दिल्ली

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DU ने चौथी कट-ऑफ सूची जारी की, टॉप कॉलेजों में अभी भी सीट खाली

14 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने शनिवार को विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनी चौथी कट-ऑफ सूची जारी की। हिंदू कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, मिरांडा हाउस, हंसराज और दौलत राम कॉलेजों में भी बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्र में सीटें खाली हैं। हिंदू और हंसराज कॉलेजों ने इसके लिए क्रमशः 97.75 और 97.25 प्रतिशत की कट-ऑफ जारी की है।किरोड़ीमल और मिरांडा हाउस ने कटऑफ 97.25 प्रतिशत रखा है, जबकि दौलत राम कॉलेज ने 95.75 प्रतिशत रखा है। रामजस कॉलेज में अब भी बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में सीटें बची हुई हैं, जिसके लिए कटऑफ केवल 0.25 प्रतिशत घटकर 97.25 प्रतिशत हो गई है। अन्य पाठ्यक्रम जिनमें सीटें उपलब्ध हैं, वे बीए(ऑनर्स) अंग्रेजी, बीए(ऑनर्स) हिंदी, बीकॉम, बीएससी(ऑनर्स) जूलॉजी हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि अब तक, 52,813 छात्रों ने दाखिला लिया है।



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राम भरोसे मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार, राम पथ गमन के लिए बजट में किया प्रावधान

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मध्यप्रदेश में 15 साल सत्ता का वनवास झेल चुकी कांग्रेस भगवान राम के वनवास पथ को विकसित करने जा रही है। बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश हुए बजट में राम वन गमन के अंचलों के विकास के लिए कमलनाथ सरकार ने प्रवधान किए है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के गुजरने वाले राम वन पथ गमन को बनाने की बात कही थी।

मध्यप्रदेश के चित्रकूट से गुजरने वाले राम वन पथ गमन को बनाने की 15 साल सत्ता में रही बीजेपी भी करती आई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राम पथ गमन को बनाने की बात कही थी लेकिन वह इसको भूल गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2007 में इसका ऐलान किया था लेकिन यह घोषणा मात्र घोषणा बनकर ही रह गई। वनवास के दौरान भगवान राम मौजूदा मध्यप्रदेश के जिन रास्तों से होकर गुजरे वहां राम वन गमन पथ विकसित करने की योजना दस साल पहले बनी थी। वनवास के दौरान भगवान राम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ चित्रकूट से मौजूदा मध्यप्रदेश में प्रवेश किया था और अमरकंटक होते हुए रामेश्वर की ओर रवाना हो गए थे। वही 14 साल के वनवास के दौरान भगवान राम प्रदेश के जिन रास्तों से होकर निकले उनमें सतना, रीवा, पन्ना, छतरपुर, शहडोल और अनूपपुर जिले के कई स्थान शामिल है।ढेड साल पहले कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस पार्टी राज्य में सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति को अपना रही है। यही वजह है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले ही राज्य में गाय, नर्मदा, मंदिर और राम की बात करने लगी थी। इसी के चलते कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में भी राम वन गमन पथ निर्माण की बात कही थी और विधानसभा चुनाव से पहले राम पथ गमन यात्रा भी शुरू की थी जो बाद में खटाई में पड़ गई। यह यात्रा करीब 35 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली थी।



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सरकार ने शुरू किया जल शक्ति अभियान, 15 सितंबर तक चलेगा पहला चरण: गजेंद्र सिंह शेखावत

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में बताया जल की कमी वाले ब्लॉकों में जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जल शक्ति अभियान की शुरूआत की गयी है। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रश्नकाल में कहा कि देश के अनेक हिस्सों में निरंतर पानी निकाल जाने की वजह से भूजल स्तर गिर रहा है और 1186 ब्लॉक ऐसे वर्गीकृत किये गये हैं जिनमें आवश्यकता से अधिक जल निकाला गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक गांवों में सभी घरों तक नल से जल आपूर्ति का निश्चय किया गया है।

शेखावत ने कहा कि सरकार ने जल शक्ति अभियान भी शुरू किया है जिसमें समयबद्ध तरीके से जल की कमी वाले ब्लॉकों में भूजल समेत जल की उपलब्धता बढ़ाने के कार्य को मिशन मोड में किया जाना है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में यह अभियान 15 सितंबर तक चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय भूजल बोर्ड क्षेत्रीय स्तर पर देशभर में भूजल स्तर पर नजर रख रहा है। शेखावत ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जल जीवन मिशन देशभर में स्थाई जल आपूर्ति प्रबंधन के अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अन्य केंद्रीय एवं राज्य सरकारी योजनाओं के साथ तालमेल करेगा। उन्होंने बताया, ‘‘इस कार्यक्रम के लिए वर्तमान वित्त वर्ष 2019-20 में 10000.66 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गयी है।’’



