उत्तर प्रदेश

hindi news portal lucknow

उत्तर प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 417 हुई, संक्रमण के मामले हुए 14091

15 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 18 और मौतों के साथ सोमवार को कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 417 हो गई जबकि राज्य में संक्रमण के मामले बढ़कर 14, 091 हो गये। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि राज्य में संक्रमण के उपचाराधीन मामले 5064 हैं जबकि 8610 लोग पूर्णतया उपचारित होकर अस्पतालों से छुटटी पा चुके हैं। प्रदेश में रिकवरी की दर 61 . 10 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 18 और लोगों ने जान गंवा दी। अब तक 417 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले बढकर 14, 091 हो गये हैं। प्रसाद ने बताया कि एकांतवास में 5081 लोगों को रखा गया है, जिनका विभिन्न चिकित्सालयों और मेडिकल कालेजों में उपचार किया जा रहा है। पृथकवास में 7436 लोग रखे गये हैं। उनके नमूने लेकर जांच की जा रही है। अगर जांच के बाद कोई संक्रमित पाया जाता है तो उसे एल—1, एल—2 या एल—3 अस्पतालों में उसकी स्थिति के हिसाब से भर्ती करके इलाज कराया जाएगा अन्यथा पृथकवास में रहने वालों को निर्धारित समयावधि पूरी हो जाने पर घर भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रविवार को 13, 388 नमूनों की जांच की गयी। अब तक 4, 66, 081 नमूनों की जांच की जा चुकी है।पूल सैम्पल के माध्यम से रविवार को ही पांच पांच सैम्पल के 1237 पूल लगाये गये, जिनमें से 201 पाजिटिव निकले जबकि दस दस सैम्पल के 98 पूल लगाये गये, जिनमें से 20 पाजिटिव पाये गये। प्रमुख सचिव ने बताया कि आरोग्य सेतु का लगातार उपयोग किया जा रहा है। जिन लोगों को इसके माध्यम से एलर्ट आये, ऐसे 81, 339 लोगों को स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से फोन कर हालचाल लिया गया और आवश्यक सलाह दी गयी। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने अब तक 16, 46, 312 प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के गांव गांव, घर घर जाकर उनका सर्वेक्षण किया है। इनमें से 1455 में कोरोना वायरस संक्रमण के कोई ना कोई लक्षण पाये गये, जिनकी जांच करायी गयी है। प्रसाद ने बताया कि ग्राम निगरानी समिति और मोहल्ला निगरानी समिति से लगातार संपर्क रखा गया। ग्राम प्रधानों और सभासदों से फोन पर बातचीत की गयी। इसका परिणाम यह रहा कि जो लोग घर पर पृथकवास में रखे गये हैं, वे उसका अच्छे से पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फलस्वरूप गांवों में सैम्पलिंग करायी गयी तो तो गांव के दूसरे सदस्य, जो पहले से वहां रह रहे थे, उनमें संक्रमण नहीं था।

इसका मतलब है कि प्रवासी कामगारों ने अपने सामाजिक दायित्व का भलीभांति निर्वहन किया है। प्रसाद ने जनता से अनुरोध किया कि जो लोग घर पर पृथकवास में रखे गये हैं, वे उसका पालन करें ताकि आप अपने आस पडोस, मित्र साथियों को संक्रमण से बचा सकें। घर में भी पृथकवास का पालन करना है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दस साल से कम उम्र के बच्चों और पहले से बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखनी है। उन्हें संक्रमण से बचाकर रखना है क्योंकि देखा गया है कि जो भी जटिलताएं आयीं या जो मौतें हुईं, उनमें से 80 से 85 प्रतिशत लोगों को पहले से कोई ना कोई बीमारी थी। उन्होंने बताया कि 5620 हॉटस्पाट (संक्रमण से अधिक प्रभावित) क्षेत्रों सहित कुल 17, 695 क्षेत्रों की निगरानी की गई है और 92, 09, 680 घरों में 4, 69, 53, 258 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। ये कार्य निरंतर चल रहा है। प्रयास है कि हम लोगों को जागरूक करके जनता को इस बीमारी के बारे में बताकर सावधान रहने के लिए कहें। उनको समझा कर इस संक्रमण को लोगों से दूर रखने के लिए कहें। प्रसाद ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया में वायरस को फैलाने वाला कैरियर मच्छर होता है लेकिन कोरोना वायरस में मनुष्य ही वायरस का कैरियर है। अगर मनुष्य सावधान रहे कि हमें खुद को भी बचाना है और दूसरे को भी बचाना है तो हम संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ सकते हैं। संक्रामक बीमारी में संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना बहुत महत्वपूर्ण है।



hindi news portal lucknow

योगी आदित्यनाथ के आवास को बम से उड़ाने की धमकी के बाद कालिदास मार्ग पर सुरक्षा बढ़ी

