व्यापार

hindi news portal lucknow

DLF ने गुरुग्राम आवास परियोजना में 700 cr के 376 फ्लैट बेचे

14 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिग्गज रीयल्टी कंपनी डीएलएफ ने रविवार को कहा कि उसने रीयल एस्टेट क्षेत्र में सुस्ती के बावजूद गुरुग्राम में अपनी नई आवासीय परियोजना की शुरुआत के पहले दिन 376 तैयार (रेडी - टू मूव) फ्लैटों की बिक्री की। इनका मूल्य 700 करोड़ रुपये है। कंपनी ने अपनी आलीशान आवासीय परियोजना अल्टिमा का दूसरा चरण पेश किया। कंपनी ने बयान में कहा कि डीएलएफ ने पहले दिन 700 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के फ्लैट बेचे हैं। ग्राहकों को 376 फ्लैट आवंटित किए गए हैं, जो कि कुल 504 मकानों के 75 प्रतिशत से अधिक है।परियोजना के दूसरे चरण में तीन और चार बेडरूम वाले तैयार फ्लैट शामिल है। इनकी कीमत 1.6 करोड़ रुपये से शुरू है। डीएलएफ के कार्यकारी निदेशक आकाश ओहरी ने कहा कि डीएलएफ में हम अपनी हर पहल में अपने खुद के द्वारा तय मानकों से आगे निकलने में विश्वास रखते हैं। परियोजना में जो प्रतिक्रिया हमें मिली है यह डीएलएफ के ब्रांडमूल्य को ही दर्शाता है।’’ डीएलएफ ने अल्टिमा प्रोजैक्ट के पहले चरण में 400 फ्लैट की शुरुआत की थी। यह परियोजना 22 एकड़ में फैली है।



hindi news portal lucknow

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि घटाकर 6 फीसदी किया

13 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

वाशिंगटन। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। इससे 2019 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर कम होकर 6 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी व्यापक संभावनाओं के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है। विश्वबैंक के अर्थशास्त्री ने रविवार को यह बात कही। विश्वबैंक के मुख्य अर्थशास्त्री (दक्षिण एशिया) हंस टिम्मर ने बताया कि हालिया सुस्ती के बावजूद भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उसके आर्थिक वृद्धि के आंकड़े दुनिया के अधिकांश देशों से अधिक है। भारत अभी भी व्यापक क्षमता वाली तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। " दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस के ताजा संस्करण में विश्वबैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर छह प्रतिशत कर दिया।हालांकि, विश्वबैंक ने कहा कि वृद्धि दर धीरे-धीरे सुधर कर 2021 में 6.9 प्रतिशत और 2022 में 7.2 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर टिम्मर ने कहा कि हालिया वैश्विक नरमी से भारत में निवेश और खपत प्रभावित हुये हैं। इसकी वजह से उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत की आर्थिक वृदधि दर 2016 में 8.2 प्रतिशत थी और अगले दो साल में यह 2.2 प्रतिशत गिर गई है। उन्होंने कहा कि यह सबसे बड़ी गिरावट नहीं है लेकिन यह 2012 से तुलना करने योग्य है , जहां नरमी का असर था। हालांकि , 2009 में हमने जो गिरावट देखी यह उससे कुछ कम है।

लेकिन , यह गंभीर सुस्ती है। यह बात सही है। " टिम्मर ने कहा यदि आप घरेलू मांग की वृद्धि को देखते हैं तो यह जीडीपी के मुकाबले अधिक तेजी से नीचे आ रही है क्योंकि इसमें आयात भी तेजी से सुस्त पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में अलग मामला है जहां कंपनियों और घरेलू दोनों स्तरों पर निवेशक निवेश को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। टिम्मर ने कहा कि विश्वबैंक ने अनुमान में कहा है कि " भारत की 80 प्रतिशत आर्थिक नरमी " का कारण अतंरराष्ट्रीय कारक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विचार में यह काफी कुछ उसी के अनुरूप है जो कि दुनिया में हो रहा है। इस समय दुनिया में सब जगह निवेश की रफ्तार काफी तेजी से धीमी पड़ रही है।

जहां तक रिण की बात है यह एक धारणा से चल रहा है जो कि पूरी दुनिया में फैली हुई और यह धारणा वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता की है।’’ वहीं , विश्वबैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2019 में भारत के मुकाबले बांग्लादेश और नेपाल की अर्थव्यवस्था के अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि , बैंक ने वैश्विक सुस्ती के कारण चालू वित्त वर्ष में दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि में गिरावट का अनुमान जताया है।

इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर और गिरकर महज 2.4 प्रतिशत रह सकती है। बैंक ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष में दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है। यह अप्रैल 2019 के पूर्वानुमान से 1.1 प्रतिशत कम है। बांग्लादेश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2019 में 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 2018 में 7.9 प्रतिशत की दर से अधिक है। इसके 2020 में 7.2 प्रतिशत और 2021 में 7.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है। नेपाल के मामले में, जीडीपी की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में औसतन 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।



hindi news portal lucknow

PMC बैंक मामले पर बोलीं वित्त मंत्री, जरूरत पड़ी तो एक्ट में करेंगे बदलाव

10 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक के बवाल और विरोध प्रदर्शन के बीच वित्त मंत्रालय की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बयान देते हुए कहा कि कोऑपरेटिव बैंक को रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) रेगुलेट करती है और आरबीआई पूरे मामले को देख रहा है। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। मामले का अध्ययन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो एक्ट में बदलाव करेंगे। आरबीआई पेशेवर तरीके से मामला सुलझाए। बता दें कि बैंक पर लगाई गई पाबंदियों से नाराज खाताधारक आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुंबई दफ्तर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। खाताधारकों का विरोध प्रदर्शन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले हुआ। बीजेपी दफ्तर के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।

1984 में पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना हुई।

महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में 137 ब्रांच।

लोगों के 11 हजार 600 करोड़ रूपए जमा हैं।

करीब 4355 करोड़ का घोटाला।

बैंक ने 8300 करोड़ रूपए के कर्ज बांटे।

कर्जदार कंपनियों ने पैसे नहीं लौटाए तो बैंक डूबा।

घोटाला सामने आने पर आरबीआई ने बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं।

आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंकिग रेलुगेशन एक्ट, 1949 के सेक्‍शन 35ए के तहत की।

बैंक में कोई नया फिक्‍स्ड डिपॉजिट अकाउंट नहीं खुल सकेगा, इसके अलावा बैंक के नए लोन जारी करने पर भी पाबंदी लगाई गई थी।



hindi news portal lucknow

Share Market: शुरुआती कारोबार में गिरावट का दौर, सेंसेक्स 300 और निफ्टी 90 अंक गिरा

30 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। सप्ताह के पहले दिन आज सोमवार को शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 50 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 38,873.12 पर खुला है। मार्केट ओपन होने के बाद सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 32 मिनट पर खबर लिखे जाने तक यह न्यूनतम 38,633.25 अंकों तक गया। उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी आज 21.25 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 11,491.15 पर खुला है। खबर लिखने तक यह न्यूनतम 11,460.25 अंकों तक गया।सोमवार को 9 बजकर 35 मिनट पर सेंसेक्स 154.25 अंकों की गिरावट के साथ 38,670.29 पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 44.05 अंकों की गिरावट के साथ 11,468.35 पर कारोबार कर रहा था। इस समय पर निफ्टी की 50 कंपनियों में से 15 कंपनियों के शेयर हरे निशान पर और 35 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे।

शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी की 50 कंपनियों के शेयरों में से सबसे ज्यादा तेजी HCL Technologies, TCS, Infosys, Tech Mahindra और UPL कंपनियों के शेयरों में दिखी।

शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में से YES BANK, IndusInd Bank, JSW Steel, CIPLA और TATA STEEL कंपनियों के शेयरों में आज सबसे ज्यादा गिरावट दिखी।

आज सोमवार को भारतीय रुपया 14 पैसे मजबूत होकर खुला है। जिससे एक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का मूल्य 70.42 रुपये पर आ गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 70.56 पर बंद हुआ था। उधर सोमवार सुबह क्रूड ऑयल WTI का फ्यूचर भाव 0.21 फीसद की तेजी के साथ 56.03 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था और ब्रेंट ऑयल का फ्यूचर भाव 0.26 फीसद की तेजी के साथ 61.20 डॉ़लर प्रति बैरल पर चल रहा था।



hindi news portal lucknow

भारतीय स्टेट बैंक बनना चाहता है लद्दाख का अग्रणी बैंक

14 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

दिस्कित। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) हाल में बने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का अग्रणी बैंक बनना चाहता है। बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने शनिवार को यहां नुब्रा घाटी के दिस्कित क्षेत्र में बैंक की लद्दाख क्षेत्र में 14वीं शाखा का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।गौरतलब है कि लद्दाख को हाल ही में जम्मू-कश्मीर राज्य से जुड़े अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म करने के बाद केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया है। सरकार ने पांच अगस्त को घोषणा की थी कि अब पूरा क्षेत्र एक राज्य नहीं होगा बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बन होंगे। इसमें जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल के अधीन राज्य विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख में कोई विधायिका नहीं होगी।

