नागरिक होने पर 5.85 फीसद का ब्याज मिलेगा। 5 साल से 10 साल की अवधि पर एफडी कराने पर यह बैंक आपको सामान्य स्थिति में 5.50 फीसद और वरिष्ठ नागरिक होने पर 6.25 फीसद का ब्याज देता है।एचडीएफसी बैंक के अलावा और भी कुछ बैंक ऐसे हैं जहां पर एफडी कराने पर आपको अधिक ब्याज दर का लाभ मिलेगा। आइये जानते हैं उन बैंक की एफडी योजना में मिलने वाले ब्याज दर की डिटेल।

देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर काफी आकर्षक ब्याज दर की पेशकश करता है। देश के इस सबसे बड़े बैंक में एक साल से दो साल के लिए एफडी कराने पर सामान्य स्थिति में आपको 5 फीसद और वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का होने पर 5.50 फीसद ब्याज दर का फायदा मिलता है। दो साल से तीन साल के लिए एफडी कराने पर सामान्य स्थिति में 5.10 फीसद, और वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का होने पर 5.60 फीसद ब्याज दर का लभ मिलता है। वहीं, 5 साल से 10 साल की अवधि तक इस बैंक में एफडी कराने पर आपको सामान्य स्थिति में 5.40 फीसद और वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का होने पर 6.20 फीसद ब्याज दर का फायदा मिलेगा।यह बैंक अपने ग्राहकों को एफडी पर काफी आकर्षक ब्याज दर की पेशकश करता है। इस बैंक में दो साल से तीन साल के लिए एफडी कराने पर सामान्य स्थिति में आपको 5.20 फीसद और वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का होने पर 5.70 फीसद ब्याज दर का फायदा मिलता है। तीन साल से पांच साल के लिए एफडी कराने पर सामान्य स्थिति में 5.40 फीसद, और वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का होने पर 5.90 फीसद ब्याज दर का लभ मिलता है। वहीं, 5 साल से 10 साल की अवधि तक इस बैंक में एफडी कराने पर आपको सामान्य स्थिति में 5.60 फीसद और वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का होने पर 6.30 फीसद ब्याज दर का फायदा मिलेगा।



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Cryptocurrency पर जल्‍द आएगा सख्‍त बिल, लेकिन पहले इनकी ली जाएगी मंजूरी : निर्मला सीतारमण

30 Nov 2021 Ayushi Tripathi

नई दिल्‍ली। Cryptocurrency पर देश में पाबंदी लगाने को लेकर FM Nirmala Sitharaman का रुख सख्‍त है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्रिप्टोकरंसी पर बिल संसद में पेश किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि non-fungible tokens (NFTs) के नियमन पर भी विचार किया जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार जल्द ही एक विधेयक लाएगी। इसे पिछली बार नहीं लाया गया था क्योंकि कुछ अन्य पहलू थे जिन पर गौर किया जाना बाकी था। Cryptocurrency जैसी बहुत सी चीजें चलन में आ गई थीं। सीतारमण ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि इरादा बिल में सुधार करने का है।

Cryptocurrency पर इश्तिहार को लेकर उन्होंने कहा कि विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. एएससीआई विज्ञापन को नियंत्रित करता है और दिशानिर्देश तैयार करता है। इसके सभी नियमों को देखा जा रहा है ताकि हम देख सकें कि विज्ञापनों पर क्या किया जा सकता है।इससे पहले मंत्री ने सोमवार को कहा था कि Bitcoin को मुद्रा के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि सरकार बिटकॉइन लेनदेन पर डेटा एकत्र नहीं करती है। संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में सूचीबद्ध आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 का क्रिप्टोकरंसी और विनियमन, भारत में सभी निजी क्रिप्टोकरंसी को प्रतिबंधित करने का प्रयास करता है। हालांकि, यह क्रिप्टोकरंसी की अंतर्निहित तकनीक और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कुछ अपवादों की अनुमति देता है।सरकार ने सोमवार को लोकसभा को बताया था कि भारत में क्रिप्टोकरंसी अनियंत्रित है और वह इसके व्यापार के बारे में जानकारी एकत्र नहीं करती है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि रिवर्ज बैंक ऑफ इंडिया ने 31 मई 2021 के सर्कुलर से अपनी विनियमित संस्थाओं को सलाह दी है कि वे अपने ग्राहक को जाने, धनशोधन निरोधक उपाय अपनाए, आतंकवाद के वित्त पोषण का मुकाबला करे और धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 आदि के तहत दायित्वों के मानकों को नियंत्रित करने वाले नियमों के अनुरूप क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के लिये उचित प्रक्रियाओं को जारी रखे।