15 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास को बम से उड़ाने की धमकी के बाद शुक्रवार को वहां सुरक्षा बढा दी गयी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल—112 पर उक्त धमकी दी गयी। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास और प्रदेश की कई अन्य जगहों को बम से उडाने की धमकी दी गयी है। उन्होंने बताया कि इस धमकी भरे संदेश के बाद मुख्यमंत्री के पांच, कालिदास मार्ग स्थित आवास की सुरक्षा और कडी कर दी गयी है। उल्लेखनीय है कि कालिदास मार्ग पर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के भी आवास हैं।सूत्रों ने बताया कि धमकी मिलने के बाद श्वान दस्ते और बम निरोधक दस्ते की मदद से छानबीन की जा रही है। पुलिस आसपास के वीआईपी इलाकों में भी सघन चेकिंग कर रही है। सूत्रों के अनुसार धमकी देने वाले का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।अज्ञात व्यक्ति ने प्रदेश में 50 अलग अलग अन्य जगहों पर भी बम धमाके करने की धमकी दी है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी को जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। पिछले महीने कामरान नामक व्यक्ति ने प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया हेल्पडेस्क को फोन किया था और सीधे मुख्यमंत्री योगी को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। कामरान मुंबई में रहता था और उसे महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते ने गिरफ्तार किया था।



hindi news portal lucknow

मुंबई से प्रवासी मजदूरों को लेकर विशेष विमान लखनऊ आया

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। मुंबई से प्रवासी मजदूरों को लेकर बृस्पतिवार की सुबह 10 बजे एक विशेष विमान यहां चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर उतरा। हवाई अड्डा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। हवाई अड्डे के निदेशक ए के शर्मा ने बताया कि इस विशेष विमान में करीब 1 80 यात्री सवार थे।

विमान से जो लोग मुंबई से यहां आये हैं उनमें से अधिकतर उन्नाव, गोंडा और लखनऊ जिलों के रहने वाले हैं। यह विशेष विमान की व्यवस्था फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने प्रवासी मजदूरों के लिए किया है। सभी मजदूरों ने अमिताभ को दिल से शुक्रिया कहा।



hindi news portal lucknow

केशव मौर्य ने कांग्रेस नेता पर ली चुटकी, कहा- हमने नाम रखा है ‘प्रियंका ट्विटर वाड्रा’

06 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर चुटकी लेते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को कहा कि सोशल मीडिया उन्हें ‘‘प्रमुख राष्ट्रीय नेता’’ के रूप में दिखाता है लेकिन वह 2019 लोकसभा चुनाव में अमेठी से अपने भाई और पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष की जीत भी सुनिश्चित नहीं कर सकीं। राज्य की राजनीति में प्रियंका के प्रभाव को कमतर आंकते हुए मार्य ने कहा, ‘‘मैं उन्हें गंभीरता से नहीं लेता... हमने उनका नाम प्रियंका टिवटर वाड्रा रखा है। वह सिर्फ दो-तीन दिन ट्वीट करती हैं, और मीडिया उसी में व्यस्त हो जाता है। सोशल मीडिया पर उन्हें प्रमुख राष्ट्रीय नेता बताया जाता है।’’

उन्होंने बताया, ‘‘हर कोई जानता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार के लिये आयी थी, आशा कर रही थीं कि अपने भाई को प्रधानमंत्री बनवाएंगी, लेकिन वह जीत तक सुनिश्चित नहीं कर सकीं।’’ गौरतलब है कि 2019 संसदीय चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी के हाथों हार मिली। मौर्य ने कहा, ‘‘कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपना आधार खो चुकी है। कांग्रेस महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को नहीं देखना चाहती है। वह दृष्टि दोष का शिकार है कांग्रेस के नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य को अपनी आंखों की जांच करवानी चाहिए। जब उनकी आंख की जांच हो जायेगी तब वह उप्र के साथ-साथ राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब की असलियत देख पायेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार को गलत तरीके से देखना चाहती है और मोदी जी और योगी जी पर आरोप ही लगाना चाहती है तो इसका कोई इलाज नहीं है। मैं उनको एक ही सलाह दे सकता हूं कि वह एक अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें और अच्छा चश्मा पहनें।’’ मौर्य ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल उपलब्ध्यिों भरा है। देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