इससे पहले जम्मू एंड कश्मीर बैंक यहां का अग्रणी बैंक था। दिस्कित में खोली गयी शाखा बैंक की 22,024 वीं शाखा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य या क्षेत्र में एक अग्रणी बैंक होता है। वह राज्य-स्तरीय बैंकिंग समिति के संयोजक के रूप में पर्याप्त बैंकिंग सेवाएं सुनिश्चित करने का दायित्व लेता है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में बैंक की 185 शाखाएं हैं और व्यक्तिगत ऋण खंड यह सबसे अधिक सक्रिय में है।

दिस्कित 10,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है, और पाकिस्तान की तुर्तुक स्थित सीमा से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। लद्दाख क्षेत्र के मौजूदा सांसद जमयांग शेरिंग नमग्याल ने इस दूर दराज के गांव में दो और शाखाओं को खोलने के एसबीआई के कदम का स्वागत किया है।



hindi news portal lucknow

देश को 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में राज्यों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

07 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने शनिवार को कहा, भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने मेंराज्यों को अपनी नितियों में संरचनात्मक बदलव कर के आर्थिक वृद्धि तेज करने की बड़ी भूमिका निभानी होगी। उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कांत ने कहा कि राज्यों को मिलकर काम करना होगा और एक दूसरे से सीखना होगा ताकि भारत का तेजी से कायाकल्प हो सके।

कांत ने कहा कि हाल के दिनों में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जिन बातों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं उनमें से एक वर्ष 2024 तक भारत को पांच हजार अरब और 2030 तक 10,000 अरब की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी है। उन्होंने कहा, ... इसलिए, हमारी चुनौती वास्तव में यह है कि भारत के लिए इस लक्ष्य को हासिल करना तब तक संभव नहीं होगा जब तक कि राज्यों के पास अपनी जीडीपी को दोगुना और तिगुना करने का लक्ष्य नहीं होगा। और इसके लिए उन्हें बड़े संरचनात्मक सुधार करने होंगे और इन सुधारों को व्यापक रूप से विभिन्न क्षेत्रों में करना होगा।’’ उन्होंने कहा कि कृषि और श्रम जैसे क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है।भारतीय अर्थव्यवस्था अभी अनुमानित 2,700 अरब डॉलर की है। केंद्र सरकार ने अगले कुछ वर्षों में भारत को पांच हजार अरब की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कई उपायों और पहल की की घोषणा की है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने भारतके संघीय ढांचे को मजबूत करने और 5,000 अरब की अर्थव्यवस्था बनाने में उनका योगदान बढ़ाने केलिए उन्हें और अधिकार सम्पन्न बनाने के मिशन के साथ राज्यों की नीति विषय पर सम्मेलन-2019 का आयोजन किया था।



hindi news portal lucknow

Indigo के 2 पायलट विमान उड़ाने के लिए दो महीने तक निलंबित

06 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो के दो पायलटों को बृहस्पतिवार को दो महीने के लिए निलंबित कर दिया। इन दोनों ने 24 जुलाई को ‘‘टेल सपोर्ट’’ के साथ हैदराबाद से विजयवाड़ा तक विमान उड़ाया था, जबकि उड़ान भरने के तुरंत बाद उन्हें एटीसी ने इसकी सूचना दी थी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि निलंबन की अवधि 24 जुलाई से शुरू होगी। विमान में किसी भी तरह के सामान लोड करने या उतारने के दौरान, विमान को पीछे की ओर खिसकने से रोकने के लिए ‘‘टेल सपोर्ट’’ या ‘‘टेल प्रोप’’ का इस्तेमाल किया जाता है।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारी ने बताया, ‘‘पायलटों - कैप्टन अमित बंसल और कैप्टन भरत सैनी - को उड़ान भरने के तुरंत बाद बताया गया था कि उनके एटीआर 72 विमान में टेल प्रोप अब भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, वापस लौटने की बजाए पायलटों ने विजयवाड़ा तक विमान का परिचालन जारी रखा ।’’ अधिकारी ने बताया, ‘‘इससे उड़ान के दौरान विमान को नुकसान हो सकता था।’’



