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मनमोहन सरकार के समय पाक से आकर आतंकी भारत में फैलाते थे आतंक: शाह

16 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा के गुरुग्राम में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अनुच्छेद 370 का मुद्दा उठाया। अमित शाह ने कहा कि जो अनुच्छेद 370 देश के अंदर आतंकवाद का कारण था, कश्मीर के विकास में बाधा था, जिसके कारण देश के हर नागरिक को लगता था कि कश्मीर के साथ उनका जुड़ाव आधा-अधूरा है। उस 370 को कोई हाथ लगाने की हिम्मत नहीं करता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस 370 को उखाड़कर फेंक दिया।इसी के साथ अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटते ही देश के अंदर से पाक प्रेरित आतंकवाद को उखाड़कर फेंकने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। अरबों-खरबों रुपए कश्मीर के विकास के लिया भेजा, लेकिन 370 के कारण वहां विकास नहीं हुआ।

इसी बीच अमित शाह ने पूर्व की मनमोहन सिंह सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कई आरोप लगा दिए। गृह मंत्री ने कहा कि 10 साल तक केंद्र में यूपीए की सरकार चली, उनकी सरकार में पाकिस्तान से आतंकी भारत में आकर आतंक फैलाते थे। लेकिन मनमोहन सिंह के मुंह से आह तक नहीं निकलती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद हमारे वीर सैनिकों ने पाकिस्तान के अंदर जाकर एयर स्ट्राइक व सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और आतंकवादियों को मार गिराया।



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PM मोदी का कांग्रेस से सवाल, क्या चुनाव जीतने के बाद 370 को वापस लाएंगे ?

14 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के बल्लभगढ़ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की जमकर तारीफ की और उनकी उपलब्धियां गिनाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे याद है कि 5 वर्ष पहले जब मैं हरियाणा में भाजपा सरकार बनाने की बात करता था, तो सामने से हमारे विरोधी पूछते थे कि कैप्टन कौन है? तब मेरा जवाब होता था कि हरियाणा ने अगर अवसर दिया तो, हरियाणा को एक सक्षम कैप्टन भी मिलेगा, मज़बूत टीम भी मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज 5 साल बाद कैप्टन भी पूरी बुलंदी के साथ आपके सामने है और मज़बूत टीम भी। यही टीम है जिसने विकास के मामले में हरियाणा को अग्रणी रखा है, अव्वल रखा है। पीएम ने आगे कहा कि संयोग देखिए, जो तब मुझसे कैप्टन को लेकर सवाल करते थे, वो आज अपनी बिखरी टीम को ही समेटने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। वो खुद को जितना समेटने की कोशिश कर रहे हैं, उतना ही बिखरते जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये इस धरती का, यहां के लोगों का सहयोग और समर्थन है जिन्होंने मनोहर लाल खट्टर और उनकी टीम को ताकत दी है। आपका यही आशीर्वाद हमें लोकसभा चुनाव के दौरान भी मिला है। इसी के साथ उन्होंने प्रदेशवासियों को शुक्रिया कहा और कहा कि विशेषतौर पर हमारे युवा साथियों ने, किसान और श्रमिक साथियों ने, हमारी बहनों ने, नई उम्मीदों और नए सपनों के लिए कमल के निशान पर बटन दबाया।

प्रधानमंत्री ने दूसरे देशों से मिल रहे समर्थन पर कहा कि आज आप देख रहे हैं कि कैसे पूरी दुनिया, दुनिया के बड़े-बड़े नेता भारत के साथ खड़े होने के लिए और साथ आने के लिए आतुर हैं। आपने जो जनादेश दिया है उसने दुनिया में ये संदेश दिया है कि अब भारत का समाज बंटा हुआ नहीं है बल्कि एकजुट होकर विकास और विश्वास की नीति के साथ खड़ा है।जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 के कुछ प्रावधानों को निरस्त किए जाने का मामला उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके विश्वास और साथ से मिली ऊर्जा का ही परिणाम है कि भारत आज वो फैसले ले रहा है, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता था।पीएम मोदी ने कहा कि ये हरियाणा की, पूरे देश की भावना थी कि जम्मू-कश्मीर को अलगाव और हिंसा से निकालकर, सद्भाव और सशक्तिकरण की तरफ ले जाया जाए। आज जम्मू कश्मीर और लद्दाख, विकास और विश्वास के एक नए रास्ते पर चल पड़ा है।

आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद विपक्षियों द्वारा उठाए गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने जनसभा में कहा कि आज पूरा देश ये भी देख रहा है कि जिनके हितों पर इस फैसले से चोट हुई है, वो सदमे में हैं, तिलमिलाए हुए हैं। ये लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, विदेशों में जाकर मदद मांग रहे हैं। मैं इन लोगों को चुनौती देता हूं कि यदि हिम्मत है तो स्पष्टता के साथ हरियाणा के सामने आए और बताएं कि अगर ये चुनाव जीतकर आएंगे तो 370 और 35ए को वापस लाएंगे। लोकसभा चुनाव तक अपने मेनिफेस्टों में लिखें कि हम 370 वापस लाएंगे।

इसी बीच प्रधानमंत्री ने कांग्रेसियों से सवाल करते हुए कहा कि जिन्होंने जम्मू कश्मीर में शांति के लिए अपनों को खोया है, उनको कांग्रेस बताएं कि इन्हें अनुच्छेद 370 से इतना मोह क्यों हैं?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो हमारा श्रमिक वर्ग है, उसके लिए भी पहली बार सार्थक काम हो रहे हैं। श्रमिक साथियों को जीवन के हर कदम पर जरूरी सुरक्षा मिले, इस पर हमारा जोर है। 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हज़ार रुपए की नियमित पेंशन इसी सुरक्षा चक्र का हिस्सा है।



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जलगांव में PM मोदी ने दी चुनौती, हिम्मत है तो 370 वापस लाएंगे घोषणापत्र में लिखें विरोधी

13 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

महाराष्ट्र के जलगांव में पीएम नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जनसभाएं तो लोकसभा चुनाव के दौरान भी बहुत हुई हैं, लेकिन जलगांव की जो ये जनसभा है वो अद्भुत है। 4 महीने पहले आपने एक समर्थ और सशक्त नए भारत के निर्माण के लिए वोट दिया था। आपने एक ऐसे भारत के लिए जनादेश दिया था, जो विश्व में अपने स्वाभाविक स्थान को हासिल करे। इस दौरान पीएम ने विरोधियों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि आप बीते कुछ महीनों में कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं के बयान देख लीजिए। जम्मू कश्मीर और लद्दाख को लेकर जो देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा इनकी सोच है। इन दलों की भूमिका भारत की कम बल्कि पडोसी देश जो बोलता हैं, उनके साथ इनका तालमेल नजर आता है। पीएम मोदी ने कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले पर भी अपना पक्ष रखा. पीएम ने कहा, '5 अगस्त को आपकी भावना के अनुरूप भाजपा-एनडीए सरकार ने एक अभूतपूर्व फैसला किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा नहीं है, वो मां भारती का शीष है, वहां का कण-कण भारत की शक्ति को मजबूत करता है।

आज मैं विरोधियों को चुनौती देता हूं कि आपमें अगर हिम्मत है तो इस चुनाव में भी और आने वाले चुनावों में भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में ये ऐलान करें कि हम अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे। 5 अगस्त के निर्णय को हम बदल देंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से 370 हटाने का विरोध कर रहे दलों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर विरोध करने वालों में हिम्मत है तो वे अपना रूख स्पष्ट करें। पीएम मोदी ने ऐसे दलों से अपने चुनावी घोषणा पत्रों में धारा 370 वापस लाने का ऐलान करने की मांग की। मोदी ने कहा, 'कान खोलकर हमारे विरोधी सुन लें, अगर आपमें हिम्मत है तो इस चुनाव में और आने वाले चुनावों में भी घोषणा-पत्र में ऐलान करें कि धारा 370 वापस लाएंगे। 5 अगस्त के निर्णय को हम बदल देंगे। पीएम मोदी की आज की यह पहली रैली है, इसके बाद वो सकोली में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।