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कर्नाटक में कैबिनेट बैठक से पहले विधान सौदा के बाहर धारा 144 लागू

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बेंगलुरु। कर्नाटक में सत्तारूढ़ जद(एस) कांग्रेस की गठबंधन सरकार के कई विधायकों के इस्तीफा देने के बाद उत्पन्न संकट के मद्देनजर गुरुवार को होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक से पहले पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने विधान सुधा के आसपास धारा 144 लगाने का आदेश दिया है।धारा 144 लागू होने से विधान सुधा के आसपास दो किलोमीटर तक के दायरे में पांच से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकते और ना ही किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन यहां किया जा सकता है।पुलिस आयुक्त ने खुफिया जनकारी के आधार पर बुधवार की रात यह आदेश जारी किया।यह निषेधात्मक आदेश ऐसे समय में लागू किया गया है जब मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी 16 विधायकों के कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद गुरुवार को कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं।कांग्रेस के दो विधायकोंआवास मंत्री एम टी बी नागराज और के. सुधाकर के बुधवार को इस्तीफा देने के बाद अब कुल 16 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार को अपना इस्तीफा सौंपा दिया है। हालांकि रमेश कुमार ने इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया है और उनका कहना है कि वह पहले विधायकों से बात करेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि 16 में से केवल पांच विधायकों के ही इस्तीफे उचित प्रारूप में है। राज्य में ऐसे समय पर राजनीतिक घटनाक्रम हो रहा है जब शुक्रवार से यहां विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है।इस बीच, भाजपा ने कुमारस्वामी की सरकार के पास बहुमत ना होने का दावा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की है।भगवा दल ने राज्यपाल से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।



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दिलीप घोष का दावा- अधीर रंजन चौधरी भाजपा में शामिल होने वाले थे

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और मेदिनीपुर से सांसद दिलीप घोष ने कहा है कि लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी भाजपा में शामिल होने वाले थे लेकिन शायद इस बात की भनक लगने पर ही कांग्रेस ने उन्हें संसदीय दल के नेता का पद दे दिया ताकि वह पार्टी में रुक जाएं। घोष ने प्रभासाक्षी को दिये एक विस्तृत साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कुछ और पार्टियों के बड़े नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं। घोष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सब्यसाची दत्ता के भी भाजपा में शामिल होने की पूरी संभावना है।दिलीप घोष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कट मनी लेने वालों को बेनकाब करने का काम भाजपा जारी रखेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि वित्तीय अनियमितताएं करने वाले किसी भी व्यक्ति को भाजपा में शामिल नहीं किया जायेगा। यह बात उन्होंने इस सवाल के जवाब में कही जिसमें पूछा गया था कि कट मनी लेने वालों को भी भाजपा में शामिल किये जाने की खबरें हैं। दिलीप घोष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पश्चिम बंगाल को सर्वाधिक फंड मुहैया करा रही है लेकिन राज्य सरकार उसका सदुपयोग नहीं कर पा रही है।पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की अनुमति नहीं देने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना कर रहीं ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए सांसद दिलीप घोष ने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से राज्य के लोगों की हालत बदल जायेगी क्या? उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों में आजादी के लिए अपनी जान देने वालों को चरमपंथी बताया जाना गलत है लेकिन इसके लिए वामपंथी इतिहासकार दोषी हैं।



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अयोध्या विवाद: SC ने मध्यस्थता पैनल से मांगी रिपोर्ट, 25 जुलाई को अगली सुनवाई

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता पैनल को गुरूवार तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद मध्यस्थता पैनल जारी रखें। लेकिन मध्यस्थता नहीं हुई तो 25 जुलाई से रोजना इस मामले की सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा है कि इस मसले में मध्यस्थता काम नहीं कर रही है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को ही फैसला सुनाना चाहिए। हालांकि, अदालत की ओर से कहा गया है कि हमने मध्यस्थता के लिए वक्त दिया है, उसकी रिपोर्ट में वक्त है।गोपाल सिंह विशारद की अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई हुई। रामजन्म भूमि विवाद में एक मूल वादकार भी हैं। विशारद ने अपनी याचिका में कहा है कि इस विवाद को निपटाने के लिए आठ मार्च को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एफएम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई थी लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं दिख रही। विशारद ने याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की जल्द सुनवाई करे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को पूर्व न्यायाधीश एफएम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसे मामले का सर्वमान्य समाधान निकालना था। मध्यस्थता के लिए गठित समिति में जस्टिस कलीफुल्ला के अलावा अध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू को सदस्य बनाया गया है।



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लोकसभा: राहुल ने उठाया किसानों का मुद्दा, राजनाथ ने दिया ये जवाब

