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पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए होटलों के GST दरों को तर्कसंगत बनाइए: रपट

29 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार को होटलों के लिए जीएसटी दर को तर्कसंगत बनाने एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने जैसे कदम उठाने चाहिए। एक रपट में यह बात कही गयी है। रपट के मुताबिक पर्यटन क्षेत्र में अर्थव्यवस्था को वृद्धि देने एवं रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। फिक्की एवं येस बैंक की इंडिया इनबाउंड टूरिज्मः अनलॉकिंग द अपॉर्च्यूनिटीज शीर्षक रपट में कहा गया है कि भारतीय पर्यटन क्षेत्र के हर साल 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपये के होने की संभावना है।रपट में 14 कदम सुझाये गए हैं। इनमें राष्ट्रीय पर्यटन प्राधिकरण एवं परामर्श परिषद के सृजन, पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक जारी करना, राज्य स्तर पर बेहतर समन्वय एवं भूमि बैंक भंडार जैसे कदम शामिल हैं। इस रपट में कहा गया है, कमरे के किराये के आधार पर होटल पर लगने वाली जीएसटी की दर बदल जाती है।

2,500-7,500 प्रति रात के किराये वाले कमरे पर 18 प्रतिशत एवं 7,500 रुपये से अधिक किराये वाले कमरे पर 28 प्रतिशत की जीएसटी ली जाती है। उसमें कहा गया है कि इस तरह प्रीमियम/लग्जरी होटलों पर भारत में सबसे अधिक कर लगता है। यह न्यूयॉर्क, लंदन और पेरिस से भी ज्यादा है। रपट में होटलों के लिए जीएसटी की अधिकतम सीमा को 18 प्रतिशत करने की सिफारिश की गयी है।



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RTI के तहत सुप्रीम कोर्ट ने RBI को बैंक निरीक्षण रिपोर्ट पर सूचना देने के निर्देश दिए

26 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को शुक्रवार को निर्देश दिया कि जब तक कानून के तहत छूट नहीं मिल जाती, तब तक वह सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत बैंकों की वार्षिक निरीक्षण रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी का खुलासा करें। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने आरटीआई के तहत बैंकों से संबंधित सूचना का खुलासा करने के लिए आरटीआई से अपनी नीति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। पीठ ने कहा कि यह कानून के तहत उसकी ड्यूटी की बाध्यता है।हालांकि, पीठ ने आरबीआई के खिलाफ अवमानना की याचिका पर कार्यवाही करने से इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह उसे पारदर्शिता कानून के प्रावधानों का पालन करने के लिए आखिरी मौका दे रही है। पीठ ने कहा कि अगर आरबीआई ने आरटीआई के तहत सूचना देने से इनकार किया तो वह इसे गंभीरता से लेगी। पीठ ने कहा कि किसी भी तरह का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा। इस साल जनवरी में शीर्ष न्यायालय ने आरटीआई के तहत बैंकों की वार्षिक निरीक्षण रिपोर्ट का खुलासा ना करने के लिए आरबीआई को अवमानना नोटिस जारी किया था।इससे पहले उच्चतम न्यायालय और केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा था कि आरबीआई तब तक पारदर्शिता कानून के तहत मांगी गई सूचना देने से इनकार नहीं कर सकता जब तक कि उसे कानून के तहत खुलासे से छूट ना प्राप्त हो। आरबीआई ने अपने बचाव में कहा था कि वह सूचना का खुलासा नहीं कर सकता क्योंकि बैंक की वार्षिक निरीक्षण रिपोर्ट में ‘‘न्यासीय’’ जानकारी निहित है। पीठ आरबीआई के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता एस सी अग्रवाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।



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स्टेट बैंक की इलेक्ट्रिक वाहन कर्ज पर ब्याज में 0.20 प्रतिशत छूट की पेशकश

23 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोमवार को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों कोब्याज में 0.20 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। इस पहल का मकसद इलेक्ट्रिक वाहन खंड को बढ़ावा देना है। उद्योग के आंकड़े के अनुसार 2018-19 में 36 लाख कारों में से इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 1,000 सालाना है।दो पहिया वाहनों को मिलाकर यह आंकड़ा 54,000 सालाना रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की कई नीतियों के बावजूद इस खंड में मांग जोर नहीं पकड़ पा रही है।