hindi news portal lucknow

शेयर बाजार लुढ़के, रुपये में भी तेज किरावट

04 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अप्रिय खबरों का सिलसिला जारी रहने से मंगलवार को शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दो प्रतिशत से अधिक टूट गए। वहीं अंतर बैंक विदेशी विनियम बाजार में रुपया भी 97 पैसे की गिरावट के साथ 72.39 प्रति डॉलर के अपने नौ माह के निचले स्तर पर आ गया। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के निराशाजनक आंकड़ों, बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर सुस्त पड़ने और वाहन कंपनियों की अगस्त माह की बिक्री में दस प्रतिशत से अधिक की गिरावट से निवेशकों ने मंगलवार को घबराहटपूर्ण बिकवाली की जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 770 अंक नीचे आ गया। निफ्टी भी 225 अंक टूटकर बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में यह करीब 11 माह की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। बिकवाली का दौर चलने से निवेशकों की बाजार हैसियत 2.55 लाख करोड़ रुपये घट गई। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स कारोबार के दौरान 867 अंक तक नीचे आने के बाद अंत में 769.88 अंक यानी 2.06 प्रतिशत के नुकसान से 36,562.91 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 225.35 अंक या 2.04 प्रतिशत के नुकसान से 10,797.90 अंक रह गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, वेदांता, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी के शेयर 4.45 प्रतिशत तक गिर गये। रुपये में गिरावट के बीच दो आईटी कंपनियों टेकएम और एचसीएल टेक के शेयर मामूली लाभ के साथ बंद हुए। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 1.65 प्रतिशत तक की गिरावट आई। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 97 पैसे के नुकसान से 72.39 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एमके वेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसफ थॉमस ने कहा, ‘‘पहली तिमाही के जीडीपी की वृद्धि दर पांच प्रतिशत पर आने और बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर सुस्त पड़ने से मुख्य रूप से बाजार में गिरावट आई। इसके अलावा नकारात्मक वैश्विक संकेतकों, अमेरिका चीन व्यापार युद्ध और दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती के रुख से भी धारणा प्रभावित हुई।’’ थॉमस ने कहा कि रोजगार के निचले स्तर और वित्त की उपलब्धता नहीं होने से विशेषरूप से ग्रामीण इलाकों में कमजोर घरेलू खपत की स्थिति बनी है। इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

इसे भी पढ़ें: अगस्त में भारत का Manufacturing क्षेत्र 15 महीने के निचले स्तर पर: PMI

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के दस बैंकों के एकीकरण की घोषणा की है। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयर भी टूट गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से निवेशकों में यह संदेश गया है कि सरकार न केवल बैंकों में नई पूंजी डाल रही है बल्कि वह उनके कामकाज संचालन में भी सुधार चाहती है। लेकिन फिर भी बैंकों का यह विलय बैंकों की भौगोलिक उपस्थिति और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुये परेशान करन वाला लगता है। सरकार ने हालांकि, अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कई कदम उठाए हैं लेकिन कमजोर वृहद आर्थिक आंकड़ों तथा अगस्त महीने में वाहन कंपनियों की बिक्री में दस प्रतिशत से अधिक की गिरावट से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी वृद्धि के आंकड़े गत शुक्रवार शेयर बाजार में कारोबार बंद होने के बाद जारी हुये। पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि पांच प्रतिशत रही जो कि पिछले छह साल में सबसे कम रही है। विनिर्माण और कृषि क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन को इसकी प्रमुख वजह बताया गया। इसके साथ ही आठ बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई। इसका भी कारोबारी धारणा पर असर रहा। अन्य एशियाई बाजारों-चीन, हांगकांग, दक्षिण कोरिया और जापान में मिलाजुला रुख रहा। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में कारोबार कर रहे थे। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 1.07 प्रतिशत के नुकसान से 58.03 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।