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नई दिल्ली। लोकसभा के बजट सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रश्नकाल में कांग्रेस के सवाल का जवाब देते हुए पूर्ववर्ती सरकार को जमकर निशाने पर लिया। राजनाथ ने कहा कि किसानों की खुदकुशी के सबसे ज्यादा मामले पहले की सरकारों के दौरान आये। हमारी सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने सहित कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राजनाथ सिंह ने दावा करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 5 साल में फसलों के समर्थन मूल्य में जितनी बढ़ोतरी की है उतनी बढ़ोतरी आजादी के बाद किसी भी सरकार ने 5 साल में नहीं की थी।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार द्वारा पेश बजट 2019-20 पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े दुख की बात है कि बजट में किसानों को राहत देने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किये गये हैं। राहुल गांधी 17वीं लोकसभा में पहली बार लोकसभा में बोल रहे थे। राहुल गांधी ने लोकसभा में किसानों का मुद्दा उठाया और केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में किसानों की दशा बिगड़ी है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह रिजर्व बैंक को निर्देश दे कि कि आरबीआई बैंकों से कहे कि बैंक किसानों को रिकवरी नोटिस की धमकी न दे।



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कर्नाटक के सियासी घमासान के बीच कुमारस्वामी बोले, मैं इस्तीफा क्यों दूं?

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बेंगलुरु। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस- जद (एस) गठबंधन 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद सरकार पर खतरे के बादल मंडराने के बावजूद मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी इस्तीफा देने को तैयार नहीं है। कुमारस्वामी ने उनके इस्तीफे की तमाम अटकलों को खारिज करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘‘ मैं इस्तीफा क्यों दूं? मुझे इस्तीफा देने की क्या जरूरत है?’’ उन्होंने 2009-10 के उस वाकये की याद दिलायी, जब कुछ मंत्रियों सहित 18 विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा का "विरोध" किया था, लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था।

कांग्रेस के दो और विधायकों के बुधवार को इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत की। अभी तक 16 विधायक इस्तीफे सौंप चुके हैं। अगर बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो सत्तारूढ़ गठबंधन बहुमत गंवा सकता है। 224 सदस्यीय विधानसभा में अध्यक्ष को छोड़कर गठबंधन विधायकों की कुल संख्या 116 (कांग्रेस-78, जद(एस)-37 और बसपा-1) है।



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फिर सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर कांग्रेस, कमलनाथ और गहलोत के बजट में दिखी झलक

11 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

राम मंदिर, गाय और हिंदुत्व ये ऐसे विषय हैं जिसे आधिकारिक तौर पर भाजपा का कोर मुद्दा कहा जाता रहा है। वैसे तो राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने के बाद राजीव गांधी ने अयोध्या से ही अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की और देश में ‘रामराज्य’ लाने का वादा किया था। लेकिन हिंदुत्व और राम मंदिर का मुद्दा कांग्रेस के हाथ से फिसल कर बदलते साल और परिस्थिति की वजह से भाजपा का सबसे अचूक हथियार बन गया इसका अंदाजा कांग्रेस को भी न लगा। जिसके बाद इसे वापस पाने की कवायद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंदिर-मंदिर जाना और माथे पर तिलक लगाना जैसे कई प्रयास किए। लेकिन भाजपा के प्रखर हिंदुत्व के सामने कांग्रेस हर बार फिसड्डी ही साबित हुई। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस शासित दो राज्यों में सफाया हो जाने के बाद एक बार फिर कांग्रेस हिंदुत्व और राम नाम के सहारे अपनी नैया पार लगाना चाहती है। बीते दिनों मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार ने अपना पहला पूर्णकालिक बजट पेश किया। जिसमें सॉफ्ट हिंदुत्व की झलक साफ देखी जा सकती है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट में नंदी गाय आश्रयों की स्थापना करने की घोषणा की। वहीं मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने गौशाला बनाने के साथ-साथ राम वन गमन पथ को विकसित करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि साल 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में पशु कल्याण के साथ गोशाला का वादा भी किया था। जिसको पूरा करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले बजट में बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए हर ग्राम पंचायत में नंदी गाय आश्रयों की स्थापना करने की घोषणा की है। सीएम गहलोत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आवारा पशुओं की समस्या को लेकर लगातार किसानों द्वारा शिकायतें और विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। ऐसे में मुख्यमंत्री ने आवारा पशुओं से मुक्त राजस्थान बनाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत मुख्यालय में नंदी गाय आश्रय बनाने की बात कही। वहीं बात मध्य प्रदेश की करें तो मुख्यमंत्री कमलनाथ का बजट भी हिंदुत्व के सॉफ्ट वर्जन की तस्दीक कराता है।मध्य प्रदेश सरकार ने अपने ब़जट 2019-20 में गौ संरक्षण के लिए 1309 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के हर गांव में गौशाला खोलने का ऐलान किया गया है। मंदिर की जमीनों पर सरकारी निधि से गौशाला बनाई जाएंगी। इसके अलावा कमलनाथ सरकार ने पुजारियों के मानदेय में तीन गुना इजाफा करने का ऐलान भी किया। जिसके बाद राज्य सरकार के बजट को सॉफ्ट हिंदुत्व की झलक बताया जाने लगा। जिस पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के वित्तमंत्री तरुण भनोट ने कहा कि यह हमारी परंपरा है। मैं स्वयं हिंदू और ब्राह्मण हूं। अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है, यह काम हम नहीं करेंगे तो पाकिस्तान करेगा क्या।भाजपा के हार्ड हिंदुत्व वाले कार्ड के सामने कांग्रेस वैसे तो हमेशा से सेक्युलर कार्ड खेलती रही। लेकिन 2014 के बाद परिस्थितियां बदलीं, मोदी सरकार के सत्ता में काबिज होने और लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व को चुना। ‘हिंदुत्व’ इस शब्द ने अपने आप में बहुत सारी परिभाषा व विविधता को समाहित कर रखा है। इतिहासकारों की मानें तो वीर सावरकर इस शब्द के अग्रणी प्रयोगकर्ता हैं, लेकिन वीर सावरकर से पहले भी इस शब्द की अपने-अपने तरीकों से परिभाषाएं होती रही हैं। एक शब्द जिसे पहली बार कब और किसने प्रयोग किया इसकी जानकारी तो उपलब्ध नहीं लेकिन सियासत की फिजाओं में इसका प्रयोग अक्सर होता रहता है। यह शब्द है 'सॉफ्ट हिंदुत्व' जिसको अगर परिभाषित किया जाए तो इसका मतलब होता है, एक ऐसे हिंदुत्व का पालन जिसके कारण धर्मनिरपेक्षता वाली छवि को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। बहरहाल, कांग्रेस फिर से सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड के सहारे लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद उठ खड़े होने की कवायद में लगी है। लेकिन जब लोगों के पास किसी भी चीज का ओरिजनल वर्जन मौजूद है तो वो किसी तरह की कार्बन कॉपी की ओर रूख करेगा या नहीं ये तो आने वाले वक्त में पता चलेगा।