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मोदी-मोदी के नारे से कांग्रेस वालों के पेट में दर्द होता है: अमित शाह

13 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्षी दलों को जमकर निशाने पर लिया। शाह ने कहा कि लोगों को कांग्रेस और राकांपा के नेताओं से यह पूछना चाहिए कि क्या वे जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने संबंधी राजग सरकार के निर्णय का समर्थन करते हैं। शाह ने कहा, ‘‘कई सरकारें आई और गई, कई प्रधानमंत्री आए और गए। किसी ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का साहस नहीं दिखाया था। लेकिन, 56 इंच के सीने वाले व्यक्ति ने इसे एक बार में ही खत्म कर दिया।’’ शाह ने कहा कि महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों की 3,400 परियोजनाएं जो 15 लाख करोड़ रुपये की हैं उन्हें देवेन्द्र फडणवीस ने शुरु किया है। इसके अलावा ढेर सारे काम भाजपा की सरकार ने किए हैं। 10 साल तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

हम कहते हैं कि एनआरसी लाएंगे और घुसपैठियों को बाहर करेंगे लेकिन कांग्रेस और एनसीपी के नेता इसका विरोध करते हैं।

आप इन्हें विरोध करने दीजिए, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि 2024 से पहले हम घुसपैठियों को चुन चुनकर देश से बाहर करेंगे: श्री अमित शाह #MahaMandateWithModi

एनसीपी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि शरद पवार जी तब मंत्री थे वो महाराष्ट्र के लिए क्या लेकर आए? पृथ्वीराज चव्हाण तब केंद्र से महाराष्ट्र के लिए क्या लेकर आए इसका हिसाब दें? आपके 50 साल के हिसाब पर, हमारे 5 साल के काम भारी पड़ेंगे। कांग्रेस-एनसीपी की सरकार में महाराष्ट्र को 13वें वित्त आयोग में 1,15,500 करोड़ रुपये मिले थे। भाजपा सरकार में 14वें वित्त आयोग में महाराष्ट्र को 2,86,356 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए देने का काम किया है। आपने लोकसभा चुनाव में 300 सीटें जिताकर मोदी जी को देश का प्रधानमंत्री बनाया, उसके बाद संसद के पहले ही सत्र में मोदी जी ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया। हम कहते हैं कि एनआरसी लाएंगे और घुसपैठियों को बाहर करेंगे लेकिन कांग्रेस और एनसीपी के नेता इसका विरोध करते हैं। आप इन्हें विरोध करने दीजिए, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि 2024 से पहले हम घुसपैठियों को चुन चुनकर देश से बाहर करेंगे।



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Narendra Modi Xi Jinping Meet LIVE: महाबलीपुरम में दिखा दोस्ती का नया अंदाज, शोर मंदिर में मोदी-चिनफिंग

11 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मामल्‍लपुरम। Narendra Modi Xi Jinping Meet LIVE चीन के राष्ट्रपति शी चिनफ‍िंग अपने दो दिवसीय भारत दौरे के तहत आज चेन्नई के प्राचीन शहर (महाबलीपुरम) मामल्लापुरम पहुंचे जहां उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता होगी। चीनी राष्‍ट्रपति की पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत ऐसे वक्‍त होने जा रही है जब कश्मीर के मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच हालिया बयानों के कारण असहज स्थिति पैदा हो गई है। समुद्र किनारे बसे इस प्राचीन शहर में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भव्य स्वागत की तैयारियां हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति छात्रों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ महाबलिपुरम के अर्जुन की तपस्या स्थली में मौजूद हैं।चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग महाबलीपुरम पहुंच गए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया। इस दौरान पीएम मोदी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति के साथ दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए महाबलीपुरम पहुंचे। पीएम मोदी ने धोती पहनी हुई है।

तमिलनाडु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ‍िंग चेन्नई से महाबलीपुरम के लिए रवाना। शी चिनफ‍िंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाबलीपुरम में अपने दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे।