hindi news portal lucknow

IRCTC से ई-टिकट खरीदना होगा महंगा, रेलवे रविवार से बहाल करेगा सेवा शुल्क

01 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के जरिये ई-टिकट खरीदना अब महंगा होगा। एक आदेश के तहत भारतीय रेलवे ने एक सितंबर से सेवा शुल्क बहाल करने का फैसला किया है। एक आदेश के मुताबिक अब आईआरसीटीसी गैर वातानुकूलित श्रेणी की ई-टिकट पर 15 रुपये और प्रथम श्रेणी सहित वातानुकूलित श्रेणी की सभी टिकट पर 30 रुपये का सेवा शुल्क वसूलेगा। माल एवं सेवा कर इससे अलग होगा।गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की परियोजना डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए तीन वर्ष पहले सेवा शुल्क को वापस ले लिया गया था। पहले आईआरसीटीसी गैर वातानुकूलित श्रेणी की ई-टिकटों पर 20 रुपये और सभी वातानुकूलित श्रेणी की ई-टिकटों पर 40 रुपये का सेवा शुल्क लेता था। इस महीने के शुरू में रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को ऑनलाइन टिकटों पर यात्रियों से सेवा शुल्क वसूलने की मंजूरी दी थी।तीस अगस्त की तिथि में लिखे गये एक पत्र में बोर्ड ने कहा कि आईआरसीटीसी ने सेवा शुल्क की बहाली के लिए विस्तार से विचार-विमर्श किया था और इस मामले की जांच ‘‘सक्षम प्राधिकारी’’ द्वारा की गई थी। इसमें कहा गया कि वित्त मंत्रालय ने तर्क दिया था कि सेवा शुल्क छूट एक अस्थायी थी और रेल मंत्रालय इसे फिर से शुरू कर सकता था। अधिकारियों ने बताया कि सेवा शुल्क खत्म किये जाने के बाद वित्तीय वर्ष 2016-17 में आईआरसीटीसी के इंटरनेट टिकट के राजस्व में 26 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी।



hindi news portal lucknow

RBI Annual Report में हुआ खुलासा, बैंक फ्रॉड के जरिये 71,543 करोड़ रुपये का लगा चूना

29 Aug 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली, पीटीआइ। देश में 2018-19 में बैंकों में 71,542.93 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 6,801 मामले सामने आए हैं। साल दर साल इसमें 15 फीसद की वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2018-19 में 73.8 फीसद रकम की चपत लगी है। गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक के वित्त वर्ष 2018-19 की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। वर्ष 2017-18 में 5,916 मामले सामने आए थे, जिनमें 41,167.04 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी।

2018-19 में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी पब्लिक सेक्टर बैंक में हुए। इसके बाद निजी क्षेत्र के बैंक और विदेशी बैंक थे। समीक्षाधीन वर्ष में सरकारी बैंकों ने 3,766 मामलों में 64,509.43 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए, जबकि 2,885 मामलों में 38,260.8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घरेलू मांग घटने से आर्थिक गतिविधियां सुस्त प़़डी हैं और अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए निजी निवेश ब़़ढाने की जरूरत है। आरबीआई ने कहा है कि आईएलऐंडएफएस संकट के बाद एनबीएफसी से वाणिज्यिक क्षेत्र को कर्ज प्रवाह में 20 फीसद की गिरावट आई है।

यह रिपोर्ट हर साल जारी की जाती है, जिसमें केंद्रीय बैंक के कामकाज तथा संचालन के विश्लेषण के साथ ही अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन में सुधार के लिए सुझाव दिए जाते हैं।

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि केंद्र सरकार को अधिशेषष कोष से 52,637 करोड़ रुपये देने के बाद रिजर्व बैंक के आकस्मिक कोष में 1,96,344 करोड़ रुपये की राशि बची है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि कर्ज माफी, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन, आय समर्थन योजनाओं की वजह से राज्यों की वित्तीय प्रोत्साहनों को लेकर क्षमता घटी है।

आरबीआई ने बीते दिनों अपने डिविडेंड और सरप्लस फंड से सरकार को 1.76 लाख करो़़ड रपए ट्रांसफर करने की घोषषणा की है। इस फंड का इस्तेमाल सरकार इकॉनमी में जान फूंकने में कर सकती है। आरबीआई इस रकम का ब़़डा हिस्सा यानी 1.23 लाख करो़़ड रपए सरप्लस फंड से और बाकी 52,637 करो़़ड रपए सरप्लस रिजर्व से ट्रांसफर करेगा।



12345678910...