hindi news portal lucknow

जीवन में खुद के लिए पाने का भाव खत्म हो जाता, दूसरों के लिए काम करने का भाव जन्म लेता तब एक इंसान बनता है 'योगी'

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जब जीवन में अपने लिए पाने का भाव खत्म हो जाता है, दूसरों के लिए काम करने का भाव जन्म लेता है। तब एक इंसान बनता है योगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज जन्मदिन है। वैसे तो सीएम योगी अपनाा जन्मदिन नहीं मनाते हैं। बड़ी संख्या में लोग उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हैं और वह उन्‍हें स्वीकार भी कर लेते हैं। ये योगी आदित्यनाथ का 49वां जन्मदिन है। जन्मदिन के मौके पर सीएम योगी ने गोरक्षनाथ बाबा को याद करते हुए ट्वीट किया है।

वहीं सीएम योगी को जन्मदिन की बधाईयां देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बधाई दी है।

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ। योगी आदित्‍यनाथ (तब अजय सिंह बिष्ट के नाम से जाने जाते थे) बचपन से ही बहुत कुशाग्र और कर्मठ स्‍वभाव के थे।

बचपन में ही उनका मन अध्‍यात्‍म की ओर भी झुकने लगा था। योगी आदित्‍यनाथ ने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है. साल 1993 में गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान अजय सिंह बिष्‍ट (संन्‍यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम योगी आदित्‍यनाथ पड़ा), गुरु गोरखनाथ पर शोध करने के लिए गोरखपुर आए और तत्‍कालीन गोरक्षपीठाधीश्‍वर महंत अवेद्यनाथ के संपर्क में आए। साल 1994 में दीक्षा के बाद वह योगी आदित्यनाथ बन गए थे। योगी हिंदू युवा वाहिनी संगठन के संस्थापक भी हैं।1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे और हर बार उनकी जीत का आंकड़ा बढ़ता ही गया। फिर आता है साल 2017 का वो दौर जब यूपी में नरेंद्र मोदी के नाम पर सवार बीजेपी की पतवार ने पूरे दम-खम से जीत सुनिश्चित की और 312 सीटें जीती। बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद गाजीपुर से सांसद रहे मनोज सिन्हा का नाम अचानक से सुर्खियों में आ गया और उनकी बायोग्राफी भी मीडिया में तैयार होने लगी साथ ही समीकरण भी पेश किए जाने लगे। मनोज सिन्हा दिल्ली से काशी विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे और वहीं चार्टेड प्लेन का इंतजार करने लगे।

दिल्ली में मौजूद केशव मौर्या के चेहरे की मुस्कान इस वक्त और खिलखिला उठी जब लखनऊ के एयरपोर्ट पर नारे लगे 'पूरा यूपी डोला था, केशव-केशव बोला था'। लेकिन तमाम तैरते नामों के बीच योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को यूपी की बागडोर संभाली। योगी उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर उतरे। उत्तम प्रदेश यानी ऐसा प्रदेश जहां कानून व्यवस्था टाइट हो, महिलाओं और लड़कियों के साथ सड़कें सुरक्षित हों। रोजगार हो। यूपी में योगी सरकार के तीन साल मार्च महीने में पूरे किए हैं और इस दौरान योगी ने बहुत कुछ ऐसा किया है जिससे उत्तम प्रदेश की नींव पड़ती दिखती है।