इसे भी पढ़ें: जेट एयरवेज के ऋणदाताओं ने बोली प्रक्रिया के सफलतापूर्वक होने की उम्मीद जाहिर की

एसबीआई के प्रबंध निदेशक (खुदरा और डिजिटल बैंकिंग) पी के गुप्ता ने कहा, ‘‘हमे भरोसा है कि एसबीआई ग्रीन कार कर्ज (इलेक्ट्रिक वाहन) योजना वाहन रिण खंड में बदलाव की अगुवा बनेगी तथा ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन की मांग बढ़ाने में मदद करेगी ...।’’

इसके तहत ग्राहकों को आठ साल तक के लिये कर्ज दिया जाएगा।योजना शुरू होने के पहले छह महीने में प्रसंस्करण शुल्क नहीं लगेगा।



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वाणिज्य मंत्रालय ने कुछ किस्म की दालों के आयात के लिए नियम तय किए

17 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में कुछ किस्म की दालों के आयात के लिए नियम/प्रकियायें तय की हैं और इनके लिए आयातकों को लाइसेंस लेना होगा। उसने इस बाबत मिल मालिकों से आवेदन आमंत्रित किये हैं। मंत्रालय के तहत आने वाली एजेंसी डीजीएफटी के मुताबिक मिल मालिकों एवं दाल प्रसंस्करण इकाइयों को ऐसी दाल/दलहनों के आयात के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी।विदेशी कारोबार के महानिदेशक (डीजीएफटी) ने एक नोटिस में कहा है, कुल दो लाख टन तुअर दाल,डेढ़ लाख टन उड़द दाल, डेढ़ लाख टन मूंग दाल और डेढ़ लाख टन मटर के आयात के लिए प्रक्रियाएं तय कर दी गयी हैं। प्रक्रिया के मुताबिक हर रिफाइनिंग/प्रसंस्करण इकाई को अपने आवेदन में दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी रिफाइनिंग और प्रसंस्करण क्षमता के बारे में बताना होगा। यह दस्तावेज किसी केंद्रीय, राज्य या जिला के अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।

आयातकों को बंदरगाहों पर पहुंचे आयातित माल का मासिक ब्योरा जारी करना होगा। भारत सालाना 40 लाख से 60 लाख टन तक दालों का आयात करता है। देश में सालाना 2.4 टन दाल की खपत होती है। देश में दलहनों के भारी उत्पादन को देखते हुए सरकार ने इसके आयात पर कोटा की पाबंदी लगा दी है।



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Jet Airways के पायलटों ने नौकरी बचाने के लिए प्रधानमंत्री से लगाई गुहार, SBI से की फंड जारी करने की अपील

15 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। जेट एयरवेज के पायलटों के पायलट संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्डब ने सोमवार को अपील की कि भारतीय स्टेलट बैंक (SBI) 1,500 करोड़ रुपये जारी करे। आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के लिए पिछले महीने ही कर्ज पुनर्गठन योजना के तहत यह प्रस्तािव किया गया था।अभी जेट एयरवेज के मात्र 6-7 विमान परिचालन में हैं। पट्टादाताओं को किराए के पैसे न चुकाने और भारी नकदी संकट के कारण जेट एयरवेज के लगभग सभी विमानों का परिचालन ठप पड़ गया है।नेशनल एविएटर्स गिल्डल के वाइस प्रेसिडेंट आदिम वलियानी ने जेट एयरवेज के मुंबई स्थित मुख्या्लय सिरोया सेंटर में संवाददाताओं को बताया, 'हम एसबीआई से अपील करना चाहते हैं कि वह 1,500 करोड़ रुपये का फंड जारी कर एयरलाइल के परिचालन में मदद करे। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील करते हैं कि वह जेट एयरवेज में काम कर रहे लगभग 20,000 कर्मचारियों की नौकरी बचाएं।'इससे पहले, जेट एयरवेज के पायलट, इंजीनियर्स और केबिन क्रू के सदस्यी मुख्याहलय में जुटकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि जेट एयरवेज के पायलट और इंजीनियर्स को दिसंबर 2018 में लास्ट सैलरी मिली थी।



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फरवरी में लगातार तीसरे महीने डॉलर का शुद्ध खरीदार रहा रिजर्व बैंक