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Reliance के निवेशकों के लिए अच्‍छी खबर, राइट्स इश्‍यू का पेमेंट हुआ फाइनल

13 Nov 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्‍ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने राइट्स इश्यू में कंपनी के 42.26 करोड़ शेयर लेने वाले निवेशकों से दूसरा और अंतिम भुगतान करने को कहा है। आरआईएल ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया है कि 15 मई, 2020 को राइट्स इश्यू के माध्यम से 10 रुपये प्रति शेयर के अंकित मूल्य वाले 42,26,26,894 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए थे। कंपनी ने आंशिक भुगतान हो चुके इन शेयरों के लिए दूसरा एवं अंतिम भुगतान करने का निवेशकों को नोटिस जारी किया है।राइट्स इश्यू के दौरान रिलायंस ने 1,257 रुपये प्रति शेयर मूल्य वाले 42.26 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए थे। उस समय निवेशकों ने इन शेयरों के लिए प्रारंभिक भुगतान किया था। अब 628.50 प्रति शेयर के हिसाब से भुगतान की दूसरी एवं अंतिम किस्त जमा करने को कहा गया है। रिलायंस ने कुल 53,125 करोड़ रुपये मूल्य के राइट्स इश्यू जारी किए थे। यह पिछले एक दशक में दुनिया की किसी भी गैर-वित्तीय कंपनी की तरफ से जारी सबसे बड़ा राइट्स इश्यू था।उस समय आरआईएल ने अपने मौजूदा शेयरधारकों को 1:15 के अनुपात में नए शेयरों की पेशकश की थी। आंशिक भुगतान वाले इक्विटी शेयरों के धारकों को अंतिम भुगतान के लिए कहने को 10 नवंबर 2021 की तारीख मुकर्रर की गई थी। दूसरा भुगतान होते ही आंशिक भुगतान वाले शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूर्ण चुकता शेयरों में तब्दील हो जाएंगे जिनका बीएसई एवं एनएसई दोनों शेयर बाजारों में कारोबार होता है।इस भुगतान प्रक्रिया में निवेशकों की मदद के लिए रिलायंस ने व्हाट्सऐप चैटबोट को भी सक्रिय कर दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस यह चैटबोट जियो की समूह कंपनी हैप्टिक ने विकसित किया है। इसे मई 2020 में राइट्स इश्यू के समय भी सक्रिय किया गया था।रिलायंस के मुताबिक, भुगतान 15 नवंबर से लेकर 29 नवंबर तक किए जा सकते हैं। चेक एवं डिमांड ड्राफ्ट के अलावा नेटबैंकिंग, यूपीआई और एएसबीए से भी इसका भुगतान किया जा सकता है। भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के दो सप्ताह के भीतर पूर्ण भुगतान वाले शेयर निवेशकों के खाते में जमा हो जाएंगे।



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टूरिज्‍म सेक्‍टर लौट रहा है पटरी पर, मोदी सरकार के प्रयास बढ़ा रहे उम्‍मीद