hindi news portal lucknow

नई शुरुआत की उम्मीद में यूपी से प्रवासी श्रमिक वापस जा रहे हैं महाराष्ट्र

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

गोरखपुर। लॉकडाउन के दौरान घरों पर लौटे बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों ने नई शुरुआत की उम्मीद में वापस उन जगहों पर लौटना शुरू कर दिया है, जहां वे पहले कार्य करते थे। गोरखपुर से मुंबई के लिए रोजाना दो ट्रेनें तथा एक दिन छोड़ अगले दिन चलने वाली एक ट्रेन है और इनमें ज्यादातर संख्या में प्रवासी श्रमिक सवार होकर अपने गंतव्य को जा रहे हैं। कुशीनगर एक्सप्रेस और गोरखपुर मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट विशेष ट्रेन रोजाना मुंबई जाती हैं जबकि गोरखपुर और बांद्रा के बीच अवध स्पेशल रेलगाड़ी सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को चलती है। मुंबई जाने वाली रेलगाड़ियां हालांकि अभी पूरी तरह भर कर नहीं जा रही हैं। महाराष्ट्र के ग्रीन जोन में उद्योग शुरू हो गए हैं और वे उन श्रमिकों को वापस बुला रहे हैं जो लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को चले गए थे। महाराष्ट्र पहुंचने वाले श्रमिक 14 दिन घर पर प्रथकवास के बाद अपना कार्य शुरू कर सकते हैं। महाराजगंज के सत्येंद्र कुशवाहा ने रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार करने के दौरान ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया कि वह एक लेमिनेशन कंपनी में काम कर रहे थे। उनका परिवार गांव में रहता है। लॉकडाउन के दौरान वह बेरोजगार हो गए थे और उनकी बचत का पैसा भी कम होने लगा। एक महीने पहले वह अपने गांव पहुंचे थे। सफर पैदल भी तय किया और ट्रक में बैठकर भी।

उन्होंने बताया कि अब उनकी फैक्टरी के मालिक वापस बुला रहे हैं और उनके कौशल के हिसाब से गांव में कोई काम नहीं है इसलिए वह वापस लौट रहे हैं। एक अन्य प्रवासी श्रमिक राम मनोहर गोरखपुर के पिपराइच में रहते हैं। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ वापस नासिक जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह बैग बनाने वाली कंपनी में काम करते थे और लॉकडाउन के बाद बेरोजगार हो गए थे। एक अन्य श्रमिक सुमित शर्मा गैस कटर मशीन चलाते हैं और पहले मुंबई में काम करते थे। वह 29 दिन पहले मुंबई से देवरिया स्थित गांव पहुंचे थे। उन्हें भी फैक्टरी के मालिक ने वापस बुलाया है।



hindi news portal lucknow

धर्मस्थल के अन्दर एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु न हों: योगी आदित्यनाथ

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में धर्मस्थलों को खोले जाने से पूर्व प्रशासन व पुलिस के अधिकारीगण इन स्थलों के प्रबन्धन से जुड़े लोगों से संवाद बनाते हुए उन्हें सभी सावधानियां सुनिश्चित करने की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक धर्मस्थल पर सैनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था रहनी चाहिए एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि धर्मस्थल के अन्दर एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु न हों। आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म स्थल में प्रतिमा अथवा धार्मिक ग्रन्थों को कोई भी स्पर्श न करे। धर्मस्थलों के परिसर में श्रद्धालु जूता-चप्पल पहनकर न जाएं। जूता-चप्पल रखने के लिए वस्था से जुड़े लोग इस सम्बन्ध में समुचित इन्तजाम करें। उन्होंने कहा कि यह उचित होगा कि लोग यथा-सम्भव अपने वाहन आदि में जूता-चप्पल उतारने के बाद ही धर्मस्थल की ओर प्रस्थान करें।

मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर बैठक में अनलॉक की व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता बरतना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत उन्होंने सभी स्थानों पर सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावी पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमित को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि वह समस्त मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों से प्रतिदिन सीधे संवाद कर कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखें। योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए तेजी से प्रयास करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाकर रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए एम0एस0एम0ई0 सेक्टर के ऑनलाइन स्वरोजगार संगम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने उद्योग बन्धु, पिकप आदि संस्थाओं को उद्योगों के संचालन की अनुकूल परिस्थितियां सृजित करने के सम्बन्ध में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश लौटे कामगारों को प्रधानमंत्री के विशेष आर्थिक पैकेज के माध्यम से लाभान्वित करने की दिशा में कार्रवाई की जाए। इस पैकेज के माध्यम से रेहड़ी तथा खोमचे वालों एवं एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को उपलब्ध कराए जा सकने वाले ऋण एवं अन्य लाभ के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आहूत की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री के विशेष आर्थिक पैकेज के माध्यम से प्रदेश को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए सभी जरूरी प्रयास करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कामगारों/श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के अलावा विभिन्न सरकारी विभागों तथा संस्थानों, जहां कामगारों/श्रमिकों की जरूरत हो, वहां इन्हें रोजगार देने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने नोडल अधिकारियों को सम्बन्धित प्रदेश सरकारों से सम्पर्क कर उन राज्यों से वापसी के इच्छुक लोगों की सूची प्राप्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि ट्रेनों की व्यवस्था की जा सके।



hindi news portal lucknow

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चला आ रहा केन-बेतवा परियोजना जल बंटवारा जल्द ही सुलझेगा