स्थानीय लोगों पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के स्वागत के लिए पोस्टर पकड़े खड़े हैं। दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए दोनों देशों के नेता महाबलीपुरम जाएंगे।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को आज डिनर में स्थानीय तमिल भोजन दिया जाएगा जिसमें थक्कली रसम, अरेचवित्ता सांभर, कडलाई कुरूमा, कावनरासी हलवा शामिल हैं।

चीनी राष्‍ट्रपति का पारंपरिक तरीके से भव्‍य स्‍वागत किया गया। तमिलनाडु के राज्‍यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने चिनफ‍िंग की अगवानी की।

चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफ‍िंग चेन्‍नई अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंच गए हैं। चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की एक झलक पाने के लिए चेन्नई के ITC ग्रैंड चोल होटल के बाहर चीनी समुदाय के लोगों का जमावड़ा लगा है। चीन के राष्‍ट्रपति थोड़ी ही देर में चेन्‍नई एयरपोर्ट पर पहुंचेगे।

प्रधानमंत्री मोदी चेन्‍नई एयरपोर्ट पर पहुंचे जहां तमिलनाडु के गवर्नर और मुख्‍यमंत्री ने उनकी अगवानी की।

महाबलीपुरम में अनौपचारिक वार्ता के लिए चीन के राष्‍ट्रपति चेन्‍नई रवाना हो चुके हैं। वह दोपहर 2.10 मिनट पर चेन्‍नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेगे।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफ‍िंग चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन के बाद चेन्नई के आईटीसी ग्रांड चोल होटल में पहुंचेंगे जहां सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

महाबलीपुरम (Mamallapuram) में स्‍वागत गेट जिसे पंच रथ (Panch Rathas) उसे 18 प्रकार के फलों एवं सब्जियों से सजाया गया है।

चीनी राष्‍ट्रपति के लिए महाबलीपुरम की सड़कों को चमकाया जा रहा है। सड़कों से धूल साफ करते कर्मचारी...

चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग का स्वागत करने के लिए 'चेंदा मेलम' (केरल का पारंपरिक आर्केस्ट्रा) के कलाकार चेन्नई एयरपोर्ट (Chennai International Airport) के बाहर पहुंच गए हैं।

ममल्लापुरम में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, चप्‍पे चप्‍पे पर नजर रखने के लिए 10 हजार जवानों की तैनाती की गई। चीनी राष्ट्रपति चिनफ‍िंग के स्वागत के लिए पूरे शहर को सजा दिया गया है।

पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ‍िंग के बीच बैठक को देखते हुए समुद्री सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। भारतीय नौसेना और इंडियन कोस्‍ट गार्ड ने किसी भी समुद्री खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए ममल्लापुरम में तट से कुछ दूरी पर युद्धपोत तैनात किए हैं।

1- चीनी राष्‍ट्रपति दोपहर 2.00 बजे चेन्नई एयर पोर्ट पर पहुंचेंगे और होटल जाएंगे।

2- शाम 5.00 बजे प्रधानमंत्री मोदी उनको तीन ऐतिहासिक स्थलों पर लेकर जाएंगे।

3- पीएम मोदी और चिनफ‍िंग शोर टेंपल जाएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखेंगे।

4- शोर टेंपल लॉन में बैठकर ही पीएम मोदी और शी चिनफ‍िंग बातचीत करेंगे।

5- पीएम मोदी शोर टेंपल परिसर में ही चीनी राष्ट्रपति के लिए डिनर आयोजित करेंगे।

6- शनिवार सुबह दोनों नेता फिशरमैंस कोव रिजॉर्ट में अकेले बातचीत करेंगे।

7- इसके बाद भारत और चीन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी।

8- द्वि‍पक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति के लिए लंच आयोजित करेंगे।

9- शनिवार को दोपहर 12.45 बजे चिनफिंग चेन्नई एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।