14 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। रिजर्व बैंक फरवरी में लगातार तीसरे महीने डॉलर का शुद्ध खरीदार बना रहा। आलोच्य महीने में केंद्रीय बैंक ने हाजिर बाजार से 82.50 करोड़ डॉलर की खरीदारी की। रिजर्व बैंक के आंकड़ों में इसकी जानकारी मिली है। आलोच्य महीने के दौरान रिजर्व बैंक ने 2.086 अरब डॉलर की खरीदारी की जबकि 1.261 अरब डॉलर की बिकवाली की। इस तरह वह 82.50 करोड़ डॉलर का शुद्ध खरीदार रहा।

इससे पहले रिजर्व बैंक ने वित्तवर्ष 2018-19 के दौरान दिसंबर 2018 में 60.70 करोड़ डॉलर तथा जनवरी 2019 में 29.30 करोड़ डॉलर की शुद्ध खरीदारी की थी। वित्तवर्ष 2017-18 के दौरान रिजर्व बैंक हाजिर बाजार से 33.689 अरब डॉलर का शुद्ध खरीदार रहा था। इसकी मदद से 13 अप्रैल 2018 को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 426.028 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।



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जेटली ने न्यूयॉर्क में निवेशकों के साथ की बैठक, सुधारों पर हुई चर्चा

11 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

न्यूयार्क / नयी दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने भारत में आर्थिक सुधारों की दशा दिशा तथा परिदृश्य पर न्यूयार्क में निवेशकों को संबोधित किया। वह अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष-विश्वबैंक की ग्रीष्मकालिक बैठकों में भाग लेने के लिये अमेरिका आयेहैं। ‘भारत के सुधार एवं आर्थिक परिदृश्य’ विषय पर निवेशकों के साथ इस गोलमेज चर्चा का आयोजन मंगलवार को अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी), उद्योग मंडल सीआईआई तथा अमेरिकी शेयर बाजार कंपनी नैसदक ने आयोजित किया।

इसमें आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग भी शामिल हुए। विश्वबैंक तथा मुद्राकोष की बैठकें 12 से 14 अप्रैल के बीच वाशिंगटन में होंगी। इन बैठकों में अन्य अधिकारियों के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास के भी शामिल होने की संभावना है।



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भारत का MSME सेक्टर 4 से 5 वर्षों में दे सकता है 1 करोड़ रोजगार: रिपोर्ट

10 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली । देश के एमएसएमई सेक्टर में इतनी क्षमता है कि वो अगले 4 से 5 वर्षों में एक करोड़ नई नौकरियां दे सकता है। ऐसा आयात होने वाली कुछ वस्तुओं का देश में ही उत्पादन करने के लिये उपक्रमों के विकास पर ध्यान देकर किया जा सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट के जरिए सामने आई है।देश की माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) पर नोमूरा रिसर्च इंस्टिट्यूट (एनआरआई कंसल्टिंग एंड साल्यूशंस) की रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनिंदा सेगमेंट में एमएसएमई को विकसित करने से अगले 4-5 वर्षों में अतिरिक्त 75 लाख से 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।इस रिपोर्ट में आगे कहा गया कि देश के विनिर्माण क्षेत्र को दोहरी जिम्मेदारी का भार अपने कंधों पर उठाना होगा। कृषि क्षेत्र से आने वाले श्रमिकों को तो संभालना ही होगा इसके साथ ही श्रम बल में शामिल होने वाले नए बल की जिम्मेदारी भी इसी क्षेत्र पर होगी।

एमएसएमई मंत्रालय की 2017-18 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में 3.6 करोड़ (70 फीसद) रोजगार का योगदान एमएसएमई क्षेत्र का रहा है। देश में विभिन्न कारोबार में एमएसएमई का विस्तार हुआ है।विभिन्न उत्पादों के निर्माण के लिए देशभर में शंकुल बने हैं, जिनमें कृत्रिम आभूषण, खेलकूद के सामान, वैज्ञानिक उपकरण, कपड़ा मशीनरी, बिजली के पंखे, रबड़, प्लास्टिक, चमड़ा समेत कई अन्य उत्पाद शामिल हैं।



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2019 टोयोटा इनोवा क्रिस्टा डीजल वेरिएंट भारत में लॉन्च