03 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चले आ रहे नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना के पानी बटवारे को लेकर विवाद जल्द ही सुलझ सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके संकेत दिए है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे वर्ष 2005 में पानी बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर कायम हैं। इस विवाद को सुलझाने को लेकर दोनों राज्यों के बीच संवाद जारी है। कोरोना संकट न आता तो इस विवाद का समाधान अब तक निकल गया होता। लगातार लॉकडाउन की वजह से इस विवाद पर मंथन कुछ समय के लिए टल गया था। जिसे कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के बाद प्राथमिकता से निपटाएंगे।केन-बेतवा के जल बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच कई वर्षो से विवाद चल रहा है। इससे पहले पिछले माह मई में नदी जोड़ो मुहिम के तहत प्रस्तावित केन-बेतवा परियोजना के जल बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि प्रस्तावित केन-बेतवा परियोजना में मध्य प्रदेश के ज्यादा संख्या में गांव डूबेंगे। जंगल भी हमारा ज्यादा डूबेगा, लेकिन उत्तर प्रदेश अधिक जल चाहता है। उत्तर प्रदेश की मांग व्यावहारिक नहीं है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा था कि हम मध्य प्रदेश को न्याय दिलवाएंगे। पिछले दिनों केंद्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक के बाद एमओयू की सभी शर्ते तय की गई थीं। इसके तहत उत्तर प्रदेश को रबी के सीजन में परियोजना से 900 मिलियन क्यूबिक मीटर के बजाए 700 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी देने का निर्णय हुआ था, वह भी तब जब मध्य प्रदेश अपने हिस्से के पानी का उपयोग कर चुका होगा और उसके पास जितना अतिरिक्त पानी बचेगा, वह उत्तर प्रदेश को दिया जाएगा।

गौरतलब है कि दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं फिर भी जल बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अभी भी पानी की हिस्सेदारी सहित कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे वर्ष 2005 में पानी बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर कायम हैं। 2005 के समझौते को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया होती है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इस मुद्दे पर भारत सरकार ने दोनों प्रदेशों के बीच समन्वय बनाकर प्रक्रिया को काफी तेजी के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर दोनों राज्य सरकारें इस समस्या का समाधान निकाल लेंगी, क्योंकि पूरे बुंदेलखंड के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण है। वही पिछले दिनों मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा था कि हमारा डूब क्षेत्र ज्यादा है। हमारे किसानों को इसका ज्यादा फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस बात से सहमत हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से एक दौर की बात हो चुकी है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से बात करेंगे। इसके बाद भी हमें हमारा हिस्सा नहीं मिलता है तो प्रदेश के केंद्रीय मंत्रियों के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नदी से बेतवा नदी तक पानी ले जाने के लिए 231 किमी लंबी नहर बनेगी। जिसके लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के पास डोढन पर बड़ा बांध बनाया जाएगा। जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की 7 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचिंत करने का लक्ष्य है। इस परियोजना पर 30 हजार करोड़ रूपए की लागत आ रही है। जिससे मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश में आने वाले बुंदेलखंड की प्यास बुझाने की योजना है। नदियों को जोड़ने की मुहिम 2002 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने शुरू की थी। इसमें सबसे पहले केन-बेतवा पर काम शुरू किया गया था। साथ ही इन नदियों के पानी से बुंदेलखंड की प्यास बुझाने का सपना भी बुना गया, लेकिन तब से आज तक यह परियोजना विवादों में ही उलझी हुई है। विवादों के चलते अब तक योजना का शिलान्यास नहीं हो पाया है।