सूत्रों की मानें तो इसमें व्यापार, रक्षा और सुरक्षा जैसे अहम मसलों पर व्यापक बातचीत होगी। दोनों नेता अगले 48 घंटों में तीन दौर की बातचीत करेंगे। वैसे इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि दोनों नेताओं की इस मुलाकात पर कश्मीर मसले का साया पड़ चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुलाकातों में कश्‍मीर मसले को लेकर उपजे दोनों देशों के हालिया तनाव पर भी बातचीत हो सकती है। हालांकि चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने स्‍पष्‍ट किया है कि दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय हालात के साथ साथ चीन और भारत के बीच संबंधों से संबंधित समग्र, दीर्घकालिक एवं रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी और शी चिनफिंग के बीच यह दूसरी अनौपचारिक बातचीत होने जा रही है। इससे पहले अप्रैल, 2018 में वुहान (चीन) में दोनों नेताओं के बीच पहली अनौपचारिक बातचीत हुई थी। विश्‍लेषकों का कहना है कि मुलाकात से ठीक पहले दोनों देशों की ओर से जिस तरह के बयान सामने आए हैं, उससे साफ है कि दोनों ही एक दूसरे पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश में हैं। वैसे चीन के राजदूत ने कहा है कि दोनों नेताओं की इस मुलाकात से वृहद सहयोग के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा मिलेगी। यही नहीं यह बैठक शांति और स्थिरता लाने के लिए सकारात्‍मक माहौल भी पैदा करेगी।

विश्‍लेषकों की मानें तो चीन की अर्थव्‍यवस्‍था भी सुस्‍ती के प्रभाव में है। चीन के सामने दूसरी मुश्किल अमेरिका से जारी ट्रेड वॉर को लेकर है। यही वजह है कि वह उम्‍मीद भरी नजरों से भारत की ओर देख रहा है। असल में चीन हर साल 76 अरब डॉलर का निर्यात करता है। अमेरिका के दरवाजे बंद करने के चलते उसका व्‍यापार प्रभावित हुआ है। मौजूदा वक्‍त में उसका व्‍यापार घाटा 63 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस‍ीलिए चीन ने अपने सामानों के निर्यात के लिए भारत का रुख किया है। वह अपना व्यापार घाटा कम करके मौके को भुनाना चाहता है। उसने भारत के लिए अपना बाजार खोला है और नियमों को भी उदार बनाया है। शायद ऐसी ही उम्‍मीद वह भारत से भी कर रहा है।

मामल्लापुरम में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ‍िंग के स्वागत के लिए व्‍यापक तैयारियां की गई हैं। चीन के राष्‍ट्रपति जब चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे तो वहां उनके के स्‍वागत में चेंडा मेलम (केरल का पारंपरिक आर्केस्ट्रा) कलाकार अपनी प्रस्‍तुति देंगे। चेन्‍नई एयरपोर्ट के गेट को जो भव्‍यता दी गई है, वह देखते ही बनती है। पीएम मोदी चीनी राष्‍ट्रपति को अर्जुन की तपस्या, पांच रथ, समुद्र किनारे स्थित मंदिर ले जाएंगे जहां भव्‍य साजसज्‍जा की गई है। यही नहीं मोदी शी चिनफिंग को तकरीबन 1300 वर्ष पूर्व पहाड़ों को काट कर बनाये गये गुफाओं और भित्त चित्रों के दर्शन कराएंगे। देर शाम एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन है जिसमें भारत और चीन के रिश्तों की प्रस्‍तुती होगी।



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खून की नदियां तो छोड़िए कश्मीर में नहीं चलानी पड़ी एक भी गोली: अमित शाह

10 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

सांगली। महाराष्ट्र के सांगली में केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और एनसीपी पर एक के बाद एक कई हमले बोले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में चुनावी शंखनाद हो चुका है। एक तरह भाजपा और शिवसेना देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं और दूसरी ओर कांग्रेस और एनसीपी जैसी परिवारवादी पार्टियां चुनावी मैदान में हैं।सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को समाप्त करने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाकर पूरे देश में से दो विधान, दो प्रधान और दो निशान को समाप्त किया है और देश को अखंड बनाने का महान काम किया है। आज अखंड भारत का सरदार पटेल का सपना पूरा हो चुका है।

शाह इतने में ही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि जब मोदी अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव लेकर आए, तो कांग्रेस और एनसीपी दोनों 370 हटाने का विरोध कर रहे थे। मैं राहुल गांधी और शरद पवार से कहना चाहता हूं कि वो महाराष्ट्र की जनता को बताएं कि वो इसे हटाने के पक्ष में हैं या नहीं...

अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के हालातो के लिए पिछली सरकार को दोषी बताते हुए कहा कि कांग्रेस और एनसीपी ने 370 हटाने का विरोध किया और ये तक कहा कि कश्मीर में खून की नदियां बह जाएंगी। 5 अगस्त 2019 को धारा 370 हटाया गया था और अब 5 अक्टूबर भी बीत गया है। खून की नदियां तो छोड़िए कश्मीर में एक गोली भी नहीं चलानी पड़ी है।

अमित शाह ने कहा कि आजादी के वक्त उद्योगों, कृषि, सिंचाई, दुग्ध उत्पादन सभी में महाराष्ट्र एक नंबर पर था। करीब 15 साल तक यहां कांग्रेस-एनसीपी की सरकार चली तो महाराष्ट्र नीचे को ओर बढ़ने लगा। पिछले 5 साल में भाजपा की सरकार में महाराष्ट्र फिर से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।देवेंद्र फडणवीस की तरीफ करते हुए शाह ने कहा कि सांगली जिले में भाजपा सरकार ने 11 लाख किसानों का करीब 3,700 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया है, 1.17 लाख गरीबों के घरों में शौचालय बनाए हैं, 46,000 महिलाओं को गैस का कनेक्शन दिया है साथ ही सरकार ने 38,000 घरों में पहली बार बिजली भी पहुंचाई है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र में कांग्रेस और NCP की सरकार थी, तो उन्होंने महाराष्ट्र को 5 वर्ष में महज 1 लाख 15 हजार 500 करोड़ रुपये दिए थे। लेकिन जब आपने मोदी और देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनाई तो केंद्र ने 2 लाख 86 हजार 356 करोड़ रुपया महाराष्ट्र के विकास के लिए दिया।



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PM मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, बोले- जय जवान जय किसान

02 Oct 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री की 115वीं जयंती पर उनके साहस एवं दृढ़ निश्चय को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोष से देश में नव-ऊर्जा का संचार करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।’’

प्रधानमंत्री ने शास्त्री पर एक छोटा वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने शास्त्री के साहस एवं दृढ़ निश्चय और खादी के लिए उनके प्रेम का जिक्र किया। शास्त्री जी का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 1904 में हुआ था।



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IIT Madras के दीक्षांत समारोह में छात्रों से बोले PM मोदी, जहां भी रहें मातृभूमि भारत को याद रखें

30 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चेन्नई दौरे पर हैं।वह आईआईटी मद्रास में आयोजित कई कार्यक्रमों में आज हिस्सा ले रहे हैं। पीएम मोदी ने आईआईटी मद्रास पहुंचकर वहां आयोजित सिंगापुर-भारत हैकथॉन 2019 में भाग लिया। इसके बाद पीएम मोदी आईआईटी के 56वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान पीएम ने छात्रों को संबोधित भी किया। पीएम ने युवाओं को अपनी मातृभूमि भारत से जुड़े रहने की अपील की।

पीएम मोदी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के 56वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में पहुंचे।आईआईटी मद्रास के 56वें दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं अभी अमेरिका से लौटा हूं। इस यात्रा के दौरान, मैं बहुत से राष्ट्राध्यक्षों, नवप्रवर्तकों और निवेशकों से मिला।हमारी चर्चाओं में एक बात कॉमन थी, वह था नए भारत के बारे में हमारा दृष्टिकोण और भारत के युवाओं की क्षमताओं पर विश्वास।पीएम ने तमिलनाडु की भाषा का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पहाड़ चलते हैं और नदियां स्थिर होती हैं। हम तमिलनाडु में हैं, जिसे एक विशेष गौरव प्राप्त है, यह दुनिया की सबसे पुरानी भाषा का घर है और यह भारत में सबसे नई भाषा में से एक है, आईआईटी-मद्रास लिंगो।मैं अपने विद्यार्थी मित्रों से आग्रह करता हूं कि वे मेरे शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगी स्टाफ की सराहना करें और खड़े होकर ओवेशन दें।मेरा आप सभी से अनुरोध है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहाँ काम करते हैं, चाहे आप कहीं भी रहें, अपनी मातृभूमि, भारत की जरूरतों को ध्यान में रखें।