25 Sep 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्‍ली। आतिथ्य, प्रौद्योगिकी और पर्यटन उद्योग (Hospitality news) परिसंघ ने शनिवार को कहा कि बड़े पैमाने पर कोविड-19 रोकथाम टीकाकरण और महामारी से संबंधित नए नियमों से पर्यटन क्षेत्र धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।उद्योग निकाय ने एक बयान में कहा कि यह जरूरी है कि इससे होने वाले लाभ व्यापक और उचित तरीके से हासिल हो सके। एयरबीएनबी इंडिया, दक्षिणपूर्व एशिया, हांगकांग और ताइवान के महाप्रबंधक अमनप्रीत बजाज ने कहा, ‘‘पर्यटन क्षेत्र विशेष रूप से घरेलू यात्रा क्षेत्र पटरी पर लौट रहा है। भारतीय यात्री अब सड़क के माध्यम से यात्राएं, सप्ताहांत अवकाश और आसपास घूमने-फिरने वाली जगहों पर जाना शुरू कर रहे है।’’उन्होंने कहा कि यात्री अब पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यात्रा कर रहे हैं और और यात्रा के लिए पर्यावरण अनुकूल विकल्प चुन रहे हैं। वही मेकमाईट्रिप के सह-संस्थापक और समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश मगो ने कहा, ‘‘महामारी ने यात्रियों के बीच पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। लोग यात्रा के दौरान पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की तलाश करते हैं, जो उत्साहजनक है।’’इस बीच यात्रा और पर्यटन उद्योग ने सरकार से भारत से सेवा निर्यात योजना (एसईआईएस) को 7 प्रतिशत तक बहाल करने का आग्रह किया है, जैसा कि पहले भुगतान किया गया था। यह उस क्षेत्र का समर्थन करने के लिए है जो महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है। वाणिज्य मंत्रालय को एक प्रतिनिधित्व में, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) ने कहा है कि टूर ऑपरेटरों के लिए वित्त वर्ष 20 के लिए एसईआईएस स्क्रिप्स जारी करने का निर्णय एक योग्य कदम है, लेकिन यह निराशाजनक है कि लाभ 7 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।आईएटीओ के अध्यक्ष राजीव ने कहा, पिछले 18 महीनों से, इनबाउंड टूर ऑपरेटरों की आय लगभग शून्य थी, जिनमें से कई ने अपने व्यवसायों को बंद कर दिया था। इसे देखते हुए, एसईआईएस के लाभ की लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी क्योंकि इससे पर्यटन क्षेत्र को इस संकट से उबारने में मदद करने के लिए कुछ वित्तीय सहायता मिलेगी।विचार-विमर्श के दौरान, सरकार से एकमुश्त उपाय के रूप में इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का अनुरोध किया गया था, हालांकि लाभ को कम करने और इसे 5 करोड़ रुपये तक सीमित करने से उद्योग को निराशा हुई है। 5 प्रतिशत की कमी से छोटे और मध्यम टूर ऑपरेटरों पर असर पड़ेगा जबकि 5 करोड़ रुपये की सीमा से बड़े टूर ऑपरेटरों पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।



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भाव चढ़ा, चांदी हुई सस्ती, जानिए क्या चल रहे हैं रेट

16 Aug 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। सोने एवं चांदी की वायदा कीमतों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का भाव 71 रुपये यानी 0.15 फीसद चढ़कर 47,011 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इससे पिछले सत्र में अक्टूबर, 2021 कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने का रेट 46,940 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था। इसी तरह दिसंबर, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का रेट 85 रुपये यानी 0.18 फीसद की तेजी के साथ 47,179 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इससे पिछले सत्र में दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने का रेट 47,094 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर, 2021 डिलिवरी वाली चांदी की कीमत (Silver Price) 120 रुपये यानी 0.19 फीसद की टूट के साथ 63,118 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। इससे पिछले सत्र में सितंबर, 2021 कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी की कीमत 63,238 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। इसी तरह दिसंबर, 2021 अनुबंध वाली चांदी की कीमत 94 रुपये यानी 0.15 फीसद की गिरावट के साथ 63,871 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। इससे पिछले सत्र में दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी की कीमत 63,965 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक कॉमेक्स पर दिसंबर, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का रेट 0.10 डॉलर यानी 0.01 फीसद की टूट के साथ 1,778.10 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हाजिर बाजार में सोने की कीमत 5.19 डॉलर यानी 0.29 फीसद की गिरावट के साथ 1,774.55 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा था।

कॉमेक्स पर सितंबर, 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 0.16 डॉलर यानी 0.69 फीसद की गिरावट के साथ 23.62 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। इसी तरह स्पॉट मार्केट में चांदी की कीमत 0.13 डॉलर यानी 0.53 फीसद की टूट के साथ 23.62 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रही थी।



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SBI इस मॉनसून सीजन में दे रहा है ये बेहतरीन ऑफर्स, आज ही उठा लें फायदा

16 Aug 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र का देश का सबसे बड़ा बैंक SBI इस मॉनसून सीजन में अपने ग्राहकों को कई तरह के शानदार ऑफर्स की पेशकश कर रहा है। इस कड़ी में स्टेट बैंक ने किसी भी माध्यम से कार लोन के लिए अप्लाई करने वाले ग्राहकों को प्रोसेसिंग फीस पर 100% की छूट देने का एलान किया है। इसके अतिरिक्त ग्राहक अगर आप कार लोन लेने जा रहे हैं तो स्टेट बैंक आपके वाहन के ऑन रोड प्राइस का 90 फीसद तक फाइनेंस कर सकता है। इससे पहले बैंक ने होम लोन पर प्रोसेसिंग फीस में 100 फीसद छूट का एलान किया था।स्टेट बैंक के मोबाइल ऐप YONO के जरिए कार लोन अप्लाई करने वाले ग्राहकों को ब्याज में 0.25 फीसद तक की छूट हासिल हो सकती है। इस तरह YONO SBI यूजर्स महज 7.5 फीसद की सालाना ब्याज दर पर लोन लेकर अपनी पसंदीदा कार अपने घर ला सकते हैं



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