hindi news portal lucknow

UP के बेड़े में 70 हजार बसें, लेकिन मजदूर पैदल चलते-चलते मर गए: अखिलेश

30 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के पास 70 हजार बस हैं और अगर वह चाहती तो प्रदेश के श्रमिकों को ही नहीं, झारखंड, बिहार और इधर से गुजरने वाले अन्य राज्यों के मजदूरों को भी पैदल नहीं चलना पड़ता, लेकिन इतनी बस होने के बावजूद मजदूर पैदल चलते-चलते मर गए। उन्होंने आज एक बयान में कहा, “लॉकडाउन के बावजूद बीमारी कम नहीं हुई, संक्रमण बढ़ता गया, अर्थव्यवस्था भी बर्बाद हो गई। अब ऐसे में सरकार को विशेषज्ञों की राय लेकर इस बारे में विचार करना चाहिए, जिससे बीमारी भी रुके और व्यापार भी चले तथा अर्थव्यवस्था में सुधार हो

कोरोनाकाल की आर्थिक तंगी से उपजे अवसाद के कारण युवाओं की आत्महत्याओं की ख़बरें दुखद हैं. आज सरकार की असंवेदनशीलता व दिशाहीन नीतियों की वजह से जो निराशा फैल रही है, वो चिंता का विषय है.

सपा अध्यक्ष ने कहा, “इस सरकार में देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही खराब थी, लेकिन जब से कोविड-19 महामारी आई है तबसे अर्थव्यवस्था और खराब हो रही है। ऐसी स्थिति में लोगों को रोजगार कहां से मिलेगा?” उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश और प्रदेश की भोली-भाली जनता को भावनात्मक मुद्दों के जरिए फंसाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने गरीबों, किसानों और मजदूरों को जो सपना दिखाया था वह टूट गया है।



hindi news portal lucknow

योगी सरकार ने लखनऊ में 26 मई से सशर्त शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खोलने के दिए आदेश

24 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। जिला प्रशासन ने राजधानी लखनऊ में 26 मई से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स शर्तों के साथ खेलने की अनुमति दे दी है। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शनिवार को एक बयान में बताया कि निरुद्ध क्षेत्र या रेड जोन में पड़ने वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बंद रहेंगे। इन परिसरों में सेंट्रलाइज्ड एसी चलाने की अनुमति नहीं होगी। कॉम्प्लेक्स सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुले रहेंगे। शारीरिक दूरी का कड़ाई से पालन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, दस साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं को शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हर परिसर के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनर और सैनेटाइजरों की उपलब्धतता अनिवार्य होगी।

उन्होंने कहा कि हर दुकान के स्टाफ के लिए दस्ताने और मास्क पहनना अनिवार्य होगा। दुकान पर आने वाले हर ग्राहक का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आने वाले किसी ग्राहक में अगर कोविड-19 से जुड़े लक्षण मिलते हैं तो दुकानदार को अनिवार्य रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित करना होगा। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की रोगाणुनाशक से नियमित रूप से साफ-सफाई होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट में केवल चार लोग ही एक साथ जा सकेंगे।

लिफ्ट संचालक की मौजूदगी अनिवार्य रहेगा। लिफ्ट को हर घंटे संक्रमणमुक्त करना होगा। राजधानी के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तो खुलेंगे लेकिन शॉपिंग मॉल अभी बंद ही रहेंगे। रेड जोन या निरुद्ध क्षेत्र में पड़ने की वजह से अमीनाबाद, नजीराबाद, लाटूश रोड, कैण्ट रोड की दुकानें, बीएन रोड से बापू भवन चौराहे तक की सभी दुकानें, बर्लिंगटन चौराहे से कैसरबाग चौराहे के बीच पड़ने वाली दुकानें, कैसरबाग चौराहे से कैसरबाग बस अडडे के बीच पड़ने वाली दुकानें, कैसरबाग बस अडडे से मौलवीगंज चौराहे तक की दुकानें, मौलवीगंज से रकाबगंज चौराहे तक की दुकानें, हीवेट रोड, लालबाग, जयहिंद मार्केट, नादान महल रोड, चरक चौराहे से मेडिकल चौराहा और मेडिकल चौराहे से कन्वेंशन सेंटर, नक्खास बाजार, कैण्ट में अली जान मस्जिद के आसपास के क्षेत्र, निशातगंज की गली नंबर—5 की दुकानें, निशातगंज सब्जी मंडी तथा आसपास की दुकानें नहीं खुलेंगी।



12345678910...