इस दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम भी मौजूद हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में आईआईटी मद्रास में आयोजित सिंगापुर-भारत हैकथॉन 2019 में भाग लिया है। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दोस्तों आप चुनौतीपूर्ण समस्याओं को हल करने के लिए पिछले 36 घंटों से काम कर रहे हैं। आपको और आपकी ऊर्जा को सलाम और मुझे थकान नहीं दिखती। मुझे एक कार्य की संतुष्टि अच्छी तरह से पूरी होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी दुनिया के लिए समस्याओं का भारतीय समाधान बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक ऐसा तंत्र बनाया गया जिससे नई चीजों की खोज हुई, इसी के बल पर देश नवाचार(Innovation) के मामले में शीर्ष तीन देशों में से एक बन पाया है। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना चाहता है और इसमें स्टार्ट अप और नवाचार(Innovation) का प्रमुख रोल होगा।पीएम ने साथ ही कहा 'हैकथॉन युवाओं के लिए महान हैं।प्रतिभागियों को वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तक पहुंच मिलती है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि आज के हैकथॉन में पाए जाने वाले समाधान कल के लिए स्टार्ट-अप विचार हैं।'

पीएम ने इसके साथ ही कहा, 'मैं हैकथॉन के विजेताओं को बधाई देता हूं और प्रत्येक युवा मित्र यहां इकट्ठा होता है। चुनौतियों का सामना करने और व्यवहारिक समाधान खोजने की आपकी इच्छा सिर्फ एक चुनौती जीतने की तुलना में बहुत बड़ी कीमत है।'

पीएम ने यहां कहा, 'यहां मेरे युवा दोस्तों ने आज कई समस्याओं को हल किया। मैं विशेष रूप से कैमरे के बारे में समाधान पसंद करता हूं ताकि पता लगाया जा सके कि कौन ध्यान दे रहा है। मैं संसद में अपने अध्यक्ष से बात करूंगा। मुझे यकीन है कि यह संसद के लिए बहुत उपयोगी होगा।'

इससे पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया।वह वायुसेना के विमान से चेन्नई पहुंचे। चेन्नई पहुंचकर पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान, जब मैंने तमिल में कुछ कहा और मैंने दुनिया को बताया कि तमिल दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है, इसलिए आज भी इस भाषा की अमेरिका में जबरदस्त धूम है।

इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले भाषण के लिए विचार मांगे थे। पीएम मोदी ने NaMo App पर ओपन फोरम पर ट्वीट में लिखा, 'कल मैं आईआईटी मद्रास के दीक्षांत समारोह के लिए चेन्नई में होगा। मैं भारत के कुछ प्रतिभाशाली दिमागों के साथ रहने के लिए उत्सुक हूं। मैं अपने भाषण के लिए अपने विचारों को साझा करने के लिए आप सभी, विशेष रूप से आईआईटीयन और आईआईटी के पूर्व छात्रों को भी बुलाता हूं।'



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भारत का तेजी से कल्याण करेंगे सुनिश्चित, मोदी बोले- दुनिया को हमसे काफी उम्मीदें हैं

30 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि विश्व की भारत से ‘‘बहुत उम्मीदें’’ हैं और उनकी सरकार देश को ‘महानता’ के उस रास्ते पर ले जाएगी जहां वह पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद साबित होगा। इस साल लोकसभा चुनाव में सत्ता में फिर से आने के बाद तमिलनाडु के पहले दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के खिलाफ अपने अभियान को दोहराया।उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान मैंने देखा कि विश्व की आगे बढ़ रहे भारत से बहुत उम्मीदें हैं। हम निश्चित तौर पर भारत का तेजी से कल्याण सुनिश्चित करेंगे। हम इसे इतना महान देश बनाएंगे कि यह दुनिया के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश को महान बनाना केवल केंद्र सरकार का काम नहीं है बल्कि यह 130 करोड़ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।