09 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने सोमवार को अपने लोकप्रिय बहुद्देशीय वाहन इनोवा क्रिस्टा और एसयूवी फॉर्च्यूनर का उन्नत संस्करण पेश किया। इनकी शोरूम में कीमत 14.93 लाख से 33.60 लाख रुपये के बीच है। दोनों वाहनों के अंदुरूनी हिस्से में बदलाव किया गया है।

टोयोटा ने बयान में कहा कि नई इनोवा क्रिस्टा में हीट रिजेक्शन ग्लास, छिद्रयुक्त चमड़े की सीट, यूएसबी फास्ट चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स होंगे। कंपनी ने कहा कि शोरूम में नई इनोवा क्रिस्टा की कीमत 14.93 से 22.43 लाख रुपये जबकि इनोवा टूरिंग स्पोर्ट 18.92 से 23.47 लाख रुपये होगी। नई फॉर्च्यूनर की शोरूम कीमत 27.83 लाख से 33.60 लाख रुपये के बीच होगी।

टोयोटा किर्लोस्कर के उप प्रबंध निदेशक एन राजा ने कहा, "ग्राहकों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर हमने इनोवा क्रिस्टा और फॉर्च्यूनर में उनकी प्राथमिकताओं को शामिल किया है। इसे लेकर हम खुश हैं।



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BJP घोषणापत्र: मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में और छूट देने का वादा

08 Apr 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। अंतरिम बजट में बड़ी राहत दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में दोबारा वपासी के बाद मिडिल क्लास (मध्य वर्ग) को इनकम टैक्स में और छूट देने का वादा किया है।भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में दोबारा वपासी के बाद इनकम टैक्स में बदलाव करते हुए उसे और कम करने का वादा किया है। सोमवार को जारी पार्टी के घोषणापत्र में कहा गया है, 'अनुपालन और कर आधार बढ़ने से कर एवं जीडीपी का अनुपात 2013-14 के 10.1 फीसद से बढ़कर 12 फीसद हो गया है, जो पिछले कुछ वर्षों के दौरान सबसे अधिक है। हम कर की दर घटाने की नीति को जारी रखेंगे, जिससे ईमानदार करदाता को फायदा होगा और रोजगार स्वीकृति बढ़ेगी।'गौरतलब है कि 2019-20 के अंतरिम बजट में सरकार ने मध्यमवर्ग को टैक्स में बड़ी राहत दी है। बजट में न केवल चालू वित्त वर्ष के लिए 5 लाख रुपये तक की आमदनी वाले को टैक्स में पूरी छूट दी गई है, बल्कि वेतनभोगी वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को भी 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है।पार्टी ने कहा कि राजस्व में हुई बढ़ोतरी की वजह से गरीबों के कल्याण की योजनाएं शुरू की गई हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है। ''संकल्प पत्र'' के नाम जारी इस घोषणापत्र में कहा गया है कि पार्टी देश को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।बीजेपी ने कहा, 'हम पहले ही दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं और जल्द ही शीर्ष पांच में होंगे। हम 2030 तक भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। इसका मतलब यह है कि हम 2025 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर और 2032 तक 10 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बना देंगे।'

घोषणापत्र में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान मोदी सरकार के कार्यकाल में जीडीपी की वृद्धि दर सबसे अधिक (7.3) फीसद रही है, वहीं उपभोक्ता महंगाई की दर सबसे कम रही है।बीजेपी ने कहा है कि 2009 से 2014 के बीच औसत राजकोषीय घाटा 5.4 फीसद था, जो 2014 से 2019 के बीच कम होकर 3.7 फीसद हो गया। पार्टी के मुताबिक राजकोषीय घाटे में आई इस कमी की वजह से 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज कम होगा, जिसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को होगा। सात चरणों में होने वाला लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू हो रहा है। मतगणना 23 मई को होगी।पार्टी ने अपने घोषणापत्र में जीएसटी की व्यवस्था को और अधिक सरल करने का वादा किया है। बीजेपी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण कर की दरों में कमी आई है और राज्यों में विशेष रूप से राजस्व संग्रह बढ़ा है।घोषणापत्र में कहा गया है, '2015-16 के आधार वर्ष से तुलना करें तो सभी राज्यों के लिए जीएसटी राजस्व तीन वर्ष में 50 फीसद बढ़ गया है। हम सभी हितधारकों से बातचीत कर जीएसटी की प्रक्रिया सरल करते रहेंगे।'



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