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शशि थरूर पर चढ़ा विश्व कप का खुमार, बजट को क्रिकेट से जोड़ा

08 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट को ‘त्रिशंकु बजट’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि सरकार ने क्रिकेट विश्व कप के इस मौसम में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर ‘रक्षात्मक बल्लेबाजी’ की, ‘कैच छोड़े’ और ‘नो बॉल’ भी फेंकी। लोकसभा में आम बजट 2019-20 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने यह सवाल भी किया कि जब हर मानक पर अर्थव्यवस्था संघर्ष करती नजर आ रही है तो फिर 2024-25 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य कैसे पूरा होगा? उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद दूसरी महिला वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश करने के लिए निर्मला सीतारमण को बधाई भी दी और कहा कि वह वित्त मंत्री की काबिलियत के प्रशंसक हैं। थरूर ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट के जरिए अर्थव्यवस्था की सुनहरी तस्वीर पेश करने की कोशिश की, लेकिन पिछले पांच साल के आर्थिक कुप्रबंधन की विरासत ने उनकी कोशिशों को झटका दे दिया।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट विश्वकप चल रहा है और मंगलवार को सेमीफाइनल मैच है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर ‘रक्षात्मक बल्लेबाजी’ की, ‘कैच छोड़े’ और ‘नो बॉल’ भी फेंकी। थरूर ने शेरो-शायरी के जरिए सरकार पर तंज किया और दावा किया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बजट में आवंटन का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। ‘‘यह ‘त्रिशंकु बजट’ है जिसमें दिशा स्पष्ट नहीं है।’’ कांग्रेस सदस्य ने कहा कि सरकार 2024-25 तक देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर तक ले जाने की बात कर रही है, लेकिन सभी मानकों पर अर्थव्यवस्था की जो स्थिति है और विकास दर की हालत को देखते हुए यह कैसे होगा? उन्होंने बेरोजगारी दर के 6.1 फीसदी पहुंचने का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली बार हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार ने इस बार के बजट में रोजगार सृजन का कोई उल्लेख नहीं किया। थरूर ने यह भी दावा किया कि इस बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। पिछले पांच साल में किसानों की आय में लगातार कमी आई है और न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुताबिक उपज की कीमत भी नहीं मिल रही है। ऐसे में सरकार के इस भरोसे पर हैरानी होती है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बजट में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्र को नजरअंदाज किया तथा सेना एवं सशस्त्र बलों की भी अनदेखी की है।



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