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गुड फ्राइडे: दिवाली से पहले सरकार ने दी तोहफों की सौगात, कंपनी कर 10% तक कम हुए

20 Sep 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पणजी। सरकार ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिये शुक्रवार को कई बड़ी घोषणाएं की। इन घोषणाओं में कंपनियों के लिये आयकर की दर करीब 10 प्रतिशत घटाकर 25.17 प्रतिशत करना तथा नयी विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर घटाकर 17.01 प्रतिशत करना शामिल है। सरकार ने ये कदम ऐसे समय उठाये हैं जब चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गयी है। इन घोषणाओं से निवेश को प्रोत्साहन मिलने तथा रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये घोषणाएं करते हुए कहा कि इन बदलावों को आयकर अधिनियम के लिये एक अध्यादेश के जरिये अमल में लाया जाएगा।उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आर्थिक वृद्धि तथा निवेश को बढ़ावा देने के लिये आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान किया गया है, जो वित्त वर्ष 2019-20 से प्रभावी होगा। इससे किसी भी घरेलू कंपनी को 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि इसके लिये शर्त होगी कि वे किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं ले सकेंगी।’’ अधिशेषों और उपकर को मिलाकर इसकी प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी। तीस प्रतिशत कंपनी कर की दर पर कॉरपोरेट कर की मौजूदा प्रभावी दर 34.94 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, ‘‘विनिर्माण क्षेत्र में नया निवेश आकर्षित करने तथा मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिये आयकर अधिनियम में नये प्रावधान किये गये हैं।

इससे एक अक्टूबर 2019 या इसके बाद गठित किसी भी कंपनी को विनिर्माण में निवेश करने तथा 31 मार्च 2023 से पहले परिचालन शुरू करने पर 15 प्रतिशत की दर से आयकर भरने का विकल्प मिलेगा।’’ इन कंपनियों के लिये प्रभावी दर 17.01 प्रतिशत होगी। फिलहाल नइ्र कंपनियों के लिये 25 प्रतिशत की कर पर प्रभावी दर 29.12 प्रतिशत है। इसके साथ ही कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान नहीं करना होगा। सीतारमण ने कहा कि यदि कोई कंपनी कम की गयी दरों पर भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनती है और कर छूट एवं प्रोत्साहन का लाभ उठाती है तो वह पुरानी दरों पर भुगतान करना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘ये कंपनियां छूट व प्रोत्साहन की अवधि समाप्त होने के बाद संशोधित दरों का विकल्प चुन सकती हैं।’’

छूट व प्रोत्साहन का लाभ जारी रखने का विकल्प चुनने वाली कंपनियों को राहत देने के लिये न्यूनतम वैकल्पिक कर की दर 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी गयी। इसके साथ ही सीमारमण ने पांच जुलाई को अपने पहले बजट में आय पर अधिक अधिभार के रूप में घोषित धनाढ्यों उच्च दर से लगने वाली कर समाप्त करने की भी घोषणा की। इसके तहत अब प्रतिभूति लेन-देन कर की देनदारी वाली कंपनियों के शेयर की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ पर उच्च दर से अधिभार का भुगतान नहीं करना होगा।इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये डेरिवेटिव समेत प्रतिभूतियों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर धनाढ्य-उपकर समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।वित्तमंत्री ने एक अन्य राहत देते हुए कहा कि जिन सूचीबद्ध कंपनियों ने पांच जुलाई से पहले शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है, उन्हें भी किसी प्रकार का कर नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि दर कम करने तथा अन्य घोषणाओं से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। हालांकि उन्होंने इन नयी घोषणाओं का राजकोषीय घाटा के लक्ष्य पर असर पड़ने संबंधी सवाल को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार वास्तविकता के प्रति सजग है और वह बाद में आंकड़ों में सामंजस्य बिठाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वित्तमंत्री तीन किस्तों में राहत की घोषणा कर चुकी हैं।



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